BCA / B.Tech 10 min read

Relationship Set in Hindi

Relationship Set in DBMS in Hindi | DBMS में रिलेशनशिप सेट हिंदी में :


  • डेटाबेस के डिजाइन में इकाईयों (Entities) के बीच संबंधों को स्थापित करना एक महत्वपूर्ण कार्य है। इन संबंधों को रिलेशनशिप सेट के रूप में व्यवस्थित किया जाता है। इकाइयों के बीच के संबंधों को विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है, 
  • यूनरी, बाइनरी, और टर्नरी रिलेशनशिप सेट डेटाबेस में इकाईयों के बीच संबंधों को दर्शाने के विभिन्न तरीके हैं। ये सभी रिलेशनशिप सेट डेटाबेस डिजाइन और संरचना को बेहतर ढंग से समझने और लागू करने में मदद करते हैं।
  • जो उस संबंध में भाग लेने वाली इकाई सेटों की संख्या पर आधारित होता है। रिलेशनशिप सेट की डिग्री (Degree) उस संख्या को दर्शाती है, जो यह बताती है कि कितने इकाई सेट उस संबंध में भाग लेते हैं। इसी आधार पर संबंधों को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: यूनरी (Unary), बाइनरी (Binary), और टर्नरी (Ternary) रिलेशनशिप सेट।
  • यूनरी रिलेशनशिप सेट तब उपयोगी होते हैं, जब किसी इकाई सेट के भीतर संबंध हो।
  • बाइनरी रिलेशनशिप सेट सबसे सामान्य होते हैं, जहाँ दो इकाई सेटों के बीच संबंध स्थापित होता है।
  • टर्नरी रिलेशनशिप सेट का उपयोग तब किया जाता है जब तीन इकाई सेटों के बीच संबंध होता है और उन सभी के बीच एक संयुक्त संबंध की आवश्यकता होती है।
  • इन तीन प्रकार के रिलेशनशिप सेट के सही उपयोग से डेटाबेस की संरचना और उसकी सटीकता सुनिश्चित की जा सकती है।


आइए इन तीन प्रकारों के बारे में विस्तार से समझते हैं:

1. यूनरी (Unary) रिलेशनशिप सेट :

यूनरी रिलेशनशिप सेट में केवल एक ही इकाई सेट (Entity Set) शामिल होता है, और वही इकाई सेट अपने आप से संबंध बनाता है। इसे रिकर्सिव रिलेशनशिप (Recursive Relationship) भी कहा जाता है, क्योंकि एक इकाई के उदाहरण उसी इकाई के अन्य उदाहरणों से जुड़े होते हैं।

उदाहरण :
मान लीजिए, किसी कंपनी में कर्मचारी (Employee) नामक एक इकाई सेट है, और उसी इकाई सेट के भीतर संबंध यह है कि एक कर्मचारी दूसरे कर्मचारी का पर्यवेक्षक (Manager) हो सकता है। यानी एक कर्मचारी दूसरे कर्मचारी का "मैनेजर" हो सकता है।

आरेख :
Employee
     supervises —> Employee
डेटाबेस में यूनरी रिलेशनशिप का उदाहरण :
CREATE TABLE Employee (
    EmployeeID INT PRIMARY KEY,
    Name VARCHAR(50),
    ManagerID INT,
    FOREIGN KEY (ManagerID) REFERENCES Employee(EmployeeID)
);
इस उदाहरण में, Employee तालिका में प्रत्येक कर्मचारी का रिकॉर्ड होता है, और ManagerID उसी तालिका के एक अन्य कर्मचारी को संदर्भित करता है, जो उस कर्मचारी का मैनेजर है।

प्रमुख बिंदु :
  • एक ही इकाई सेट के भीतर संबंध होता है।
  • इसे रिकर्सिव रिलेशनशिप के रूप में भी जाना जाता है।
  • उपयोग : उदाहरण के लिए, संगठन संरचना, परिवार के रिश्ते, या एक इकाई के भीतर विभिन्न स्तरों का प्रबंधन।

2. बाइनरी (Binary) रिलेशनशिप सेट :

बाइनरी रिलेशनशिप सेट सबसे सामान्य प्रकार का संबंध होता है। इसमें दो अलग-अलग इकाई सेटों (Entity Sets) के बीच संबंध होता है। अधिकांश डेटाबेस में इकाइयों के बीच द्विआधारी संबंध पाए जाते हैं।

उदाहरण :
मान लीजिए कि हमारे पास "छात्र" (Student) और "कोर्स" (Course) नामक दो इकाई सेट हैं। एक छात्र कई कोर्स में नामांकित हो सकता है, और एक कोर्स में कई छात्र नामांकित हो सकते हैं। यहाँ छात्रों और कोर्सों के बीच का संबंध बाइनरी है।

आरेख :
Student -------- Enrolls in --------> Course
डेटाबेस में बाइनरी रिलेशनशिप का उदाहरण :

CREATE TABLE Student (
    StudentID INT PRIMARY KEY,
    Name VARCHAR(50)
);

CREATE TABLE Course (
    CourseID INT PRIMARY KEY,
    CourseName VARCHAR(50)
);

CREATE TABLE Enrollment (
    StudentID INT,
    CourseID INT,
    FOREIGN KEY (StudentID) REFERENCES Student(StudentID),
    FOREIGN KEY (CourseID) REFERENCES Course(CourseID)
);
इस उदाहरण में, Student और Course दो अलग-अलग इकाई सेट हैं, और उनके बीच Enrollment तालिका में बाइनरी संबंध स्थापित किया गया है, जो यह दर्शाता है कि कौन से छात्र कौन से कोर्स में नामांकित हैं।

प्रमुख बिंदु :

  • इसमें दो अलग-अलग इकाई सेटों के बीच संबंध होता है।
  • यह सबसे सामान्य प्रकार का संबंध है।
  • उदाहरण : छात्र और कोर्स, ग्राहक और ऑर्डर, डॉक्टर और मरीज।
3. टर्नरी (Ternary) रिलेशनशिप सेट :

टर्नरी रिलेशनशिप सेट में तीन इकाई सेटों (Entity Sets) के बीच संबंध होता है। इसमें तीन इकाइयाँ मिलकर एक साथ संबंध स्थापित करती हैं। जब किसी संबंध में तीन इकाई सेट शामिल होते हैं और उन तीनों के बीच सीधा संबंध होता है, तो उसे टर्नरी रिलेशनशिप कहा जाता है।

उदाहरण :
मान लीजिए कि हमारे पास "डॉक्टर" (Doctor), "मरीज" (Patient), और "दवा" (Medicine) नामक तीन इकाई सेट हैं। यहाँ डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं और उनके लिए दवाइयाँ लिखते हैं। इसमें तीन इकाई सेटों के बीच टर्नरी संबंध होता है, क्योंकि एक डॉक्टर एक मरीज के लिए कोई दवा लिखता है।

Doctor  Treats  Patient
    Prescribes —> Medicine
डेटाबेस में टर्नरी रिलेशनशिप का उदाहरण :
CREATE TABLE Doctor (
    DoctorID INT PRIMARY KEY,
    Name VARCHAR(50)
);

CREATE TABLE Patient (
    PatientID INT PRIMARY KEY,
    Name VARCHAR(50)
);

CREATE TABLE Medicine (
    MedicineID INT PRIMARY KEY,
    MedicineName VARCHAR(50)
);

CREATE TABLE Treatment (
    DoctorID INT,
    PatientID INT,
    MedicineID INT,
    FOREIGN KEY (DoctorID) REFERENCES Doctor(DoctorID),
    FOREIGN KEY (PatientID) REFERENCES Patient(PatientID),
    FOREIGN KEY (MedicineID) REFERENCES Medicine(MedicineID)
);
इस उदाहरण में, Treatment तालिका तीन इकाई सेटों (Doctor, Patient, और Medicine) के बीच संबंध को प्रदर्शित करती है। यहाँ एक डॉक्टर एक मरीज के लिए एक विशेष दवा लिखता है।

प्रमुख बिंदु :

  • टर्नरी संबंध में तीन इकाई सेट शामिल होते हैं।
  • जब तीन इकाई सेटों के बीच सीधा संबंध होता है, तो टर्नरी रिलेशनशिप का उपयोग किया जाता है।
  • उदाहरण: डॉक्टर, मरीज, और दवा; विक्रेता, उत्पाद, और ग्राहक; छात्र, कोर्स, और प्रोफेसर।
  • कॉर्डिनालिटी (Cardinality) और रिलेशनशिप के प्रकार
  • कॉर्डिनालिटी उस संख्या को परिभाषित करती है, जो यह दर्शाती है कि एक इकाई सेट के कितने सदस्य दूसरे इकाई सेट के सदस्यों से संबंधित हो सकते हैं। यह संबंध किसी भी प्रकार के रिलेशनशिप सेट में लागू हो सकता है, चाहे वह यूनरी हो, बाइनरी हो, या टर्नरी हो।

कॉर्डिनालिटी के प्रकार :

  • एक-से-एक (One-to-One): एक इकाई सेट का एक सदस्य दूसरे इकाई सेट के केवल एक ही सदस्य से जुड़ा होता है।
  • एक-से-अनेक (One-to-Many): एक इकाई सेट का एक सदस्य दूसरे इकाई सेट के कई सदस्यों से जुड़ा हो सकता है।
  • अनेक-से-अनेक (Many-to-Many): एक इकाई सेट के कई सदस्य दूसरे इकाई सेट के कई सदस्यों से जुड़ सकते हैं।