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Botnet in Hindi | बोटनेट हिंदी में

Botnet in Hindi | बॉटनेट हिंदी में :


  • बॉटनेट (Botnet) एक ऐसा नेटवर्क होता है जो कई कंप्यूटरों या डिवाइसेस को मिलाकर बनाया जाता है और जिन पर बिना उनके मालिक की जानकारी के, किसी मैलवेयर या वायरस के जरिए नियंत्रण किया जाता है। 
  • इस प्रकार के नेटवर्क को साइबर अपराधी विभिन्न अवैध गतिविधियों, जैसे DDoS (Distributed Denial of Service) हमले, स्पैम भेजने, डेटा चोरी, और अन्य साइबर अपराधों के लिए उपयोग करते हैं। बॉटनेट में शामिल हर डिवाइस को "बॉट" या "ज़ॉम्बी" कहा जाता है, और इनका मास्टर या नियंत्रक "बॉटमास्टर" कहलाता है।
  • बॉटनेट साइबर अपराधियों के लिए एक अत्यंत शक्तिशाली और खतरनाक उपकरण है, जो बड़े पैमाने पर साइबर हमले और अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उपयोग किया जाता है। इसे नियंत्रित करने वाले बॉटमास्टर हजारों या लाखों संक्रमित डिवाइसेस को अपने उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
  •  बॉटनेट से बचने के लिए उचित सुरक्षा उपायों, जैसे एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर, फ़ायरवॉल, और नियमित अपडेट का उपयोग करना आवश्यक है।
How does a botnet work? बॉटनेट कैसे काम करता है?

बॉटनेट का मुख्य काम यह होता है कि यह संक्रमित डिवाइसेस को आपस में जोड़ता है और इन डिवाइसेस को दूर से नियंत्रित करके किसी उद्देश्य की पूर्ति करता है। बॉटनेट के काम करने की प्रक्रिया को हम निम्नलिखित चरणों में समझ सकते हैं:

संक्रमण (Infection): साइबर अपराधी पहले कई कंप्यूटरों और डिवाइसेस को संक्रमित करने के लिए एक विशेष प्रकार का मैलवेयर (जैसे ट्रोजन, वर्म, या वायरस) बनाते हैं। इस मैलवेयर को ईमेल अटैचमेंट, संक्रमित वेबसाइट, या फिशिंग के जरिए फैलाया जाता है। जब उपयोगकर्ता इस मैलवेयर को डाउनलोड या इंस्टॉल करते हैं, तो उनका डिवाइस बॉटनेट का हिस्सा बन जाता है।

कमान और कंट्रोल (Command and Control - C&C): एक बार डिवाइस संक्रमित हो जाने के बाद, बॉटमास्टर उन पर अपना नियंत्रण स्थापित करता है। इसके लिए वह एक कमांड और कंट्रोल सर्वर का उपयोग करता है, जिसके जरिए वह इन संक्रमित डिवाइसों को आदेश देता है कि उन्हें क्या करना है। बॉटमास्टर संक्रमित डिवाइसों को एक साथ आदेश देकर उन्हें किसी विशेष कार्य के लिए उपयोग करता है।

हमले या अवैध गतिविधि (Attack or Illegal Activities): बॉटनेट का मुख्य उपयोग साइबर हमलों या अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है। बॉटमास्टर इस नेटवर्क का उपयोग करके बड़े पैमाने पर DDoS हमले, स्पैम वितरण, कीलॉगिंग, डेटा चोरी, क्रिप्टोजैकिंग और अन्य अवैध कार्य करता है।

संचार और नियंत्रण (Communication and Control): बॉटनेट को प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए बॉटमास्टर कमांड और कंट्रोल (C&C) सर्वर के जरिए बॉट्स के साथ लगातार संपर्क बनाए रखता है। इन सर्वरों का उपयोग आदेश भेजने, डेटा इकट्ठा करने और बॉटनेट को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

Uses of botnet in Hindi | बॉटनेट के उपयोग :

बॉटनेट का उपयोग कई प्रकार की अवैध और हानिकारक गतिविधियों के लिए किया जाता है। इसके मुख्य उपयोग निम्नलिखित हैं:

1. DDoS हमला (DDoS Attack): DDoS हमला बॉटनेट का सबसे सामान्य उपयोग है। इसमें बॉटमास्टर हजारों या लाखों बॉट्स को एक साथ आदेश देकर किसी विशेष वेबसाइट या सर्वर पर अत्यधिक मात्रा में ट्रैफिक भेजता है, जिससे वह सर्वर ठप हो जाता है। इस प्रकार की गतिविधि का उद्देश्य उस सर्वर या वेबसाइट को बंद करना होता है ताकि वह उपयोगकर्ताओं के लिए अनुपलब्ध हो जाए।

2. स्पैम भेजना (Spam Distribution): बॉटनेट का उपयोग बड़े पैमाने पर ईमेल स्पैम भेजने के लिए भी किया जाता है। बॉटमास्टर लाखों संक्रमित डिवाइसेस का उपयोग करके विज्ञापन, फिशिंग अटैचमेंट, या मैलवेयर युक्त ईमेल्स को हजारों उपयोगकर्ताओं तक भेजते हैं। यह अवैध गतिविधि न केवल उपयोगकर्ताओं को हानि पहुंचाती है, बल्कि सर्वरों पर भी अतिरिक्त दबाव डालती है।

3. कीलॉगिंग और डेटा चोरी (Keylogging and Data Theft): बॉटनेट का उपयोग कीलॉगर्स को संक्रमित डिवाइसेस पर स्थापित करने के लिए किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं की कुंजी दबाने की घटनाओं को रिकॉर्ड करता है। इससे साइबर अपराधी संवेदनशील जानकारी, जैसे कि पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड विवरण, और अन्य व्यक्तिगत डेटा को चुरा सकते हैं।

4. क्रिप्टोजैकिंग (Cryptojacking): बॉटनेट का उपयोग क्रिप्टोकरेंसी खनन के लिए भी किया जाता है, जिसे क्रिप्टोजैकिंग कहा जाता है। बॉटमास्टर संक्रमित डिवाइसेस की प्रोसेसिंग पावर का उपयोग करके बिना उनकी जानकारी के क्रिप्टोकरेंसी (जैसे बिटकॉइन) का खनन करता है। यह गतिविधि डिवाइस की गति को धीमा कर देती है और बिजली की खपत को बढ़ा देती है।

5. फिशिंग अटैक (Phishing Attacks): बॉटनेट का उपयोग बड़े पैमाने पर फिशिंग ईमेल भेजने के लिए किया जाता है, जिसमें उपयोगकर्ताओं को धोखा देकर उनकी संवेदनशील जानकारी, जैसे पासवर्ड और बैंक विवरण, प्राप्त किए जाते हैं।

6. क्लिक फ्रॉड (Click Fraud): बॉटनेट का उपयोग "क्लिक फ्रॉड" करने के लिए भी किया जाता है, जिसमें बॉट्स को विज्ञापनों पर स्वचालित रूप से क्लिक करने का आदेश दिया जाता है। इससे विज्ञापनदाता के विज्ञापन बजट में हेरफेर होता है, जिससे उन्हें आर्थिक हानि होती है।

Secure of Botnet in Hindi | बॉटनेट से सुरक्षा :

बॉटनेट से बचाव के लिए निम्नलिखित सुरक्षा उपायों को अपनाया जा सकता है:

1. एंटीवायरस और एंटीमैलवेयर सॉफ़्टवेयर: अपने कंप्यूटर या डिवाइस पर अद्यतन एंटीवायरस और एंटीमैलवेयर सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें। यह सॉफ़्टवेयर संक्रमित फाइलों और मैलवेयर को पहचानकर उन्हें हटा सकते हैं, जिससे आपका डिवाइस सुरक्षित रहता है।

2. सॉफ़्टवेयर अपडेट: नियमित रूप से अपने ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउज़र, और अन्य सॉफ़्टवेयर को अपडेट करें। सॉफ़्टवेयर अपडेट्स में सुरक्षा पैच होते हैं, जो आपके डिवाइस को नवीनतम खतरों से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।

3. फ़ायरवॉल का उपयोग: फ़ायरवॉल एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है, जो आपके नेटवर्क पर आने-जाने वाले ट्रैफिक को मॉनिटर करता है और संदिग्ध ट्रैफिक को रोकता है। यह बॉटनेट के नियंत्रण और कमांड सर्वर से कनेक्शन स्थापित करने से रोक सकता है।

4. सुरक्षित ईमेल प्रथाएँ: अनजान या संदिग्ध ईमेल अटैचमेंट्स को कभी भी डाउनलोड या ओपन न करें। फिशिंग अटैचमेंट्स और स्पैम ईमेल्स का उपयोग बॉटनेट को फैलाने के लिए किया जा सकता है।

5. मजबूत पासवर्ड का उपयोग: अपने सभी ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत और अद्वितीय पासवर्ड का उपयोग करें। इससे साइबर अपराधियों के लिए आपके खातों को हैक करना कठिन हो जाएगा और वे आपके डिवाइस को बॉटनेट में शामिल नहीं कर पाएंगे।

6. संदिग्ध गतिविधियों की मॉनिटरिंग: अपने डिवाइस के प्रदर्शन को नियमित रूप से मॉनिटर करें। यदि आपका डिवाइस असामान्य रूप से धीमा हो गया है या अत्यधिक नेटवर्क ट्रैफिक दिखा रहा है, तो यह बॉटनेट से संक्रमित हो सकता है। ऐसे में एंटीमैलवेयर स्कैन चलाना और आवश्यक कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है।

Example of Botnet in Hindi | बॉटनेट के उदाहरण :

बॉटनेट के कई प्रमुख उदाहरण सामने आए हैं, जो बड़े पैमाने पर साइबर हमले और अवैध गतिविधियों के लिए उपयोग किए गए हैं। नीचे कुछ प्रमुख बॉटनेट उदाहरण दिए गए हैं:

1. मिराई बॉटनेट (Mirai Botnet) : मिराई बॉटनेट 2016 में चर्चा में आया, जब इसने बड़े पैमाने पर DDoS हमले किए। इस बॉटनेट ने इंटरनेट से जुड़े IoT (Internet of Things) डिवाइसेस को संक्रमित करके इनका उपयोग DDoS हमलों के लिए किया। इस हमले ने बड़ी वेबसाइट्स और सेवाओं को ठप कर दिया था।

2. ज़्यूज़ (Zeus) बॉटनेट : ज़्यूज़ बॉटनेट का उपयोग कीलॉगिंग और डेटा चोरी के लिए किया गया था। यह बॉटनेट प्रमुख रूप से बैंकिंग ट्रोजनों के रूप में कार्य करता था और इसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं के बैंक खातों से पैसे चुराना था।

3. कोन्फिकर (Conficker) बॉटनेट: कोन्फिकर बॉटनेट 2008 में सामने आया और इसने लाखों कंप्यूटरों को संक्रमित किया। इसका मुख्य उद्देश्य संक्रमित डिवाइसेस से संवेदनशील जानकारी चुराना और उन्हें नियंत्रित करना था।


In this Chapter

Botnet in Hindi | बोटनेट हिंदी में
What is Network Security in Hindi
Model of Network & Cryptography in Hindi
MANET in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क क्या है
Web Security in Hindi | वेब सिक्यूरिटी हिंदी में
Email Security in Hindi | ईमेल सुरक्षा हिंदी में
Phishing in Hindi | फिशिंग हिंदी में
SET(Secure Electronics Transactions) in Hindi | सिक्योर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन हिंदी में
Cyber Ethics in Hindi | साइबर नैतिकता हिंदी में
Server Management in Hindi | सर्वर प्रबंधन हिंदी में
VPN in Hindi | VPN हिंदी में
Malware in Hindi | मालवेयर हिंदी में
DDOS in Hindi | डीडीओस हिंदी में
Backdoor Attack in Hindi | बैकडोर अटैक हिंदी में
Hash Function in Hindi | हैश फंक्शन हिंदी में
IP Security in Hindi | आई.पी. सिक्योरिटी हिंदी में
IP Spoofing in Hindi | IP स्पूफिंग हिंदी में
Proxy Server in Hindi | प्रॉक्सी सर्वर हिंदी में
SSL in Hindi | SSL हिंदी में
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