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Additional Parameters in Hindi

Additional Parameters in Hindi 


  • वायरलेस नेटवर्क की संरचना और संचालन, वायर्ड नेटवर्क से बहुत भिन्न होती है, क्योंकि इसमें नोड्स के बीच कोई फिजिकल केबल कनेक्शन नहीं होता। वायरलेस नेटवर्क में डेटा को हवा के माध्यम से ट्रांसमिट किया जाता है, जो नेटवर्क को अधिक लचीला और गतिशील बनाता है, 
  • लेकिन साथ ही, इसमें कई अतिरिक्त पैरामीटर्स भी जुड़ जाते हैं, जिनका ध्यान रखना आवश्यक होता है।
  • वायरलेस नेटवर्क का सिमुलेशन वायर्ड नेटवर्क की तुलना में अधिक जटिल है, क्योंकि इसमें कई अतिरिक्त पैरामीटर्स और गतिशीलता को ध्यान में रखना पड़ता है। NS2 में, इन अतिरिक्त पैरामीटर्स को सही ढंग से सेट करने से सिमुलेशन अधिक सटीक और वास्तविकता के करीब होता है। 
  • मूवमेंट मॉडल, एंटेना मॉडल, रेडियो प्रोपेगेशन, और बैटरी मॉडल जैसे पैरामीटर्स वायरलेस नेटवर्क की वास्तविक चुनौतियों को सिमुलेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • NS2 (Network Simulator 2) में वायरलेस नेटवर्क का सिमुलेशन करते समय कुछ अतिरिक्त पैरामीटर्स को निर्दिष्ट करना पड़ता है, ताकि वास्तविक वायरलेस नेटवर्क के कार्यप्रणाली को सही ढंग से अनुकरण किया जा सके। 

इस लेख में हम इन अतिरिक्त पैरामीटर्स, उनके महत्व, और NS2 में उनका उपयोग कैसे किया जाता है, इस पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

1. वायरलेस नेटवर्क का परिचय :

वायरलेस नेटवर्क का मुख्य आधार यह है कि नोड्स के बीच डेटा वायरलेस माध्यम (जैसे कि रेडियो तरंगें, इंफ्रारेड, आदि) के माध्यम से भेजा जाता है। इसमें नोड्स की मूवमेंट, सिग्नल की गुणवत्ता, और नेटवर्क टोपोलॉजी की गतिशीलता जैसी कई चुनौतियाँ होती हैं, जिन्हें सिमुलेशन में ठीक से मॉडल करना आवश्यक होता है।

2. वायरलेस नेटवर्क के लिए अतिरिक्त पैरामीटर्स :

वायरलेस नेटवर्क में पारंपरिक नेटवर्क पैरामीटर्स के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त पैरामीटर्स भी होते हैं, जिनका नेटवर्क के प्रदर्शन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ये पैरामीटर्स वायरलेस नेटवर्क की गतिशील प्रकृति को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए गए हैं।

a. मूवमेंट मॉडल (Mobility Model)

वायरलेस नेटवर्क में नोड्स आमतौर पर स्थिर नहीं होते हैं, बल्कि ये मूवमेंट करते हैं। मूवमेंट मॉडल का उपयोग यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि नोड्स किस दिशा में, कितनी गति से, और किस प्रकार से मूव करेंगे। सबसे सामान्य मूवमेंट मॉडल है:

Random Waypoint Model: यह मॉडल हर नोड के लिए एक यादृच्छिक दिशा और गति का चयन करता है, और नोड उस दिशा में एक निश्चित समय तक चलता है। फिर नोड एक नई दिशा और गति का चयन करता है। इस मॉडल का कोड इस प्रकार होता है:


$ns_ at 0.0 "$node_(0) setdest 50 100 10.0"
$ns_ at 2.0 "$node_(1) setdest 75 200 15.0"
इसमें setdest कमांड नोड की गंतव्य स्थिति (x, y) और गति (m/s) को सेट करता है।

b. एंटेना मॉडल (Antenna Model)

वायरलेस नेटवर्क में एंटेना की विशेषताएँ भी महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि यह रेडियो सिग्नल के प्रसारण और रिसेप्शन को प्रभावित करता है। NS2 में दो प्रकार के एंटेना मॉडल सामान्य रूप से उपयोग किए जाते हैं:

Omni-directional Antenna: यह सभी दिशाओं में सिग्नल भेजता है। इसे निम्न प्रकार से सेट किया जाता है:

Phy/WirelessPhy set antenna_ [new Antenna/OmniAntenna]
Directional Antenna: यह केवल एक निश्चित दिशा में सिग्नल भेजता है, और इसका उपयोग तब होता है जब नेटवर्क को अधिक लक्षित संचार की आवश्यकता होती है।

c. रेडियो प्रोपेगेशन मॉडल (Radio Propagation Model)

रेडियो प्रोपेगेशन मॉडल यह निर्धारित करता है कि सिग्नल किस प्रकार से हवा के माध्यम से प्रोपेगेट होगा और इसमें किस प्रकार की रुकावटें आएंगी। यह नेटवर्क के प्रदर्शन को काफी प्रभावित करता है, क्योंकि इससे यह निर्धारित होता है कि नोड्स के बीच सिग्नल किस प्रकार से रिसीव होगा।

NS2 में तीन प्रमुख प्रोपेगेशन मॉडल्स हैं:

Free Space Model: यह मॉडल यह मानता है कि सिग्नल सीधी रेखा में प्रसारित होता है, और इस पर कोई अवरोध नहीं होता। इसका उपयोग तब किया जाता है जब नोड्स एक दूसरे के सीधे दृष्टि में होते हैं (Line of Sight):

Phy/WirelessPhy set propagation_ [new Propagation/FreeSpace]
Two-ray Ground Model: यह मॉडल सिग्नल के डायरेक्ट और ग्राउंड रिफ्लेक्शन पाथ्स को ध्यान में रखता है। यह लंबी दूरी के लिए अधिक सटीक होता है:


Phy/WirelessPhy set propagation_ [new Propagation/TwoRayGround]
Shadowing Model: यह मॉडल विभिन्न रुकावटों के कारण सिग्नल के क्षीण होने (signal fading) को ध्यान में रखता है:

Phy/WirelessPhy set propagation_ [new Propagation/Shadowing]

d. ट्रांसमिशन रेंज और इंटरफेरेंस रेंज (Transmission and Interference Range)

वायरलेस नेटवर्क में हर नोड की एक निश्चित ट्रांसमिशन रेंज होती है, जिसके भीतर वह अन्य नोड्स को सिग्नल भेज सकता है। इसके अलावा, इंटरफेरेंस रेंज भी होती है, जिसमें कोई नोड सिग्नल तो भेज सकता है, लेकिन उस रेंज में अन्य नोड्स के सिग्नल के साथ हस्तक्षेप हो सकता है। इन रेंज को निम्न प्रकार से सेट किया जाता है:

Phy/WirelessPhy set Pt_ 0.2818  ;# ट्रांसमिट पावर
Phy/WirelessPhy set freq_ 914e6 ;# सिग्नल की आवृत्ति
Phy/WirelessPhy set L_ 1.0      ;# सिस्टम लॉस

e. मीडिया एक्सेस कंट्रोल (MAC) प्रोटोकॉल

वायरलेस नेटवर्क में नोड्स के बीच मीडिया के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए MAC प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है। NS2 में सबसे सामान्य रूप से उपयोग किया जाने वाला MAC प्रोटोकॉल है:

MAC 802.11: यह IEEE 802.11 मानक पर आधारित है, जो Wi-Fi नेटवर्क में उपयोग किया जाता है। इसका सेटअप इस प्रकार होता है:

Mac/802_11 set dataRate_ 11Mb

f. अधिनियमित रूटिंग प्रोटोकॉल (Routing Protocols)

  • वायरलेस नेटवर्क में रूटिंग प्रोटोकॉल्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि नोड्स की स्थिति लगातार बदलती रहती है। कुछ प्रमुख रूटिंग प्रोटोकॉल्स निम्नलिखित हैं:
  • AODV (Ad-Hoc On-Demand Distance Vector): यह एक ऑन-डिमांड रूटिंग प्रोटोकॉल है, जिसमें नोड्स केवल तब रूट खोजते हैं जब डेटा भेजने की आवश्यकता होती है।
  • DSDV (Destination-Sequenced Distance-Vector): यह एक टेबल-ड्रिवन प्रोटोकॉल है, जिसमें हर नोड रूट्स की जानकारी को निरंतर अपडेट करता रहता है।
g. बैटरी मॉडल :

वायरलेस नोड्स में ऊर्जा का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है, खासकर मोबाइल और एड-हॉक नेटवर्क में। नोड्स की बैटरी क्षमता और ऊर्जा खपत की जानकारी का प्रबंधन करना आवश्यक होता है। बैटरी मॉडल निम्न प्रकार से सेट किया जाता है:

Node/MobileNode set energyModel_ "EnergyModel"
Node/MobileNode set initialEnergy_ 100.0
Node/MobileNode set txPower_ 0.5
Node/MobileNode set rxPower_ 0.3

इसमें initialEnergy_ नोड की प्रारंभिक बैटरी स्तर को दर्शाता है, जबकि txPower_ और rxPower_ ट्रांसमिट और रिसीव के समय की ऊर्जा खपत को दर्शाते हैं।

h. नेटवर्क एनिमेशन (NAM) सेटअप :

वायरलेस नेटवर्क के सिमुलेशन में नेटवर्क की गतिविधियों को देखने के लिए एनिमेशन का उपयोग किया जाता है। NS2 में, यह प्रक्रिया NAM (Network Animator) के माध्यम से की जाती है, जो नोड्स के मूवमेंट, सिग्नल्स और पैकेट्स को ग्राफिकल रूप से प्रदर्शित करता है।

set namtrace [open out.nam w]
$ns namtrace-all-wireless $namtrace $val(x) $val(y)

3. वायरलेस नेटवर्क में अतिरिक्त पैरामीटर्स का महत्व

  • मूवमेंट मॉडल यह निर्धारित करता है कि नोड्स किस प्रकार और गति से चलते हैं, जिससे नेटवर्क टोपोलॉजी लगातार बदलती रहती है। यह मोबाइल नेटवर्क के सिमुलेशन के लिए आवश्यक है।
  • रेडियो प्रोपेगेशन मॉडल सिग्नल की सटीकता और कवरेज को दर्शाता है। सिग्नल लॉस, फेडिंग, और इंटरफेरेंस जैसी वास्तविक जीवन की समस्याओं को मॉडल करना आवश्यक होता है।
  • एंटेना मॉडल यह निर्धारित करता है कि सिग्नल किस दिशा में प्रसारित होगा। विभिन्न एंटेना प्रकारों के उपयोग से नेटवर्क प्रदर्शन में अंतर आता है।
  • MAC प्रोटोकॉल नोड्स के बीच मीडिया एक्सेस को नियंत्रित करता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि वायरलेस नेटवर्क में एक ही माध्यम पर कई नोड्स डेटा ट्रांसमिट करते हैं।
  • बैटरी मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि सिमुलेशन में नोड्स की ऊर्जा की खपत सही ढंग से मॉडल की जाए, जो वास्तविक जीवन के नेटवर्क में महत्वपूर्ण होता है।



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