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Protocol Support in Hindi

Protocol Support in Wireless Network in Hindi |  वायरलेस नेटवर्किंग प्रोटोकॉल सपोर्ट हिंदी में :

 
  • वायरलेस नेटवर्किंग (Wireless Networking) आधुनिक युग में इंटरनेट कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। वायरलेस नेटवर्क के माध्यम से डिवाइस आपस में बिना किसी फिजिकल कनेक्शन के कनेक्ट होते हैं, जिसके लिए विभिन्न प्रोटोकॉल (Protocols) का उपयोग किया जाता है।
  •  ये प्रोटोकॉल नेटवर्क कनेक्टिविटी को सक्षम बनाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि डिवाइस एक-दूसरे से सुरक्षित और कुशल तरीके से संवाद कर सकें।
  • वायरलेस नेटवर्किंग में उपयोग किए जाने वाले प्रोटोकॉल्स विभिन्न उद्देश्यों के लिए विकसित किए गए हैं, जैसे उच्च गति, लंबी दूरी, कम ऊर्जा खपत, और सुरक्षा। इनमें से प्रत्येक प्रोटोकॉल नेटवर्किंग की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करता है और अलग-अलग परिस्थितियों में उपयोगी होता है।
  • Wi-Fi, ब्लूटूथ, ZigBee, और LTE जैसे प्रोटोकॉल वायरलेस नेटवर्क के विभिन्न पहलुओं को संभालते हैं, जिससे संचार और डेटा ट्रांसमिशन को अधिक सुलभ और कुशल बनाया जा सकता है।
  • वायरलेस नेटवर्क में विभिन्न प्रकार के प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है, जो नेटवर्क के विभिन्न पहलुओं को कवर करते हैं, जैसे डेटा ट्रांसमिशन, सुरक्षा, और कनेक्टिविटी। 

यहाँ हम वायरलेस नेटवर्क में उपयोग किए जाने वाले प्रमुख प्रोटोकॉल्स का विस्तार से अध्ययन करेंगे:

1. IEEE 802.11 (Wi-Fi प्रोटोकॉल्स)

IEEE 802.11 स्टैंडर्ड वह मानक है जो वायरलेस लोकल एरिया नेटवर्क (WLAN) के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिसे आमतौर पर Wi-Fi के रूप में जाना जाता है। 802.11 विभिन्न संस्करणों में उपलब्ध है, और प्रत्येक संस्करण बेहतर गति, कवरेज और सुरक्षा प्रदान करता है।

प्रमुख 802.11 संस्करण:

  • 802.11a: यह 5 GHz बैंड पर कार्य करता है और 54 Mbps तक की गति प्रदान करता है। इसकी कवरेज क्षेत्र छोटा है, लेकिन यह कम हस्तक्षेप (interference) के साथ उच्च गति देता है।
  • 802.11b: यह 2.4 GHz बैंड पर कार्य करता है और 11 Mbps तक की गति प्रदान करता है। इसकी कवरेज बड़ी होती है लेकिन स्पीड कम होती है।
  • 802.11g: यह 2.4 GHz बैंड पर कार्य करता है और 54 Mbps तक की गति प्रदान करता है। यह 802.11b की तुलना में तेज़ है और पीछे की संगतता (backward compatibility) भी प्रदान करता है।
  • 802.11n (Wi-Fi 4): यह 2.4 GHz और 5 GHz दोनों बैंड पर कार्य करता है, और 600 Mbps तक की स्पीड दे सकता है। इसमें MIMO (Multiple Input, Multiple Output) तकनीक का उपयोग होता है, जो एक साथ कई डेटा स्ट्रीम्स का उपयोग कर नेटवर्क की गति बढ़ाता है।
  • 802.11ac (Wi-Fi 5): यह 5 GHz बैंड पर कार्य करता है और 1.3 Gbps तक की गति प्रदान करता है। इसमें MU-MIMO (Multi-User MIMO) तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे एक साथ कई डिवाइसों को तेज़ गति पर सेवा मिलती है।
  • 802.11ax (Wi-Fi 6): यह नवीनतम संस्करण है, जो 2.4 GHz और 5 GHz दोनों बैंड्स पर कार्य करता है और 10 Gbps तक की गति प्रदान करता है। इसमें OFDMA (Orthogonal Frequency-Division Multiple Access) और बेहतर MU-MIMO का उपयोग होता है, जो उच्च दक्षता और कम विलंबता प्रदान करता है।

विशेषताएँ:

  • डेटा ट्रांसमिशन की उच्च गति: विभिन्न 802.11 संस्करणों में स्पीड की वृद्धि होती गई है।
  • वायरलेस सुरक्षा: Wi-Fi में WPA2 और WPA3 सुरक्षा प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है।
  • कवर एरिया: Wi-Fi नेटवर्क का कवरेज क्षेत्र संस्करण के आधार पर बदलता है।

2. ब्लूटूथ (Bluetooth)

ब्लूटूथ एक शॉर्ट-रेंज वायरलेस प्रोटोकॉल है जो व्यक्तिगत क्षेत्र नेटवर्क (PAN) को सक्षम करता है। इसका उपयोग आमतौर पर छोटे उपकरणों के बीच डेटा ट्रांसफर के लिए किया जाता है, जैसे हेडफ़ोन, स्मार्टफोन, और कीबोर्ड।

ब्लूटूथ संस्करण:

  • Bluetooth 1.0/1.1: शुरुआती संस्करणों में लगभग 1 Mbps की गति थी।
  • Bluetooth 2.0 + EDR: इसमें "Enhanced Data Rate" जोड़ा गया, जिससे स्पीड 3 Mbps तक बढ़ाई गई।
  • Bluetooth 3.0 + HS: इसमें हाई-स्पीड ट्रांसफर (24 Mbps तक) की क्षमता जोड़ी गई।
  • Bluetooth 4.0 (BLE): इसमें "Bluetooth Low Energy" जोड़ा गया, जिससे कम ऊर्जा खपत वाली डिवाइसों के लिए बेहतर सपोर्ट मिला।
  • Bluetooth 5.0: इसमें बेहतर रेंज और गति प्रदान की जाती है, जो 50 Mbps तक की डेटा ट्रांसमिशन और 200 मीटर की रेंज देता है।

विशेषताएँ:

  • शॉर्ट रेंज: Bluetooth की रेंज 10 मीटर से 100 मीटर तक होती है।
  • कम ऊर्जा खपत: BLE (Bluetooth Low Energy) का उपयोग कम बैटरी खपत वाली डिवाइसों के लिए किया जाता है।
  • Piconet: ब्लूटूथ में कई डिवाइसों को एक साथ जोड़ने के लिए Piconet का उपयोग किया जाता है।

3. ZigBee

ZigBee एक लो-पावर, लो-डेटा-रेट वायरलेस प्रोटोकॉल है, जो इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइसों और सेंसर्स के लिए उपयुक्त है। यह मुख्य रूप से स्मार्ट होम डिवाइसेस, औद्योगिक उपकरणों और सेंसर्स में उपयोग किया जाता है।

विशेषताएँ:

  • कम ऊर्जा खपत: ZigBee बहुत कम ऊर्जा की खपत करता है, जिससे IoT डिवाइसों में इसका उपयोग लाभकारी होता है।
  • मैश नेटवर्क: ZigBee में मैश नेटवर्किंग का उपयोग होता है, जिससे डिवाइस एक-दूसरे के माध्यम से डेटा ट्रांसफर कर सकते हैं।
  • कम गति: इसकी डेटा ट्रांसफर गति 250 kbps तक होती है।
  • लंबी रेंज: ZigBee की रेंज 10 मीटर से 100 मीटर तक होती है।

4. Z-Wave

Z-Wave भी एक लो-पावर वायरलेस प्रोटोकॉल है, जिसका उपयोग घरेलू स्वचालन (home automation) और स्मार्ट डिवाइसेस के बीच संचार के लिए किया जाता है। यह ZigBee की तरह IoT डिवाइसेस के लिए उपयुक्त है।

विशेषताएँ:

  • कम ऊर्जा खपत: Z-Wave भी कम ऊर्जा की खपत करता है, जिससे इसका उपयोग बैटरी से चलने वाले उपकरणों में किया जाता है।
  • मैश नेटवर्किंग: Z-Wave मैश नेटवर्किंग सपोर्ट करता है, जिसमें डिवाइस एक-दूसरे के माध्यम से डेटा भेज सकते हैं।
  • कवरेज: Z-Wave की कवरेज 30 मीटर तक होती है।
  • डेटा गति: इसकी डेटा ट्रांसफर स्पीड 100 kbps तक होती है।

5. NFC (Near Field Communication)

NFC एक शॉर्ट-रेंज वायरलेस कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल है, जिसका उपयोग स्मार्टफोन और अन्य डिवाइसों के बीच त्वरित डेटा ट्रांसफर और संपर्क रहित भुगतान (contactless payment) के लिए किया जाता है।

विशेषताएँ:

  • शॉर्ट रेंज: NFC की रेंज सिर्फ 4 से 10 सेमी तक होती है।
  • क्विक डेटा ट्रांसफर: NFC कम दूरी पर तेज़ और सुरक्षित डेटा ट्रांसफर प्रदान करता है।
  • कम ऊर्जा खपत: NFC बहुत कम ऊर्जा का उपयोग करता है, और इसे अधिकांश स्मार्टफोनों में एम्बेड किया जाता है।

6. LTE और 5G

LTE (Long Term Evolution) और 5G वायरलेस नेटवर्क में मोबाइल डिवाइसेस के लिए उच्च गति इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले प्रमुख प्रोटोकॉल हैं। ये प्रोटोकॉल मुख्य रूप से मोबाइल डेटा नेटवर्क के लिए उपयोग किए जाते हैं।

विशेषताएँ:

  • LTE (4G): यह 100 Mbps से 1 Gbps तक की स्पीड प्रदान करता है, और यह मोबाइल नेटवर्क का मुख्य स्टैंडर्ड बन चुका है।
  • 5G: 5G नेटवर्क 10 Gbps तक की स्पीड और बहुत कम विलंबता (latency) प्रदान करता है। यह स्मार्ट सिटी, स्वचालित वाहनों, और अत्यधिक कनेक्टेड उपकरणों के लिए उपयुक्त है।
लाभ:

  • हाई-स्पीड इंटरनेट: LTE और 5G वायरलेस नेटवर्क में तेज़ इंटरनेट स्पीड प्रदान करते हैं।
  • कम विलंबता: विशेष रूप से 5G में विलंबता बेहद कम होती है, जिससे रियल-टाइम एप्लिकेशन में इसका उपयोग किया जा सकता है।
  • मोबिलिटी: LTE और 5G प्रोटोकॉल उपयोगकर्ताओं को चलते-फिरते इंटरनेट का उपयोग करने में सक्षम बनाते हैं।

7. WAP (Wireless Application Protocol)

WAP एक ऐसा प्रोटोकॉल है जो मोबाइल डिवाइसों को इंटरनेट ब्राउज़िंग और अन्य वेब सेवाओं का उपयोग करने की अनुमति देता है। हालांकि यह पुराने मोबाइल नेटवर्क में ज्यादा उपयोग किया जाता था, लेकिन अब यह कम प्रचलित हो चुका है।

विशेषताएँ:

  • इंटरनेट ब्राउज़िंग: WAP का उपयोग छोटे स्क्रीन वाले उपकरणों पर वेब ब्राउज़िंग के लिए किया जाता था।
  • कम डेटा ट्रांसफर: WAP कम बैंडविड्थ और कम डेटा ट्रांसफर वाली तकनीक थी।

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