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Architecture of Mobile Computing in Hindi

Architecture of Mobile Computing in Hindi 


  • मोबाइल कंप्यूटिंग के वायरलेस आर्किटेक्चर का तात्पर्य उस बुनियादी ढांचे से है जो मोबाइल डिवाइसों को डेटा एक्सचेंज करने और नेटवर्क से कनेक्ट करने में सक्षम बनाता है, बिना किसी भौतिक कनेक्शन के। वायरलेस आर्किटेक्चर मोबाइल नेटवर्क, डिवाइस, प्रोटोकॉल और तकनीकों का एक सेट है 
  • जो यह सुनिश्चित करता है कि यूजर्स चलते-फिरते इंटरनेट, डेटा सेवाओं और एप्लिकेशंस तक पहुँच सकें। मोबाइल कंप्यूटिंग में विभिन्न वायरलेस आर्किटेक्चर्स होते हैं, जो विभिन्न तकनीकों और नेटवर्क पर आधारित होते हैं।
  • इन आर्किटेक्चर्स के माध्यम से मोबाइल उपकरणों को इंटरनेट और अन्य नेटवर्क संसाधनों से जोड़ने का कार्य किया जाता है।
  • वायरलेस आर्किटेक्चर मोबाइल कंप्यूटिंग का मूल आधार है, जो विभिन्न नेटवर्किंग तकनीकों का उपयोग करके डिवाइसों को कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर-आधारित नेटवर्क, एड-हॉक नेटवर्क, और हाइब्रिड नेटवर्क जैसे विभिन्न प्रकार के आर्किटेक्चर शामिल हैं।
  •  इन नेटवर्कों का उपयोग विभिन्न सेवाओं, एप्लिकेशनों, और डेटा ट्रांसमिशन के लिए किया जाता है। मोबाइल कंप्यूटिंग में वायरलेस नेटवर्क की चुनौतियों को नई तकनीकों के माध्यम से हल करने की कोशिश की जा रही है, जैसे 5G नेटवर्क और बेहतर एन्क्रिप्शन विधियाँ, ताकि उपयोगकर्ताओं को 
  • अधिक सुरक्षित और कुशल अनुभव मिल सके।


Main Component of Wireless Architecture in Hindi |  वायरलेस आर्किटेक्चर के प्रमुख घटक :

  • मोबाइल डिवाइस (Mobile Devices): मोबाइल कंप्यूटिंग में उपयोगकर्ता द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले डिवाइस जैसे स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप आदि होते हैं। इन डिवाइसों में वायरलेस कनेक्टिविटी के लिए आवश्यक हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर मौजूद होता है, जैसे कि Wi-Fi, Bluetooth, GPS, और सेलुलर नेटवर्क।

  • वायरलेस नेटवर्क (Wireless Networks): यह उन नेटवर्कों का समूह है जिनके माध्यम से मोबाइल डिवाइस वायरलेस तरीके से डेटा भेजते और प्राप्त करते हैं। इसमें Wi-Fi, ब्लूटूथ, सेलुलर नेटवर्क (2G, 3G, 4G, 5G), सैटेलाइट नेटवर्क आदि शामिल होते हैं। ये नेटवर्क विभिन्न प्रकार के डेटा ट्रांसमिशन प्रोटोकॉल और तकनीकों का उपयोग करते हैं।

  • बेस स्टेशन (Base Station): बेस स्टेशन वह उपकरण होता है जो मोबाइल डिवाइस और मुख्य नेटवर्क के बीच ब्रिज के रूप में कार्य करता है। सेलुलर नेटवर्क में, बेस स्टेशन सेल टावर होते हैं, जबकि Wi-Fi नेटवर्क में, यह एक्सेस पॉइंट होते हैं। बेस स्टेशन मोबाइल डिवाइस से सिग्नल प्राप्त करते हैं और उसे मुख्य नेटवर्क में आगे भेजते हैं।

  • मोबाइल स्विचिंग सेंटर (Mobile Switching Center - MSC): यह सेलुलर नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण घटक है, जो विभिन्न बेस स्टेशनों और अन्य नेटवर्क घटकों को जोड़ने के लिए जिम्मेदार होता है। MSC, मोबाइल डिवाइसों के बीच वॉयस कॉल, SMS, और डेटा ट्रांसमिशन को प्रबंधित करता है। इसके अलावा, MSC यह भी सुनिश्चित करता है कि जब एक मोबाइल डिवाइस एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता है, तो कनेक्शन निर्बाध रूप से चलता रहे।

  • गेटवे (Gateway): गेटवे का उपयोग वायरलेस नेटवर्क को इंटरनेट या अन्य बाहरी नेटवर्क से कनेक्ट करने के लिए किया जाता है। यह विभिन्न प्रकार के नेटवर्क प्रोटोकॉल को एक साथ लाने में मदद करता है, जिससे डेटा का आदान-प्रदान सुगम हो जाता है।

  • डेटा सेंटर और सर्वर: मोबाइल कंप्यूटिंग में, डेटा सेंटर और सर्वर वह स्थान होते हैं जहाँ से मोबाइल डिवाइस विभिन्न एप्लिकेशंस, सेवाएँ और डेटा एक्सेस करते हैं। जब कोई मोबाइल डिवाइस इंटरनेट या किसी एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा की मांग करता है, तो यह अनुरोध डेटा सेंटर या सर्वर पर भेजा जाता है।

Types of Wireless Network Architecture in Hindi |  वायरलेस नेटवर्क आर्किटेक्चर के प्रकार :

मोबाइल कंप्यूटिंग में वायरलेस नेटवर्क के विभिन्न प्रकार होते हैं जो विभिन्न संचार आवश्यकताओं और उपयोगकर्ताओं की मांगों के अनुसार डिजाइन किए गए हैं:

1. इन्फ्रास्ट्रक्चर बेस्ड नेटवर्क (Infrastructure-Based Network)

इस प्रकार के नेटवर्क में मोबाइल डिवाइस एक केंद्रीकृत नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ काम करते हैं। इसका अर्थ यह है कि मोबाइल डिवाइसों के बीच डेटा आदान-प्रदान एक केंद्र बिंदु (जैसे बेस स्टेशन या Wi-Fi एक्सेस पॉइंट) के माध्यम से होता है। यह आर्किटेक्चर सेलुलर नेटवर्क, Wi-Fi, और WiMAX नेटवर्क में देखा जाता है।

सेलुलर नेटवर्क (Cellular Networks):

  • यह सबसे व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला नेटवर्क आर्किटेक्चर है, जो 2G, 3G, 4G और 5G नेटवर्क के रूप में विकसित हुआ है। यह नेटवर्क बड़े भूगोलिक क्षेत्रों को कवर कर सकता है और कई उपयोगकर्ताओं को एक साथ सेवा प्रदान कर सकता है। 
  • सेलुलर नेटवर्क में बेस स्टेशन और मोबाइल स्विचिंग सेंटर जैसे घटक शामिल होते हैं, जो संचार को प्रबंधित करते हैं।
  • 5G नेटवर्क सबसे आधुनिक तकनीक है, जो उच्च गति, कम विलंबता (Latency) और अधिक विश्वसनीयता प्रदान करता है।
  • इसका उपयोग न केवल मोबाइल इंटरनेट के लिए बल्कि IoT (Internet of Things), स्मार्ट सिटीज़ और स्वचालित वाहनों के लिए भी किया जाता है।

Wi-Fi (Wireless Fidelity):

  • यह एक स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क (LAN) है, जो आमतौर पर घरों, कार्यालयों, और सार्वजनिक स्थानों में उपयोग होता है। Wi-Fi एक्सेस पॉइंट्स का उपयोग मोबाइल डिवाइसों को एक-दूसरे से और इंटरनेट से जोड़ने के लिए किया जाता है। यह नेटवर्क इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) द्वारा दी गई सेवाओं को वायरलेस रूप से वितरित करता है।

2. एड-हॉक नेटवर्क (Ad-Hoc Network)

  • एड-हॉक नेटवर्क वह नेटवर्क होते हैं जहाँ मोबाइल डिवाइस एक-दूसरे से सीधे कनेक्ट होते हैं, बिना किसी केंद्रीकृत इन्फ्रास्ट्रक्चर के। इसमें कोई बेस स्टेशन या एक्सेस पॉइंट नहीं होता। यह नेटवर्क अस्थायी रूप से बनाया जा सकता है और यह तब उपयोगी होता है जब किसी इन्फ्रास्ट्रक्चर की अनुपस्थिति हो, जैसे आपातकालीन सेवाएँ या सैन्य ऑपरेशन।
  • मोबाइल एड-हॉक नेटवर्क (MANET): यह एक प्रकार का एड-हॉक नेटवर्क है, जिसमें मोबाइल डिवाइस आपस में एक गतिशील, वायरलेस नेटवर्क बनाते हैं। इसमें हर डिवाइस एक राउटर की तरह काम करता है और डेटा को दूसरे डिवाइस तक पहुँचाने में मदद करता है। यह नेटवर्क सेल्फ-हिलिंग (Self-Healing) होता है, यानी अगर किसी डिवाइस का कनेक्शन टूट जाए तो यह अपने आप नए मार्ग का पता लगा लेता है।

3. हाइब्रिड नेटवर्क (Hybrid Network)

  • हाइब्रिड नेटवर्क में इन्फ्रास्ट्रक्चर और एड-हॉक नेटवर्क दोनों का मिश्रण होता है। इसमें कुछ डिवाइस केंद्रीय नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से कनेक्ट होते हैं, जबकि अन्य डिवाइस एक-दूसरे से सीधे जुड़ सकते हैं। यह नेटवर्क अधिक लचीलापन प्रदान करता है और इसका उपयोग विभिन्न परिस्थितियों में किया जा सकता है।

4. सैटेलाइट नेटवर्क (Satellite Network)

  • सैटेलाइट नेटवर्क उन क्षेत्रों में उपयोग होता है जहाँ पारंपरिक नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं होता, जैसे दूरस्थ क्षेत्र, महासागर, या पहाड़। मोबाइल डिवाइस सैटेलाइट के माध्यम से इंटरनेट और अन्य नेटवर्क सेवाओं से कनेक्ट होते हैं। यह नेटवर्क धीमा हो सकता है और इसमें अधिक विलंबता हो सकती है, लेकिन यह उन क्षेत्रों के लिए अत्यधिक उपयोगी है जहाँ अन्य नेटवर्क उपलब्ध नहीं होते।

Challenges of Wireless Networks in Mobile Computing in Hindi | मोबाइल कंप्यूटिंग में वायरलेस नेटवर्क की चुनौतियाँ :

  • सुरक्षा (Security): वायरलेस नेटवर्क में सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है क्योंकि डेटा ट्रांसमिशन हवा के माध्यम से होता है, जो इसे विभिन्न प्रकार के हमलों के लिए असुरक्षित बना सकता है। डेटा को एन्क्रिप्ट करने और प्रमाणीकृत करने की आवश्यकता होती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल अधिकृत उपयोगकर्ता ही इसे एक्सेस कर सकें।
  • बैंडविड्थ सीमाएँ (Bandwidth Limitations): मोबाइल नेटवर्क में बैंडविड्थ की सीमाएँ होती हैं, खासकर जब एक ही नेटवर्क पर कई उपयोगकर्ता एक साथ डेटा का उपयोग कर रहे होते हैं। इससे नेटवर्क की गति और प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
  • विलंबता (Latency): मोबाइल कंप्यूटिंग में विलंबता एक अन्य समस्या है, खासकर तब जब डिवाइस और नेटवर्क के बीच दूरी अधिक हो। 5G जैसी नई तकनीकें इस समस्या को हल करने की दिशा में काम कर रही हैं।
  • बिजली की खपत (Power Consumption): मोबाइल डिवाइसों को लगातार इंटरनेट से जुड़े रहने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है। वायरलेस आर्किटेक्चर में ऊर्जा दक्षता एक महत्वपूर्ण कारक है।
  • कनेक्टिविटी और कवरेज (Connectivity and Coverage): मोबाइल नेटवर्क कवरेज कभी-कभी सीमित हो सकता है, खासकर ग्रामीण या दूरस्थ क्षेत्रों में। इसके अलावा, इमारतों या भौगोलिक बाधाओं के कारण सिग्नल कमजोर हो सकता है, जिससे कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है।

In this Chapter

Architecture of Mobile Computing in Hindi
Auto Configuration Anycast in Hindi
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Protocol Support in Hindi
Scenarios in Wireless Network in Hindi
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