BCA / B.Tech 9 min read

Paging with Segmentation in Hindi

Paging with Segmentation in Operating System in Hindi | पेजिंग और सेगमेंटेशन : 


  • मेमोरी मैनेजमेंट (Memory Management) में पेजिंग और सेगमेंटेशन दोनों तकनीकों का उपयोग किया जाता है ताकि प्रक्रिया (Process) की मेमोरी को मुख्य मेमोरी (Main Memory) में प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सके। लेकिन पेजिंग और सेगमेंटेशन की अपनी सीमाएँ हैं।
  •  इसलिए, कुछ सिस्टम्स में इन दोनों तकनीकों का संयोजन किया जाता है जिसे पेजिंग के साथ सेगमेंटेशन (Paging with Segmentation) कहते हैं। यह मेमोरी मैनेजमेंट की एक उन्नत तकनीक है, 
  • जो पेजिंग और सेगमेंटेशन दोनों की ताकतों का उपयोग करके मेमोरी आवंटन और मेमोरी एक्सेस को बेहतर बनाती है।
  • पेजिंग और सेगमेंटेशन का संयोजन एक शक्तिशाली मेमोरी मैनेजमेंट तकनीक है जो प्रक्रियाओं की मेमोरी को कुशलता से प्रबंधित करने में मदद करता है। यह बाहरी फ्रेगमेंटेशन और जटिल अनुवाद समस्याओं को हल करने के लिए सेगमेंटेशन और पेजिंग दोनों की सर्वोत्तम विशेषताओं का उपयोग करता है।
 हालाँकि, इसकी जटिलता और ओवरहेड कुछ सीमाएँ उत्पन्न कर सकते हैं, लेकिन यह बड़ी और जटिल प्रणालियों के लिए एक प्रभावी समाधान साबित होता है।


Combination of Paging and Segmentation in Operating System in Hindi | पेजिंग और सेगमेंटेशन का संयोजन : 

  • पेजिंग और सेगमेंटेशन दोनों तकनीकों की कुछ कमियाँ हैं। उदाहरण के लिए, पेजिंग में तर्कसंगत (Logical) और भौतिक (Physical) मेमोरी के बीच का संबंध टूट जाता है क्योंकि एक प्रक्रिया के पृष्ठ (Pages) भौतिक मेमोरी के अलग-अलग फ्रेम्स में रखे जा सकते हैं। दूसरी ओर, सेगमेंटेशन में बाहरी फ्रेगमेंटेशन (External Fragmentation) की समस्या होती है क्योंकि मेमोरी के बड़े खंडों को आवंटित करने के लिए पर्याप्त जगह हमेशा उपलब्ध नहीं हो सकती है।
  • इस समस्या का समाधान पेजिंग के साथ सेगमेंटेशन में मिलता है। इस तकनीक में, पूरी प्रक्रिया को पहले छोटे सेगमेंट्स में विभाजित किया जाता है और फिर प्रत्येक सेगमेंट को पृष्ठों में विभाजित किया जाता है। इस प्रकार, एक प्रक्रिया को पहले सेगमेंट्स में विभाजित किया जाता है और हर सेगमेंट में पेजिंग का उपयोग करके उसे भौतिक मेमोरी में लोड किया जाता है।
  • पेजिंग और सेगमेंटेशन का संयोजन इस प्रकार काम करता है:
  • प्रक्रिया विभाजन (Process Division): प्रक्रिया को सबसे पहले कई सेगमेंट्स में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक सेगमेंट तर्कसंगत रूप से एक विशेष कार्य या डेटा का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि कोड सेगमेंट, डेटा सेगमेंट, स्टैक सेगमेंट आदि।
  • पृष्ठ विभाजन (Page Division): फिर, प्रत्येक सेगमेंट को छोटे-छोटे पृष्ठों (Pages) में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक पृष्ठ का एक निश्चित आकार होता है, जैसे कि 4KB या 8KB। यह पेजिंग प्रक्रिया का हिस्सा है।
  • अनुवाद (Translation):प्रत्येक सेगमेंट का एक सेगमेंट टेबल (Segment Table) होता है, जो उस सेगमेंट के पृष्ठों की जानकारी रखता है।
  • फिर, प्रत्येक पृष्ठ का एक पेज टेबल (Page Table) होता है, जो उस पृष्ठ के फ्रेम का पता देता है।
  • जब एक प्रक्रिया को मेमोरी एक्सेस की आवश्यकता होती है, तो सबसे पहले सेगमेंट टेबल के माध्यम से संबंधित सेगमेंट की पहचान की जाती है। इसके बाद, उस सेगमेंट के पृष्ठों की जानकारी पेज टेबल से प्राप्त की जाती है और फिर पृष्ठों को भौतिक मेमोरी के फ्रेम्स में मैप किया जाता है।

How Paging with Segmentation Works in Operating System in Hindi | पेजिंग के साथ सेगमेंटेशन का कार्य : 

वर्चुअल एड्रेसिंग (Virtual Addressing) में, पेजिंग और सेगमेंटेशन को एक साथ इस्तेमाल करने के लिए एड्रेस को दो भागों में विभाजित किया जाता है:

  • सेगमेंट नंबर (Segment Number): वर्चुअल एड्रेस के इस भाग से पता चलता है कि प्रक्रिया का कौन सा सेगमेंट एक्सेस किया जा रहा है।
  • पेज नंबर (Page Number): सेगमेंट के अंदर, इस भाग से पता चलता है कि कौन सा पृष्ठ एक्सेस किया जा रहा है।
  • ऑफसेट (Offset): यह पेज के अंदर का सही पता दर्शाता है।
  • उदाहरण के लिए, अगर एक वर्चुअल एड्रेस दिया गया है जिसमें 16-बिट का सेगमेंट नंबर है और 16-बिट का पेज नंबर है, तो पहले सेगमेंट टेबल के माध्यम से सेगमेंट को देखा जाएगा और फिर उस सेगमेंट के पेज टेबल के माध्यम से सही पृष्ठ और फ्रेम की जानकारी प्राप्त की जाएगी।

 Advantages of Paging with Segmentation in Operating System in Hindi | पेजिंग और सेगमेंटेशन के संयोजन के लाभ :

1. फ्रेगमेंटेशन की समस्या का समाधान (Solution to Fragmentation Problem):सेगमेंटेशन में बाहरी फ्रेगमेंटेशन की समस्या हो सकती है, लेकिन पेजिंग के साथ इसे हल किया जा सकता है क्योंकि प्रत्येक सेगमेंट के पृष्ठों को छोटे-छोटे फ्रेम्स में विभाजित किया जाता है।

2. मेमोरी का बेहतर प्रबंधन (Better Memory Management): पेजिंग के साथ सेगमेंटेशन में मेमोरी को छोटे-छोटे पृष्ठों और सेगमेंट्स में विभाजित किया जाता है, जिससे मेमोरी का बेहतर उपयोग होता है और इसे अधिक कुशलता से प्रबंधित किया जा सकता है।

3. लॉजिकल और फिजिकल मेमोरी का संबंध (Logical and Physical Memory Relationship): सेगमेंटेशन से प्रक्रिया की लॉजिकल संरचना को बनाए रखने में मदद मिलती है, जबकि पेजिंग से भौतिक मेमोरी के प्रबंधन को आसान बनाया जाता है। इससे लॉजिकल और फिजिकल मेमोरी के बीच का संबंध स्पष्ट रहता है।

4. वर्चुअल मेमोरी के समर्थन (Support for Virtual Memory): पेजिंग और सेगमेंटेशन दोनों ही वर्चुअल मेमोरी सिस्टम को समर्थन देते हैं, जिससे बड़ी प्रक्रियाओं को सीमित मुख्य मेमोरी में निष्पादित किया जा सकता है।

5. प्रक्रिया का बेहतर पृथक्करण (Better Process Separation): सेगमेंटेशन के माध्यम से, प्रक्रिया के विभिन्न भाग जैसे कोड, डेटा और स्टैक को अलग-अलग सेगमेंट्स में विभाजित किया जा सकता है। इससे प्रक्रिया के हिस्सों का बेहतर पृथक्करण होता है और इसे आसानी से प्रबंधित किया जा सकता है।


Disadvantages of Paging with Segmentation in Operating System in Hindi | पेजिंग और सेगमेंटेशन के संयोजन की सीमाएँ : 

1. जटिलता (Complexity):पेजिंग के साथ सेगमेंटेशन की प्रक्रिया जटिल हो जाती है क्योंकि इसमें दो प्रकार की डेटा संरचनाओं (सेगमेंट टेबल और पेज टेबल) को बनाए रखना होता है। इससे अनुवाद (Translation) की प्रक्रिया धीमी हो सकती है।

2. ओवरहेड (Overhead):पेज टेबल और सेगमेंट टेबल को मुख्य मेमोरी में स्टोर करने के लिए अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता होती है, जिससे मेमोरी पर ओवरहेड बढ़ जाता है।

3. प्रदर्शन पर प्रभाव (Impact on Performance):पेज टेबल और सेगमेंट टेबल के कारण अनुवाद में अधिक समय लग सकता है, जिससे प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से बड़े सिस्टम्स में जहाँ कई सेगमेंट्स और पृष्ठ होते हैं।

4. पेज फॉल्ट और सेगमेंटेशन फॉल्ट (Page Fault and Segmentation Faults):पेजिंग और सेगमेंटेशन के संयोजन में, पेज फॉल्ट और सेगमेंटेशन फॉल्ट की संभावना बढ़ जाती है, जिससे मेमोरी एक्सेस में देरी हो सकती है।


Example of Paging with Segmentation in Operating System in Hindi | पेजिंग और सेगमेंटेशन का उदाहरण : 

मान लीजिए कि एक प्रणाली में किसी प्रक्रिया की वर्चुअल मेमोरी को तीन सेगमेंट्स में विभाजित किया गया है:

  • सेगमेंट 0: कोड सेगमेंट
  • सेगमेंट 1: डेटा सेगमेंट
  • सेगमेंट 2: स्टैक सेगमेंट
प्रत्येक सेगमेंट को फिर पृष्ठों में विभाजित किया जाता है, जैसे:

  • सेगमेंट 0 में 4 पृष्ठ हैं, जो मुख्य मेमोरी के फ्रेम्स में स्टोर किए गए हैं।
  • सेगमेंट 1 में 3 पृष्ठ हैं, जिन्हें मुख्य मेमोरी के अन्य फ्रेम्स में लोड किया गया है।
  • सेगमेंट 2 में 2 पृष्ठ हैं, जो विभिन्न फ्रेम्स में संग्रहीत हैं।

  • जब एक प्रक्रिया को किसी वर्चुअल एड्रेस से मेमोरी एक्सेस करने की आवश्यकता होती है, तो सबसे पहले वर्चुअल एड्रेस को सेगमेंट टेबल के माध्यम से देखा जाता है। फिर, उस सेगमेंट के पेज टेबल के माध्यम से संबंधित पृष्ठ का फ्रेम नंबर प्राप्त किया जाता है और उसे भौतिक मेमोरी में मैप किया जाता है।

In this Chapter

Paging with Segmentation in Hindi
Distributed System in Hindi
Real Time System in Hindi
System Calls in Hindi
System Program in Hindi
Structure of Operating System in Hindi
Layers Design of Structure in Hindi
Unix in Hindi
Virtual Machine in Hindi
Kernel-Based Operating System in Hindi
Process Concept in Hindi
Interacting Processes in Hindi
Threads in Hindi
Fundamental of Schedulling in Hindi
Scheduling Criteria in Hindi
Long Medium Short Term Scheduling in Hindi
Scheduling Algorithms in Hindi
Structure of Concurrent System in Hindi
Critical Region in Hindi
Critical Section in Hindi
Inter process Communication in Hindi
Monitor in Hindi
Semaphores in Hindi
Semaphores Implementation & Uses in Hindi
Logical and Physical Address in Hindi
Swapping in Hindi
Contiguous Allocation in Hindi
Segmentation in Hindi
Paging in Hindi
kernel Memory Allocation in Hindi
Page Replacement Algorithms in Hindi
Virtual Memory in Hindi
Virtual Memory with demand Paging in Hindi
Deadlock & Characterization in Hindi
Methods for Handling Deadlocks in Hindi
Deadlock Thrashing in Hindi
Allocation of Frames in Hindi
Virtual Memory using Segmentation in Hindi
Interprocess Communication protocol in Hindi
Network Operating System in Hindi
Design Issues in Distributed File System in Hindi
Network Structure in Hindi
Structure Distributed System in Hindi
File System and Coordination in Hindi
Linux in Hindi
Commands of Linux in Hindi | लिनक्स के कमांड्स हिंदी में
Programmer Interface & File manipulation in Hindi
Process control in Linux in Hindi
Linux Kernel & Signals in Hindi
File System in Linux in Hindi
block & inodes in Hindi
System Editor in Hindi
Character Transliteration in Hindi
ED in Hindi
Vi Editor & There Commands in Hindi
Shell Script in Hindi
Looping & Decision Making in Hindi
Variables & File name Expansion in Hindi
Array in Hindi OS
Sub Program in Hindi
C interface with Linux in Hindi
Simpel Shell Programs in Hindi
BCA Part-1 | Operating Systems | Semester-I | MDSU Exam Paper 2023 (Held in 2024)
What is Operating System (OS) in Hindi
Operating System (OS) All Important Questions and Answers in Hindi (MDSU)
BCA || Operating System 2025 Paper || MDSU Exam Paper
BCA | OS(Operating System) 2023 Paper | MDSU Exam Paper
Type of Operating System in Hindi
Goals of Operating System in Hindi
Operation of Operating system in Hindi
Resource Allocation & Functions in Hindi
class of Operating system in Hindi
Batch Processing in Hindi
Multi Processing in Hindi
Time Sharing in Hindi