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SSH in Hindi | SSH क्या है?

SSH(Secure Shell) in Hindi | SSH(Secure Shell) क्या है?


  • SSH (सिक्योर शेल) एक क्रिप्टोग्राफिक नेटवर्क प्रोटोकॉल है, जिसका उपयोग असुरक्षित नेटवर्क के माध्यम से सुरक्षित संचार के लिए किया जाता है। इसका मुख्य उपयोग रिमोट लॉगिन और नेटवर्क सेवाओं तक सुरक्षित रूप से पहुंचने के लिए होता है। 
  • SSH आपको नेटवर्क पर एक कंप्यूटर या सर्वर के साथ सुरक्षित रूप से संवाद करने और उसका प्रबंधन करने की अनुमति देता है। यह एक ऐसा माध्यम है जो असुरक्षित नेटवर्क पर डेटा एन्क्रिप्शन के साथ सुरक्षित संचार सुनिश्चित करता है।
  • SSH का मुख्य उद्देश्य डेटा की सुरक्षा करना और उपयोगकर्ता के संवेदनशील जानकारी को प्रोटेक्ट करना है, जैसे कि पासवर्ड, कमांड्स और फाइल्स, ताकि कोई भी मिडलमैन (हमलावर) डेटा को न देख सके या उसमें बदलाव न कर सके।
  • SSH एक शक्तिशाली और सुरक्षित नेटवर्क प्रोटोकॉल है, जो रिमोट सर्वर प्रबंधन, फाइल ट्रांसफर और नेटवर्क टनलिंग जैसी सेवाओं को सुरक्षित बनाता है। इसकी एन्क्रिप्शन और ऑथेंटिकेशन क्षमताएँ इसे आधुनिक नेटवर्क संचार के लिए अत्यधिक विश्वसनीय बनाती हैं।


Main Component of SSH(Secure Shell) in Hindi | SSH के मुख्य घटक :

SSH के तीन मुख्य घटक होते हैं:

  • ट्रांसपोर्ट लेयर (Transport Layer): यह लेयर क्लाइंट और सर्वर के बीच एक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड कनेक्शन स्थापित करती है। यह डेटा को छेड़छाड़ या धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने के लिए एन्क्रिप्शन और डेटा इंटीग्रिटी सुनिश्चित करती है।
  • ऑथेंटिकेशन लेयर (Authentication Layer): इस लेयर में उपयोगकर्ता या होस्ट की पहचान की पुष्टि की जाती है। SSH में पासवर्ड या पब्लिक-प्राइवेट की (RSA, DSA, ECDSA) जैसी तकनीकों का उपयोग करके क्लाइंट की पहचान को प्रमाणित किया जाता है।
  • कनेक्शन लेयर (Connection Layer): यह लेयर SSH सत्र के दौरान कई चैनलों को सपोर्ट करती है। SSH में डेटा को एक ही कनेक्शन पर एक से अधिक चैनलों के माध्यम से भेजा जा सकता है, जिससे डेटा ट्रांसफर और कम्युनिकेशन आसान और कुशल होता है।

Uses of SSH(Secure Shell) in Hindi | SSH का उपयोग :

SSH का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित हैं:

  • रिमोट लॉगिन (Remote Login): SSH का मुख्य उपयोग रिमोट सर्वर पर लॉगिन करने के लिए किया जाता है। आप एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर (या सर्वर) को नियंत्रित कर सकते हैं, भले ही वह दुनिया के किसी भी कोने में हो। यह एक सुरक्षित तरीका है, जो डेटा को एन्क्रिप्ट करता है और आपको बिना किसी खतरे के रिमोटली काम करने की अनुमति देता है।
  • कमांड एक्ज़िक्यूशन (Command Execution): SSH का उपयोग रिमोट सर्वर पर कमांड को सुरक्षित रूप से एक्ज़ीक्यूट करने के लिए किया जा सकता है। सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर्स इसका उपयोग सर्वर को नियंत्रित करने और स्क्रिप्ट्स को चलाने के लिए करते हैं।
  • फाइल ट्रांसफर (File Transfer): SSH प्रोटोकॉल का उपयोग फाइल ट्रांसफर के लिए भी किया जा सकता है। SCP (Secure Copy Protocol) और SFTP (SSH File Transfer Protocol) SSH का ही हिस्सा हैं, जो सुरक्षित तरीके से फाइल्स को ट्रांसफर करने की सुविधा प्रदान करते हैं।
  • टनलिंग (Tunneling) या पोर्ट फॉरवर्डिंग (Port Forwarding): SSH का उपयोग नेटवर्क ट्रैफिक को सुरक्षित बनाने के लिए भी किया जाता है। SSH टनलिंग का उपयोग करते हुए, हम एक असुरक्षित नेटवर्क पर डेटा को सुरक्षित रूप से पास कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पोर्ट फॉरवर्डिंग कहलाती है, जिसमें SSH नेटवर्क में एक सुरक्षित चैनल बनाया जाता है, और उस चैनल के माध्यम से डेटा को ट्रांसफर किया जाता है।
  • VPN के रूप में उपयोग (Use as VPN): SSH का उपयोग एक प्रकार के सरल VPN के रूप में भी किया जा सकता है। यह एक एन्क्रिप्टेड चैनल बनाकर नेटवर्क ट्रैफिक को सुरक्षित करता है और अनधिकृत पहुंच से बचाता है।

Security Features of SSH(Secure Shell) in Hindi | SSH के सुरक्षा फीचर्स :

  • एन्क्रिप्शन (Encryption): SSH एन्क्रिप्शन का उपयोग करता है, जिससे डेटा को सुरक्षित किया जाता है। जब डेटा एक नेटवर्क के माध्यम से ट्रांसफर किया जाता है, तो वह एन्क्रिप्ट हो जाता है, ताकि अगर कोई हमलावर इसे बीच में पकड़ भी ले, तो वह डेटा को समझ नहीं पाएगा।
  • ऑथेंटिकेशन (Authentication): SSH में उपयोगकर्ता और होस्ट की पहचान की पुष्टि करने के लिए कई तरीके हैं, जिनमें पासवर्ड, पब्लिक की ऑथेंटिकेशन और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन शामिल हैं। पब्लिक की क्रिप्टोग्राफी में, उपयोगकर्ता का एक सार्वजनिक और एक निजी कुंजी जोड़ी होती है। यह अधिक सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि पासवर्ड की तुलना में इसे क्रैक करना कठिन होता है।
  • इंटीग्रिटी (Integrity): SSH सुनिश्चित करता है कि डेटा ट्रांसफर के दौरान कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह डेटा को सुरक्षित और अखंड रखता है, ताकि यह प्रमाणित किया जा सके कि ट्रांसफर के दौरान किसी ने डेटा के साथ छेड़छाड़ नहीं की है।
  • सुरक्षित कम्युनिकेशन (Secure Communication): SSH प्रोटोकॉल सुरक्षित कम्युनिकेशन की गारंटी देता है। क्लाइंट और सर्वर के बीच संचार हमेशा एन्क्रिप्टेड होता है, जिससे कोई भी बीच में डेटा को इंटरसेप्ट या बदल नहीं सकता।

Main Algorithm of SSH(Secure Shell) in Hindi | SSH की प्रमुख एल्गोरिदम :

SSH में निम्नलिखित एल्गोरिदम का उपयोग किया जाता है:

  • सिमेट्रिक एन्क्रिप्शन (Symmetric Encryption): SSH में डेटा एन्क्रिप्शन के लिए सिमेट्रिक एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम जैसे AES, Blowfish, और 3DES का उपयोग किया जाता है। इसमें क्लाइंट और सर्वर दोनों एक ही कुंजी का उपयोग करते हैं।
  • असिमेट्रिक एन्क्रिप्शन (Asymmetric Encryption): SSH पब्लिक-प्राइवेट की जोड़ी का उपयोग करता है। RSA, DSA और ECDSA इस प्रकार के एन्क्रिप्शन में प्रमुख हैं। क्लाइंट और सर्वर के बीच कुंजियों का सुरक्षित आदान-प्रदान होता है, और केवल सही कुंजी रखने वाला ही डेटा को डिक्रिप्ट कर सकता है।
  • हैशिंग (Hashing): SSH में मैसेज ऑथेंटिकेशन के लिए हैशिंग एल्गोरिदम जैसे MD5 और SHA-2 का उपयोग किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि डेटा छेड़छाड़ रहित है।

Comparison of SSH and other protocols in Hindi | SSH और अन्य प्रोटोकॉल्स की तुलना :

  • SSH बनाम Telnet: SSH और Telnet दोनों का उपयोग रिमोट लॉगिन के लिए किया जाता है, लेकिन SSH अधिक सुरक्षित होता है क्योंकि यह एन्क्रिप्टेड होता है, जबकि Telnet में डेटा प्लेनटेक्स्ट में भेजा जाता है, जिससे उसे इंटरसेप्ट करना आसान होता है।
  • SSH बनाम FTP: FTP एक असुरक्षित प्रोटोकॉल है जो फाइल ट्रांसफर के लिए उपयोग किया जाता है, जबकि SSH पर आधारित SFTP या SCP प्रोटोकॉल सुरक्षित होते हैं और डेटा को एन्क्रिप्ट करके भेजते हैं।

Advantages of SSH in Hindi | SSH के फायदे

  • सुरक्षित कनेक्शन: SSH नेटवर्क पर एक सुरक्षित कनेक्शन स्थापित करता है, जिससे उपयोगकर्ता का डेटा और कम्युनिकेशन सुरक्षित रहता है।
  • मल्टीप्लेक्सिंग: SSH एक ही कनेक्शन पर कई चैनलों को संभाल सकता है, जिससे एक ही समय पर कई कार्य किए जा सकते हैं।
  • विविधता: SSH विभिन्न प्रकार की सेवाओं को सुरक्षित करता है जैसे कि रिमोट लॉगिन, फाइल ट्रांसफर, और नेटवर्क ट्रैफिक प्रॉक्सी।
  • असाधारण सुरक्षा: SSH में पब्लिक-प्राइवेट की आधारित ऑथेंटिकेशन होता है, जिससे यह पासवर्ड आधारित सुरक्षा की तुलना में अधिक सुरक्षित है।
Disadvantages of SSH in Hindi | SSH की नुकसान :

  • सुविधाजनक नहीं: SSH को सेटअप और कॉन्फ़िगर करना थोड़ा जटिल हो सकता है, विशेष रूप से नए उपयोगकर्ताओं के लिए।
  • सही कुंजी की आवश्यकता: SSH पब्लिक-प्राइवेट की सुरक्षा पर निर्भर करता है, इसलिए यदि कुंजी गलत हो जाती है या खो जाती है, तो पुनर्प्राप्ति मुश्किल हो सकती है।
  • सर्वर सुरक्षा: यदि सर्वर में कमजोरियाँ हैं, तो हमलावर SSH के जरिए सर्वर तक पहुँच प्राप्त कर सकता है।

In this Chapter

SSH in Hindi | SSH क्या है?
What is Network Security in Hindi
Model of Network & Cryptography in Hindi
MANET in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क क्या है
Web Security in Hindi | वेब सिक्यूरिटी हिंदी में
Email Security in Hindi | ईमेल सुरक्षा हिंदी में
Phishing in Hindi | फिशिंग हिंदी में
SET(Secure Electronics Transactions) in Hindi | सिक्योर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन हिंदी में
Cyber Ethics in Hindi | साइबर नैतिकता हिंदी में
Server Management in Hindi | सर्वर प्रबंधन हिंदी में
VPN in Hindi | VPN हिंदी में
Malware in Hindi | मालवेयर हिंदी में
DDOS in Hindi | डीडीओस हिंदी में
Botnet in Hindi | बोटनेट हिंदी में
Backdoor Attack in Hindi | बैकडोर अटैक हिंदी में
Hash Function in Hindi | हैश फंक्शन हिंदी में
IP Security in Hindi | आई.पी. सिक्योरिटी हिंदी में
IP Spoofing in Hindi | IP स्पूफिंग हिंदी में
Proxy Server in Hindi | प्रॉक्सी सर्वर हिंदी में
SSL in Hindi | SSL हिंदी में
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