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Distributed System in Hindi

Distributed System in Operating System in Hindi |  ऑपरेटिंग सिस्टम में डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम हिंदी में :


डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम (Distributed System) एक प्रकार की कंप्यूटर प्रणाली है जिसमें विभिन्न स्वतंत्र कंप्यूटरों का एक नेटवर्क एक साथ काम करता है ताकि वे एक संयुक्त उद्देश्य को प्राप्त कर सकें। यह सिस्टम उपयोगकर्ताओं को एक ही समय में कई मशीनों का उपयोग करने की अनुमति देता है, जिससे उन्हें यह प्रतीत होता है कि वे केवल एक कंप्यूटर के साथ काम कर रहे हैं। डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग, अधिक कार्यक्षमता और उच्च प्रदर्शन सुनिश्चित करना है।

डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में अलग-अलग कंप्यूटर, जिन्हें नोड्स (Nodes) कहा जाता है, आपस में जुड़े होते हैं और वे एक ही नेटवर्क पर स्थित होते हैं। प्रत्येक नोड स्वतंत्र रूप से काम करता है, लेकिन वे आपस में तालमेल रखते हुए एक संगठित प्रणाली के रूप में कार्य करते हैं। यह प्रणाली संसाधनों को साझा करने और एक बड़े जटिल कार्य को छोटे-छोटे कार्यों में विभाजित करके तेज़ी से पूरा करने में मदद करती है।

डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम आधुनिक कंप्यूटिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो संसाधनों को साझा करने, कार्यक्षमता बढ़ाने, और जटिल कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद करता है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न नोड्स के बीच तालमेल स्थापित करके उन्हें एक संगठित प्रणाली के रूप में कार्य करने के लिए सक्षम बनाना है। हालाँकि इसमें कुछ चुनौतियाँ भी होती हैं, जैसे कि नेटवर्क की विश्वसनीयता और सुरक्षा, लेकिन इसके लाभ, जैसे कि बेहतर प्रदर्शन, स्केलेबिलिटी, और संसाधनों का कुशल उपयोग, इसे एक शक्तिशाली और महत्वपूर्ण प्रणाली बनाते हैं।


Definition of Distributed System | ऑपरेटिंग सिस्टम में डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम की परिभाषा  :

डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें कई स्वतंत्र कंप्यूटर एक नेटवर्क के माध्यम से जुड़े होते हैं और वे एक संगठित प्रणाली के रूप में कार्य करते हैं। इन कंप्यूटरों का मुख्य उद्देश्य एक साथ मिलकर संसाधनों को साझा करना, बड़ी समस्याओं को हल करना और उपयोगकर्ताओं को यह अनुभव कराना है कि वे केवल एक ही कंप्यूटर के साथ काम कर रहे हैं।

Components of Distributed System in Operating System in Hindi | ऑपरेटिंग सिस्टम में डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम के घटक :

  • नोड्स (Nodes) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में कई कंप्यूटर होते हैं जिन्हें नोड्स कहा जाता है। प्रत्येक नोड एक स्वतंत्र इकाई होती है और यह किसी भी प्रकार का कंप्यूटर हो सकता है, जैसे कि सर्वर, क्लाइंट या डिवाइस। सभी नोड्स एक साथ मिलकर काम करते हैं।
  • संचार नेटवर्क (Communication Network) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में सभी नोड्स को एक नेटवर्क के माध्यम से आपस में जोड़ा जाता है। यह नेटवर्क इंटरनेट, लोकल एरिया नेटवर्क (LAN), या वाइड एरिया नेटवर्क (WAN) हो सकता है। सभी नोड्स एक-दूसरे से डेटा और संसाधन साझा करने के लिए इस नेटवर्क का उपयोग करते हैं।
  • मिडलवेयर (Middleware) : मिडलवेयर डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम के लिए एक सॉफ्टवेयर परत होती है जो नोड्स के बीच संचार और संसाधन प्रबंधन को आसान बनाती है। यह सॉफ्टवेयर विभिन्न नोड्स के बीच तालमेल स्थापित करता है ताकि वे प्रभावी ढंग से एक साथ काम कर सकें।
  • संसाधन प्रबंधन (Resource Management) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में संसाधनों का प्रबंधन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। विभिन्न नोड्स को उनके संसाधन जैसे प्रोसेसिंग पॉवर, मेमोरी और स्टोरेज को साझा करने की आवश्यकता होती है ताकि कार्यों को कुशलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

Types of Distributed System  in Operating System in Hindi | डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम के प्रकार :

  • क्लाइंट-सर्वर मॉडल (Client-Server Model) : इस मॉडल में दो प्रकार के नोड्स होते हैं: क्लाइंट और सर्वर। सर्वर नोड्स मुख्य रूप से डेटा और संसाधनों को संग्रहित करते हैं, जबकि क्लाइंट नोड्स सर्वर से इन संसाधनों तक पहुँचने के लिए अनुरोध भेजते हैं। सर्वर क्लाइंट की जरूरतों को पूरा करता है और डेटा प्रदान करता है।
  • पीयर-टू-पीयर मॉडल (Peer-to-Peer Model) : इस मॉडल में सभी नोड्स समान होते हैं और कोई भी नोड विशेष रूप से सर्वर नहीं होता। सभी नोड्स एक-दूसरे के साथ सीधे संवाद कर सकते हैं और संसाधनों को साझा कर सकते हैं। प्रत्येक नोड क्लाइंट और सर्वर दोनों के रूप में कार्य करता है।
  • डिस्ट्रीब्यूटेड कंप्यूटिंग सिस्टम (Distributed Computing System) : इस प्रकार के सिस्टम में विभिन्न कंप्यूटरों को एक साथ मिलकर एक जटिल समस्या को हल करने के लिए उपयोग किया जाता है। प्रत्येक कंप्यूटर समस्या के एक हिस्से को हल करता है और परिणाम को साझा करता है।
  • डिस्ट्रीब्यूटेड डेटाबेस सिस्टम (Distributed Database System) : इस सिस्टम में डेटा विभिन्न नोड्स में वितरित होता है और यह उपयोगकर्ताओं को यह सुविधा प्रदान करता है कि वे किसी भी नोड से डेटा तक पहुँच सकते हैं। डेटा को वितरित करने से सिस्टम की कार्यक्षमता और दक्षता बढ़ती है।
  • डिस्ट्रीब्यूटेड फाइल सिस्टम (Distributed File System) : इस प्रकार के सिस्टम में फाइलें विभिन्न नोड्स पर वितरित की जाती हैं, लेकिन उपयोगकर्ताओं को यह लगता है कि सभी फाइलें एक ही स्थान पर हैं। यह उपयोगकर्ताओं को डेटा तक तेजी से पहुँचने की अनुमति देता है।

Advantages of Distributed System  in Operating System in Hindi  | ऑपरेटिंग सिस्टम में डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम के लाभ :

  • बेहतर प्रदर्शन (Improved Performance) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में कई नोड्स एक साथ काम करते हैं, जिससे जटिल कार्यों को विभाजित करके तेजी से पूरा किया जा सकता है। इससे सिस्टम का प्रदर्शन बेहतर होता है और कार्यों को जल्दी निष्पादित किया जा सकता है।
  • संसाधन साझाकरण (Resource Sharing) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में नोड्स एक-दूसरे के साथ संसाधन साझा कर सकते हैं, जैसे कि डेटा, प्रोसेसिंग पावर, और मेमोरी। इससे सिस्टम में संसाधनों का अधिकतम उपयोग होता है और वे उपयोगकर्ताओं के बीच साझा किए जा सकते हैं।
  • विफलता सहनशीलता (Fault Tolerance) : यदि डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम का कोई एक नोड विफल हो जाता है, तो अन्य नोड्स कार्य को जारी रख सकते हैं। इससे सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ती है और यह सुनिश्चित होता है कि पूरा सिस्टम एक नोड के फेल होने पर भी काम करता रहे।
  • स्केलेबिलिटी (Scalability) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम आसानी से विस्तार योग्य होते हैं। नए नोड्स को सिस्टम में जोड़ा जा सकता है, जिससे सिस्टम की क्षमता और कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है। यह विशेष रूप से बड़े संगठनों और सर्वर आधारित सिस्टमों के लिए महत्वपूर्ण है।
  • समानांतर प्रोसेसिंग (Parallel Processing) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में कई नोड्स एक ही समय में विभिन्न कार्यों को निष्पादित कर सकते हैं। इससे समानांतर प्रोसेसिंग की सुविधा मिलती है, जो जटिल और बड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद करती है।

Challenges of Distributed System in Operating System in Hindi डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम की चुनौतियाँ :

  • नेटवर्क की विश्वसनीयता (Network Reliability) : चूंकि डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में नोड्स आपस में नेटवर्क के माध्यम से जुड़े होते हैं, इसलिए नेटवर्क की विश्वसनीयता बहुत महत्वपूर्ण होती है। यदि नेटवर्क विफल हो जाता है या धीमा हो जाता है, तो नोड्स के बीच संचार बाधित हो सकता है और कार्यों में देरी हो सकती है।
  • सुरक्षा (Security) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में विभिन्न नोड्स पर डेटा वितरित होता है, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं। डेटा को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी सुरक्षा नीतियों और एन्क्रिप्शन का उपयोग करना आवश्यक होता है।
  • डेटा समन्वय (Data Coordination) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में डेटा विभिन्न स्थानों पर वितरित होता है। इस डेटा को समन्वयित करना और सुनिश्चित करना कि सभी नोड्स पर डेटा अद्यतित है, एक बड़ी चुनौती होती है।
  • सॉफ्टवेयर जटिलता (Software Complexity) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम का डिज़ाइन और प्रोग्रामिंग जटिल होता है, क्योंकि इसमें विभिन्न नोड्स के बीच समन्वय, डेटा साझा करना, और संसाधनों का प्रबंधन करना शामिल होता है। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर और प्रोटोकॉल की आवश्यकता होती है।
  • विफलता प्रबंधन (Failure Management) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम में एक नोड के विफल होने पर अन्य नोड्स को कार्य जारी रखना होता है। यह सुनिश्चित करना कि विफलता के बाद सिस्टम बिना किसी समस्या के चलता रहे, एक कठिन कार्य हो सकता है।

Applications of Distributed System in Operating System in Hindi | डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम के उपयोग :

  • वेब आधारित अनुप्रयोग (Web-Based Applications) : डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम का उपयोग बड़े वेब सर्वर और क्लाउड कंप्यूटिंग में किया जाता है, जहाँ कई सर्वर एक साथ मिलकर उपयोगकर्ताओं को सेवाएँ प्रदान करते हैं। यह सिस्टम की कार्यक्षमता और उपलब्धता को बढ़ाता है।
  • डेटाबेस सिस्टम (Database Systems) : बड़े डेटाबेस सिस्टमों में डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम का उपयोग किया जाता है ताकि डेटा को विभिन्न नोड्स पर वितरित किया जा सके और उपयोगकर्ता इसे तेज़ी से एक्सेस कर सकें।
  • वैज्ञानिक अनुप्रयोग (Scientific Applications) : वैज्ञानिक अनुसंधानों में बड़े और जटिल कार्यों को हल करने के लिए डिस्ट्रिब्यूटेड कंप्यूटिंग का उपयोग किया जाता है। इससे बड़ी मात्रा में डेटा को संसाधित करने और जटिल गणनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलती है।
  • ई-कॉमर्स और बैंकिंग (E-Commerce and Banking) : ई-कॉमर्स वेबसाइट और बैंकिंग सिस्टम डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम का उपयोग करते हैं ताकि वे अपने ग्राहकों को तेज और विश्वसनीय सेवाएँ प्रदान कर सकें। यह सिस्टम डेटा की सुरक्षा और उच्च प्रदर्शन सुनिश्चित करता है।
  • ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) : GPS एक प्रकार का डिस्ट्रिब्यूटेड सिस्टम है, जहाँ कई सैटेलाइट एक साथ मिलकर उपयोगकर्ताओं को सटीक स्थान प्रदान करते हैं। सभी सैटेलाइट्स आपस में समन्वयित रहते हैं और लगातार डेटा साझा करते हैं।

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