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Brute-Force Attack in Hindi | ब्रूट-फोर्स अटैक हिंदी में

Brute-Force Attack in Hindi | ब्रूट-फोर्स अटैक हिंदी में  :


  • ब्रूट-फोर्स अटैक (Brute-Force Attack) एक प्रकार का साइबर हमला है, जिसमें हमलावर किसी पासवर्ड, एन्क्रिप्शन कुंजी, या अन्य सुरक्षा तंत्र को तोड़ने के लिए संभावित सभी संयोजनों को systematically आज़माता है। 
  • इस प्रकार के हमले में हमलावर बार-बार विभिन्न संभावित पासवर्ड या कुंजियों का उपयोग करके सही संयोजन खोजने का प्रयास करता है। यह एक धीमी और संसाधन-गहन प्रक्रिया है, लेकिन अगर पासवर्ड या कुंजी कमज़ोर हो, तो इस हमले के सफल होने की संभावना होती है।
  • ब्रूट-फोर्स अटैक एक पुरानी लेकिन प्रभावी तकनीक है जिसका उपयोग साइबर अपराधी आज भी कमजोर पासवर्ड और सुरक्षा तंत्र को तोड़ने के लिए करते हैं। 
  • यह समय और संसाधनों की खपत वाली प्रक्रिया है, लेकिन अगर पासवर्ड कमजोर होते हैं या सुरक्षा के उचित उपाय नहीं किए गए होते हैं, तो इस हमले का सफल होना संभव है। 
  • संगठनों और व्यक्तियों को मजबूत पासवर्ड नीति, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, और अन्य सुरक्षा उपायों को अपनाकर इस प्रकार के हमले से बचाव करना चाहिए।

Brute-Force Attack in Hindi | ब्रूट-फोर्स अटैक हिंदी में


Process of Brute-force attack in Hindi | ब्रूट-फोर्स अटैक की प्रक्रिया :

  • ब्रूट-फोर्स अटैक में हमलावर एक लॉगिन सिस्टम या एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल को टार्गेट करता है, और संभावित पासवर्ड्स या कुंजियों को जांचने के लिए एक स्वचालित प्रक्रिया का उपयोग करता है। जब सही पासवर्ड या कुंजी मिल जाती है, तो हमलावर को सिस्टम में प्रवेश करने का अधिकार मिल जाता है। इस प्रक्रिया के तीन प्रमुख चरण होते हैं:
  • लक्ष्य का चयन (Target Selection): हमलावर सबसे पहले उस सिस्टम या खाते की पहचान करता है जिसे वह हैक करना चाहता है। यह कोई ईमेल अकाउंट, वेब सर्वर, नेटवर्क, या एन्क्रिप्टेड डेटा हो सकता है।
  • स्वचालित परीक्षण (Automated Guessing): हमलावर एक स्वचालित टूल का उपयोग करता है जो पासवर्ड या कुंजियों के सभी संभावित संयोजनों को एक-एक करके जांचता है। उदाहरण के लिए, एक चार-अक्षर वाला पासवर्ड में 26 अक्षरों के लिए 26⁴ = 456,976 संयोजन हो सकते हैं।
  • सफलता प्राप्त करना (Success Achievement): अगर हमलावर सही पासवर्ड या कुंजी तक पहुँच जाता है, तो उसे सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश मिल जाता है। अगर पासवर्ड लंबा और जटिल है, तो इस प्रक्रिया में अधिक समय लगता है, लेकिन अगर पासवर्ड सरल है, तो यह जल्दी ही टूट सकता है।

Types of Brute-force attack in Hindi | ब्रूट-फोर्स अटैक के प्रकार :

  • साधारण ब्रूट-फोर्स अटैक (Simple Brute-Force Attack): इस प्रकार के हमले में हमलावर पासवर्ड या कुंजी के सभी संभव संयोजन systematically आजमाता है। यह सभी संभावित विकल्पों का परीक्षण करता है, और यह तब तक चलता है जब तक कि सही संयोजन न मिल जाए। यह तरीका धीमा है लेकिन किसी सुरक्षा तंत्र के टूटने पर सबसे निश्चित तरीका है।
  • डिक्शनरी अटैक (Dictionary Attack): इस प्रकार के हमले में हमलावर पहले से तैयार की गई पासवर्ड की एक सूची (डिक्शनरी) का उपयोग करता है। यह सूची आमतौर पर सामान्य पासवर्ड, नाम, या अन्य अनुमानित शब्दों से बनी होती है। डिक्शनरी अटैक तब प्रभावी होता है जब लोग सरल या आम पासवर्ड का उपयोग करते हैं।
  • हाइब्रिड ब्रूट-फोर्स अटैक (Hybrid Brute-Force Attack): यह साधारण ब्रूट-फोर्स और डिक्शनरी अटैक का मिश्रण होता है। इसमें पहले डिक्शनरी अटैक के जरिए सामान्य पासवर्ड आजमाए जाते हैं, और फिर अगर इससे सफलता नहीं मिलती, तो ब्रूट-फोर्स प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर पासवर्ड ‘password123’ है, तो इस अटैक के जरिए पहले ‘password’ की जाँच की जाएगी, और फिर इसके साथ संख्याएँ जोड़ी जाएंगी।
  • रिवर्स ब्रूट-फोर्स अटैक (Reverse Brute-Force Attack): इस प्रकार के हमले में हमलावर पहले से ज्ञात पासवर्ड का उपयोग करता है और उसे कई उपयोगकर्ताओं के खातों पर आजमाता है। इस प्रकार हमलावर एक ही पासवर्ड को बार-बार अलग-अलग उपयोगकर्ताओं पर प्रयोग करता है, जिससे वह किसी एक खाते तक पहुंचने में सफल हो सकता है।
  • क्रेडेंशियल स्टफिंग (Credential Stuffing): क्रेडेंशियल स्टफिंग एक उन्नत प्रकार का ब्रूट-फोर्स अटैक है जिसमें हमलावर पहले से ज्ञात यूज़रनेम और पासवर्ड को दूसरे प्लेटफ़ॉर्म्स पर आज़माता है। अगर किसी एक प्लेटफॉर्म से पासवर्ड चोरी हो जाता है, तो हमलावर इसे अन्य सेवाओं पर भी आज़मा सकता है, क्योंकि बहुत से लोग एक ही पासवर्ड कई जगहों पर उपयोग करते हैं।

Effects of Brute-force attack in Hindi | ब्रूट-फोर्स अटैक के प्रभाव :

ब्रूट-फोर्स अटैक से सुरक्षा में गंभीर खामियाँ पैदा हो सकती हैं। जब कोई हमलावर इस हमले में सफल हो जाता है, तो निम्नलिखित प्रभाव हो सकते हैं:

  • डेटा की चोरी (Data Theft): ब्रूट-फोर्स अटैक से हमलावर किसी खाते तक पहुँच सकता है और उसमें संग्रहीत संवेदनशील जानकारी को चुरा सकता है। इसमें उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी, वित्तीय विवरण, और अन्य गोपनीय डेटा शामिल हो सकते हैं।

  • सिस्टम का दुरुपयोग (System Misuse): अगर हमलावर किसी सिस्टम या नेटवर्क में प्रवेश कर लेता है, तो वह इसे गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर सकता है। इससे सिस्टम के अन्य उपयोगकर्ताओं को नुकसान हो सकता है, या सिस्टम की प्रतिष्ठा को धक्का पहुँच सकता है।

  • आर्थिक नुकसान (Financial Losses): ब्रूट-फोर्स अटैक के कारण संगठनों और व्यक्तियों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। अगर हमलावर बैंक खातों या ई-कॉमर्स वेबसाइटों तक पहुँच जाता है, तो वह धन की चोरी कर सकता है।

  • प्रतिष्ठा पर प्रभाव (Impact on Reputation): अगर किसी कंपनी या संगठन की वेबसाइट या सिस्टम ब्रूट-फोर्स अटैक का शिकार हो जाता है, तो उसकी प्रतिष्ठा को भारी नुकसान हो सकता है। ग्राहक या उपयोगकर्ता उस कंपनी पर भरोसा नहीं कर पाएंगे।

Measures to protect against brute-force attack in Hindi | ब्रूट-फोर्स अटैक से बचाव के उपाय :

ब्रूट-फोर्स अटैक से बचने के लिए कुछ तकनीकें और सुरक्षा उपाय अपनाए जा सकते हैं, जो सिस्टम की सुरक्षा को बढ़ाते हैं और पासवर्ड को सुरक्षित रखते हैं:

  • लंबे और जटिल पासवर्ड का उपयोग (Use Strong and Complex Passwords): छोटे और सरल पासवर्ड ब्रूट-फोर्स अटैक का सबसे आसान लक्ष्य होते हैं। लंबे और जटिल पासवर्ड (जिनमें अक्षर, अंक, और विशेष चिन्ह होते हैं) का उपयोग करना सुरक्षा बढ़ाने का सबसे पहला कदम है।
  • मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Multi-Factor Authentication - MFA): MFA का उपयोग करके सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है। इसके तहत लॉगिन करने के लिए पासवर्ड के अलावा एक और प्रमाण की आवश्यकता होती है, जैसे मोबाइल पर आने वाला OTP, बायोमेट्रिक डेटा, या सुरक्षा टोकन।
  • लॉगिन प्रयासों की सीमा (Limit Login Attempts): लॉगिन प्रयासों की संख्या सीमित करके ब्रूट-फोर्स अटैक को रोका जा सकता है। जब कोई उपयोगकर्ता कई बार गलत पासवर्ड डालता है, तो उसके अकाउंट को कुछ समय के लिए लॉक कर दिया जाता है। इससे हमलावर को अनगिनत संयोजन आज़माने का मौका नहीं मिलता।
  • कैप्चा (Captcha): कैप्चा (CAPTCHA) का उपयोग हमलावर के स्वचालित टूल्स को रोकने के लिए किया जा सकता है। यह सुनिश्चित करता है कि लॉगिन प्रयास एक वास्तविक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, न कि कोई स्वचालित बॉट।
  • सॉल्टेड हैश (Salted Hash) का उपयोग: पासवर्ड स्टोरेज के लिए सॉल्टेड हैश का उपयोग करके, एन्क्रिप्टेड पासवर्ड को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है। यह तकनीक पासवर्ड को एक अतिरिक्त यादृच्छिक डेटा (सॉल्ट) के साथ एन्क्रिप्ट करती है, जिससे पासवर्ड का डिक्रिप्शन कठिन हो जाता है।
  • पासवर्ड नीति (Password Policy): संगठनों को मजबूत पासवर्ड नीति अपनानी चाहिए, जिसमें उपयोगकर्ताओं को नियमित रूप से पासवर्ड बदलने, लंबे पासवर्ड का उपयोग करने, और सरल पासवर्ड से बचने की सलाह दी जाती है।
  • फायरवॉल और IDS/IPS (Firewalls and Intrusion Detection/Prevention Systems): नेटवर्क पर ब्रूट-फोर्स अटैक का पता लगाने और रोकने के लिए फायरवॉल और IDS/IPS सिस्टम का उपयोग किया जा सकता है। ये उपकरण संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करते हैं और हमलों को रोकने में मदद करते हैं।

Disadvantages of  brute-force attack in Hindi |  ब्रूट-फोर्स अटैक के नुकसान  :

  • समय और संसाधनों का व्यय (Time and Resource Intensive): ब्रूट-फोर्स अटैक बहुत समय लेने वाली और संसाधन-गहन प्रक्रिया है। यह हर संभव संयोजन को जांचने के लिए अत्यधिक प्रोसेसिंग पावर और समय की मांग करता है।
  • कम सफलता दर (Low Success Rate): ब्रूट-फोर्स अटैक की सफलता दर तब कम होती है जब मजबूत पासवर्ड, कुंजी या सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं। लंबी और जटिल कुंजियों के मामले में यह प्रक्रिया अक्सर विफल हो जाती है।

In this Chapter

Brute-Force Attack in Hindi | ब्रूट-फोर्स अटैक हिंदी में
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