BCA / B.Tech 4 min read

Domain in DBMS in Hindi

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: DBMS Notes in Hindi | डीबीएमएस नोट्स (BCA / B.Tech Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Domain in DBMS in Hindi - General Topics
  • • अवलोकन: Domain in DBMS in Hindi :DBMS में डोमेन (Domain) क्या है?DBMS (Database Management System) में डोमेन डेटा के संभावित मूल्यों का सेट होता है, जो किसी विश...
  • • मुख्य अवधारणाएं: Domain in DBMS in Hindi, DBMS में Domain क्या है, Domain की परिभाषा, DBMS domain examples, Attribute domain, DBMS concepts, Domain का उपयोग,

Domain in DBMS in Hindi :


DBMS में डोमेन (Domain) क्या है?

DBMS (Database Management System) में डोमेन डेटा के संभावित मूल्यों का सेट होता है, जो किसी विशेष कॉलम या एट्रीब्यूट में मौजूद हो सकते हैं। डोमेन को एक प्रकार की वैल्यू की सीमा के रूप में देखा जा सकता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि कॉलम में सिर्फ उचित और वैध डेटा ही डाला जाए।

डोमेन के माध्यम से यह निर्धारित किया जाता है कि किसी कॉलम में किस प्रकार का डेटा आएगा, जैसे कि संख्याएँ (Numbers), स्ट्रिंग्स (Strings), दिनांक (Dates), आदि। यह डेटाबेस में डेटा की वैधता और अखंडता (integrity) को बनाए रखने में मदद करता है।

उदाहरण :

मान लीजिए कि आपके पास एक STUDENTS नामक टेबल है, जिसमें Age नामक एक कॉलम है। आप यह चाहते हैं कि Age कॉलम में केवल 18 से 25 के बीच की उम्र के मान ही डालने की अनुमति हो। ऐसे में आप डोमेन का उपयोग करके Age कॉलम के लिए मान्य मानों की सीमा निर्धारित कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी अनुचित डेटा, जैसे 30 या 15, इस कॉलम में न डाला जाए।
Age INTEGER CHECK (Age BETWEEN 18 AND 25)


इसमें INTEGER डोमेन डेटा के प्रकार को दर्शाता है, और CHECK यह सुनिश्चित करता है कि केवल 18 से 25 के बीच की उम्र के मान ही स्वीकार किए जाएंगे।

DBMS में डोमेन की मुख्य विशेषताएँ :

  • डेटा प्रकार : डोमेन यह परिभाषित करता है कि किसी कॉलम में किस प्रकार का डेटा स्टोर किया जाएगा, जैसे इंटीजर, वर्चार, डेट, आदि।
  • मान्य सीमा (Valid Range) : डोमेन की मदद से यह सीमा तय की जा सकती है कि कौन से मान कॉलम में डाले जा सकते हैं। यह किसी विशिष्ट सीमा या मान्य मानों का समूह हो सकता है।
  • डेटा की अखंडता (Data Integrity) : डोमेन यह सुनिश्चित करता है कि डेटाबेस में जो डेटा डाला जा रहा है, वह वैध और उचित हो, जिससे डेटा की गुणवत्ता और अखंडता बनी रहती है।
  • उपयोगकर्ता द्वारा परिभाषित डोमेन : कुछ डेटाबेस में, उपयोगकर्ता अपने खुद के कस्टम डोमेन भी परिभाषित कर सकते हैं, ताकि डेटाबेस में अधिक नियंत्रण और मान्यता हो सके।
डोमेन के प्रकार :

  • Intrinsic Domains: ये सिस्टम-परिभाषित डोमेन होते हैं, जैसे कि इंटीजर (INTEGER), फ्लोट (FLOAT), वर्चार (VARCHAR), आदि। ये डेटा के प्रकार को निर्दिष्ट करते हैं।
  • User-Defined Domains: उपयोगकर्ता अपने खुद के डोमेन परिभाषित कर सकते हैं, जिसमें डेटा की वैधता के नियम और सीमा तय की जा सकती है।
उदाहरण 2 : 

मान लीजिए, आपके पास एक COURSES टेबल है, जिसमें Course_Duration नामक कॉलम है। आप चाहते हैं कि इसमें केवल 1 से 4 वर्षों के बीच के मान ही मान्य हों। इसके लिए आप एक डोमेन बना सकते हैं:
Course_Duration INTEGER CHECK (Course_Duration BETWEEN 1 AND 4)






अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Domain in DBMS in Hindi :DBMS में डोमेन (Domain) क्या है?DBMS (Database Management System) में डोमेन डेटा के संभावित।
DBMS Notes in Hindi | डीबीएमएस नोट्स के पाठ्यक्रम में Domain in DBMS in Hindi एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
हाँ, NotesMedia पर आपको Domain in DBMS in Hindi के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, हल किए गए उदाहरण और नोट्स बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे। अधिक अभ्यास के लिए आप हमारा ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं।