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kernel Memory Allocation in Hindi

Kernel Memory Allocation in Operating System in Hindi | ऑपरेटिंग सिस्टम में  कर्नल मेमोरी आवंटन हिंदी में  : 


  • किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम में कर्नल (Kernel) उसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह सिस्टम हार्डवेयर और उपयोगकर्ता अनुप्रयोगों (User Applications) के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है। कर्नल का मुख्य कार्य विभिन्न संसाधनों का प्रबंधन करना है,
  •  जिसमें मेमोरी मैनेजमेंट (Memory Management) एक प्रमुख भूमिका निभाता है। कर्नल को खुद भी मेमोरी की आवश्यकता होती है ताकि वह सिस्टम के विभिन्न कार्यों को सुचारू रूप से पूरा कर सके। यह मेमोरी कर्नल मेमोरी (Kernel Memory) कहलाती है, और इसे प्रबंधित करने की प्रक्रिया को कर्नल मेमोरी आवंटन (Kernel Memory Allocation) कहा जाता है।
  • कर्नल मेमोरी आवंटन एक जटिल लेकिन महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो ऑपरेटिंग सिस्टम के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक है। विभिन्न तकनीकों का उपयोग करके कर्नल मेमोरी का कुशलता से प्रबंधन करता है, जिससे सिस्टम की दक्षता और प्रदर्शन में सुधार होता है।

इस लेख में, हम कर्नल मेमोरी आवंटन के कार्य, इसकी ज़रूरत, इसके प्रकार और तकनीकों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

Importance of Kernel Memory Allocation in Operating System in Hindi | कर्नल मेमोरी आवंटन का महत्व :  

  • कर्नल मेमोरी आवंटन का मुख्य उद्देश्य कर्नल और उसके विभिन्न घटकों को सही प्रकार से मेमोरी उपलब्ध कराना है ताकि वह सिस्टम के विभिन्न कार्यों को पूरा कर सके, जैसे कि:
  • प्रक्रियाओं का प्रबंधन (Process Management):कर्नल विभिन्न प्रक्रियाओं को निष्पादित करता है और उन्हें नियंत्रित करने के लिए मेमोरी का प्रबंधन करता है।
  • हार्डवेयर उपकरणों का प्रबंधन (Hardware Device Management):कर्नल मेमोरी का उपयोग विभिन्न हार्डवेयर उपकरणों, जैसे डिस्क ड्राइव, नेटवर्क कार्ड, और इनपुट-आउटपुट डिवाइस को नियंत्रित करने के लिए करता है।
  • फाइल सिस्टम का प्रबंधन (File System Management):कर्नल फाइल सिस्टम को नियंत्रित करता है, जिसके लिए उसे मेमोरी की आवश्यकता होती है।
  • मेमोरी प्रोटेक्शन और वर्चुअल मेमोरी (Memory Protection and Virtual Memory):कर्नल वर्चुअल मेमोरी और मेमोरी प्रोटेक्शन को सुनिश्चित करता है ताकि एक प्रक्रिया दूसरी प्रक्रिया की मेमोरी में दखल न कर सके।
  • इन सभी कार्यों को पूरा करने के लिए कर्नल को अपने लिए मेमोरी की आवश्यकता होती है, और इसे कुशलता से प्रबंधित करने के लिए कर्नल मेमोरी आवंटन तकनीकों का उपयोग किया जाता है।

Types of Kernel Memory Allocation in Operating System in Hindi | कर्नल मेमोरी आवंटन के प्रकार : 

 स्थैतिक आवंटन (Static Allocation) : स्थैतिक आवंटन में मेमोरी आवंटन पहले से तय होता है। यह प्रणाली बूट अप (Boot-up) के समय कर्नल के लिए एक निश्चित मात्रा में मेमोरी आवंटित करती है, और उस मेमोरी का उपयोग पूरे सिस्टम के संचालन के दौरान किया जाता है।
इसके लाभ यह हैं कि यह सरल और तेज़ है, लेकिन इसकी एक प्रमुख सीमा है कि अगर कर्नल को अधिक मेमोरी की आवश्यकता होती है तो इसे बढ़ाया नहीं जा सकता।

 गतिशील आवंटन (Dynamic Allocation): इस प्रकार के आवंटन में कर्नल को आवश्यकतानुसार मेमोरी आवंटित की जाती है। जब कर्नल को किसी विशेष कार्य के लिए अधिक मेमोरी की आवश्यकता होती है, तो उसे उस समय मेमोरी दी जाती है और जब वह कार्य समाप्त हो जाता है, तो वह मेमोरी वापस ले ली जाती है।
गतिशील आवंटन अधिक लचीला और कुशल होता है क्योंकि यह मेमोरी के बेहतर उपयोग की अनुमति देता है। इसका मुख्य लाभ यह है कि जब भी कर्नल को अधिक मेमोरी की आवश्यकता होती है, वह उसे प्राप्त कर सकता है।

 बफर कैश (Buffer Cache): बफर कैश एक महत्वपूर्ण प्रकार का कर्नल मेमोरी आवंटन है, जिसका उपयोग डिस्क और अन्य धीमे स्टोरेज उपकरणों के बीच डेटा स्थानांतरण के लिए किया जाता है। बफर कैश मेमोरी में अस्थायी रूप से डेटा को स्टोर करता है, जिससे डेटा को तेजी से एक्सेस किया जा सके।

 स्लैब आवंटन (Slab Allocation): स्लैब आवंटन कर्नल मेमोरी आवंटन की एक विशेष तकनीक है, जिसका उपयोग ओब्जेक्ट कैशिंग (Object Caching) के लिए किया जाता है। इसमें कर्नल उन डेटा स्ट्रक्चर के लिए पहले से मेमोरी रिज़र्व करता है जो बार-बार उपयोग में आते हैं। इसका फायदा यह होता है कि बार-बार एक ही प्रकार की मेमोरी को आवंटित और रिलीज़ करने की आवश्यकता नहीं होती।
यह तरीका सिस्टम के प्रदर्शन को बढ़ाता है और आवंटन समय को कम करता है।

Techniques of Kernel Memory Allocation in Operating System in Hindi | कर्नल मेमोरी आवंटन की तकनीकें : 

1. बडी सिस्टम (Buddy System): बडी सिस्टम एक पारंपरिक कर्नल मेमोरी आवंटन तकनीक है, जिसमें मेमोरी को पॉवर ऑफ़ 2 साइज में विभाजित किया जाता है। इसमें मेमोरी को छोटे हिस्सों में विभाजित किया जाता है और आवंटन के लिए आवश्यक आकार की तलाश की जाती है।
यदि अनुरोधित मेमोरी से बड़ा कोई ब्लॉक उपलब्ध हो तो इसे दो समान हिस्सों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें "बडी" कहा जाता है।
इसका मुख्य लाभ यह है कि यह मेमोरी आवंटन को सरल और तेज़ बनाता है, लेकिन इसका नुकसान यह है कि यह आंतरिक फ्रेगमेंटेशन (Internal Fragmentation) की समस्या पैदा कर सकता है।

2. स्लैब आवंटक (Slab Allocator): यह तकनीक विशेष रूप से उन डेटा संरचनाओं के लिए उपयोग की जाती है जो बार-बार उत्पन्न और नष्ट होती हैं।
स्लैब आवंटक में मेमोरी को स्लैब्स नामक इकाइयों में विभाजित किया जाता है, और जब भी किसी प्रक्रिया को मेमोरी की आवश्यकता होती है, तो उसे स्लैब्स से मेमोरी प्रदान की जाती है।
इस तकनीक का मुख्य लाभ यह है कि यह मेमोरी आवंटन और डीलोकेशन के समय को कम करता है और मेमोरी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करता है।

3. पेजिंग (Paging): पेजिंग एक अन्य मेमोरी आवंटन तकनीक है जिसका उपयोग वर्चुअल मेमोरी सिस्टम में किया जाता है। कर्नल पेजिंग का उपयोग तब करता है जब उसे भौतिक मेमोरी से अधिक मेमोरी की आवश्यकता होती है। इसमें मेमोरी को छोटे पृष्ठों (Pages) में विभाजित किया जाता है, जिन्हें भौतिक मेमोरी में लोड किया जाता है।
पेजिंग का लाभ यह है कि यह मेमोरी का कुशल प्रबंधन करता है, लेकिन इसके कारण पेज फॉल्ट्स (Page Faults) हो सकते हैं, जिससे प्रदर्शन में देरी हो सकती है।

Advantages of Kernel Memory Allocation in Operating System in Hindi | कर्नल मेमोरी आवंटन के लाभ : 

1. मेमोरी का प्रभावी उपयोग (Efficient Memory Utilization): कर्नल मेमोरी आवंटन के विभिन्न तकनीकों के कारण मेमोरी का कुशलता से उपयोग होता है। यह सुनिश्चित करता है कि मेमोरी का अधिकतम उपयोग किया जा सके और किसी भी प्रक्रिया को आवश्यकतानुसार मेमोरी उपलब्ध हो।

2. बेहतर प्रदर्शन (Improved Performance): मेमोरी आवंटन की तकनीकों जैसे स्लैब आवंटक और बडी सिस्टम से कर्नल के प्रदर्शन में सुधार होता है। मेमोरी को जल्दी और कुशलता से आवंटित और रिलीज़ किया जाता है, जिससे सिस्टम तेज़ी से काम करता है।

3. मल्टीटास्किंग का समर्थन (Support for Multitasking): कर्नल मेमोरी आवंटन विभिन्न प्रक्रियाओं को एक साथ चलाने की अनुमति देता है, जिससे मल्टीटास्किंग संभव हो पाता है। यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक प्रक्रिया को आवश्यक मेमोरी समय पर मिले।

4. मेमोरी प्रोटेक्शन (Memory Protection):कर्नल मेमोरी आवंटन तकनीकें सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं, जिससे एक प्रक्रिया दूसरी प्रक्रिया की मेमोरी में दखल न कर सके। यह मेमोरी सुरक्षा और सिस्टम की स्थिरता को बनाए रखता है।

Disadvantages of Kernel Memory Allocation in Operating System in Hindi | कर्नल मेमोरी आवंटन की सीमाएँ : 

1. जटिलता (Complexity):कर्नल मेमोरी आवंटन की तकनीकें, जैसे बडी सिस्टम और स्लैब आवंटक, जटिल हो सकती हैं। इससे डेवलपर्स के लिए इसे समझना और प्रबंधित करना कठिन हो सकता है।
2. ओवरहेड (Overhead):कर्नल मेमोरी आवंटन में कुछ ओवरहेड हो सकता है, जैसे कि पेज फॉल्ट्स या आंतरिक फ्रेगमेंटेशन। इससे सिस्टम के प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
3. मेमोरी फ्रेगमेंटेशन (Memory Fragmentation):बडी सिस्टम जैसी तकनीकों में आंतरिक फ्रेगमेंटेशन की समस्या होती है, जिससे मेमोरी का उपयोग पूरी तरह से नहीं हो पाता।

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