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Personal communication system in Hindi | PCS क्या है

Personal communication system in Hindi | PCS क्या है 


  • पर्सनल कम्युनिकेशन सिस्टम (PCS) आर्किटेक्चर एक वायरलेस संचार प्रणाली है जो व्यक्तियों को कहीं भी, किसी भी समय, और किसी भी उपकरण का उपयोग करते हुए संचार की सुविधा प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य एक व्यापक, सुविधाजनक और निर्बाध संचार सेवा प्रदान करना है, 
  • जिसमें आवाज, डेटा, वीडियो और अन्य संचार माध्यमों को शामिल किया जा सकता है। PCS आर्किटेक्चर में विभिन्न घटक और नेटवर्क तत्व होते हैं, जो मिलकर इस संचार प्रणाली को सक्षम बनाते हैं। 
  • पर्सनल कम्युनिकेशन सिस्टम (PCS) आर्किटेक्चर आधुनिक वायरलेस संचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके विभिन्न घटक और सेवाएँ इसे उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुविधाजनक और लचीला विकल्प बनाते हैं। 
  • PCS नेटवर्क की मुख्य विशेषता इसकी व्यापक पहुँच, मोबिलिटी और विविध संचार सेवाएँ हैं, जो इसे एक शक्तिशाली और उन्नत संचार प्रणाली बनाती हैं।
इसे विस्तार से समझने के लिए हमें इसके घटकों और कार्यप्रणाली को गहराई से देखना होगा।

Definition of Personal communication system in Hindi | पर्सनल कम्युनिकेशन सिस्टम की परिभाषा:

PCS एक वायरलेस नेटवर्क प्रणाली है, जो उपयोगकर्ताओं को व्यक्तिगत स्तर पर संचार की सुविधा देती है। इसका उपयोग मोबाइल फोन, वायरलेस टेलीफोन, इंटरनेट एक्सेस, ईमेल, और मल्टीमीडिया संचार के लिए किया जाता है। PCS को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह उपयोगकर्ताओं को हमेशा और हर जगह नेटवर्क के साथ कनेक्ट रहने की सुविधा प्रदान कर सके।

Components of PCS Architecture in Hindi | PCS आर्किटेक्चर के घटक :

PCS आर्किटेक्चर को मुख्य रूप से तीन प्रमुख घटकों में विभाजित किया जा सकता है:

टर्मिनल्स (Terminals)
एयर इंटरफेस (Air Interface)
नेटवर्क सबसिस्टम (Network Subsystem)

1. टर्मिनल्स (Terminals):

टर्मिनल्स वे उपकरण होते हैं जिनका उपयोग उपयोगकर्ता PCS नेटवर्क से कनेक्ट करने के लिए करते हैं। ये मुख्यतः मोबाइल फोन, पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट (PDA), लैपटॉप, टैबलेट और अन्य वायरलेस उपकरण हो सकते हैं। इन टर्मिनल्स के कुछ प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:

  • यूज़र इंटरफेस: टर्मिनल्स उपयोगकर्ताओं को PCS सेवाओं तक पहुँचने का माध्यम प्रदान करते हैं, जिसमें कॉल करना, डेटा भेजना और प्राप्त करना शामिल है।
  • मोबिलिटी सपोर्ट: टर्मिनल्स को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि वे चलते-फिरते या स्थान बदलते समय भी नेटवर्क से कनेक्ट रह सकें।
  • सेवा अनुरोध: उपयोगकर्ता विभिन्न सेवाओं जैसे वॉयस कॉल, डेटा ट्रांसफर और मल्टीमीडिया सेवा के लिए टर्मिनल्स का उपयोग कर सकते हैं।

2. एयर इंटरफेस (Air Interface):

एयर इंटरफेस वह माध्यम होता है जिसके द्वारा टर्मिनल्स और बेस स्टेशन के बीच संचार स्थापित होता है। यह मुख्यतः रेडियो फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम का उपयोग करता है। PCS में विभिन्न प्रकार की मल्टीपल एक्सेस तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जैसे:

  • FDMA (Frequency Division Multiple Access): इसमें फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम को विभिन्न चैनलों में विभाजित किया जाता है।
  • TDMA (Time Division Multiple Access): इसमें हर उपयोगकर्ता को एक समय स्लॉट आवंटित किया जाता है।
  • CDMA (Code Division Multiple Access): इसमें हर उपयोगकर्ता को एक यूनिक कोड दिया जाता है, जिसके माध्यम से डेटा ट्रांसमिशन होता है।
  • SDMA (Space Division Multiple Access): इसमें उपयोगकर्ताओं को विभिन्न स्थानों के आधार पर चैनल आवंटित किया जाता है।
  • एयर इंटरफेस का मुख्य कार्य यह सुनिश्चित करना है कि टर्मिनल्स और बेस स्टेशन के बीच डेटा ट्रांसमिशन निर्बाध रूप से हो सके, चाहे उपयोगकर्ता कहीं भी हो।

3. नेटवर्क सबसिस्टम (Network Subsystem):

यह PCS आर्किटेक्चर का मुख्य घटक होता है, जो टर्मिनल्स और बाहरी नेटवर्क के बीच संचार स्थापित करता है। नेटवर्क सबसिस्टम के अंतर्गत विभिन्न घटक आते हैं:

बेस स्टेशन सबसिस्टम (Base Station Subsystem - BSS):

  • यह PCS आर्किटेक्चर में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो टर्मिनल्स और नेटवर्क के बीच कनेक्शन स्थापित करता है।
  • इसमें मुख्यतः दो घटक होते हैं: बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) और बेस स्टेशन कंट्रोलर (BSC)।
  • BTS वह एंटीना होता है जो टर्मिनल्स से सिग्नल प्राप्त करता है और BSC इसे नियंत्रित करता है। BSC विभिन्न बेस स्टेशनों के बीच हैंडऑफ और अन्य महत्वपूर्ण संचालन करता है।

मोबिलिटी मैनेजमेंट (Mobility Management):

  • इस घटक का मुख्य कार्य उपयोगकर्ताओं की लोकेशन को ट्रैक करना और उन्हें सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना होता है।
  • इसमें लोकेशन अपडेट, कॉल सेटअप और कॉल हैंडऑफ जैसी सेवाओं को मैनेज किया जाता है।
  • मोबिलिटी मैनेजमेंट के अंतर्गत होम लोकेशन रजिस्टर (HLR) और विजिटर लोकेशन रजिस्टर (VLR) आते हैं, जो उपयोगकर्ताओं की जानकारी को स्टोर करते हैं और उनकी लोकेशन को ट्रैक करते हैं।

स्विचिंग सबसिस्टम (Switching Subsystem):

  • यह घटक विभिन्न नेटवर्क्स के बीच संचार स्थापित करने के लिए जिम्मेदार होता है। इसमें मोबाइल स्विचिंग सेंटर (MSC) आता है, जो PCS नेटवर्क को PSTN (Public Switched Telephone Network) और अन्य मोबाइल नेटवर्क्स से जोड़ता है।
  • MSC कॉल को रूट करने, हैंडऑफ प्रक्रिया को नियंत्रित करने और विभिन्न सुरक्षा प्रक्रियाओं का संचालन करने का काम करता है।

ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (Operations and Maintenance):

  • PCS नेटवर्क के संचालन और मेंटेनेंस के लिए यह सबसिस्टम जिम्मेदार होता है।
  • यह नेटवर्क के मॉनिटरिंग, फॉल्ट मैनेजमेंट, और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट से संबंधित कार्यों को संभालता है।
  • इस प्रणाली के अंतर्गत नेटवर्क की निगरानी की जाती है ताकि किसी भी प्रकार की समस्या को तुरंत हल किया जा सके।

Services in PCS Network in Hindi | PCS नेटवर्क में सेवाएँ:

PCS नेटवर्क विभिन्न प्रकार की सेवाओं की पेशकश करता है, जो इसे अन्य पारंपरिक संचार प्रणालियों से अलग बनाती हैं। इनमें शामिल हैं:

  • वॉयस सर्विसेस: PCS नेटवर्क उपयोगकर्ताओं को कहीं भी और किसी भी समय वॉयस कॉल करने और प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है।
  • डेटा सर्विसेस: PCS नेटवर्क के माध्यम से उपयोगकर्ता इंटरनेट एक्सेस कर सकते हैं, ईमेल भेज और प्राप्त कर सकते हैं, और अन्य डेटा सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
  • मल्टीमीडिया सर्विसेस: PCS उपयोगकर्ताओं को वीडियो कॉल, वीडियो स्ट्रीमिंग और अन्य मल्टीमीडिया सेवाओं का भी समर्थन करता है, जिससे संचार अनुभव अधिक समृद्ध और उपयोगी हो जाता है।
  • लोकेशन-बेस्ड सर्विसेस: PCS नेटवर्क उपयोगकर्ताओं की लोकेशन ट्रैक कर सकता है और उन्हें संबंधित सेवाएं प्रदान कर सकता है, जैसे नेविगेशन, लोकेशन ट्रैकिंग और इमरजेंसी सर्विसेस।

Advantages of PCS Architecture in Hindi | PCS आर्किटेक्चर के फायदे:

  • कहीं भी और कभी भी संचार: PCS नेटवर्क उपयोगकर्ताओं को कहीं भी, किसी भी समय और किसी भी डिवाइस से संचार करने की सुविधा प्रदान करता है।
  • विविध सेवाएँ: PCS नेटवर्क वॉयस, डेटा, वीडियो और मल्टीमीडिया सेवाओं की पेशकश करता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को अधिक समृद्ध संचार अनुभव मिलता है।
  • हैंडऑफ के दौरान निर्बाध कनेक्टिविटी: PCS आर्किटेक्चर में उपयोगकर्ताओं को एक सेल से दूसरे सेल में जाते समय भी निर्बाध कनेक्टिविटी मिलती है, जिससे संचार रुकावट नहीं आती।
  • मोबिलिटी: PCS नेटवर्क मोबिलिटी को सपोर्ट करता है, यानी उपयोगकर्ता कहीं भी जाएं, वे नेटवर्क से जुड़े रह सकते हैं।


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