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Caesar Cipher in Hindi | कैसर साइफर क्या है

Caesar Cipher in Hindi | कैसर साइफर क्या है 


कैसर साइफर (Caesar Cipher), जिसे शिफ्ट साइफर (Shift Cipher) भी कहा जाता है, क्रिप्टोग्राफी की सबसे पुरानी और सरल तकनीकों में से एक है। इसका नाम जूलियस सीज़र के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने इस तकनीक का उपयोग अपने सैन्य संदेशों को गोपनीय रखने के लिए किया था। 

कैसर साइफर एक प्रकार का सब्स्टीट्यूशन साइफर है, जिसमें प्लेनटेक्स्ट (सादा पाठ) के प्रत्येक अक्षर को एक निश्चित संख्या की शिफ्ट करके एन्क्रिप्टेड टेक्स्ट (साइफरटेक्स्ट) में बदल दिया जाता है।

कैसर साइफर एक सरल और ऐतिहासिक क्रिप्टोग्राफिक तकनीक है, जो संदेशों की सुरक्षा के लिए उपयोग की जाती थी। हालांकि यह आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार कमजोर है, लेकिन इसका शैक्षणिक महत्व आज भी बरकरार है। 

कैसर साइफर के जरिए हम क्रिप्टोग्राफी की मूलभूत अवधारणाओं को समझ सकते हैं और अधिक जटिल एन्क्रिप्शन तकनीकों की नींव रख सकते हैं। इसके इतिहास, सिद्धांत और सीमाओं को समझना क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण होता है।


Theory of Caeser cipher in Hindi | कैसर साइफर का सिद्धांत :

कैसर साइफर में मूल अक्षर (plaintext) के प्रत्येक अक्षर को वर्णमाला में एक निश्चित संख्या से शिफ्ट किया जाता है। शिफ्ट की यह संख्या एन्क्रिप्शन कुंजी कहलाती है। यह कुंजी कितनी भी हो सकती है, लेकिन सामान्यतः इसे 1 से 25 के बीच चुना जाता है, क्योंकि 26 शिफ्ट करने पर अक्षर अपने मूल रूप में ही वापस आ जाते हैं।

उदाहरण: अगर शिफ्ट कुंजी 3 है, तो हर अक्षर को उसकी पोजीशन से तीन स्थान आगे शिफ्ट किया जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर प्लेनटेक्स्ट "HELLO" है और शिफ्ट कुंजी 3 है, तो इसे इस प्रकार शिफ्ट किया जाएगा:

'H' को 'K' से बदल दिया जाएगा,
'E' को 'H' से,
'L' को 'O' से, और
'O' को 'R' से।
तो, एन्क्रिप्टेड टेक्स्ट होगा: "KHOOR"।

Encryption and decryption of the Caeser cipher in Hindi | कैसर साइफर का एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन

कैसर साइफर में एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन की प्रक्रिया एक ही सिद्धांत पर आधारित होती है, लेकिन इसमें शिफ्टिंग दिशा बदल जाती है। एन्क्रिप्शन के लिए, हम अक्षरों को वर्णमाला में आगे की ओर शिफ्ट करते हैं, और डिक्रिप्शन के लिए, हम अक्षरों को पीछे की ओर शिफ्ट करते हैं।

1. एन्क्रिप्शन (Encryption):

प्लेनटेक्स्ट के प्रत्येक अक्षर को शिफ्ट कुंजी के अनुसार आगे बढ़ाकर साइफरटेक्स्ट में बदल दिया जाता है। यह प्रक्रिया निम्नलिखित फॉर्मूले पर आधारित होती है:

𝐶
=
(
𝑃
+
𝐾
)
m
o
d
26
C=(P+K)mod26
जहाँ:

𝐶
C साइफरटेक्स्ट का अक्षर है,
𝑃
P प्लेनटेक्स्ट का अक्षर है,
𝐾
K शिफ्ट कुंजी है, और
m
o
d
26
mod26 यह सुनिश्चित करता है कि शिफ्टिंग वर्णमाला के 26 अक्षरों के भीतर रहे।

2. डिक्रिप्शन (Decryption):

साइफरटेक्स्ट से मूल प्लेनटेक्स्ट प्राप्त करने के लिए अक्षरों को शिफ्ट कुंजी के अनुसार पीछे की ओर शिफ्ट किया जाता है। डिक्रिप्शन निम्नलिखित फॉर्मूले पर आधारित होता है:

𝑃
=
(
𝐶
𝐾
)
m
o
d
26
P=(C−K)mod26
जहाँ:

𝑃
P प्लेनटेक्स्ट का अक्षर है,
𝐶
C साइफरटेक्स्ट का अक्षर है,
𝐾
K शिफ्ट कुंजी है।

Types of Caesar Cipher in Hindi |  कैसर साइफर के प्रकार :

कैसर साइफर के कुछ प्रकार होते हैं, जिनमें शिफ्टिंग कुंजी की विविधता के आधार पर परिवर्तन किया जा सकता है। इसमें विशेषत: निम्नलिखित प्रमुख प्रकार शामिल हैं:

  • साधारण कैसर साइफर (Simple Caesar Cipher): यह कैसर साइफर का सबसे सामान्य रूप है, जिसमें एक निश्चित शिफ्ट कुंजी का उपयोग करके प्लेनटेक्स्ट को एन्क्रिप्ट किया जाता है। उदाहरण के लिए, शिफ्ट कुंजी 3 के साथ सभी अक्षरों को तीन स्थान आगे बढ़ाया जाता है।
  • रोट13 (ROT13): रोट13 कैसर साइफर का एक विशेष प्रकार है, जिसमें शिफ्ट कुंजी 13 होती है। इसका मतलब है कि प्लेनटेक्स्ट के हर अक्षर को 13 स्थान आगे शिफ्ट किया जाता है। रोट13 का उपयोग विशेष रूप से इंटरनेट पर तात्कालिक रूप से टेक्स्ट को छिपाने के लिए किया जाता है, क्योंकि इसका डिक्रिप्शन भी एन्क्रिप्शन जितना ही सरल होता है।

Advantages of Caesar Cipher in Hindi | कैसर साइफर के फायदे :

  • सरलता (Simplicity): कैसर साइफर को समझना और लागू करना बहुत सरल है। इसमें केवल अक्षरों को आगे या पीछे शिफ्ट करना होता है, जो आसानी से मैन्युअल रूप से भी किया जा सकता है।
  • कम संसाधन की आवश्यकता (Low Resource Requirement): इस एन्क्रिप्शन तकनीक को लागू करने के लिए बहुत कम संसाधनों की आवश्यकता होती है। इसे किसी भी बेसिक कंप्यूटिंग या मैन्युअल प्रक्रिया के जरिए आसानी से किया जा सकता है।
  • तेज़ प्रदर्शन (Fast Performance): चूंकि यह तकनीक बहुत सरल है, इसलिए इसे किसी भी सिस्टम पर बहुत तेजी से लागू किया जा सकता है। बड़े डाटा सेट्स के लिए भी इसे तेजी से एन्क्रिप्ट और डिक्रिप्ट किया जा सकता है।

Disadvantages of Caesar Cipher in Hindi | कैसर साइफर की नुकसान  :

  • कमज़ोर सुरक्षा (Weak Security): कैसर साइफर बहुत सरल है, और इसे आसानी से तोड़ा जा सकता है। अगर हमलावर को यह पता चल जाए कि कैसर साइफर का उपयोग किया गया है, तो वह केवल विभिन्न शिफ्ट कुंजियों का परीक्षण करके एन्क्रिप्टेड टेक्स्ट को आसानी से डिक्रिप्ट कर सकता है।
  • शिफ्ट कुंजी की सीमित संख्या (Limited Key Space): कैसर साइफर में केवल 25 संभावित शिफ्ट कुंजियाँ हो सकती हैं, क्योंकि 26 शिफ्ट्स के बाद अक्षर अपने मूल स्थान पर वापस आ जाते हैं। इसका मतलब है कि हमलावर आसानी से सभी कुंजियों की कोशिश कर सकता है और सही कुंजी प्राप्त कर सकता है।
  • फ्रिक्वेंसी एनालिसिस के प्रति असुरक्षित (Vulnerable to Frequency Analysis): चूंकि कैसर साइफर अक्षरों के क्रम को नहीं बदलता, इसलिए इसमें वर्णमाला की फ्रिक्वेंसी (सामान्य उपयोगिता) के आधार पर क्रिप्टएनालिसिस किया जा सकता है। कुछ अक्षर जैसे 'E', 'T', और 'A' आमतौर पर सबसे अधिक उपयोग किए जाते हैं, इसलिए हमलावर इन अक्षरों की पहचान करके भी टेक्स्ट को तोड़ सकता है।

Use of Caesar Cipher in Hindi | कैसर साइफर का उपयोग

आज के आधुनिक समय में, कैसर साइफर का उपयोग मुख्यतः शैक्षणिक उद्देश्यों और सरल एन्क्रिप्शन प्रक्रिया को समझाने के लिए किया जाता है। हालांकि, प्राचीन समय में इसका उपयोग सैन्य और व्यक्तिगत संदेशों की सुरक्षा के लिए किया जाता था। अब इस तकनीक को और भी अधिक जटिल क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम ने बदल दिया है, जैसे कि AES (Advanced Encryption Standard) और RSA, लेकिन कैसर साइफर क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में एक बुनियादी कदम के रूप में महत्वपूर्ण बना हुआ है।

In this Chapter

Caesar Cipher in Hindi | कैसर साइफर क्या है
What is Network Security in Hindi
Model of Network & Cryptography in Hindi
MANET in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क क्या है
Web Security in Hindi | वेब सिक्यूरिटी हिंदी में
Email Security in Hindi | ईमेल सुरक्षा हिंदी में
Phishing in Hindi | फिशिंग हिंदी में
SET(Secure Electronics Transactions) in Hindi | सिक्योर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन हिंदी में
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