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Malware in Hindi | मालवेयर हिंदी में

Malware in Hindi | मालवेयर हिंदी में :


मालवेयर (Malware) शब्द "मैलिशियस सॉफ़्टवेयर" का संक्षिप्त रूप है, जिसका अर्थ है ऐसा सॉफ़्टवेयर जो किसी कंप्यूटर, नेटवर्क या डिवाइस को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से बनाया गया होता है। 

यह विभिन्न प्रकार के खतरनाक सॉफ़्टवेयर या कोड का समूह है, जिसका उद्देश्य उपयोगकर्ता की जानकारी चुराना, सिस्टम को नुकसान पहुँचाना, या किसी नेटवर्क की कार्यक्षमता में हस्तक्षेप करना होता है। मालवेयर का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा डेटा चोरी, वित्तीय नुकसान, या कंप्यूटर सिस्टम को बाधित करने के लिए किया जाता है।

मालवेयर के उदाहरणों में वायरस, वर्म्स, ट्रोजन हॉर्स, स्पाईवेयर, एडवेयर, रैनसमवेयर आदि शामिल हैं। यह सॉफ़्टवेयर कंप्यूटर या नेटवर्क में गुपचुप तरीके से प्रवेश करता है और उसमें सेंधमारी करता है या अनधिकृत गतिविधियाँ करता है।

impact & Need of Malware in Hindi | मालवेयर की आवश्यकता और प्रभाव :

मालवेयर को साइबर अपराधियों द्वारा विकसित किया जाता है और इसका उद्देश्य सामान्य रूप से निम्नलिखित होता है:

  • डेटा चोरी: मालवेयर का उपयोग निजी और संवेदनशील जानकारी जैसे पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड जानकारी, बैंक विवरण आदि को चुराने के लिए किया जा सकता है।
  • वित्तीय नुकसान: मालवेयर उपयोगकर्ता के बैंकिंग ट्रांजेक्शन को ट्रैक कर सकता है और साइबर अपराधी इस जानकारी का दुरुपयोग करके वित्तीय नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • सिस्टम को नष्ट करना: कुछ मालवेयर का उद्देश्य केवल उपयोगकर्ता के सिस्टम को नुकसान पहुंचाना होता है, जैसे कि डेटा को नष्ट करना, फाइलों को लॉक करना या कंप्यूटर की गति को धीमा करना।
  • कंप्यूटर को अपने नियंत्रण में लेना: कई प्रकार के मालवेयर सिस्टम में गुप्त रूप से स्थापित हो जाते हैं और उपयोगकर्ता को पता भी नहीं चलता कि उनका कंप्यूटर हैक हो गया है। अपराधी इस प्रकार के मालवेयर का उपयोग बड़े साइबर हमलों को अंजाम देने के लिए करते हैं।
  • नेटवर्क में बाधा डालना: मालवेयर का उपयोग कंपनियों या संगठनों के नेटवर्क में व्यवधान उत्पन्न करने के लिए किया जाता है, जिससे उनके व्यवसायिक कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

Types of Malware in Hindi | मालवेयर के प्रकार :

मालवेयर के कई प्रकार होते हैं और प्रत्येक प्रकार का उद्देश्य और कार्यप्रणाली अलग-अलग हो सकती है। निम्नलिखित प्रमुख प्रकार के मालवेयर होते हैं:

1. वायरस (Virus): वायरस सबसे प्रसिद्ध और पुराने प्रकार के मालवेयर में से एक है। यह स्वंय को किसी फ़ाइल या प्रोग्राम में संलग्न करता है और जब वह फ़ाइल या प्रोग्राम खुलता है, तो यह सिस्टम में फैलने लगता है।
वायरस का मुख्य उद्देश्य सिस्टम को नुकसान पहुँचाना और फाइलों को करप्ट करना होता है।
उदाहरण: फाइल वायरस, बूट सेक्टर वायरस।

2. वर्म (Worm): वर्म एक प्रकार का मालवेयर होता है जो बिना किसी मानव हस्तक्षेप के खुद को नेटवर्क में फैलाता है। यह एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर तक पहुँचकर पूरे नेटवर्क को प्रभावित कर सकता है।
वर्म्स को अक्सर नेटवर्क ट्रैफिक को धीमा करने या सिस्टम संसाधनों को खत्म करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है।

3. ट्रोजन हॉर्स (Trojan Horse): ट्रोजन हॉर्स एक प्रकार का मालवेयर होता है जो वैध सॉफ़्टवेयर की तरह दिखता है लेकिन अंदर से खतरनाक होता है। जब उपयोगकर्ता इसे डाउनलोड करता है, तो यह सिस्टम में प्रवेश कर जाता है और नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियाँ करता है।
ट्रोजन का उपयोग अक्सर व्यक्तिगत जानकारी, जैसे कि बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड आदि चोरी करने के लिए किया जाता है।

4. रैनसमवेयर (Ransomware): रैनसमवेयर एक बहुत खतरनाक मालवेयर है जो उपयोगकर्ता की फाइलों या पूरे सिस्टम को लॉक कर देता है और उसे वापस अनलॉक करने के लिए फिरौती (रैंसम) की मांग करता है।
इस प्रकार के मालवेयर के हमले से बड़ी-बड़ी कंपनियाँ और संगठन भी प्रभावित होते हैं।
उदाहरण: वानाक्राई (WannaCry) और पेट्या (Petya) रैनसमवेयर।

5. स्पाईवेयर (Spyware): स्पाईवेयर एक प्रकार का मालवेयर होता है जो उपयोगकर्ता की जानकारी चुपके से एकत्र करता है और उसे साइबर अपराधियों को भेजता है।
इसका उपयोग उपयोगकर्ताओं की ब्राउज़िंग आदतों, लॉगिन क्रेडेंशियल्स और अन्य संवेदनशील जानकारी को ट्रैक करने के लिए किया जाता है।

6. एडवेयर (Adware): एडवेयर एक प्रकार का मालवेयर होता है जो उपयोगकर्ता की अनुमति के बिना पॉप-अप विज्ञापन दिखाता है। यह अक्सर उपयोगकर्ताओं को अनचाहे विज्ञापन दिखाने और क्लिक धोखाधड़ी (Click Fraud) करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है।
एडवेयर का उद्देश्य आमतौर पर वित्तीय लाभ कमाना होता है।

7. कीलॉगर (Keylogger): कीलॉगर एक प्रकार का मालवेयर होता है जो उपयोगकर्ता कीबोर्ड पर टाइप की गई हर कुंजी को रिकॉर्ड करता है। इसका उपयोग पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर और अन्य संवेदनशील जानकारी चोरी करने के लिए किया जाता है।

8. रूटकिट (Rootkit): रूटकिट एक प्रकार का मालवेयर होता है जो सिस्टम के ऑपरेटिंग सिस्टम में छिप जाता है और सिस्टम में अनधिकृत पहुंच प्रदान करता है। रूटकिट का उद्देश्य सिस्टम को नियंत्रण में लेना और उपयोगकर्ता को इसकी जानकारी न देना होता है।

9. बॉटनेट (Botnet): बॉटनेट एक नेटवर्क होता है जिसमें कई संक्रमित कंप्यूटर शामिल होते हैं जो साइबर अपराधियों द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं। इन कंप्यूटरों का उपयोग डीडीओएस (DDoS) हमले, स्पैम भेजने और अन्य साइबर हमलों के लिए किया जाता है।

Malware infection methods in Hindi | मालवेयर के संक्रमण के तरीके :

मालवेयर कई तरीकों से कंप्यूटर या नेटवर्क में प्रवेश कर सकता है। इसके संक्रमण के सामान्य तरीकों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • ईमेल अटैचमेंट (Email Attachments): ईमेल के माध्यम से मालवेयर फैलाने का यह सबसे आम तरीका है। साइबर अपराधी फर्जी ईमेल भेजते हैं जिनमें खतरनाक अटैचमेंट होते हैं। जैसे ही उपयोगकर्ता इन अटैचमेंट को खोलते हैं, मालवेयर सिस्टम में प्रवेश कर जाता है।
  •  फिशिंग (Phishing): फिशिंग एक तकनीक है जिसके माध्यम से अपराधी नकली वेबसाइट या ईमेल के माध्यम से उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी चुराते हैं। उपयोगकर्ता जैसे ही उन नकली लिंक पर क्लिक करता है, मालवेयर डाउनलोड हो जाता है।
  •  अनधिकृत सॉफ़्टवेयर डाउनलोड: मालवेयर अक्सर अनधिकृत या पायरेटेड सॉफ़्टवेयर में छिपा होता है। जैसे ही उपयोगकर्ता इन सॉफ़्टवेयर को डाउनलोड करता है, मालवेयर सिस्टम में स्थापित हो जाता है।
  •  यूएसबी ड्राइव और रिमूवेबल मीडिया: साइबर अपराधी मालवेयर को यूएसबी ड्राइव या अन्य रिमूवेबल मीडिया में डालकर फैलाते हैं। जैसे ही यह ड्राइव किसी सिस्टम में डाली जाती है, मालवेयर सक्रिय हो जाता है।
  •  संदिग्ध वेबसाइटों का दौरा (Visiting Malicious Websites): कई बार उपयोगकर्ता संदिग्ध या असुरक्षित वेबसाइट पर जाते हैं जो मालवेयर से संक्रमित होती हैं। जैसे ही वेबसाइट खुलती है, मालवेयर उपयोगकर्ता के सिस्टम में डाउनलोड हो जाता है।
Malware protection measures in Hindi | मालवेयर से सुरक्षा के उपाय :

मालवेयर से बचाव के लिए कुछ सावधानियों और सुरक्षा उपायों का पालन करना जरूरी है। निम्नलिखित प्रमुख उपाय अपनाए जा सकते हैं:

1. एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग: अच्छे और अपडेटेड एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके कंप्यूटर को मालवेयर से सुरक्षित रखा जा सकता है। एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर मालवेयर का पता लगाता है और उसे हटाने में मदद करता है।

2. सॉफ़्टवेयर और सिस्टम को अपडेट रखें: ऑपरेटिंग सिस्टम और अन्य सॉफ़्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करना जरूरी है ताकि वे मालवेयर के नए प्रकारों से सुरक्षित रहें। अपडेट में सुरक्षा पैच होते हैं जो सिस्टम को सुरक्षित बनाते हैं।

3. फायरवॉल का उपयोग करें: फायरवॉल अनधिकृत ट्रैफिक को रोकता है और केवल विश्वसनीय नेटवर्क कनेक्शन को अनुमति देता है। यह मालवेयर से बचाव का एक महत्वपूर्ण उपाय है।

4. संदिग्ध लिंक और ईमेल से बचें : कभी भी संदिग्ध ईमेल अटैचमेंट या लिंक को न खोलें। खासकर वे ईमेल जो अज्ञात स्रोत से आए हों या जो संदिग्ध दिखते हों।

5. बैकअप बनाएं: महत्वपूर्ण डेटा का नियमित बैकअप बनाएं ताकि अगर सिस्टम मालवेयर से संक्रमित हो जाए, तो डेटा सुरक्षित रहे और उसे पुनः प्राप्त किया जा सके।

6. मजबूत पासवर्ड का उपयोग: हमेशा मजबूत और जटिल पासवर्ड का उपयोग करें। इसके साथ ही नियमित रूप से पासवर्ड बदलते रहें ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।


In this Chapter

Malware in Hindi | मालवेयर हिंदी में
What is Network Security in Hindi
Model of Network & Cryptography in Hindi
MANET in Hindi | मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क क्या है
Web Security in Hindi | वेब सिक्यूरिटी हिंदी में
Email Security in Hindi | ईमेल सुरक्षा हिंदी में
Phishing in Hindi | फिशिंग हिंदी में
SET(Secure Electronics Transactions) in Hindi | सिक्योर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन हिंदी में
Cyber Ethics in Hindi | साइबर नैतिकता हिंदी में
Server Management in Hindi | सर्वर प्रबंधन हिंदी में
VPN in Hindi | VPN हिंदी में
DDOS in Hindi | डीडीओस हिंदी में
Botnet in Hindi | बोटनेट हिंदी में
Backdoor Attack in Hindi | बैकडोर अटैक हिंदी में
Hash Function in Hindi | हैश फंक्शन हिंदी में
IP Security in Hindi | आई.पी. सिक्योरिटी हिंदी में
IP Spoofing in Hindi | IP स्पूफिंग हिंदी में
Proxy Server in Hindi | प्रॉक्सी सर्वर हिंदी में
SSL in Hindi | SSL हिंदी में
Viruses in Hindi | वायरस हिंदी में
Spyware in Hindi | स्पाईवेयर हिंदी में
Flooding in Hindi | फ़्लडिंग हिंदी में
Hacking in Hindi | हैकिंग हिंदी में
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