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Kali Linux in Hindi | काली लिनक्स क्या है

Kali Linux in Hindi | काली लिनक्स क्या है  :


  • काली लिनक्स (Kali Linux) एक ओपन-सोर्स लिनक्स डिस्ट्रीब्यूशन है, जिसे मुख्य रूप से पेन-ट्रेशन टेस्टिंग (Penetration Testing) और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में उपयोग किया जाता है।
  •  इसे Offensive Security द्वारा विकसित किया गया है, और इसमें कई तरह के टूल्स और फीचर्स शामिल होते हैं, जो एथिकल हैकिंग, फॉरेंसिक जांच, और साइबर सुरक्षा परीक्षण के लिए उपयोग किए जाते हैं।
  • काली लिनक्स एक अत्यधिक शक्तिशाली और उपयोगी ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो साइबर सुरक्षा, एथिकल हैकिंग, और पेन-ट्रेशन टेस्टिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 
  • इसके ओपन-सोर्स नेचर, प्री-इंस्टॉल्ड टूल्स की विशाल सूची, और इसकी उपयोग में आसान संरचना इसे दुनिया भर के सुरक्षा पेशेवरों और एथिकल हैकर्स के बीच लोकप्रिय बनाती है।
  • साइबर सुरक्षा के बढ़ते खतरों के साथ, काली लिनक्स जैसे प्लेटफार्म और उपकरणों की मांग और भी बढ़ती जा रही है। यह एक ऐसा टूल है जो न केवल सुरक्षा विशेषज्ञों को बल्कि शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में लगे छात्रों को भी सहायता प्रदान करता है।

इस लेख में हम काली लिनक्स की विशेषताओं, इसके कार्यक्षेत्र, उपयोग, और इसके महत्व पर विस्तार से चर्चा करेंगे।


Kali Linux in Hindi | काली लिनक्स क्या है


History of Kali Linux in Hindi | काली लिनक्स का इतिहास :

काली लिनक्स का विकास Offensive Security द्वारा 13 मार्च 2013 को हुआ था। यह BackTrack लिनक्स का उत्तराधिकारी है, जो इससे पहले पेन-ट्रेशन टेस्टिंग के लिए काफी प्रसिद्ध था। बैकट्रैक को बंद करके उसके स्थान पर काली लिनक्स को लॉन्च किया गया, जो बेहतर फीचर्स और नई सुरक्षा सुविधाओं के साथ आया। काली लिनक्स डेबियन पर आधारित है और इसमें बहुत से सुरक्षा और एथिकल हैकिंग टूल्स प्री-इंस्टॉल्ड आते हैं।

Features of Kali Linux in Hindi | काली लिनक्स की विशेषताएँ :

काली लिनक्स की कई विशेषताएँ इसे अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम्स से अलग करती हैं, खासकर जब बात साइबर सुरक्षा और पेन-ट्रेशन टेस्टिंग की होती है। इसकी कुछ मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • ओपन-सोर्स (Open-Source): काली लिनक्स पूरी तरह से ओपन-सोर्स है, जिसका मतलब है कि इसका स्रोत कोड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। कोई भी इसे मॉडिफाई कर सकता है और इसके कोड में सुधार कर सकता है।
  • विस्तृत टूल्स का संग्रह (Collection of Tools): काली लिनक्स में 600 से अधिक प्री-इंस्टॉल्ड टूल्स होते हैं, जो एथिकल हैकिंग, पेन-ट्रेशन टेस्टिंग, और सुरक्षा परीक्षण के विभिन्न क्षेत्रों को कवर करते हैं। कुछ प्रमुख टूल्स में शामिल हैं:

  • Nmap: नेटवर्क स्कैनिंग और पोर्ट स्कैनिंग के लिए।
  • Wireshark: नेटवर्क ट्रैफिक विश्लेषण के लिए।
  • Metasploit: सुरक्षा परीक्षण और शोषण (Exploit) के लिए।
  • John the Ripper: पासवर्ड क्रैकिंग के लिए।
  • Burp Suite: वेब एप्लिकेशन परीक्षण के लिए।

  • कस्टमाइज़ेशन (Customization): काली लिनक्स को अपने अनुसार कस्टमाइज़ किया जा सकता है। उपयोगकर्ता अपनी आवश्यकताओं के अनुसार नए टूल्स जोड़ सकते हैं, इंटरफ़ेस को बदल सकते हैं, और सिस्टम को अपने अनुसार कॉन्फ़िगर कर सकते हैं।
  • लाइव मोड (Live Mode): काली लिनक्स को बिना इंस्टॉलेशन के सीधे USB या CD से "लाइव मोड" में चलाया जा सकता है। यह उन स्थितियों में उपयोगी होता है जब उपयोगकर्ता सिस्टम में कोई परिवर्तन नहीं करना चाहते।
  • मल्टी-प्लेटफार्म सपोर्ट (Multi-platform Support): काली लिनक्स विभिन्न हार्डवेयर प्लेटफार्मों जैसे कि x86, x64, और ARM आर्किटेक्चर पर चल सकता है। इसका मतलब है कि इसे कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट और रास्पबेरी पाई जैसे उपकरणों पर भी चलाया जा सकता है।
  • अत्यधिक सुरक्षित (Highly Secure): काली लिनक्स में कई सुरक्षा फीचर्स होते हैं, जो इसे साइबर हमलों और कमजोरियों से सुरक्षित रखते हैं। इसमें डिस्क एनक्रिप्शन और सिक्योरिटी अपडेट्स के लिए नियमित पैचिंग भी शामिल होती है।
  • नॉन-रूट उपयोगकर्ता (Non-root User): पुराने संस्करणों में काली लिनक्स डिफ़ॉल्ट रूप से रूट यूज़र (root user) के रूप में उपयोग होता था, लेकिन नए संस्करणों में नॉन-रूट यूज़र का उपयोग शुरू किया गया है, जिससे सिस्टम की सुरक्षा और बेहतर हो गई है।

Uses of Kali Linux in Hindi | काली लिनक्स का उपयोग :

काली लिनक्स का मुख्य उपयोग साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में किया जाता है, और इसे विशेष रूप से एथिकल हैकिंग, पेन-ट्रेशन टेस्टिंग, और सुरक्षा जांच के लिए डिज़ाइन किया गया है। निम्नलिखित क्षेत्रों में इसका प्रमुख रूप से उपयोग होता है:

  • पेन-ट्रेशन टेस्टिंग (Penetration Testing): पेन-ट्रेशन टेस्टिंग में, एक एथिकल हैकर या सुरक्षा विशेषज्ञ किसी सिस्टम, नेटवर्क, या वेब एप्लिकेशन की कमजोरियों का परीक्षण करता है। इसका उद्देश्य सुरक्षा कमजोरियों को पहचानना और उन्हें ठीक करने के उपाय सुझाना होता है। काली लिनक्स पेन-ट्रेशन टेस्टिंग के लिए सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम्स में से एक है।
  • एथिकल हैकिंग (Ethical Hacking): एथिकल हैकिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें एक हैकर कानूनी और नैतिक तरीकों से किसी सिस्टम या नेटवर्क को हैक करने की कोशिश करता है, ताकि उसमें मौजूद सुरक्षा खामियों को खोजा जा सके और उन्हें दूर किया जा सके। काली लिनक्स एथिकल हैकर्स के लिए एक शक्तिशाली प्लेटफार्म है, जिसमें विभिन्न प्रकार के हैकिंग टूल्स उपलब्ध होते हैं।
  • डिजिटल फॉरेंसिक्स (Digital Forensics): काली लिनक्स का उपयोग डिजिटल फॉरेंसिक जांच में भी किया जाता है, जहाँ डेटा रिकवरी, सबूतों की जांच, और साइबर क्राइम जांच की जाती है। इसमें विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए टूल्स होते हैं, जो डिजिटल सबूतों को सुरक्षित और विश्लेषित करने में मदद करते हैं।
  • नेटवर्क सिक्योरिटी (Network Security): काली लिनक्स का उपयोग नेटवर्क सिक्योरिटी परीक्षण के लिए किया जाता है, जहाँ नेटवर्क की सुरक्षा और उसमें मौजूद खामियों का पता लगाया जाता है। नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर इसका उपयोग नेटवर्क की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कर सकते हैं।
  • पासवर्ड क्रैकिंग (Password Cracking): पासवर्ड क्रैकिंग के लिए काली लिनक्स में कई टूल्स होते हैं, जैसे कि John the Ripper और Hydra, जो कमजोर पासवर्ड को पहचानने और उन्हें क्रैक करने में मदद करते हैं।

Importance of Kali Linux in Hindi | काली लिनक्स का महत्व :

काली लिनक्स का महत्व साइबर सुरक्षा और एथिकल हैकिंग के क्षेत्र में बहुत अधिक है। इसके प्रमुख महत्वपूर्ण बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • सुरक्षा पेशेवरों के लिए अनिवार्य: काली लिनक्स सुरक्षा पेशेवरों, एथिकल हैकर्स और पेन-ट्रेशन टेस्टर्स के लिए एक अनिवार्य उपकरण है। इसके विभिन्न टूल्स का उपयोग करके वे विभिन्न प्रकार की सुरक्षा कमजोरियों का पता लगा सकते हैं और उन्हें ठीक कर सकते हैं।
  • शिक्षण और प्रशिक्षण: कई साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन प्रोग्राम्स (जैसे कि CEH - Certified Ethical Hacker) में काली लिनक्स का उपयोग किया जाता है। यह छात्रों और पेशेवरों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को सीखने में मदद करता है।
  • विभिन्न प्लेटफार्मों पर उपलब्धता: काली लिनक्स की उपलब्धता विभिन्न प्लेटफार्मों (जैसे रास्पबेरी पाई, एंड्रॉइड, और क्लाउड) पर इसे और भी उपयोगी बनाती है। इसका मतलब है कि आप इसे कई प्रकार के उपकरणों पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

In this Chapter

Kali Linux in Hindi | काली लिनक्स क्या है
What is Network Security in Hindi
Model of Network & Cryptography in Hindi
MANET in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क क्या है
Web Security in Hindi | वेब सिक्यूरिटी हिंदी में
Email Security in Hindi | ईमेल सुरक्षा हिंदी में
Phishing in Hindi | फिशिंग हिंदी में
SET(Secure Electronics Transactions) in Hindi | सिक्योर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन हिंदी में
Cyber Ethics in Hindi | साइबर नैतिकता हिंदी में
Server Management in Hindi | सर्वर प्रबंधन हिंदी में
VPN in Hindi | VPN हिंदी में
Malware in Hindi | मालवेयर हिंदी में
DDOS in Hindi | डीडीओस हिंदी में
Botnet in Hindi | बोटनेट हिंदी में
Backdoor Attack in Hindi | बैकडोर अटैक हिंदी में
Hash Function in Hindi | हैश फंक्शन हिंदी में
IP Security in Hindi | आई.पी. सिक्योरिटी हिंदी में
IP Spoofing in Hindi | IP स्पूफिंग हिंदी में
Proxy Server in Hindi | प्रॉक्सी सर्वर हिंदी में
SSL in Hindi | SSL हिंदी में
Viruses in Hindi | वायरस हिंदी में
Spyware in Hindi | स्पाईवेयर हिंदी में
Flooding in Hindi | फ़्लडिंग हिंदी में
Hacking in Hindi | हैकिंग हिंदी में
Buffer Overflow in Hindi | बफ़र ओवरफ़्लो हिंदी में
Information Warfare in Hindi | सूचना युद्ध हिंदी में
L2TP in Hindi | L2TP क्या है
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Teardrop Attack in Hindi | टियरड्रॉप अटैक क्या है
Digital Signature in Hindi | डिजिटल सिग्नेचर क्या है
Symmetric & Asymmetric in Hindi | सिमेट्रिक और असिमेट्रिक हिंदी में
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