BCA / B.Tech 10 min read

Structure Distributed System in Hindi

Structure of Distributed Systems in Operating System in Hindi |  ऑपरेटिंग सिस्टम में  वितरित प्रणाली की संरचना हिंदी में  : 


वितरित प्रणाली (Distributed System) एक प्रकार की कंप्यूटर प्रणाली है जिसमें विभिन्न कंप्यूटर, सर्वर, और संसाधन एक नेटवर्क के माध्यम से जुड़े होते हैं और मिलकर कार्य करते हैं। इन प्रणालियों में संसाधन, डेटा, और सेवाएँ विभिन्न भौगोलिक स्थानों पर वितरित होती हैं। 
वितरित प्रणालियों का मुख्य उद्देश्य अधिक उपलब्धता, लचीलापन, और स्केलेबिलिटी प्रदान करना है।

वितरित प्रणाली की संरचना (Structure of Distributed Systems) एक जटिल और विविध सेटअप होती है जिसमें विभिन्न घटक और आर्किटेक्चर शामिल होते हैं। 
नेटवर्क, सर्वर, क्लाइंट्स, मिडलवेयर, डेटाबेस, और संसाधन प्रबंधन मिलकर वितरित प्रणाली के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करते हैं।
 सही आर्किटेक्चर और प्रबंधन से, वितरित प्रणाली उच्च उपलब्धता, लचीलापन, और स्केलेबिलिटी प्रदान कर सकती है, जिससे कि विभिन्न भौगोलिक स्थानों पर डेटा और सेवाओं का प्रभावी प्रबंधन किया जा सके।


वितरित प्रणाली की संरचना में कई प्रमुख घटक और अवधारणाएँ शामिल होती हैं, जो मिलकर इन प्रणालियों के सुचारू संचालन और प्रबंधन को सुनिश्चित करती हैं।

Key Components of Distributed System Structure in Operating System in Hindi | वितरित प्रणाली की संरचना के प्रमुख घटक : 

1. नेटवर्क (Network)

  • नेटवर्क वितरित प्रणाली के विभिन्न घटकों को आपस में जोड़ता है और डेटा ट्रांसफर की सुविधा प्रदान करता है। नेटवर्क की संरचना और बैंडविड्थ प्रदर्शन और संचार की गति को प्रभावित करती है।
  • प्रकार: लोकल एरिया नेटवर्क (LAN), वाइड एरिया नेटवर्क (WAN), और इंटरनेट।
2. सर्वर (Servers)

  • सर्वर वितरित प्रणाली के केंद्रीय घटक होते हैं जो विभिन्न सेवाएँ और संसाधन प्रदान करते हैं। विभिन्न प्रकार के सर्वर होते हैं, जैसे फाइल सर्वर, डेटाबेस सर्वर, और वेब सर्वर।
  • कार्य: डेटा संग्रहण, संसाधन प्रबंधन, और सेवा प्रावधान।
3. क्लाइंट्स (Clients)

  • क्लाइंट्स उपयोगकर्ता डिवाइस होते हैं जो सर्वर से सेवाएँ प्राप्त करते हैं। ये कंप्यूटर, स्मार्टफोन, या अन्य उपकरण हो सकते हैं।
  • कार्य: डेटा और सेवाओं की अनुरोध करना, और प्राप्त सेवाओं का उपयोग करना।
4. मिडलवेयर (Middleware)

  • मिडलवेयर एक सॉफ्टवेयर परत होती है जो विभिन्न एप्लिकेशन और सर्वर के बीच इंटरफेस और संवाद को आसान बनाती है। यह वितरित प्रणाली के घटकों के बीच डेटा और सेवाओं की व्यवस्था करती है।
  • प्रकार: वेब सर्विसेज, डेटाबेस मिडलवेयर, और संचार प्रोटोकॉल्स।
5. डेटाबेस (Databases)

  • डेटाबेस वितरित प्रणाली में डेटा संग्रहण और प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण होता है। वितरित डेटाबेस कई सर्वरों पर डेटा को वितरित रूप में संग्रहीत करता है।
  • प्रकार: रिलेशनल डेटाबेस, नोSQL डेटाबेस।
6. संसाधन प्रबंधन (Resource Management)

  • संसाधन प्रबंधन वितरित प्रणाली में विभिन्न संसाधनों जैसे कि प्रोसेसर, मेमोरी, और स्टोरेज का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करता है।
  • कार्य: लोड बैलेंसिंग, संसाधन आवंटन, और प्रदर्शन मॉनिटरिंग।
7. सिंक और कंसिस्टेंसी (Synchronization and Consistency)

  • सिंक और कंसिस्टेंसी वितरित प्रणाली में डेटा की एकरूपता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक होते हैं।
  • प्रणाली: लॉकिंग, टाइम स्टैम्पिंग, और कंसिस्टेंसी प्रोटोकॉल्स।

 Architecture of Distributed System in Operating System in Hindi | वितरित प्रणाली की आर्किटेक्चर :

1. क्लाइंट-सर्वर आर्किटेक्चर (Client-Server Architecture) :

  • विवरण: इसमें क्लाइंट्स सर्वर से सेवाएँ और डेटा अनुरोध करते हैं। सर्वर इन अनुरोधों को प्रोसेस करता है और उत्तर भेजता है।
  • लाभ: केंद्रीकृत प्रबंधन और संसाधनों का केंद्रीकरण।
  • सीमाएँ: सर्वर पर भारी लोड और संभावित एकल बिंदु की विफलता।

2. पीयर-टू-पीयर आर्किटेक्चर (Peer-to-Peer Architecture) :

  • विवरण: इसमें सभी डिवाइस समान होते हैं और एक दूसरे के साथ डेटा और सेवाओं को साझा करते हैं बिना किसी केंद्रीय सर्वर के।
  • लाभ: लचीलापन और लागत-कुशल।
  • सीमाएँ: सुरक्षा और प्रबंधन में समस्याएँ हो सकती हैं।

3. मल्टी-टियर आर्किटेक्चर (Multi-Tier Architecture) :
 
  • विवरण: इसमें विभिन्न कार्यक्षमताएँ विभिन्न स्तरों पर वितरित की जाती हैं। आमतौर पर तीन स्तर होते हैं: प्रेजेंटेशन लेयर (यूजर इंटरफेस), एप्लिकेशन लेयर (लॉजिक), और डेटा लेयर (डेटा स्टोरेज)।
  • लाभ: स्केलेबिलिटी और अलगाव।
  • सीमाएँ: जटिलता और प्रबंधन में अधिक प्रयास।

4. सर्विस ओरिएंटेड आर्किटेक्चर (Service-Oriented Architecture - SOA) :

  • विवरण: इसमें विभिन्न सेवाएँ एक-दूसरे के साथ इंटरफेस करते हैं और साझा संसाधनों का उपयोग करते हैं। सेवाएँ स्वायत्त और पुन: प्रयोग योग्य होती हैं।
  • लाभ: लचीलापन और पुन: उपयोगिता।
  • सीमाएँ: उच्च जटिलता और सेवाओं के बीच समन्वय की आवश्यकता।

5. माइक्रोसर्विस आर्किटेक्चर (Microservices Architecture) :

  • विवरण: इसमें एप्लिकेशन को छोटे, स्वतंत्र सेवाओं में विभाजित किया जाता है, जो स्वतंत्र रूप से विकसित और डिप्लॉय की जा सकती हैं।
  • लाभ: स्केलेबिलिटी और लचीलापन।
  • सीमाएँ: सेवा प्रबंधन और समन्वय में जटिलता।

Key Issues in Distributed Systems in Operating System in Hindi | वितरित प्रणाली में महत्वपूर्ण मुद्दे : 

1. सिंक और कंसिस्टेंसी (Synchronization and Consistency)

  • विवरण: सुनिश्चित करना कि सभी नोड्स और सेवाएँ डेटा की एकरूपता बनाए रखें, विशेष रूप से जब डेटा कई स्थानों पर वितरित होता है।

2. सुरक्षा (Security)

  • विवरण: नेटवर्क पर डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना, जिसमें डेटा एन्क्रिप्शन, प्रमाणीकरण, और प्राधिकरण शामिल हैं।

3. लेटनसी और बैंडविड्थ (Latency and Bandwidth)

  • विवरण: नेटवर्क के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले लेटनसी और बैंडविड्थ समस्याओं को प्रबंधित करना।

4. लचीलापन और त्रुटि सहिष्णुता (Fault Tolerance and Reliability)

  • विवरण: सुनिश्चित करना कि प्रणाली त्रुटियों और विफलताओं के बावजूद ठीक से काम करती रहे, जिसमें पुनर्प्राप्ति और बैकअप तंत्र शामिल हैं।

5. स्केलेबिलिटी (Scalability)

  • विवरण: सिस्टम को बढ़ती मांग के अनुसार स्केल करना, जिसमें अधिक नोड्स और संसाधनों को जोड़ना शामिल है।

6. विवरण और प्रबंधन (Coordination and Management)

  • विवरण: वितरित प्रणाली के विभिन्न घटकों के बीच समन्वय और प्रबंधन, जिसमें सर्वर, क्लाइंट्स, और अन्य संसाधन शामिल हैं।

In this Chapter

Structure Distributed System in Hindi
Distributed System in Hindi
Real Time System in Hindi
System Calls in Hindi
System Program in Hindi
Structure of Operating System in Hindi
Layers Design of Structure in Hindi
Unix in Hindi
Virtual Machine in Hindi
Kernel-Based Operating System in Hindi
Process Concept in Hindi
Interacting Processes in Hindi
Threads in Hindi
Fundamental of Schedulling in Hindi
Scheduling Criteria in Hindi
Long Medium Short Term Scheduling in Hindi
Scheduling Algorithms in Hindi
Structure of Concurrent System in Hindi
Critical Region in Hindi
Critical Section in Hindi
Inter process Communication in Hindi
Monitor in Hindi
Semaphores in Hindi
Semaphores Implementation & Uses in Hindi
Logical and Physical Address in Hindi
Swapping in Hindi
Contiguous Allocation in Hindi
Segmentation in Hindi
Paging in Hindi
Paging with Segmentation in Hindi
kernel Memory Allocation in Hindi
Page Replacement Algorithms in Hindi
Virtual Memory in Hindi
Virtual Memory with demand Paging in Hindi
Deadlock & Characterization in Hindi
Methods for Handling Deadlocks in Hindi
Deadlock Thrashing in Hindi
Allocation of Frames in Hindi
Virtual Memory using Segmentation in Hindi
Interprocess Communication protocol in Hindi
Network Operating System in Hindi
Design Issues in Distributed File System in Hindi
Network Structure in Hindi
File System and Coordination in Hindi
Linux in Hindi
Commands of Linux in Hindi | लिनक्स के कमांड्स हिंदी में
Programmer Interface & File manipulation in Hindi
Process control in Linux in Hindi
Linux Kernel & Signals in Hindi
File System in Linux in Hindi
block & inodes in Hindi
System Editor in Hindi
Character Transliteration in Hindi
ED in Hindi
Vi Editor & There Commands in Hindi
Shell Script in Hindi
Looping & Decision Making in Hindi
Variables & File name Expansion in Hindi
Array in Hindi OS
Sub Program in Hindi
C interface with Linux in Hindi
Simpel Shell Programs in Hindi
BCA Part-1 | Operating Systems | Semester-I | MDSU Exam Paper 2023 (Held in 2024)
What is Operating System (OS) in Hindi
Operating System (OS) All Important Questions and Answers in Hindi (MDSU)
BCA || Operating System 2025 Paper || MDSU Exam Paper
BCA | OS(Operating System) 2023 Paper | MDSU Exam Paper
Type of Operating System in Hindi
Goals of Operating System in Hindi
Operation of Operating system in Hindi
Resource Allocation & Functions in Hindi
class of Operating system in Hindi
Batch Processing in Hindi
Multi Processing in Hindi
Time Sharing in Hindi