BCA / B.Tech 12 min read

Linux in Hindi

 Linux History in Operating System in Hindi | ऑपरेटिंग सिस्टम में लिनक्स का इतिहास हिंदी में  : 


लिनक्स (Linux) एक ओपन-सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे 1991 में लिनस टॉर्वाल्ड्स (Linus Torvalds) द्वारा विकसित किया गया था। लिनक्स आज के समय में कंप्यूटिंग की दुनिया में क्रांति का प्रतीक है और इसका उपयोग सर्वर, डेस्कटॉप, एम्बेडेड सिस्टम, और मोबाइल फोन 
जैसे विभिन्न प्रकार के उपकरणों में किया जाता है।

  • लिनक्स का इतिहास कंप्यूटिंग की दुनिया में एक क्रांति की कहानी है। इसकी ओपन-सोर्स फिलॉसफी और सहयोगी विकास प्रक्रिया ने इसे आधुनिक तकनीक का महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है।
  •  यूनिक्स से प्रेरणा लेकर और विभिन्न ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स के माध्यम से, लिनक्स ने कंप्यूटिंग की दुनिया को बदल दिया है।
  • लिनक्स का इतिहास यूनिक्स (Unix) पर आधारित है, जो एक बहु-कार्यशील और बहु-उपयोगकर्ता ऑपरेटिंग सिस्टम था। लिनक्स के विकास का उद्देश्य एक ऐसा सिस्टम बनाना था जो ओपन-सोर्स हो और उसे हर कोई संशोधित और उपयोग कर सके।

Early Development in Operating System in Hindi | प्रारंभिक विकास : 

1. यूनिक्स से प्रेरणा (Inspiration from Unix)

लिनक्स का इतिहास यूनिक्स से गहराई से जुड़ा हुआ है। यूनिक्स, 1970 के दशक में AT&T बेल लैब्स के द्वारा विकसित किया गया एक ऑपरेटिंग सिस्टम था। यूनिक्स अपने समय का एक उन्नत ऑपरेटिंग सिस्टम था और मुख्य रूप से बड़े सर्वरों और मेनफ्रेम कंप्यूटरों के लिए बनाया गया था।

  • 1970 का दशक: यूनिक्स का विकास किया गया और यह उच्च विश्वसनीयता और स्थिरता के लिए जाना गया। इसकी डिजाइन फिलॉसफी ने बाद के कई ऑपरेटिंग सिस्टमों को प्रभावित किया।
  • 1983: रिचर्ड स्टॉलमैन (Richard Stallman) ने GNU प्रोजेक्ट की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य एक फ्री यूनिक्स जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम का विकास करना था। GNU का मतलब "GNU's Not Unix" है।

2. मिनिक्स (Minix) का विकास :

1987 में, एंड्रयू एस. टैननबॉम (Andrew S. Tanenbaum) ने एक लाइटवेट यूनिक्स जैसी ऑपरेटिंग सिस्टम मिनिक्स (Minix) विकसित की, जिसे विशेष रूप से शैक्षिक उद्देश्यों के लिए बनाया गया था। 
  • मिनिक्स ओपन-सोर्स नहीं था, लेकिन यह लिनस टॉर्वाल्ड्स के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बना।
  • लिनस ने मिनिक्स का उपयोग करते हुए सीखा कि एक ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे काम करता है, और उन्हें यह महसूस हुआ कि वह इसे बेहतर बना सकते हैं। मिनिक्स के सीमाओं के कारण, उन्होंने एक नया ऑपरेटिंग सिस्टम कोड लिखने का निश्चय किया।

3. लिनक्स का जन्म (Birth of Linux) :

1991 में, जब लिनस टॉर्वाल्ड्स हेलसिंकी विश्वविद्यालय में कंप्यूटर विज्ञान के छात्र थे, उन्होंने एक छोटे और मुफ्त ऑपरेटिंग सिस्टम को विकसित करना शुरू किया।

  • उन्होंने मिनिक्स को रिप्लेस करने के उद्देश्य से एक नया ऑपरेटिंग सिस्टम कर्नेल (kernel) लिखा।
  • 25 अगस्त 1991 को, लिनस ने एक न्यूज़ग्रुप में अपनी परियोजना के बारे में घोषणा की और इसे ओपन-सोर्स के रूप में उपलब्ध कराया ताकि कोई भी इसे डाउनलोड कर सके, संशोधित कर सके और इसमें सुधार कर सके।
  • यह कर्नेल बाद में "लिनक्स" के नाम से जाना गया। GNU प्रोजेक्ट के साथ मिलकर, इसने एक पूर्ण ऑपरेटिंग सिस्टम का रूप लिया, जिसमें GNU टूल्स और यूटिलिटीज शामिल थे।

Evolution of Linux in Operating System in Hindi | लिनक्स का विकास : 

1. लिनक्स कर्नेल के संस्करण (Linux Kernel Versions) :

लिनस टॉर्वाल्ड्स ने अपनी पहली घोषणा के बाद, उन्होंने अन्य डेवलपर्स की मदद से कर्नेल का विकास जारी रखा। शुरुआती दिनों में लिनक्स कर्नेल एक साधारण सिस्टम था, लेकिन समय के साथ यह एक पूर्ण और अत्यधिक विश्वसनीय ऑपरेटिंग सिस्टम में विकसित हो गया।

  • Linux 0.01: यह कर्नेल का पहला संस्करण था, जो केवल लिनस टॉर्वाल्ड्स के कंप्यूटर पर चल सकता था। यह काफी बेसिक था और इसमें आधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम की अधिकांश सुविधाओं का अभाव था।
  • Linux 0.95 (1992): लिनक्स 0.95 के साथ यह पहला संस्करण था जो एक स्टेबल और मल्टी-यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम बन गया।
  • Linux 1.0 (1994): यह पहला आधिकारिक स्थिर संस्करण था, जिसमें TCP/IP सपोर्ट और नेटवर्किंग क्षमता शामिल थी, जिससे यह इंटरनेट सर्वर के रूप में उपयुक्त हो गया।
2. ओपन-सोर्स समुदाय का सहयोग (Open-Source Community Collaboration) :

  • लिनक्स की सबसे बड़ी ताकत इसका ओपन-सोर्स मॉडल था। लिनक्स के विकास में दुनिया भर के हजारों डेवलपर्स और प्रोग्रामर शामिल हो गए, 
  • जिन्होंने इसमें योगदान दिया और इसे बेहतर बनाया। ओपन-सोर्स होने के कारण, लिनक्स को तेजी से अपनाया गया और इसके विभिन्न संस्करण (डिस्ट्रिब्यूशंस) बनाए गए।
3. डिस्ट्रिब्यूशंस (Distributions) :

लिनक्स का कर्नेल ओपन-सोर्स था, लेकिन इसके साथ विभिन्न एप्लिकेशन्स, पैकेज मैनेजर, और यूटिलिटीज को जोड़कर डिस्ट्रिब्यूशन तैयार किए गए। विभिन्न कंपनियों और संगठनों ने अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कस्टम लिनक्स डिस्ट्रिब्यूशंस बनाए।

  • Debian (1993): एक पुराना और स्थिर डिस्ट्रिब्यूशन, जो आज भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
  • Red Hat (1995): व्यापारिक उपयोग के लिए उपयुक्त एक प्रसिद्ध डिस्ट्रिब्यूशन।
  • Ubuntu (2004): डेस्कटॉप उपयोगकर्ताओं के लिए एक उपयोगकर्ता-अनुकूल डिस्ट्रिब्यूशन।
  • हर डिस्ट्रिब्यूशन का अपना पैकेज मैनेजर और विशेषताएँ होती हैं, लेकिन सभी लिनक्स कर्नेल पर आधारित होते हैं।
4. व्यावसायिक उपयोग और सर्वर मार्केट में प्रवेश (Commercial Use and Entry into the Server Market) :

लिनक्स ने 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में सर्वर मार्केट में काफी लोकप्रियता हासिल की। इसका कारण था:

  • मुफ्त और ओपन-सोर्स: इसके कारण कंपनियों को महंगे ऑपरेटिंग सिस्टम लाइसेंस खरीदने की आवश्यकता नहीं थी।
  • विश्वसनीयता और सुरक्षा: लिनक्स एक अत्यधिक सुरक्षित और विश्वसनीय ऑपरेटिंग सिस्टम था, जो लंबे समय तक चलने वाली सेवाओं के लिए उपयुक्त था।
  • नेटवर्किंग समर्थन: लिनक्स में इनबिल्ट नेटवर्किंग सपोर्ट था, जो इसे सर्वर के रूप में उपयोग करने के लिए आदर्श बनाता था।
5. एंड्रॉइड का उदय (Rise of Android) :

  • लिनक्स कर्नेल का सबसे बड़ा उपयोग एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम में हुआ, जिसे गूगल ने 2008 में मोबाइल उपकरणों के लिए लॉन्च किया। 
  • एंड्रॉइड लिनक्स कर्नेल पर आधारित है, और आज यह दुनिया में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है।

Key Features of Linux in Operating System in Hindi | लिनक्स की विशेषताएँ : 

  •  ओपन-सोर्स (Open Source) : लिनक्स का कोड ओपन-सोर्स है, यानी कोई भी इसका उपयोग, संशोधन और वितरण कर सकता है।
  •  मल्टी-यूज़र (Multi-user) : लिनक्स एक मल्टी-यूज़र सिस्टम है, जिसमें कई उपयोगकर्ता एक साथ सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं।
  •  मल्टी-टास्किंग (Multi-tasking)  : यह कई प्रक्रियाओं को एक साथ चलाने में सक्षम है, जिससे सिस्टम का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होता है।
  •  सुरक्षा (Security) :लिनक्स को उच्च सुरक्षा के साथ डिज़ाइन किया गया है। इसमें यूज़र परमिशन, फायरवॉल, और एन्क्रिप्शन जैसी सुरक्षा सुविधाएँ होती हैं।
  •  पोर्टेबिलिटी (Portability) :लिनक्स को विभिन्न हार्डवेयर आर्किटेक्चर पर चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह कई प्रकार के उपकरणों पर चलता है।
  •  विस्तारशीलता (Scalability) : यह छोटे सिस्टम से लेकर बड़े सर्वर और सुपरकंप्यूटर तक आसानी से स्केल किया जा सकता है।

Current State of Linux in Operating System in Hindi | लिनक्स का वर्तमान :

आज लिनक्स का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में हो रहा है, जैसे:

  • सर्वर और डेटा सेंटर: लिनक्स आज अधिकांश इंटरनेट सर्वरों पर चलता है।
  • मोबाइल डिवाइस: एंड्रॉइड के कारण, लिनक्स दुनिया के अधिकांश स्मार्टफोन्स पर चलता है।
  • एंबेडेड सिस्टम: लिनक्स का उपयोग विभिन्न उपकरणों जैसे राउटर, स्मार्ट डिवाइस, और IoT में भी होता है।
  • डेस्कटॉप और लैपटॉप: कई उपयोगकर्ता और संगठन लिनक्स डेस्कटॉप संस्करणों का उपयोग करते हैं।

In this Chapter

Linux in Hindi
Distributed System in Hindi
Real Time System in Hindi
System Calls in Hindi
System Program in Hindi
Structure of Operating System in Hindi
Layers Design of Structure in Hindi
Unix in Hindi
Virtual Machine in Hindi
Kernel-Based Operating System in Hindi
Process Concept in Hindi
Interacting Processes in Hindi
Threads in Hindi
Fundamental of Schedulling in Hindi
Scheduling Criteria in Hindi
Long Medium Short Term Scheduling in Hindi
Scheduling Algorithms in Hindi
Structure of Concurrent System in Hindi
Critical Region in Hindi
Critical Section in Hindi
Inter process Communication in Hindi
Monitor in Hindi
Semaphores in Hindi
Semaphores Implementation & Uses in Hindi
Logical and Physical Address in Hindi
Swapping in Hindi
Contiguous Allocation in Hindi
Segmentation in Hindi
Paging in Hindi
Paging with Segmentation in Hindi
kernel Memory Allocation in Hindi
Page Replacement Algorithms in Hindi
Virtual Memory in Hindi
Virtual Memory with demand Paging in Hindi
Deadlock & Characterization in Hindi
Methods for Handling Deadlocks in Hindi
Deadlock Thrashing in Hindi
Allocation of Frames in Hindi
Virtual Memory using Segmentation in Hindi
Interprocess Communication protocol in Hindi
Network Operating System in Hindi
Design Issues in Distributed File System in Hindi
Network Structure in Hindi
Structure Distributed System in Hindi
File System and Coordination in Hindi
Commands of Linux in Hindi | लिनक्स के कमांड्स हिंदी में
Programmer Interface & File manipulation in Hindi
Process control in Linux in Hindi
Linux Kernel & Signals in Hindi
File System in Linux in Hindi
block & inodes in Hindi
System Editor in Hindi
Character Transliteration in Hindi
ED in Hindi
Vi Editor & There Commands in Hindi
Shell Script in Hindi
Looping & Decision Making in Hindi
Variables & File name Expansion in Hindi
Array in Hindi OS
Sub Program in Hindi
C interface with Linux in Hindi
Simpel Shell Programs in Hindi
BCA Part-1 | Operating Systems | Semester-I | MDSU Exam Paper 2023 (Held in 2024)
What is Operating System (OS) in Hindi
Operating System (OS) All Important Questions and Answers in Hindi (MDSU)
BCA || Operating System 2025 Paper || MDSU Exam Paper
BCA | OS(Operating System) 2023 Paper | MDSU Exam Paper
Type of Operating System in Hindi
Goals of Operating System in Hindi
Operation of Operating system in Hindi
Resource Allocation & Functions in Hindi
class of Operating system in Hindi
Batch Processing in Hindi
Multi Processing in Hindi
Time Sharing in Hindi