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What is Field in salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में फील्ड क्या है फ़िल्ड

What is Field in Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में फील्ड क्या है :

Salesforce में विभिन्न प्रकार के Fields उपलब्ध हैं, जो आपको डेटा को संग्रहीत, प्रबंधित और संरचित करने की सुविधा देते हैं। यहाँ Salesforce में उपयोग किए जाने वाले प्रमुख Field Types का विवरण दिया गया है

Types of Fields In Salesforce In Hindi | सेल्सफोर्स के प्रकार :

Text Fields  : 

  •    Text: सामान्य टेक्स्ट डेटा के लिए। इसमें आप किसी भी प्रकार के अक्षर, संख्याएँ, या विशेष वर्ण दर्ज कर सकते हैं। इसकी अधिकतम लंबाई 255 कैरेक्टर्स हो सकती है।
  •    Text Area: लंबा टेक्स्ट डेटा स्टोर करने के लिए। इसमें कई लाइनों में टेक्स्ट हो सकता है।
  •    Text Area (Long) :  32,768 कैरेक्टर्स तक लंबा टेक्स्ट स्टोर करने के लिए।
  •    Text Area (Rich) :  फॉर्मेटेड टेक्स्ट, जैसे बोल्ड, इटैलिक, और लिंक के साथ, स्टोर करने के लिए।
  •    Text (Encrypted): संवेदनशील टेक्स्ट डेटा को सुरक्षित रखने के लिए, जैसे कि सोशल सिक्योरिटी नंबर या क्रेडिट कार्ड नंबर। 
Number Fields  : 

  •    Number : संख्यात्मक डेटा के लिए, जैसे कि कर्मचारी की संख्या या किसी उत्पाद की मात्रा।
  •    Currency : मौद्रिक मूल्यों को संग्रहीत करने के लिए, जैसे कि कीमत या राजस्व।
  •    Percent : प्रतिशत मानों के लिए, जैसे किसी लक्ष्य का प्रतिशत पूरा होना।
  •    Auto Number :  Salesforce द्वारा स्वतः उत्पन्न एक अद्वितीय संख्या, जो प्रत्येक नए रिकॉर्ड के लिए क्रम से बढ़ती है।

Date/Time Fields :
  •    Date : केवल तारीख संग्रहीत करने के लिए।
  •    Date/Time : तारीख और समय दोनों संग्रहीत करने के लिए।

Picklist Fields :
  •    Picklist : प्री-डिफाइंड विकल्पों में से एक चयन करने के लिए, जैसे कि "Industry" या "Status"।
  •    Multi-Select Picklist :  एक से अधिक विकल्पों का चयन करने के लिए।

  • Checkbox : हाँ/ना या ट्रू/फॉल्स डेटा के लिए। यदि यह चेक किया गया है, तो यह "True" होगा; अन्यथा, "False" होगा।
  • Formula Fields : गणनाओं के परिणाम संग्रहीत करने के लिए। यह अन्य Fields के डेटा पर आधारित हो सकता है और रियल-टाइम में अपडेट होता है।
Lookup and Master-Detail Fields : 
  •    Lookup Relationship : यह दूसरे Object के रिकॉर्ड्स के साथ एक संबंध (लिंक) स्थापित करता है। उदाहरण के लिए, एक Contact रिकॉर्ड को एक Account रिकॉर्ड के साथ लिंक करना।
  •    Master-Detail Relationship : एक मजबूत रिलेशनशिप जो मास्टर (प्रमुख) और डिटेल (विवरण) रिकॉर्ड के बीच होती है। मास्टर रिकॉर्ड की डिलीशन के साथ डिटेल रिकॉर्ड भी डिलीट हो जाता है।

  • Geolocation : अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) के रूप में भौगोलिक स्थान डेटा को संग्रहीत करने के लिए।
  • Email : ईमेल एड्रेस को संग्रहीत करने के लिए, जिससे सुनिश्चित होता है कि इसमें एक वैध ईमेल फ़ॉर्मेट हो।
  • Phone Field : फ़ोन नंबर संग्रहीत करने के लिए, जिसमें विभिन्न फ़ोन नंबर फ़ॉर्मेट्स शामिल हो सकते हैं
  • URL : वेब पते या लिंक को संग्रहीत करने के लिए, जो क्लिक करने योग्य हो।
  • Roll-Up Summary :  यह मास्टर-डिटेल रिलेशनशिप में डिटेल रिकॉर्ड्स के डेटा को समरी (जैसे कुल, अधिकतम, न्यूनतम, औसत) के रूप में मास्टर रिकॉर्ड में संग्रहीत करता है।

इन Field Types के उपयोग से आप Salesforce में विभिन्न प्रकार के डेटा को संग्रहित और प्रबंधित कर सकते हैं, जिससे आपकी डेटा संरचना अधिक प्रभावी और व्यवस्थित होती है।


What is Field Help In Salesforce in hindi | सेल्सफोर्स में Field Help क्या है :


Field Help Salesforce में एक विशेषता है जो उपयोगकर्ताओं को यह समझने में मदद करती है कि एक विशेष फील्ड में क्या जानकारी दर्ज की जानी चाहिए। यह तब उपयोगी होता है
 जब कोई फील्ड जटिल हो या जब उपयोगकर्ताओं को यह स्पष्ट करने की आवश्यकता हो कि फील्ड का उद्देश्य क्या है।

Use of Field Help In Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में  Field Help का उपयोग  : 

1. User Guidance : उपयोगकर्ताओं को यह समझाने के लिए कि फील्ड में किस प्रकार की जानकारी या डेटा दर्ज किया जाना चाहिए।
2. Data Accuracy : डेटा की सटीकता और संगति बनाए रखने के लिए उपयोगकर्ताओं को सही जानकारी दर्ज करने में मदद करता है।
3. Training : नए उपयोगकर्ताओं या ट्रेनीज़ के लिए यह एक शैक्षिक उपकरण के रूप में काम करता है, जिससे उन्हें Salesforce का उपयोग करना सीखने में मदद मिलती है।
4. Efficiency : सवालों और त्रुटियों को कम करता है, क्योंकि उपयोगकर्ताओं को प्रत्येक फील्ड का उद्देश्य स्पष्ट रूप से पता होता है।

How to set Field Help in Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में  Field Help को कैसे सेट करें :

1. Object Manager : Salesforce में Setup से Object Manager पर जाएं।
2. Select Object : उस ऑब्जेक्ट का चयन करें जिसमें आप फील्ड की मदद जोड़ना चाहते हैं।
3. Select Field : उस फील्ड का चयन करें जिसमें आप Field Help जोड़ना चाहते हैं।
4. Edit Field : फील्ड एडिट करें और Help Text सेक्शन में वह टेक्स्ट दर्ज करें जो आप उपयोगकर्ताओं को दिखाना चाहते हैं।
5. Save : फील्ड को सेव करें। अब, जब उपयोगकर्ता उस फील्ड पर माउस ओवर करेंगे या आइकॉन पर क्लिक करेंगे, तो उन्हें यह मदद टेक्स्ट दिखाई देगा।
 
Example of Field Help :

Customer Contact Number : "कृपया ग्राहक का 10 अंकों वाला मोबाइल नंबर दर्ज करें, जिसमें कोई स्पेस या डैश न हो।"
Project Start Date : "यह तिथि वह है जब प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी। कृपया प्रारंभिक मीटिंग की तिथि दर्ज करें।"
Invoice Amount : "कृपया कर सहित कुल राशि दर्ज करें।"


What is Field History Tracking In Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में  Field History Tracking क्या है  :


Field History Tracking : Field History Tracking Salesforce की एक विशेषता है जो आपको यह ट्रैक करने की अनुमति देती है कि किसी रिकॉर्ड के विशिष्ट फ़ील्ड्स में क्या बदलाव हुए हैं।
 जब भी कोई परिवर्तन होता है, Salesforce उस फ़ील्ड के पुराने और नए मान (values) को रिकॉर्ड करता है, साथ ही यह भी बताता है कि परिवर्तन कब और किसके द्वारा किया गया था।

दुसरे शब्दों कहे तो,Field History Tracking Salesforce में डेटा परिवर्तन को ट्रैक करने का एक शक्तिशाली टूल है, जो आपको ऑडिटिंग, डेटा प्रबंधन, और परिवर्तन प्रबंधन में सहायता करता है। 
यह आपके व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर जब आपको परिवर्तन का सटीक रिकॉर्ड रखना आवश्यक हो। अगर आपको Field History Tracking सेट करने में कोई मदद चाहिए, तो मुझे बताएं!


Importance of Field History Tracking in Salesforce in Hindi | Field History Tracking का महत्व : 

1. Audit Trail : यह एक ऑडिट ट्रेल के रूप में काम करता है, जिससे आप यह देख सकते हैं कि कौन से उपयोगकर्ता ने किस फ़ील्ड में क्या बदलाव किए।
2. Compliance : यदि आपको किसी नियामक आवश्यकताओं को पूरा करना है, तो यह सुविधा आपको यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि आप सभी आवश्यक डेटा परिवर्तन को ट्रैक कर सकते हैं।
3. Data Integrity : यह आपको डेटा परिवर्तन को मॉनिटर करने की अनुमति देता है, जिससे आप डेटा की अखंडता बनाए रख सकते हैं।
4. Change Management : किसी भी परिवर्तन का विश्लेषण करने में मदद करता है, जिससे आप यह समझ सकते हैं कि किसी फ़ील्ड में किए गए परिवर्तन का प्रभाव क्या हो सकता है।

How to Set Field History Tracking in Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में Field History Tracking को  कैसे सेट करें :

1. Object Manager में जाएं :  Salesforce में Setup से Object Manager पर जाएं। उस ऑब्जेक्ट का चयन करें जिसमें आप फ़ील्ड हिस्ट्री ट्रैकिंग को सक्षम करना चाहते हैं, जैसे कि Account, Contact, Opportunity, आदि।

2.Fields & Relationships चुनें : चयनित ऑब्जेक्ट के लिए Fields & Relationships टैब पर क्लिक करें।

3. Set History Tracking : Set History Tracking बटन पर क्लिक करें। यह आपको फ़ील्ड्स का चयन करने की अनुमति देता है जिन्हें आप ट्रैक करना चाहते है  उन फ़ील्ड्स को चुनें जिनकी हिस्ट्री आप ट्रैक करना चाहते हैं। आप प्रति ऑब्जेक्ट अधिकतम 20 फ़ील्ड्स का चयन कर सकते हैं (कुछ ऑर्गनाइजेशंस में यह संख्या अलग हो सकती है)।
   
4. Save करें : फ़ील्ड्स चुनने के बाद Save बटन पर क्लिक करें। अब Salesforce इन चुने गए फ़ील्ड्स के किसी भी बदलाव को ट्रैक करेगा।

How to See Field History Tracking  in Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में  Field History Tracking को कैसे देखें :

  • Related List : जब आप किसी रिकॉर्ड (जैसे कि Account या Contact) को देखते हैं, तो आप उस रिकॉर्ड के पेज लेआउट में History नाम की एक रिलेटेड लिस्ट देख सकते हैं। यहां आप सभी ट्रैक किए गए फ़ील्ड्स के बदलाव देख सकते हैं।
  • Reports : आप हिस्ट्री रिपोर्ट्स भी बना सकते हैं, जिससे आपको सभी रिकॉर्ड्स के लिए फ़ील्ड हिस्ट्री का एक समग्र दृष्टिकोण मिलता है।

Example of Field History Tracking | सेल्सफोर्स में  Field History Tracking के  उदाहरण :

  • Sales Tracking : किसी अवसर (Opportunity) के Stage और Amount में बदलाव को ट्रैक करना, ताकि आप देख सकें कि बिक्री प्रक्रिया में किसने क्या बदलाव किया।
  • Compliance Tracking : ग्राहक के पते (Address) में किए गए किसी भी बदलाव को ट्रैक करना, ताकि आप नियामक आवश्यकताओं के अनुसार डेटा रिकॉर्ड रख सकें।
  • Performance Monitoring : किसी प्रोजेक्ट के Status और Completion Date में किए गए बदलाव को मॉनिटर करना, जिससे आप प्रोजेक्ट की प्रगति पर नज़र रख सकें।

Field Dependency In Salesforce in hindi  | सेल्सफोर्स में Field Dependency क्या है 


Field Dependency Salesforce में एक विशेषता है जो आपको यह निर्धारित करने की अनुमति देती है कि एक फ़ील्ड (Dependent Field) की उपलब्ध विकल्प (values) किसी अन्य फ़ील्ड (Controlling Field) के चयन के आधार पर कैसे बदलेंगी।
 यह विशेषता विशेष रूप से तब उपयोगी होती है जब आपको फॉर्म में अधिक प्रासंगिक और संक्षिप्त विकल्प प्रदान करने की आवश्यकता होती है, जिससे उपयोगकर्ताओं के लिए चयन करना आसान हो जाता है।

Component of Field Dependency in Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में Field Dependency के घटक :

1.Controlling Field : यह फ़ील्ड वह फ़ील्ड होता है जो दूसरी फ़ील्ड (Dependent Field) की उपलब्ध विकल्पों को नियंत्रित करता है। 
  Example: एक फ़ील्ड जैसे "Country" जो विभिन्न देशों की सूची दिखाता है।

2.Dependent Field : यह फ़ील्ड वह फ़ील्ड होता है जिसकी उपलब्ध विकल्पें Controlling Field के चयन के आधार पर बदलती हैं।
   Example : "State" फ़ील्ड, जिसकी विकल्पों की सूची केवल उस देश पर आधारित होती है जिसे "Country" फ़ील्ड में चुना गया है।

Importance of Field Dependency in Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स  में  Field Dependency का महत्व :

1. User Experience : यह उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाता है क्योंकि उपयोगकर्ताओं को केवल प्रासंगिक विकल्पों के साथ प्रस्तुत किया जाता है।
2. Data Accuracy : यह सुनिश्चित करता है कि उपयोगकर्ता केवल प्रासंगिक डेटा ही दर्ज करें, जिससे डेटा की सटीकता और गुणवत्ता बनी रहती है।
3. Simplified Forms : फ़ील्ड्स की सूची को छोटा और विशिष्ट बनाता है, जिससे फॉर्म भरने की प्रक्रिया तेज़ और आसान हो जाती है।

How to Field Dependency in Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में  Field Dependency कैसे सेट करें :


  • Salesforce में Setup से Object Manager पर जाएं। उस ऑब्जेक्ट का चयन करें जिसमें आप फ़ील्ड डिपेंडेंसी सेट करना चाहते हैं।
  •  चयनित ऑब्जेक्ट के लिए Fields & Relationships टैब पर जाएं।
  • दोनों फ़ील्ड्स Controlling और Dependent  का चयन करें जिन्हें आप डिपेंडेंट बनाना चाहते हैं।
  • Field Dependencies** सेक्शन पर जाएं और **New** बटन पर क्लिक करें।
  • Controlling Field और Dependent Field का चयन करें।
  • डिपेंडेंसी मैट्रिक्स (ग्रिड) पर जाएं। यहाँ आप यह सेट कर सकते हैं कि कौन से कंट्रोलिंग फ़ील्ड के विकल्प के आधार पर कौन से डिपेंडेंट फ़ील्ड के विकल्प दिखाई देंगे।
  • संबंधित बॉक्सेस को चेक या अनचेक करें ताकि केवल प्रासंगिक विकल्प ही उपलब्ध हों।
  • सभी डिपेंडेंसी सेटिंग्स के बाद Save पर क्लिक करें।

Example of Field Dependency :

1. Country और State :
   
 Controlling Field : "Country"  Dependent Field : "State"
उदाहरण :  यदि उपयोगकर्ता "Country" में "India" का चयन करता है, तो "State" फ़ील्ड में केवल भारत के राज्यों की सूची दिखेगी।

2. Product Category और Sub-Category:
    Controlling Field : "Product Category"  Dependent Field : "Sub-Category"

 उदाहरण : यदि उपयोगकर्ता "Product Category" में "Electronics" का चयन करता है, तो "Sub-Category" फ़ील्ड में केवल इलेक्ट्रॉनिक्स से संबंधित विकल्प दिखेंगे, जैसे कि "Mobile Phones," "Laptops," आदि।


What is Summary Field in Salesforce in hindi | सेल्सफोर्स में समरी फील्ड क्या है 


Summary Field Salesforce में एक प्रकार का फ़ील्ड है जो आपको संबंधित रिकॉर्ड्स से सारांश डेटा (aggregated data) प्रदर्शित करने की अनुमति देता है।
 ये फ़ील्ड रिपोर्ट्स, रोल-अप सारांश (Roll-Up Summary) फ़ील्ड्स, या मास्टर-डिटेल रिलेशनशिप में विशेष रूप से उपयोगी होते हैं। Summary Fields का उपयोग डेटा की गणना, संख्याओं का जोड़, औसत निकालने, न्यूनतम या अधिकतम मान खोजने, आदि के लिए किया जाता है।

 Type of Summary Field in Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स  में Summary Field के प्रकार :

1. Roll-Up Summary Field : यह एक विशेष प्रकार का Summary Field है जिसका उपयोग मास्टर-डिटेल रिलेशनशिप में मास्टर रिकॉर्ड पर डिटेल रिकॉर्ड्स का सारांश दिखाने के लिए किया जाता है।
   उदाहरण : एक अकाउंट पर एक Roll-Up Summary Field का उपयोग करके आप सभी संबंधित अवसरों (Opportunities) की कुल राशि (Total Amount) दिखा सकते हैं।

2.Summary Fields in Reports : रिपोर्ट्स में Summary Fields का उपयोग करके आप डेटा को सारांश रूप में दिखा सकते हैं, जैसे कि कुल, औसत, न्यूनतम, अधिकतम, आदि।
   उदाहरण : किसी सेल्स रिपोर्ट में सभी अवसरों का कुल राजस्व (Total Revenue) दिखाना।

Use of Example Summary Field in Salesforce in hindi | सेल्सफोर्स में Summary Field के उपयोग के उदाहरण :

1. Total Revenue Calculation: एक Roll-Up Summary Field जो सभी अवसरों की कुल राशि को अकाउंट रिकॉर्ड पर दिखाता है।

2. Count of Related Records : एक Roll-Up Summary Field जो एक अकाउंट पर संबंधित कॉन्टैक्ट्स की संख्या को दिखाता है।

3. Average Calculation : एक Summary Field जो किसी रिपोर्ट में सभी सेल्स की औसत राशि को दिखाता है।

4. Maximum/Minimum Values : एक Summary Field जो किसी रिपोर्ट में अधिकतम या न्यूनतम सेल्स ऑर्डर वैल्यू को प्रदर्शित करता है।

Importance of Summary Field in Salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में  Summary Field का महत्व :

1. Data Aggregation : Summary Fields आपको संबंधित डेटा का सारांश दिखाने में मदद करते हैं, जिससे डेटा विश्लेषण और निर्णय लेना आसान हो जाता है।
2. Automation : Roll-Up Summary Fields आपको ऑटोमेटेड गणना करने की अनुमति देते हैं, जिससे मैन्युअल कार्यों की आवश्यकता कम हो जाती है।
3. Reporting : रिपोर्ट्स में Summary Fields का उपयोग डेटा को सारांशित करके प्रबंधन और टीमों को स्पष्ट और संक्षिप्त जानकारी प्रदान करता है।



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What is Field in salesforce in Hindi | सेल्सफोर्स में फील्ड क्या है फ़िल्ड
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