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Wireless LAN in Hindi | Wireless LAN क्या है?

Wireless LAN in Hindi | Wireless LAN क्या है?


  • Wireless LAN (WLAN) एक ऐसा नेटवर्क है, जो वायरलेस माध्यम (Radio Waves) के माध्यम से डेटा का संचार करता है। WLAN का मुख्य उद्देश्य वायरलेस तकनीक का उपयोग करके इंटरनेट या लोकल नेटवर्क की सुविधा प्रदान करना है, ताकि डिवाइसों को केबल्स (तारों) 
  • की आवश्यकता न हो। यह आजकल बेहद प्रचलित तकनीक है और विभिन्न जगहों जैसे घरों, ऑफिसों, स्कूलों, और सार्वजनिक स्थलों पर उपयोग की जाती है। WLAN का सबसे सामान्य और प्रचलित उदाहरण है Wi-Fi।
  • Wireless LAN (WLAN) आज के समय की एक महत्वपूर्ण और व्यापक तकनीक है, जो नेटवर्किंग की दुनिया को सरल और सहज बनाती है। इसके लचीलापन, सुविधा, और आसान विस्तार के कारण इसका उपयोग हर प्रकार के वातावरण में किया जाता है, 
  • चाहे वह घर हो, ऑफिस हो, या सार्वजनिक स्थल। हालांकि इसमें सुरक्षा और सिग्नल की सीमाओं जैसी कुछ चुनौतियाँ भी हैं, लेकिन सही प्रोटोकॉल और तकनीकों का उपयोग करके इनका समाधान किया जा सकता है। 
  • WLAN ने आधुनिक इंटरनेट कनेक्टिविटी के अनुभव को पूरी तरह से बदल दिया है और इसे और अधिक सुलभ और सरल बना दिया है।


Introduction of WLAN in Hindi | WLAN का परिचय:

WLAN एक प्रकार का लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) है, लेकिन इसमें वायर्ड (तारों वाले) नेटवर्क की तुलना में डिवाइसों को कनेक्ट करने के लिए रेडियो तरंगों का उपयोग किया जाता है। पारंपरिक LAN में केबल्स का उपयोग करके कंप्यूटर और अन्य डिवाइसों को नेटवर्क से जोड़ा जाता है, जबकि WLAN में डिवाइस वायरलेस तरीके से कनेक्ट होते हैं। इससे नेटवर्क सेटअप और डिवाइस की कनेक्टिविटी में अधिक लचीलापन मिलता है।

WLAN के कुछ प्रमुख घटक होते हैं:

  • Wireless Access Points (WAP): यह एक ऐसा डिवाइस है जो वायरलेस डिवाइसों को नेटवर्क से कनेक्ट करने की सुविधा देता है। यह एक प्रकार का हब होता है, जो डेटा को वायरलेस डिवाइसों के बीच प्रसारित करता है।
  • Wireless Network Interface Card (NIC): यह हर डिवाइस में मौजूद एक हार्डवेयर होता है, जो डिवाइस को वायरलेस नेटवर्क से कनेक्ट करता है।
  • Router: यह नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो डेटा को विभिन्न डिवाइसों के बीच रूट (मार्ग) करता है और उन्हें इंटरनेट से कनेक्ट करता है।
  • Client Devices: ये वे डिवाइस होते हैं, जो WLAN का उपयोग करते हैं, जैसे लैपटॉप, स्मार्टफोन, टैबलेट, प्रिंटर आदि।

Types of WLAN in Hindi | WLAN के प्रकार:

WLAN को उनके उपयोग और क्षेत्र के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांटा जा सकता है:

1. Infrastructure Mode: यह WLAN का सबसे आम और प्रचलित मोड है। इसमें एक Access Point (AP) नेटवर्क का केंद्र होता है, और सभी वायरलेस डिवाइस (क्लाइंट्स) इस AP से कनेक्ट होते हैं। Access Point वायरलेस डिवाइसों को एक साथ जोड़ता है और उन्हें वायर्ड नेटवर्क या इंटरनेट से कनेक्ट करने में मदद करता है। इस मोड का उपयोग आमतौर पर बड़े नेटवर्क जैसे ऑफिस, स्कूल, और सार्वजनिक स्थानों पर किया जाता है।

2. Ad-hoc Mode: Ad-hoc Mode में कोई Access Point नहीं होता। इसमें वायरलेस डिवाइस एक-दूसरे से सीधे कनेक्ट होते हैं। यह एक पीयर-टू-पीयर नेटवर्क होता है, जिसमें हर डिवाइस दूसरे डिवाइस से डेटा का आदान-प्रदान कर सकता है। यह मोड छोटे और अस्थायी नेटवर्क सेटअप के लिए उपयोगी होता है, जैसे दो या तीन लैपटॉप्स के बीच नेटवर्क बनाना।

3. Mesh Network : Mesh Network में कई Access Points होते हैं, और वे एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। हर Access Point एक नोड की तरह कार्य करता है, और यह अन्य नोड्स के साथ डेटा शेयर करता है। अगर एक नोड (AP) में कोई समस्या आती है, तो बाकी नोड्स एक वैकल्पिक मार्ग से डेटा भेजने का कार्य करते हैं। यह बड़े नेटवर्क के लिए अत्यधिक विश्वसनीय और स्केलेबल होता है, जैसे स्मार्ट सिटी या बड़े कैंपस नेटवर्क।

Standards of WLAN in Hindi | WLAN के मानक (Standards):

WLAN के लिए IEEE (Institute of Electrical and Electronics Engineers) ने कुछ मानक निर्धारित किए हैं, जिन्हें IEEE 802.11 के नाम से जाना जाता है। ये मानक समय के साथ विकसित हुए हैं और विभिन्न प्रकार की डेटा स्पीड और रेंज प्रदान करते हैं। कुछ प्रमुख IEEE 802.11 मानक इस प्रकार हैं:

1. IEEE 802.11a:

  • डेटा ट्रांसफर स्पीड: 54 Mbps
  • फ्रीक्वेंसी बैंड: 5 GHz
  • रेंज: सीमित (छोटे क्षेत्र के लिए उपयोगी)

2. IEEE 802.11b:

  • डेटा ट्रांसफर स्पीड: 11 Mbps
  • फ्रीक्वेंसी बैंड: 2.4 GHz
  • रेंज: अधिक, लेकिन स्पीड कम

3. IEEE 802.11g:

  • डेटा ट्रांसफर स्पीड: 54 Mbps
  • फ्रीक्वेंसी बैंड: 2.4 GHz
  • रेंज: मध्यम

4. IEEE 802.11n:

  • डेटा ट्रांसफर स्पीड: 600 Mbps तक
  • फ्रीक्वेंसी बैंड: 2.4 GHz और 5 GHz (दोनों)
  • रेंज: अधिक और स्पीड भी अच्छी

5. IEEE 802.11ac:

  • डेटा ट्रांसफर स्पीड: 1.3 Gbps तक
  • फ्रीक्वेंसी बैंड: 5 GHz
  • रेंज: बहुत अधिक और स्पीड भी तेज

6. IEEE 802.11ax (Wi-Fi 6):

  • डेटा ट्रांसफर स्पीड: 9.6 Gbps तक
  • फ्रीक्वेंसी बैंड: 2.4 GHz और 5 GHz (दोनों)
  • रेंज: बहुत अधिक, और अधिकतम स्पीड और क्षमता के साथ

Features of WLAN in Hindi | WLAN की विशेषताएँ:

1. लचीलापन (Flexibility): WLAN एक बेहद लचीली तकनीक है, क्योंकि यह उपयोगकर्ताओं को किसी भी स्थान पर बिना तारों की बाध्यता के कनेक्टिविटी प्रदान करती है। उपयोगकर्ता लैपटॉप, स्मार्टफोन, या अन्य वायरलेस उपकरणों के माध्यम से कहीं भी आसानी से नेटवर्क से जुड़ सकते हैं।

2. सुविधा (Convenience): WLAN के कारण केबल्स की आवश्यकता समाप्त हो जाती है, जिससे नेटवर्क सेटअप और रखरखाव आसान हो जाता है। इसके अलावा, उपकरणों को आसानी से इधर-उधर ले जाया जा सकता है और फिर से कनेक्ट किया जा सकता है।

3. मोबिलिटी (Mobility) : WLAN का एक बड़ा लाभ यह है कि उपयोगकर्ता चलते-फिरते भी नेटवर्क से जुड़े रह सकते हैं। इससे कार्यक्षमता में वृद्धि होती है और वे कहीं भी अपने उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं, चाहे वे ऑफिस में हों या घर पर।

4. विस्तार योग्यता (Scalability): WLAN को आसानी से बड़े नेटवर्क में विस्तारित किया जा सकता है। अतिरिक्त Access Points या Mesh Networks के माध्यम से बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं को कनेक्ट किया जा सकता है।

Advantages of WLAN in Hindi | WLAN के लाभ:

  • तारों की आवश्यकता नहीं: WLAN के माध्यम से नेटवर्क सेटअप करने के लिए तारों की आवश्यकता नहीं होती, जिससे इंस्टालेशन सरल और सस्ता हो जाता है।
  • आसानी से एक्सेस: उपयोगकर्ता कहीं से भी नेटवर्क का उपयोग कर सकते हैं, चाहे वे ऑफिस में हों या घर पर, जब तक कि वे वायरलेस नेटवर्क के रेंज में हों।
  • बेहतर नेटवर्क एक्सपैंशन: WLAN को एक्सपैंड करना वायर्ड नेटवर्क की तुलना में आसान होता है, क्योंकि इसमें तारों को बिछाने की आवश्यकता नहीं होती।
  • लागत में कमी: तारों की जरूरत समाप्त होने से नेटवर्क सेटअप की लागत में कमी आती है, खासकर उन जगहों पर जहां वायरिंग करना मुश्किल या महंगा हो।
  • WLAN की सीमाएँ:
  • सुरक्षा (Security): चूंकि WLAN में डेटा वायरलेस माध्यम से प्रसारित होता है, इसलिए इसे हैकर्स द्वारा इंटरसेप्ट (Intercept) किया जा सकता है। इसलिए WPA2 (Wi-Fi Protected Access 2) जैसे सुरक्षा मानकों का उपयोग आवश्यक है।
  • सिग्नल की रेंज: WLAN का सिग्नल केवल एक सीमित क्षेत्र में ही काम करता है। दीवारें, धातु की वस्तुएं, और अन्य बाधाएँ सिग्नल की शक्ति को कम कर सकती हैं।
  • डेटा ट्रांसफर की गति: वायरलेस नेटवर्क की गति वायर्ड नेटवर्क की तुलना में कम हो सकती है, खासकर तब जब नेटवर्क में कई डिवाइस जुड़े होते हैं या सिग्नल कमजोर होता है।
  • अस्थिरता: वातावरणीय स्थिति, जैसे बारिश या अन्य इंटरफेरेंस (जैसे माइक्रोवेव) वायरलेस सिग्नल को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे नेटवर्क की स्थिरता पर असर पड़ सकता है।

Security of WLAN in Hindi | WLAN की सुरक्षा:

WLAN में सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि वायरलेस माध्यम का उपयोग किया जाता है। अगर नेटवर्क को सुरक्षित नहीं किया जाता है, तो अनधिकृत उपयोगकर्ता इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। कुछ प्रमुख सुरक्षा उपाय इस प्रकार हैं:

  • WEP (Wired Equivalent Privacy): यह WLAN का सबसे पुराना सुरक्षा प्रोटोकॉल है, लेकिन आजकल इसे कमजोर माना जाता है और इसका उपयोग नहीं किया जाता।
  • WPA (Wi-Fi Protected Access): यह WEP का उन्नत संस्करण है, जिसमें बेहतर सुरक्षा प्रदान की जाती है। हालांकि, यह भी कुछ मामलों में कमजोर हो सकता है।
  • WPA2: यह WPA का उन्नत संस्करण है और यह वर्तमान में सबसे प्रचलित और सुरक्षित प्रोटोकॉल है। यह AES (Advanced Encryption Standard) का उपयोग करता है, जो अधिक सुरक्षा प्रदान करता है।
  • MAC एड्रेस फिल्टरिंग: WLAN नेटवर्क में केवल उन डिवाइसों को अनुमति दी जा सकती है जिनके MAC एड्रेस नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा पहले से निर्धारित होते हैं।
  • SSID छिपाना: Access Point का SSID (Service Set Identifier) छिपाया जा सकता है, ताकि नेटवर्क का नाम सार्वजनिक रूप से दिखाई न दे।

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