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MANET in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क क्या है

MANET(mobile ad hoc network) in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क हिंदी में :


  • मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क (MANET) एक सशक्त और लचीला नेटवर्किंग समाधान है, जो पारंपरिक नेटवर्किंग के बिना भी डेटा का आदान-प्रदान करने की सुविधा प्रदान करता है।
  • यह विशेष रूप से उन परिस्थितियों में उपयोगी है जहां पारंपरिक नेटवर्क स्थापित नहीं किए जा सकते। MANET की डिज़ाइन और कार्यप्रणाली इसे सैन्य, आपातकालीन सेवाओं और वाहनों के बीच संचार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोगी बनाती है।

MANET in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क क्या है


मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क (MANET) क्या है और इसका काम कैसे होता है?

मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क (MANET) एक प्रकार का वायरलेस नेटवर्क है, जिसमें मोबाइल डिवाइस सीधे एक-दूसरे से कनेक्ट होकर डेटा का आदान-प्रदान करते हैं। इसमें किसी भी स्थिर नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे राउटर या बेस स्टेशन) की आवश्यकता नहीं होती है। इस प्रकार का नेटवर्क स्व-व्यवस्थित (self-organizing) और स्व-संरचित (self-configuring) होता है, जिसमें नेटवर्क के प्रत्येक डिवाइस को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की क्षमता होती है।

MANET की विशेषताएँ:

  • वायरलेस कनेक्शन: इसमें सभी डिवाइस वायरलेस माध्यम से आपस में कनेक्ट होते हैं। इसमें फिजिकल केबल की आवश्यकता नहीं होती है।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर-लेस नेटवर्क: इस नेटवर्क के संचालन के लिए किसी स्थाई या निर्धारित इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं होती है। सभी डिवाइस आपस में सीधे संपर्क करते हैं।
  • मोबिलिटी: इस नेटवर्क की एक मुख्य विशेषता यह है कि डिवाइस लगातार चलने या स्थान बदलने में सक्षम होते हैं, जिससे नेटवर्क डायनामिक (गतिशील) बना रहता है।
  • स्व-प्रबंधन: MANET में प्रत्येक नोड (डिवाइस) नेटवर्क को मैनेज करने और कनेक्शन को बनाए रखने में सहयोग करता है। हर नोड रूटिंग प्रक्रिया में भाग लेता है।
  • पथचयन (Routing): इसमें पथचयन की प्रक्रिया बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। किसी नोड से दूसरे नोड तक डेटा पैकेट पहुँचाने के लिए कई नोड्स की सहायता से रास्ता चुना जाता है।

MANET का कार्य सिद्धांत:

MANET एक विकेंद्रीकृत नेटवर्क होता है, जिसमें कोई केंद्रीय नियंत्रक नहीं होता है। प्रत्येक नोड (मोबाइल डिवाइस) नेटवर्क में प्रवेश करता है और अन्य नोड्स के साथ संपर्क बनाता है। निम्नलिखित प्रमुख घटक MANET के काम करने के सिद्धांत को समझाते हैं:

नोड्स की भूमिका:

  • स्रोत नोड (Source Node): वह नोड जो डेटा भेजना चाहता है।
  • गंतव्य नोड (Destination Node): वह नोड जिसे डेटा प्राप्त करना होता है।
  • रिले नोड्स (Relay Nodes): बीच में मौजूद नोड्स जो डेटा को आगे भेजने का काम करते हैं।
  • रूट डिस्कवरी: जब किसी स्रोत नोड को किसी गंतव्य नोड को डेटा भेजना होता है, तो वह सबसे उपयुक्त मार्ग की खोज करता है। चूंकि नेटवर्क में लगातार नोड्स की स्थिति बदलती रहती है, यह रूटिंग प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण होती है। इसके लिए MANET में कई प्रकार के रूटिंग प्रोटोकॉल्स का उपयोग किया जाता है, जैसे कि:

  • AODV (Ad-hoc On-demand Distance Vector): यह ऑन-डिमांड रूटिंग प्रोटोकॉल है जो केवल तब रूट का निर्माण करता है जब डेटा भेजने की आवश्यकता होती है।
  • DSDV (Destination Sequenced Distance Vector): यह एक प्रोटोकॉल है जिसमें प्रत्येक नोड समय-समय पर अपने आस-पास के नोड्स के बारे में जानकारी भेजता रहता है।
  • DSR (Dynamic Source Routing): इसमें रूटिंग का पूरा रास्ता डेटा पैकेट में समाहित होता है और प्रत्येक पैकेट को उसी रूट से भेजा जाता है।
  • डेटा ट्रांसमिशन: एक बार रूट का चयन हो जाने के बाद, डेटा पैकेट्स को स्रोत नोड से गंतव्य नोड तक भेजा जाता है। यदि बीच में कोई नोड नेटवर्क से बाहर चला जाता है या उसकी स्थिति बदल जाती है, तो नेटवर्क नया रूट ढूंढने की प्रक्रिया फिर से शुरू करता है।
कनेक्टिविटी का रखरखाव: नेटवर्क में नोड्स की मोबिलिटी के कारण कनेक्शन की स्थिति बदल सकती है। इसलिए, MANET में लगातार कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए नोड्स आपस में अपने कनेक्शन की जानकारी का आदान-प्रदान करते रहते हैं। यह प्रक्रिया नेटवर्क को स्थिर और चालू रखने में सहायक होती है।

MANET के अनुप्रयोग:

  • सैन्य संचार (Military Communication): युद्ध के मैदान में त्वरित और प्रभावी संचार के लिए MANET का उपयोग किया जाता है। इसमें किसी स्थिर इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह कठिन परिस्थितियों में भी काम कर सकता है।
  • आपातकालीन सेवाएँ (Emergency Services): आपदाओं के समय जैसे भूकंप, बाढ़ या तूफान के दौरान, जब पारंपरिक नेटवर्क काम नहीं करता, MANET का उपयोग किया जा सकता है।
  • वाहनों के बीच संचार (Vehicular Communication): स्मार्ट वाहनों के बीच आपस में संचार करने के लिए भी MANET का उपयोग किया जाता है, जिससे ट्रैफिक की जानकारी और सुरक्षा बढ़ाई जा सके।
  • मोबाइल एप्लीकेशन: ऐसी मोबाइल एप्स जो बिना इंटरनेट कनेक्शन के काम करती हैं, जैसे कि फ़ाइल शेयरिंग ऐप्स, उनमें भी MANET का उपयोग किया जाता है।

MANET के लाभ:

  • तेज़ और आसान नेटवर्क सेटअप: इसमें किसी बाहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए यह बहुत तेज़ी से सेटअप किया जा सकता है।
  • लो कॉस्ट ऑपरेशन: स्थायी नेटवर्किंग उपकरणों की जरूरत नहीं होने के कारण इसका संचालन किफायती होता है।
  • फ्लेक्सिबिलिटी: नोड्स की मोबिलिटी और स्वतंत्रता के कारण यह नेटवर्क बहुत लचीला होता है, जिससे इसे विभिन्न परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

चुनौतियाँ:

  • रूटिंग जटिलता: नोड्स की लगातार बदलती स्थिति के कारण, रूटिंग प्रक्रिया जटिल हो जाती है।
  • सुरक्षा खतरे: चूंकि MANET विकेन्द्रीकृत नेटवर्क होता है, इसमें सुरक्षा खतरों का सामना करने की संभावना अधिक होती है।
  • स्केलेबिलिटी: बड़े नेटवर्क में MANET की कार्यक्षमता और प्रदर्शन सीमित हो सकता है।


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