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Spyware in Hindi | स्पाईवेयर हिंदी में

Spyware in Hindi | स्पाईवेयर हिंदी में :


  • स्पाईवेयर (Spyware) एक प्रकार का मालवेयर (Malware) है, जिसे उपयोगकर्ताओं की जानकारी को गुप्त रूप से एकत्रित करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया जाता है।
  •  यह सॉफ़्टवेयर उपयोगकर्ता की अनुमति के बिना उनके कंप्यूटर, मोबाइल, या अन्य डिवाइस पर स्थापित हो जाता है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखता है। 
  • इसके माध्यम से साइबर अपराधी व्यक्तिगत जानकारी जैसे पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल्स, ब्राउज़िंग आदतें, ईमेल सामग्री आदि को चुरा सकते हैं।
  • स्पाईवेयर आमतौर पर गुप्त रूप से चलता है और उपयोगकर्ता को इसकी उपस्थिति का पता नहीं चलता। इसका मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ता की जानकारी को एकत्रित कर उसे साइबर अपराधियों को भेजना होता है, जो बाद में इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। 
  • स्पाईवेयर व्यक्तिगत डेटा को चुराने, ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखने और पीड़ित के डिवाइस को कमजोर करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • स्पाईवेयर एक गंभीर साइबर खतरा है जो उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और डेटा को जोखिम में डाल सकता है। यह उपयोगकर्ता की जानकारी को चोरी करता है और वित्तीय नुकसान के साथ-साथ व्यक्तिगत गोपनीयता का उल्लंघन भी करता है। 
  • स्पाईवेयर से बचने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय अपनाना जरूरी है, जैसे कि एंटी-स्पाईवेयर सॉफ़्टवेयर का उपयोग, सॉफ़्टवेयर अपडेट रखना, और सुरक्षित इंटरनेट आदतों का पालन करना।

Purpose of spyware in Hindi | स्पाईवेयर के उद्देश्य :

स्पाईवेयर का मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ता के निजी डेटा तक पहुंच बनाना और उसकी जानकारी का दुरुपयोग करना होता है। इसके पीछे के प्रमुख उद्देश्यों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  • व्यक्तिगत जानकारी चोरी करना: स्पाईवेयर का उपयोग उपयोगकर्ता की निजी जानकारी जैसे पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स, और व्यक्तिगत फाइलें चुराने के लिए किया जाता है।
  • ब्राउज़िंग आदतों की निगरानी: स्पाईवेयर उपयोगकर्ता की इंटरनेट ब्राउज़िंग गतिविधियों को ट्रैक करता है, जिससे कि उपयोगकर्ता किस प्रकार की वेबसाइटों पर जाता है, क्या सर्च करता है, और क्या खरीदता है, इसका रिकॉर्ड रखा जा सके। इस जानकारी का उपयोग विज्ञापन कंपनियों द्वारा टारगेटेड विज्ञापन देने के लिए भी किया जा सकता है।
  • वित्तीय धोखाधड़ी: स्पाईवेयर का उपयोग वित्तीय धोखाधड़ी करने के लिए किया जा सकता है, जैसे कि उपयोगकर्ता के बैंकिंग लॉगिन विवरण चोरी करना और बैंक खाते से धन निकालना।
  • ईमेल और मैसेज की निगरानी: स्पाईवेयर ईमेल और मैसेज की सामग्री को ट्रैक कर सकता है, जिससे साइबर अपराधी पीड़ित की निजी बातचीत तक पहुंच बना सकते हैं और उसकी संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं।
  • कीलॉगिंग (Keylogging): स्पाईवेयर अक्सर कीलॉगर के रूप में काम करता है, जो उपयोगकर्ता के कीबोर्ड पर टाइप किए गए हर अक्षर को रिकॉर्ड करता है। इसका उपयोग पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी चोरी करने के लिए किया जाता है।

Types of spyware in Hindi | स्पाईवेयर के प्रकार

स्पाईवेयर कई प्रकार के होते हैं, जिनमें से प्रत्येक का उद्देश्य और कार्यप्रणाली अलग-अलग हो सकती है। मुख्य स्पाईवेयर प्रकार निम्नलिखित हैं:

1. एडवेयर (Adware):

  • एडवेयर एक प्रकार का स्पाईवेयर होता है जो उपयोगकर्ता की ब्राउज़िंग गतिविधियों को ट्रैक करता है और उसे टारगेटेड विज्ञापन दिखाता है। इसका मुख्य उद्देश्य विज्ञापन कंपनियों को उपयोगकर्ता के इंटरनेट उपयोग की जानकारी देना होता है।
  • यह उपयोगकर्ता की अनुमति के बिना विज्ञापनों को दिखाता है, जिससे कंप्यूटर की गति भी धीमी हो सकती है।

2. कीलॉगर (Keylogger):

  • कीलॉगर स्पाईवेयर का एक प्रकार है जो उपयोगकर्ता के कीबोर्ड पर टाइप की गई सभी जानकारी को रिकॉर्ड करता है। इसका उपयोग संवेदनशील जानकारी जैसे कि लॉगिन क्रेडेंशियल्स, पासवर्ड, और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स चुराने के लिए किया जाता है।
  • यह साइबर अपराधियों को उपयोगकर्ता की गतिविधियों पर नजर रखने और उसकी गोपनीय जानकारी तक पहुंचने में मदद करता है।

3. ट्रैकिंग कुकीज़ (Tracking Cookies):

  • ट्रैकिंग कुकीज़ स्पाईवेयर का एक प्रकार हैं जो उपयोगकर्ता की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखते हैं। ये कुकीज़ उपयोगकर्ता के ब्राउज़र में संग्रहीत होती हैं और उनकी ऑनलाइन आदतों, पसंद और नापसंद के बारे में जानकारी एकत्र करती हैं।
  • ट्रैकिंग कुकीज़ का उपयोग विज्ञापन कंपनियों द्वारा उपयोगकर्ता को व्यक्तिगत विज्ञापन दिखाने के लिए किया जाता है।

4. सिस्टम मॉनिटर (System Monitor):

  • यह स्पाईवेयर उपयोगकर्ता की सभी कंप्यूटर गतिविधियों पर नजर रखता है, जैसे कि कौन से एप्लिकेशन उपयोग किए जा रहे हैं, कौन सी वेबसाइटें देखी जा रही हैं, और कौन से दस्तावेज़ खोले जा रहे हैं। यह जानकारी साइबर अपराधियों को भेजी जाती है।

5. मोबाइल स्पाईवेयर (Mobile Spyware):

  • यह स्पाईवेयर मोबाइल डिवाइस पर स्थापित होता है और उपयोगकर्ता के मैसेज, कॉल, जीपीएस स्थान और अन्य मोबाइल गतिविधियों पर नजर रखता है। यह विशेष रूप से मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह उनके सभी व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बना सकता है।

Ways of spyware infection in Hindi | स्पाईवेयर के संक्रमण के तरीके :

स्पाईवेयर कई तरीकों से उपयोगकर्ता के सिस्टम या डिवाइस में प्रवेश कर सकता है। कुछ सामान्य संक्रमण के तरीके निम्नलिखित हैं:

1. फिशिंग ईमेल (Phishing Emails): स्पाईवेयर आमतौर पर फिशिंग ईमेल के माध्यम से फैलाया जाता है। ये ईमेल उपयोगकर्ता को धोखा देने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं ताकि वे खतरनाक लिंक पर क्लिक करें या अटैचमेंट डाउनलोड करें, जिससे स्पाईवेयर सिस्टम में प्रवेश कर सके।

2. मुफ्त सॉफ़्टवेयर डाउनलोड (Free Software Download):कई बार स्पाईवेयर को मुफ्त सॉफ़्टवेयर के साथ बंडल किया जाता है। उपयोगकर्ता जब उस सॉफ़्टवेयर को डाउनलोड करता है, तो स्पाईवेयर भी उसके सिस्टम में इंस्टॉल हो जाता है।

3. संदिग्ध वेबसाइटें (Malicious Websites): जब उपयोगकर्ता असुरक्षित या संदिग्ध वेबसाइटों पर जाता है, तो स्पाईवेयर इन वेबसाइटों से उनके कंप्यूटर पर स्वचालित रूप से डाउनलोड हो सकता है। यह प्रक्रिया उपयोगकर्ता को बिना 
जानकारी के हो सकती है।

4. पॉप-अप विज्ञापन (Pop-up Ads): कुछ पॉप-अप विज्ञापन ऐसे होते हैं जिन पर क्लिक करने से स्पाईवेयर सिस्टम में डाउनलोड हो जाता है। इसलिए, अज्ञात और संदिग्ध विज्ञापनों पर क्लिक करने से बचना चाहिए।

5. सुरक्षित न होस्टेड एप्लिकेशन: मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए, स्पाईवेयर अक्सर अनवेरिफाइड या थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन के माध्यम से फोन में प्रवेश करता है। ये एप्लिकेशन Google Play या Apple Store के बाहर से डाउनलोड किए जाते हैं।

Effects of spyware in Hindi | स्पाईवेयर के प्रभाव :

स्पाईवेयर के संक्रमण से उपयोगकर्ता और उनकी डिवाइस को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। इनमें निम्नलिखित प्रभाव शामिल हैं:

1. गोपनीयता का उल्लंघन (Privacy Invasion): स्पाईवेयर उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच बनाता है और इसे साइबर अपराधियों को भेजता है। इससे उपयोगकर्ता की गोपनीयता का उल्लंघन होता है और उसकी संवेदनशील जानकारी असुरक्षित हो जाती है।

2. वित्तीय नुकसान (Financial Loss): स्पाईवेयर के माध्यम से साइबर अपराधी उपयोगकर्ता के बैंकिंग विवरण चुरा सकते हैं और उसके बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं। इसके अलावा, कीलॉगर के जरिए पासवर्ड चोरी करके वित्तीय धोखाधड़ी भी की जा सकती है।

3. सिस्टम की कार्यक्षमता में कमी (Decreased System Performance): स्पाईवेयर अक्सर बैकग्राउंड में चलता रहता है और सिस्टम की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। इससे कंप्यूटर या मोबाइल धीमा हो सकता है और बार-बार हैंग हो सकता है।

4. अनचाहे विज्ञापन (Unwanted Ads): स्पाईवेयर एडवेयर के रूप में काम करके उपयोगकर्ता को अनचाहे विज्ञापन दिखा सकता है। यह विज्ञापन उपयोगकर्ता की ब्राउज़िंग गतिविधियों पर आधारित होते हैं और कंप्यूटर के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।

5. डेटा चोरी और दुरुपयोग (Data Theft and Misuse): स्पाईवेयर उपयोगकर्ता की फाइलों, दस्तावेजों और अन्य डेटा को चुरा सकता है और उसे साइबर अपराधियों द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है।

Spyware protection measures in Hindi | स्पाईवेयर से सुरक्षा के उपाय :

स्पाईवेयर से बचने के लिए कुछ सुरक्षा उपायों का पालन करना आवश्यक है। निम्नलिखित उपाय अपनाकर आप स्पाईवेयर के संक्रमण से बच सकते हैं:

1. एंटी-स्पाईवेयर सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें: सिस्टम में एंटी-स्पाईवेयर सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें जो स्पाईवेयर का पता लगाने और उसे हटाने में मदद करता है। यह सॉफ़्टवेयर नियमित रूप से अपडेट किया जाना चाहिए।

2. सॉफ़्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखें: अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और सभी सॉफ़्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करें ताकि स्पाईवेयर के खिलाफ सुरक्षा बनी रहे।

3. सुरक्षित वेबसाइटों का उपयोग करें: हमेशा सुरक्षित और प्रमाणित वेबसाइटों का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान वेबसाइट से फाइलें डाउनलोड करने से बचें और संदिग्ध लिंक पर क्लिकन 
करें।

4. संदिग्ध ईमेल से सावधान रहें:किसी भी संदिग्ध ईमेल या अज्ञात स्रोत से आए हुए ईमेल अटैचमेंट्स को खोलने से बचें। साइबर अपराधी अक्सर ईमेल के जरिए स्पाईवेयर फैलाने की कोशिश 
करते हैं।

5. सुरक्षित पासवर्ड का उपयोग करें: अपने सभी ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और उन्हें नियमित रूप से बदलते रहें। साथ ही, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें ताकि सुरक्षा और अधिक मजबूत हो सके।

6. ब्राउज़र में पॉप-अप ब्लॉकर का उपयोग करें: अपने वेब ब्राउज़र में पॉप-अप ब्लॉकर को सक्रिय करें ताकि अनचाहे पॉप-अप विज्ञापन न दिखें और स्पाईवेयर के संक्रमण से बचा जा सके।


In this Chapter

Spyware in Hindi | स्पाईवेयर हिंदी में
What is Network Security in Hindi
Model of Network & Cryptography in Hindi
MANET in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क क्या है
Web Security in Hindi | वेब सिक्यूरिटी हिंदी में
Email Security in Hindi | ईमेल सुरक्षा हिंदी में
Phishing in Hindi | फिशिंग हिंदी में
SET(Secure Electronics Transactions) in Hindi | सिक्योर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन हिंदी में
Cyber Ethics in Hindi | साइबर नैतिकता हिंदी में
Server Management in Hindi | सर्वर प्रबंधन हिंदी में
VPN in Hindi | VPN हिंदी में
Malware in Hindi | मालवेयर हिंदी में
DDOS in Hindi | डीडीओस हिंदी में
Botnet in Hindi | बोटनेट हिंदी में
Backdoor Attack in Hindi | बैकडोर अटैक हिंदी में
Hash Function in Hindi | हैश फंक्शन हिंदी में
IP Security in Hindi | आई.पी. सिक्योरिटी हिंदी में
IP Spoofing in Hindi | IP स्पूफिंग हिंदी में
Proxy Server in Hindi | प्रॉक्सी सर्वर हिंदी में
SSL in Hindi | SSL हिंदी में
Viruses in Hindi | वायरस हिंदी में
Flooding in Hindi | फ़्लडिंग हिंदी में
Hacking in Hindi | हैकिंग हिंदी में
Buffer Overflow in Hindi | बफ़र ओवरफ़्लो हिंदी में
Information Warfare in Hindi | सूचना युद्ध हिंदी में
L2TP in Hindi | L2TP क्या है
DES in Hindi | DES क्या है
Brute-Force Attack in Hindi | ब्रूट-फोर्स अटैक हिंदी में
Active and Passive Attacks in Hindi | सक्रिय और निष्क्रिय हमले हिंदी में
Transposition Techniques in Hindi | ट्रांसपोजिशन तकनीक क्या है
Caesar Cipher in Hindi | कैसर साइफर क्या है
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SSH in Hindi | SSH क्या है?
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