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Flooding in Hindi | फ़्लडिंग हिंदी में

Flooding in Hindi | फ़्लडिंग  हिंदी में :


  • फ़्लडिंग एक नेटवर्क सुरक्षा खतरा और नेटवर्क हमले की तकनीक है, जिसमें हमलावर अत्यधिक मात्रा में डेटा या अनुरोधों को नेटवर्क, सर्वर, या डिवाइस पर भेजते हैं ताकि सिस्टम की क्षमता को प्रभावित किया जा सके और इसे अनुपलब्ध या अस्थिर किया जा सके। 
  • इसका मुख्य उद्देश्य सर्वर या नेटवर्क को ओवरलोड करना और उसके संसाधनों का दुरुपयोग करके उसे क्रैश या धीमा करना है। 
  • फ़्लडिंग हमला कई तरह के हो सकते हैं, जैसे कि नेटवर्क लेवल पर, एप्लिकेशन लेवल पर, या दोनों पर एक साथ।
  • फ़्लडिंग हमले नेटवर्क सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा होते हैं और इनसे निपटने के लिए कई प्रकार की सुरक्षा तकनीक और प्रथाओं की आवश्यकता होती है। उचित फायरवॉल सेटअप, DDoS सुरक्षा, और नेटवर्क मॉनिटरिंग उपकरण का उपयोग करके फ़्लडिंग हमलों को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।
  •  इसके अलावा, कंपनियों और संगठनों को अपने नेटवर्क और सर्वर की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से सुरक्षा उपायों को अपडेट करना चाहिए और बेस्ट प्रैक्टिसेस को अपनाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के हमले से बचा जा सके।
mechanism of flooding in Hindi | फ़्लडिंग की कार्यप्रणाली :

  • फ़्लडिंग हमले की प्रक्रिया में, हमलावर नेटवर्क के बैंडविड्थ या सर्वर की क्षमता को खत्म करने के लिए बेतहाशा मात्रा में डेटा भेजते हैं। इस प्रकार के हमले की कार्यप्रणाली को निम्नलिखित चरणों में समझा जा सकता है:
  • वॉल्यूमेट्रिक हमला (Volumetric Attack): इस प्रकार के हमले में नेटवर्क की बैंडविड्थ को ओवरलोड किया जाता है। हमलावर बड़े पैमाने पर पैकेट या डेटा ट्रैफ़िक को भेजता है, जिससे वैध उपयोगकर्ताओं के लिए बैंडविड्थ की उपलब्धता कम हो जाती है।
  • एप्लिकेशन-लेयर हमला (Application-Layer Attack): एप्लिकेशन-लेयर फ़्लडिंग हमले में विशेष एप्लिकेशन पर ज़्यादा मात्रा में अनुरोध भेजे जाते हैं, जैसे कि HTTP या DNS अनुरोध। यह एप्लिकेशन को ओवरलोड करता है और उसे सेवा देने में विफल कर सकता है।
  • TCP SYN फ़्लडिंग (TCP SYN Flooding): यह एक सामान्य प्रकार का फ़्लडिंग हमला है, जिसमें TCP कनेक्शन को स्थापित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले SYN पैकेट्स को बड़ी संख्या में भेजा जाता है। जब सर्वर SYN पैकेट का जवाब भेजता है, तो हमलावर उसे ACK (Acknowledgment) नहीं भेजता। इस तरह सर्वर के कई कनेक्शन अर्ध-खुले रहते हैं, जिससे नए कनेक्शन स्थापित करने में सर्वर असमर्थ हो जाता है।
  • UDP फ़्लडिंग (UDP Flooding): इस प्रकार के हमले में हमलावर बड़े पैमाने पर UDP (User Datagram Protocol) पैकेट्स भेजता है। चूंकि UDP कनेक्शन-लेस प्रोटोकॉल है, यह सर्वर को तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर करता है। यह बेतहाशा मात्रा में संसाधनों का उपयोग कर सकता है और सर्वर की क्षमता को खत्म कर सकता है।
  • ICMP फ़्लडिंग (Ping Flood): इसमें हमलावर बहुत बड़ी संख्या में ICMP इको रिक्वेस्ट (ping) पैकेट्स भेजता है। यह सर्वर को लगातार पिंग अनुरोधों का जवाब देने में व्यस्त रखता है, जिससे अन्य वैध अनुरोधों के लिए संसाधनों की कमी हो जाती है।

Consequences of flooding attacks in Hindi | फ़्लडिंग हमलों के परिणाम :

फ़्लडिंग हमले के कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो संगठन, सर्वर, और उपयोगकर्ताओं के लिए हानिकारक हो सकते हैं। प्रमुख प्रभाव निम्नलिखित हैं:

सर्वर का डाउनटाइम: जब सर्वर या नेटवर्क पर अत्यधिक ट्रैफ़िक आ जाता है, तो सर्वर की क्षमता खत्म हो जाती है और वह काम करना बंद कर देता है। इससे वेबसाइट या सेवा का डाउनटाइम होता है, जो उपयोगकर्ताओं को असुविधा पहुंचाता है।

प्रदर्शन में कमी: यदि सर्वर या नेटवर्क पूरी तरह से डाउन नहीं होता, तो भी वह धीमा हो सकता है। इससे वैध उपयोगकर्ताओं के लिए प्रतिक्रिया समय में वृद्धि होती है और सेवाओं का उपयोग करने में समस्या हो सकती है।

वित्तीय नुकसान: यदि फ़्लडिंग हमले के कारण किसी ऑनलाइन व्यवसाय की सेवाएँ बाधित होती हैं, तो उसे वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। जैसे कि ऑनलाइन बिक्री में कमी, ग्राहक न खोना, और ब्रांड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना।

नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव: फ़्लडिंग हमले के कारण पूरे नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है, जिससे अन्य कनेक्टेड डिवाइस और सेवाओं को भी नुकसान हो सकता है।

बैंडविड्थ की खपत: फ़्लडिंग हमले नेटवर्क की बैंडविड्थ को समाप्त कर सकते हैं, जिससे अन्य आवश्यक सेवाओं और उपयोगकर्ताओं के लिए पर्याप्त बैंडविड्थ नहीं बचता।

Flooding attack protection in Hindi | फ़्लडिंग हमले से सुरक्षा :

फ़्लडिंग हमलों से बचने के लिए नेटवर्क और सर्वर की सुरक्षा को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसके लिए कई प्रकार के तकनीकी उपाय और प्रथाएं अपनाई जा सकती हैं:

  • फायरवॉल और IPS (Intrusion Prevention Systems): फायरवॉल और IPS सिस्टम फ़्लडिंग ट्रैफ़िक का पता लगाकर उसे ब्लॉक करने में मदद करते हैं। ये उपकरण नेटवर्क पर आने वाले ट्रैफ़िक की निगरानी करते हैं और अनधिकृत ट्रैफ़िक को फ़िल्टर करते हैं।
  • रेट लिमिटिंग (Rate Limiting): रेट लिमिटिंग तकनीक का उपयोग करके किसी विशेष IP एड्रेस से आने वाले ट्रैफ़िक की मात्रा को सीमित किया जा सकता है। यह हमलावर को अत्यधिक अनुरोध भेजने से रोकता है।
  • कैशिंग (Caching): कैशिंग तकनीक का उपयोग करके बार-बार आने वाले अनुरोधों को तुरंत उत्तर दिया जा सकता है। इससे सर्वर पर लोड कम होता है और फ़्लडिंग हमले से बचाव होता है।
  • DDoS सुरक्षा सेवाएँ: कई कंपनियाँ DDoS (Distributed Denial of Service) हमलों से बचाने के लिए विशेष सेवाएँ प्रदान करती हैं। ये सेवाएँ फ़्लडिंग ट्रैफ़िक को पहचानने और उसे रोकने में मदद करती हैं, जिससे नेटवर्क पर हमला विफल हो जाता है।
  • IP ब्लॉकिंग: हमलावर के IP पते को ब्लॉक करके उसके द्वारा भेजे गए ट्रैफ़िक को रोका जा सकता है। यह तकनीक हालांकि पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती, क्योंकि हमलावर कभी-कभी कई IP पतों का उपयोग करते हैं।
  • क्लाउड-आधारित सुरक्षा: क्लाउड सेवाएँ, जैसे Cloudflare और Akamai, फ़्लडिंग हमलों से बचाने के लिए क्लाउड-आधारित सुरक्षा उपाय प्रदान करती हैं। ये सेवाएँ अत्यधिक ट्रैफ़िक को फ़िल्टर करती हैं और केवल वैध अनुरोधों को पास होने देती हैं।
  • सर्वर क्लस्टरिंग और लोड बैलेंसिंग: सर्वर क्लस्टरिंग और लोड बैलेंसिंग का उपयोग करके ट्रैफ़िक को कई सर्वरों के बीच वितरित किया जा सकता है, जिससे किसी एक सर्वर पर अत्यधिक लोड न पड़े।

In this Chapter

Flooding in Hindi | फ़्लडिंग हिंदी में
What is Network Security in Hindi
Model of Network & Cryptography in Hindi
MANET in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क क्या है
Web Security in Hindi | वेब सिक्यूरिटी हिंदी में
Email Security in Hindi | ईमेल सुरक्षा हिंदी में
Phishing in Hindi | फिशिंग हिंदी में
SET(Secure Electronics Transactions) in Hindi | सिक्योर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन हिंदी में
Cyber Ethics in Hindi | साइबर नैतिकता हिंदी में
Server Management in Hindi | सर्वर प्रबंधन हिंदी में
VPN in Hindi | VPN हिंदी में
Malware in Hindi | मालवेयर हिंदी में
DDOS in Hindi | डीडीओस हिंदी में
Botnet in Hindi | बोटनेट हिंदी में
Backdoor Attack in Hindi | बैकडोर अटैक हिंदी में
Hash Function in Hindi | हैश फंक्शन हिंदी में
IP Security in Hindi | आई.पी. सिक्योरिटी हिंदी में
IP Spoofing in Hindi | IP स्पूफिंग हिंदी में
Proxy Server in Hindi | प्रॉक्सी सर्वर हिंदी में
SSL in Hindi | SSL हिंदी में
Viruses in Hindi | वायरस हिंदी में
Spyware in Hindi | स्पाईवेयर हिंदी में
Hacking in Hindi | हैकिंग हिंदी में
Buffer Overflow in Hindi | बफ़र ओवरफ़्लो हिंदी में
Information Warfare in Hindi | सूचना युद्ध हिंदी में
L2TP in Hindi | L2TP क्या है
DES in Hindi | DES क्या है
Brute-Force Attack in Hindi | ब्रूट-फोर्स अटैक हिंदी में
Active and Passive Attacks in Hindi | सक्रिय और निष्क्रिय हमले हिंदी में
Transposition Techniques in Hindi | ट्रांसपोजिशन तकनीक क्या है
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Identity Theft in Hindi | पहचान की चोरी क्या है?
PGP & Hashing in Hindi | PGP और हैशिंग हिंदी में
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Virus dropper in Hindi | वायरस ड्रोपर क्या है?
Fog Computing in Hindi | फॉग कम्प्यूटिंग क्या है?
MDS & HTTPS in Hindi | MDS और HTTPS क्या है
DNS in Hindi | डोमेन नाम प्रणाली क्या है
Kerberos Protocol in Hindi | केर्बेरोस प्रोटोकॉल क्या है
Hellman Key Exchange in Hindi
Teardrop Attack in Hindi | टियरड्रॉप अटैक क्या है
Digital Signature in Hindi | डिजिटल सिग्नेचर क्या है
Kali Linux in Hindi | काली लिनक्स क्या है
Symmetric & Asymmetric in Hindi | सिमेट्रिक और असिमेट्रिक हिंदी में
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