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Virus dropper in Hindi | वायरस ड्रोपर क्या है?

Virus Dropper in Hindi | वायरस ड्रॉपर हिंदी में  : 


वायरस ड्रॉपर एक प्रकार का दुर्भावनापूर्ण (Malicious) सॉफ़्टवेयर होता है, जिसे विशेष रूप से अन्य हानिकारक प्रोग्राम या वायरस को किसी सिस्टम में पहुंचाने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। इसे कंप्यूटर सुरक्षा के संदर्भ में एक प्रमुख मैलवेयर वितरण विधि माना जाता है। 
वायरस ड्रॉपर का मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ता के सिस्टम में प्रवेश करना और बिना उपयोगकर्ता की जानकारी के हानिकारक सॉफ़्टवेयर को स्थापित करना होता है, जैसे कि वायरस, ट्रोजन, रैंसमवेयर आदि।

वायरस ड्रॉपर का उपयोग सीधे वायरस फैलाने के लिए नहीं किया जाता है, बल्कि यह वायरस या अन्य मैलवेयर के वाहक (Carrier) के रूप में कार्य करता है। यह उस सिस्टम में प्रवेश कर सकता है और अन्य हानिकारक सॉफ़्टवेयर को सक्रिय या इंस्टॉल कर सकता है।

वायरस ड्रॉपर एक खतरनाक मैलवेयर वितरण तकनीक है, जिसका मुख्य उद्देश्य अन्य हानिकारक सॉफ़्टवेयर को बिना उपयोगकर्ता की जानकारी के सिस्टम में इंस्टॉल करना है। इसे पहचानना और इससे बचना मुश्किल हो सकता है,
 लेकिन यदि उचित सुरक्षा उपाय किए जाएं, तो इसे रोकना संभव है।

उपयोगकर्ताओं को हमेशा संदिग्ध ईमेल, डाउनलोड्स और अटैचमेंट्स से सावधान रहना चाहिए और अपने सिस्टम पर एक मजबूत एंटीवायरस और सुरक्षा उपायों का उपयोग करना चाहिए ताकि वायरस ड्रॉपर और अन्य मैलवेयर से बचा जा सके।


इस लेख में, हम विस्तार से चर्चा करेंगे कि वायरस ड्रॉपर क्या है, यह कैसे काम करता है, इसके प्रकार, और इससे बचने के तरीके।

What is Virus Dropper in Hindi | वायरस ड्रॉपर क्या है?

वायरस ड्रॉपर एक ड्रॉपर प्रोग्राम होता है, जो एक वैध या सामान्य फ़ाइल की तरह प्रतीत होता है, लेकिन वास्तव में यह वायरस, ट्रोजन या अन्य मैलवेयर को सिस्टम में इंस्टॉल करने का कार्य करता है। ड्रॉपर को इस प्रकार बनाया जाता है कि वह खुद को छिपा सके, 
जिससे उपयोगकर्ता को इसकी मौजूदगी का पता नहीं चल पाता।

ड्रॉपर, वायरस को सीधे फैलाने के बजाय, सबसे पहले सिस्टम में खुद को एग्जीक्यूट (Execute) करता है और फिर धीरे-धीरे हानिकारक सॉफ़्टवेयर को सिस्टम में छोड़ता है। यह विधि वायरस को पहचानने और उससे निपटने की प्रक्रिया को और जटिल बना देती है, क्योंकि
 एंटीवायरस प्रोग्राम्स को ड्रॉपर और उस द्वारा छोड़े गए वायरस को अलग-अलग ट्रैक करना पड़ता है।

Types of Virus Dropper in Hindi | वायरस ड्रॉपर के प्रकार :

वायरस ड्रॉपर के दो मुख्य प्रकार होते हैं:

सिंगल-स्टेज ड्रॉपर (Single-Stage Dropper):

  • यह ड्रॉपर तब काम करता है जब इसे पहली बार सिस्टम में चलाया जाता है। सिंगल-स्टेज ड्रॉपर तुरंत वायरस या मैलवेयर को सिस्टम में छोड़ता है और उसी समय उसे इंस्टॉल या सक्रिय करता है। यह प्रकार बहुत ही सीधा होता है और बिना ज्यादा जटिलता के काम करता है।
  • उदाहरण: अगर आप किसी संदिग्ध ईमेल अटैचमेंट को खोलते हैं, और वह एक सिंगल-स्टेज ड्रॉपर हो, तो वह तुरंत वायरस को आपके सिस्टम में छोड़ सकता है और उसे एक्टिवेट कर सकता है।

मल्टी-स्टेज ड्रॉपर (Multi-Stage Dropper):

  • मल्टी-स्टेज ड्रॉपर एक से अधिक चरणों में कार्य करता है। सबसे पहले यह सिस्टम में प्रवेश करता है और खुद को छिपाता है। इसके बाद यह धीरे-धीरे अन्य हानिकारक प्रोग्राम्स को सिस्टम में डाउनलोड करता है या छोड़ता है, जिससे इसे पहचान पाना और भी मुश्किल हो जाता है। मल्टी-स्टेज ड्रॉपर कई बार स्वयं को निष्क्रिय (Inactive) रख सकता है और सही समय आने पर ही मैलवेयर को एक्टिवेट करता है।
  • उदाहरण: यह एक ड्रॉपर हो सकता है जो आपके सिस्टम में चुपचाप रहता है और बाद में इंटरनेट से किसी और वायरस या मैलवेयर को डाउनलोड करके सिस्टम में इंस्टॉल कर देता है।

How to work Virus Dropper in Hindi | वायरस ड्रॉपर कैसे काम करता है?

वायरस ड्रॉपर कई तरीकों से काम कर सकता है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य मैलवेयर को बिना किसी संदेह के सिस्टम में छोड़ना होता है। इसके काम करने की प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों में समझा जा सकता है:

  • प्रवेश (Entry): सबसे पहले ड्रॉपर किसी वैध फ़ाइल, ईमेल अटैचमेंट, या डाउनलोड के माध्यम से उपयोगकर्ता के कंप्यूटर में प्रवेश करता है। यह कोई सामान्य दिखने वाली फ़ाइल हो सकती है, जैसे कि पीडीएफ, इमेज, या एग्जीक्यूटेबल फ़ाइल (.exe)। उपयोगकर्ता अनजाने में इस फ़ाइल को खोलता है, और ड्रॉपर सक्रिय हो जाता है।
  • संक्रमण (Infection): ड्रॉपर जब सिस्टम में चलाया जाता है, तो यह चुपके से हानिकारक सॉफ़्टवेयर या वायरस को सिस्टम में छोड़ देता है। यह मैलवेयर फ़ाइल सिस्टम में कहीं भी हो सकता है, जैसे कि रजिस्ट्री एंट्रीज़, सिस्टम फोल्डर्स, या अस्थायी फाइल्स।
  • मैलवेयर इंस्टॉलेशन (Malware Installation): ड्रॉपर हानिकारक सॉफ़्टवेयर को स्थापित करता है, जिसे फिर से शुरू (Execute) किया जा सकता है। ड्रॉपर द्वारा छोड़ा गया मैलवेयर सिस्टम की सुरक्षा को बायपास करने का प्रयास करता है, ताकि इसे एंटीवायरस या सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर से पहचानना कठिन हो जाए।
  • वायरस का सक्रिय होना (Activation): ड्रॉपर द्वारा छोड़ा गया मैलवेयर सक्रिय हो सकता है और सिस्टम को नुकसान पहुंचाने या जानकारी चोरी करने के लिए अपने प्रोग्राम को चलाने लगता है। यह ट्रोजन, रैंसमवेयर, स्पायवेयर, या किसी अन्य प्रकार का हानिकारक सॉफ़्टवेयर हो सकता है।
  • एंटीवायरस से बचाव (Avoidance of Antivirus): वायरस ड्रॉपर को इस प्रकार डिज़ाइन किया जाता है कि वह सिस्टम के एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर से बच सके। यह खुद को वैध प्रोग्राम की तरह प्रस्तुत कर सकता है या एन्क्रिप्शन का उपयोग करके अपने हानिकारक कोड को छिपा सकता है। इससे यह एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर द्वारा पहचान में नहीं आता।
Examples of Virus Dropper in Hindi | वायरस ड्रॉपर के उदाहरण :

वायरस ड्रॉपर कई रूपों में आता है और विभिन्न प्रकार के मैलवेयर को इंस्टॉल कर सकता है। यहां कुछ प्रमुख उदाहरण दिए गए हैं:

  • ईमेल अटैचमेंट्स: वायरस ड्रॉपर अक्सर फिशिंग ईमेल्स के साथ आता है, जिसमें संक्रमित अटैचमेंट होते हैं। उपयोगकर्ता जब इस अटैचमेंट को खोलता है, तो ड्रॉपर सक्रिय हो जाता है और सिस्टम में वायरस छोड़ देता है।
  • संदिग्ध डाउनलोड्स: इंटरनेट से अविश्वसनीय स्रोतों से फाइल्स या सॉफ़्टवेयर डाउनलोड करने पर, वायरस ड्रॉपर उन फाइल्स में छिपा हो सकता है। डाउनलोड करते समय उपयोगकर्ता को इसका पता नहीं चलता और सिस्टम में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है।
  • सॉफ्टवेयर अपडेट: कभी-कभी ड्रॉपर को किसी वैध सॉफ़्टवेयर अपडेट के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। उपयोगकर्ता सोचता है कि वह सॉफ़्टवेयर को अपडेट कर रहा है, लेकिन वास्तव में वह अपने सिस्टम में वायरस इंस्टॉल कर रहा होता है।

Way of Solution of Virus Dropper in Hindi | वायरस ड्रॉपर से बचने के तरीके :

  • वायरस ड्रॉपर से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं। ये उपाय न केवल आपके सिस्टम को सुरक्षित रखने में मदद करेंगे, बल्कि ड्रॉपर और अन्य मैलवेयर से बचाव भी करेंगे:
  • संदिग्ध ईमेल और अटैचमेंट्स से सावधान रहें: फिशिंग ईमेल्स और संदिग्ध अटैचमेंट्स को खोलने से बचें। अनजान स्रोतों से आने वाले ईमेल्स पर खास ध्यान दें और किसी भी अटैचमेंट को बिना जांचे न खोलें।
  • वैध स्रोतों से ही सॉफ़्टवेयर डाउनलोड करें: किसी भी सॉफ़्टवेयर या फाइल को केवल विश्वसनीय और प्रमाणित स्रोतों से डाउनलोड करें। अनधिकृत वेबसाइटों से डाउनलोड करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि वहाँ ड्रॉपर या अन्य मैलवेयर छिपे हो सकते हैं।
  • अपडेटेड एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें: हमेशा अपने सिस्टम पर एक मजबूत और अपडेटेड एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें। एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर ड्रॉपर को पहचानने और उसे ब्लॉक करने में सहायक होता है।
  • सॉफ्टवेयर अपडेट्स: अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ़्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करें। कई बार पुरानी सॉफ़्टवेयर में सुरक्षा कमजोरियां होती हैं, जिनका फायदा ड्रॉपर और मैलवेयर उठाते हैं।
  • फायरवॉल और सिक्योरिटी सेटिंग्स: अपने सिस्टम की फायरवॉल और सिक्योरिटी सेटिंग्स को सक्षम रखें। इससे ड्रॉपर और अन्य मैलवेयर को सिस्टम में प्रवेश करने से रोका जा सकता है
  • बैकअप का महत्व: नियमित रूप से अपने महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप लें। यदि कभी आपके सिस्टम में ड्रॉपर के माध्यम से वायरस आ भी जाता है, तो बैकअप से आप अपने डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं।

In this Chapter

Virus dropper in Hindi | वायरस ड्रोपर क्या है?
What is Network Security in Hindi
Model of Network & Cryptography in Hindi
MANET in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क क्या है
Web Security in Hindi | वेब सिक्यूरिटी हिंदी में
Email Security in Hindi | ईमेल सुरक्षा हिंदी में
Phishing in Hindi | फिशिंग हिंदी में
SET(Secure Electronics Transactions) in Hindi | सिक्योर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन हिंदी में
Cyber Ethics in Hindi | साइबर नैतिकता हिंदी में
Server Management in Hindi | सर्वर प्रबंधन हिंदी में
VPN in Hindi | VPN हिंदी में
Malware in Hindi | मालवेयर हिंदी में
DDOS in Hindi | डीडीओस हिंदी में
Botnet in Hindi | बोटनेट हिंदी में
Backdoor Attack in Hindi | बैकडोर अटैक हिंदी में
Hash Function in Hindi | हैश फंक्शन हिंदी में
IP Security in Hindi | आई.पी. सिक्योरिटी हिंदी में
IP Spoofing in Hindi | IP स्पूफिंग हिंदी में
Proxy Server in Hindi | प्रॉक्सी सर्वर हिंदी में
SSL in Hindi | SSL हिंदी में
Viruses in Hindi | वायरस हिंदी में
Spyware in Hindi | स्पाईवेयर हिंदी में
Flooding in Hindi | फ़्लडिंग हिंदी में
Hacking in Hindi | हैकिंग हिंदी में
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