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What is Entity in DBMS | DBMS में एंटिटी क्या है

Entity in DBMS in Hindi  | DBMS में एंटिटी हिंदी में :


DBMS (Database Management System) में "Entity" एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसका उपयोग डेटा मॉडलिंग और डेटाबेस डिज़ाइन में किया जाता है। इसे समझना आवश्यक है क्योंकि यह डेटा को व्यवस्थित करने और उसकी संरचना निर्धारित करने में मदद करता है।

 Entity क्या है?

  • ERD का उपयोग डेटाबेस डिज़ाइन के प्रारंभिक चरण में किया जाता है ताकि Entities, उनके Attributes, और उनके बीच के Relationships को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जा सके।
  • Entities और उनके विभिन्न प्रकार DBMS में डेटा मॉडलिंग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वे हमें वास्तविक दुनिया की वस्तुओं और अवधारणाओं को डेटाबेस में संरचित रूप से संग्रहीत करने की अनुमति देते हैं। 
  • प्रत्येक प्रकार की Entity की अपनी विशेषताएँ और उपयोग होते हैं, और उन्हें सही तरीके से समझना और लागू करना एक प्रभावी और कुशल डेटाबेस डिज़ाइन के लिए आवश्यक है।

  • दुसरे शब्दों में कहे तो,Entity वह वास्तविक विश्व वस्तु (Real-world Object) या चीज़ है जिसका डेटा डेटाबेस में संग्रहीत किया जाता है। यह किसी भी ऐसी वस्तु, व्यक्ति, स्थान, या अवधारणा का प्रतिनिधित्व कर सकती है, जिसके बारे में आप डेटा संग्रहित करना चाहते हैं।
  •  उदाहरण के लिए, एक विश्वविद्यालय डेटाबेस में, छात्र (Student), प्रोफेसर (Professor), और कोर्स (Course) Entities हो सकते हैं। प्रत्येक Entity के पास कुछ विशेषताएँ (Attributes) होती हैं जो उस Entity के बारे में विशिष्ट जानकारी प्रदान करती हैं।

 Entity के प्रमुख बिंदु :

1. Entities के गुण (Attributes of Entities) :
   Entities में गुण (Attributes) होते हैं, जो Entity के विभिन्न पहलुओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उदाहरण के लिए, "Student" Entity के Attributes हो सकते हैं: Student_ID, Name, DOB, और Major।
   
2. Entity Set :
    Entity Set समान प्रकार की सभी Entities का समूह है। उदाहरण के लिए, सभी छात्रों का समूह "Student" Entity Set कहलाएगा। Entity Set का उपयोग डेटाबेस में डेटा को व्यवस्थित और संग्रहित करने के लिए किया जाता है।

3. Entity के प्रकार (Types of Entities)
    Entities को विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है, जिनमें मुख्य रूप से Strong Entities और Weak Entities शामिल हैं। इसके अलावा, Entity की और भी उप-श्रेणियाँ हो सकती हैं।

Types of Entities (Entity के प्रकार)

 1. Strong Entity :
    Strong Entity वह Entity होती है, जिसका अस्तित्व स्वतंत्र रूप से होता है और इसे पहचानने के लिए एक Primary Key की आवश्यकता होती है। इसे किसी अन्य Entity के साथ संबंध (Relationship) बनाने की आवश्यकता नहीं होती।
   उदाहरण : मान लीजिए कि "Employee" एक Strong Entity है। प्रत्येक Employee का एक यूनिक Employee_ID होता है, जो Primary Key के रूप में काम करता है और वह किसी अन्य Entity पर निर्भर नहीं होता।

 2. Weak Entity :
   Weak Entity वह Entity होती है, जिसका अस्तित्व किसी अन्य Entity पर निर्भर करता है। इसे पहचानने के लिए Primary Key की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि यह एक अन्य Entity की Primary Key के साथ मिलकर पहचाना जाता है।
   Weak Entity की पहचान Identifying Relationship और Partial Key (या Discriminator) के द्वारा की जाती है। Partial Key वह Attribute होता है जो Weak Entity को Strong Entity के भीतर अद्वितीय बनाता है।
   उदाहरण : "Dependent" Entity एक Weak Entity हो सकती है, जो किसी "Employee" Entity पर निर्भर करती है। "Dependent" के पास अपनी Primary Key नहीं होती; इसे Employee_ID (जो Strong Entity से आती है) और Dependent_Name के आधार पर पहचाना जाता है।

 3. Supertype और Subtype Entities :
   Supertype Entity वह Entity होती है, जो एक सामान्य Entity होती है, जिसमें कुछ सामान्य Attributes होते हैं, जिन्हें कई Subtype Entities द्वारा साझा किया जाता है।
   Subtype Entity वह Entity होती है, जो Supertype Entity की एक विशेष श्रेणी होती है, और उसके विशेष Attributes होते हैं जो Supertype से विरासत में मिलते हैं।
  उदाहरण : मान लीजिए "Person" एक Supertype Entity है, जिसमें Name और DOB जैसे Attributes हैं। "Person" के Subtype Entities हो सकते हैं जैसे "Student" (जिसमें Major Attribute है) और "Professor" (जिसमें Department Attribute है)।

4.Associative Entity  :
  Associative Entity वह Entity होती है, जो दो या अधिक Entities के बीच के संबंध (Relationship) को दर्शाती है और उसके अपने Attributes भी हो सकते हैं।
   यह तब उत्पन्न होती है जब Entities के बीच एक Many-to-Many Relationship होता है, और Relationship को एक Entity में बदल दिया जाता है ताकि Relationship के Attributes को स्टोर किया जा सके।
   उदाहरण : मान लीजिए "Student" और "Course" के बीच एक Many-to-Many Relationship है। इसे "Enrollment" नामक एक Associative Entity द्वारा दर्शाया जा सकता है, जिसमें Enrollment_Date और Grade जैसे Attributes हो सकते हैं।

 5. Composite Entity :
   Composite Entity एक विशेष प्रकार की Associative Entity होती है, जो कई Relationships का संयोजन होती है और इन Relationships को समग्र (Composite) रूप में दर्शाती है।
   उदाहरण  : यदि "Order" और "Product" के बीच का संबंध Composite Entity "OrderDetails" द्वारा दर्शाया जाता है, तो इसमें Order_ID और Product_ID दोनों Foreign Keys के रूप में होंगे और यह Quantity और Price जैसे Attributes रख सकता है।

 6. Recursive Entity :
   Recursive Entity वह Entity होती है, जो स्वयं के साथ संबंध में होती है। इसे आत्म-संदर्भित (Self-Referencing) Entity भी कहा जाता है।
   उदाहरण : मान लीजिए कि "Employee" Entity में प्रत्येक कर्मचारी का एक प्रबंधक (Manager) हो सकता है, जो स्वयं एक Employee होता है। यह एक Recursive Relationship है जहाँ एक Employee Entity स्वयं के साथ संबंध में होती है।

 Entity Relationship Diagrams (ERD)

  • Entities को ग्राफिकल रूप से दर्शाने के लिए Entity-Relationship Diagrams (ERD) का उपयोग किया जाता है। ERD में:
  •  Entities को आयत (Rectangle) के रूप में दर्शाया जाता है।
  •  Attributes को अंडाकार (Oval) के रूप में दर्शाया जाता है और वे संबंधित Entity के साथ जुड़ी होती हैं।
  •  Relationships को डायमंड (Diamond) के रूप में दर्शाया जाता है और वे संबंधित Entities को जोड़ते हैं।