RAS (आरपीएससी) 5 min read

President of India in Hindi: भारत का राष्ट्रपति (President of India): निर्वाचन, शक्तियां, वीटो, अध्यादेश और महाभियोग

RK

लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: भारतीय संविधान और राजव्यवस्था (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: President of India in Hindi: भारत का राष्ट्रपति (President of India): निर्वाचन, शक्तियां, वीटो, अध्यादेश और महाभियोग - संघ की कार्यपालिका, संसद और न्यायपालिका
  • • अवलोकन: Quick Answer: President of India in Hindi: भारत का राष्ट्रपति (President of India) देश का संवैधानिक प्रमुख और प्रथम नागरिक होता है। संविधान के भाग 5 (अन...
Quick Answer: President of India in Hindi: भारत का राष्ट्रपति (President of India) देश का संवैधानिक प्रमुख और प्रथम नागरिक होता है। संविधान के भाग 5 (अनुच्छेद 52 से 78) में संघ की कार्यपालिका का उल्लेख है। राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत से अप्रत्यक्ष रूप में एक निर्वाचक मंडल (Electoral College) करता है। राष्ट्रपति के पास कार्यपालक, विधायी, वित्तीय, न्यायिक, सैन्य, राजनयिक और आपातकालीन शक्तियां होती हैं, जिनका उपयोग वे मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं।

राष्ट्रपति की संवैधानिक स्थिति और संघ की कार्यपालिका

संविधान के भाग 5 (अनुच्छेद 52 से 78) में संघ की कार्यपालिका का उल्लेख है। इसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद और महान्यायवादी शामिल हैं। अनुच्छेद 52 अनुसार भारत का एक राष्ट्रपति होगा। अनुच्छेद 53(1) संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित करता है, जिसका उपयोग वे स्वयं या अधीनस्थ अधिकारियों के जरिए करते हैं। अनुच्छेद 53(2) अनुसार वे तीनों सेनाओं के सर्वोच्च सेनापति हैं।

संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति औपचारिक प्रमुख (De Jure Head) और प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद वास्तविक प्रमुख (De Facto Head) हैं। राज्य स्तर पर कार्यपालिका और विधायिका के कार्यों को समझने के लिए पढ़ें: राजस्थान मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद और कानून निर्माण के लिए देखें: राजस्थान विधानसभा। न्यायपालिका के लिए पढ़ें: राजस्थान उच्च न्यायालय।

Advertisement

राष्ट्रपति पद के लिए योग्यताएं, शर्तें और शपथ

संविधान में पद के अनुकूल योग्यताएं व सेवा शर्तें तय हैं:

1. योग्यताएं और नामांकन (अनुच्छेद 58)

  • भारत का नागरिक हो, न्यूनतम 35 वर्ष आयु हो, और लोकसभा सदस्य बनने की योग्यता रखता हो।
  • केंद्र, राज्य या स्थानीय निकाय में लाभ के पद (Office of Profit) पर न हो (राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मंत्री पद लाभ के पद नहीं हैं)।
  • कम से कम 50 प्रस्तावक और 50 अनुमोदक निर्वाचक जरूरी हैं। RBI में ₹15,000 जमानत राशि जमा होती है; 1/6 मत न मिलने पर यह जब्त हो जाती है।

2. पद की शर्तें और शपथ (अनुच्छेद 59 व 60)

  • संसद या विधानमंडल का सदस्य नहीं हो सकता। आधिकारिक आवास (राष्ट्रपति भवन) और ₹5 लाख मासिक वेतन (Finance Act 2018 से, 1 जनवरी 2016 से लागू) मिलता है; पद पर रहते हुए वेतन-भत्ते कम नहीं किए जा सकते।
  • शपथ (अनुच्छेद 60): भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) या वरिष्ठतम जज संविधान के परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण की शपथ दिलाते हैं।

राष्ट्रपति का निर्वाचक मंडल (अनुच्छेद 54): कौन वोट देता है और कौन नहीं?

राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल करता है:

मतदान करने वाले सदस्य

  • संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित सदस्य (Elected MPs)।
  • राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (Elected MLAs)।
  • दिल्ली और पुडुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (70वें संशोधन 1992 से)।
  • ध्यान दें: अनुच्छेद 54 में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभा का नाम नहीं है। 2022 के चुनाव में J&K विधानसभा भंग थी, इसलिए उसने वोट नहीं दिया। 2024 में चुनी गई J&K विधानसभा अगले चुनाव में वोट देगी या नहीं, इस पर 2026 तक कोई साफ संशोधन या आदेश नहीं आया है।

मतदान न करने वाले सदस्य

  • संसद के दोनों सदनों के मनोनीत सदस्य।
  • राज्यों की विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य।
  • राज्य विधान परिषदों के सभी सदस्य (निर्वाचित व मनोनीत)।
  • केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य।

राष्ट्रपति चुनाव की पद्धति और मत मूल्य का गणित (अनुच्छेद 55)

चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत और गुप्त मतदान से होता है:

1. मत मूल्य के सूत्र

  • विधायक का मत मूल्य: [राज्य की 1971 Census जनसंख्या] / [विधानसभा के कुल निर्वाचित सदस्य × 1000]। (84वें संशोधन 2001 के अनुसार 2026 के बाद होने वाली पहली Census के आंकड़े छपने तक 1971 की जनसंख्या ही आधार है)। इस हिसाब से राजस्थान विधायक का मत मूल्य 129 (2,57,65,806 ÷ 200 ÷ 1000), उत्तर प्रदेश का 208 और सिक्किम का 7 है।
  • सांसद का मत मूल्य: [सभी राज्यों के निर्वाचित विधायकों के कुल मत मूल्य] / [संसद के दोनों सदनों के कुल निर्वाचित सदस्य]। 2022 के चुनाव में यह मान 700 था (J&K विधानसभा न होने से 708 से घटकर)।

2. चुनावी कोटा

जीतने के लिए कोटा आवश्यक है: चुनावी कोटा = [कुल वैध मत / (1 + 1)] + 1 (कुल वैध मतों का 50% + 1 मत)। पहली पसंद में कोटा न मिलने पर कम मत वाले के मत दूसरी पसंद अनुसार बंटते हैं (1969 में वी. वी. गिरि के चुनाव में दूसरी पसंद के वोट गिनने पड़े थे; ऐसा अब तक सिर्फ एक बार हुआ)।

राष्ट्रपति पर महाभियोग (अनुच्छेद 61) और पद रिक्ति

राष्ट्रपति को संसद की अर्ध-न्यायिक महाभियोग पद्धति से हटाया जाता है:

  • आधार: एकमात्र आधार 'संविधान का उल्लंघन' (Violation of the Constitution)।
  • प्रस्ताव: किसी भी सदन में 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर और 14 दिन के नोटिस से पेश। प्रथम सदन के 2/3 कुल सदस्य बहुमत से पास होना जरूरी है।
  • जांच: द्वितीय सदन आरोपों की जांच करता है (राष्ट्रपति को पक्ष रखने का अधिकार है)। द्वितीय सदन से भी कुल सदस्य संख्या के 2/3 बहुमत से पास होने पर पदमुक्ति होती है।
  • अंतर: मनोनीत सांसद महाभियोग में वोट देते हैं (चुनाव में नहीं), जबकि राज्यों के विधायक महाभियोग में भाग नहीं लेते। आज तक किसी पर महाभियोग नहीं चला।
  • कार्यकाल व रिक्ति (अनुच्छेद 56, 57, 62): कार्यकाल 5 वर्ष है, त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को देते हैं। वे कितनी भी बार चुने जा सकते हैं (डॉ. राजेंद्र प्रसाद दो बार रहे)। मृत्यु, त्यागपत्र या हटाए जाने से पद खाली हो तो 6 माह में चुनाव जरूरी है; तब तक उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति बनते हैं, और वे भी न हों तो CJI (1969 में न्यायमूर्ति हिदायतुल्ला बने)।

राष्ट्रपति की प्रमुख शक्तियां और कार्य

राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह पर शक्तियों का उपयोग करते हैं:

1. कार्यपालक और विधायी शक्तियां (अनुच्छेद 75, 85, 111)

सभी प्रशासनिक कार्य इनके नाम से होते हैं। वे प्रधानमंत्री, मंत्रियों, महान्यायवादी, CAG, चुनाव आयुक्तों और राज्यपालों की नियुक्ति करते हैं। सत्र बुलाना, सत्रावसान, लोकसभा भंग करना (अनु. 85) व संयुक्त बैठक (अनु. 108) बुलाना विधायी शक्तियां हैं।

वीटो शक्तियां (अनुच्छेद 111):

  • आत्यंतिक वीटो: विधेयक पर सहमति रोकना।
  • निलंबनकारी वीटो: विधेयक पुनर्विचार के लिए लौटाना। संसद फिर पास करे तो हस्ताक्षर बाध्यकारी हैं (धन विधेयक पर लागू नहीं)।
  • पॉकेट वीटो: विधेयक पर कोई निर्णय न लेना (1986 में ज्ञानी जैल सिंह ने भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक पर प्रयोग किया)। 24वें संशोधन 1971 से संशोधन विधेयक पर वीटो नहीं है।

2. अध्यादेश और न्यायिक शक्तियां (अनुच्छेद 123 व 72)

संसद के दोनों सदन या कोई एक सदन सत्र में न हो, तब राष्ट्रपति अध्यादेश ला सकते हैं। संसद दोबारा बैठने के 6 सप्ताह में मंजूरी न मिले तो यह समाप्त हो जाता है (अधिकतम अवधि 6 माह + 6 सप्ताह)। कूपर वाद (1970) व वाधवा वाद (1987) अनुसार अध्यादेश की न्यायिक समीक्षा संभव है।

अनुच्छेद 72 में 5 क्षमादान शक्तियां हैं: क्षमा (Pardon), लघुकरण (Commutation), परिहार (Remission), विराम (Respite) और प्रविलंबन (Reprieve)। यह केंद्र के कानूनों के तहत सजा, सेना न्यायालय (Court Martial) की सजा और सभी मृत्युदंड पर लागू है। केहर सिंह वाद (1989) व मारू राम वाद (1980) अनुसार यह शक्ति मंत्रिपरिषद की सलाह पर आधारित है।

3. वित्तीय, सैन्य और आपातकालीन शक्तियां

  • वित्तीय: धन विधेयक (अनु. 117) इनकी पूर्व सहमति से पेश होता है। बजट (अनु. 112) और वित्त आयोग (अनु. 280) का गठन।
  • सैन्य व राजनयिक: तीनों रक्षा बलों के प्रमुख, अंतरराष्ट्रीय संधियां इनके नाम से होती हैं।
  • आपातकालीन: राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352), राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) और वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360)।

राष्ट्रपति की संवैधानिक स्थिति और मंत्रिपरिषद से संबंध

संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति नाममात्र के प्रमुख हैं। अनुच्छेद 74 के तहत वे मंत्रिपरिषद की सलाह से कार्य करते हैं:

  • 42वां संशोधन 1976: मंत्रिपरिषद की सलाह राष्ट्रपति पर बाध्यकारी की गई।
  • 44वां संशोधन 1978: सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए लौटाने की छूट मिली, पर दोबारा भेजी सलाह मानना बाध्यकारी है।
  • स्वविवेकी शक्तियां: त्रिशंकु लोकसभा में PM चयन, अल्पमत सरकार बर्खास्तगी व अनुच्छेद 78 तहत प्रधानमंत्री से शासन की जानकारी मांगना।

राष्ट्रपति की शक्तियों की तुलना

नीचे की tables में वीटो और क्षमादान की तुलना है। राज्यपाल की शक्तियों के लिए देखें राज्यपाल।

Table 1: राष्ट्रपति की वीटो शक्तियों की तुलना

वीटो का प्रकार अर्थ और नियम संसद से फिर पास होने पर स्थिति उदाहरण
आत्यंतिक वीटो (Absolute Veto) विधेयक पर सहमति रोकना विधेयक समाप्त हो जाता है 1954 पेप्सू विनियोग विधेयक
निलंबनकारी वीटो (Suspensive Veto) पुनर्विचार के लिए लौटाना संसद फिर पास करे तो हस्ताक्षर बाध्यकारी साधारण विधेयक (धन विधेयक नहीं)
पॉकेट वीटो (Pocket Veto) विधेयक पर निर्णय न लेना अनिश्चित काल तक लंबित 1986 डाकघर विधेयक

Table 2: राष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान शक्तियों की तुलना

आधार राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 72) राज्यपाल की क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 161)
कानूनी क्षेत्र केंद्रीय कानूनों पर लागू राज्य कानूनों पर लागू
मृत्युदंड क्षमा पूर्ण क्षमा (Pardon) संभव पूर्ण क्षमा संभव नहीं (पर निलंबन, परिहार, लघुकरण कर सकते हैं)
सैन्य अदालत सजा क्षमा या कम कर सकते हैं कोई अधिकार नहीं
संवैधानिक सलाह केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • अनुच्छेद 52 व 53: भारत का एक राष्ट्रपति; संघ की कार्यपालिका शक्ति और सेना कमान इनमें निहित।
  • अनुच्छेद 54: संसद और विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य निर्वाचक मंडल में शामिल।
  • अनुच्छेद 55: आनुपातिक प्रतिनिधित्व, एकल संक्रमणीय मत; राजस्थान MLA मत 129, MP 700 (2022 चुनाव)।
  • अनुच्छेद 56 व 57: कार्यकाल 5 वर्ष; कोई कितनी भी बार निर्वाचित हो सकता है।
  • अनुच्छेद 58 व 60: आयु 35 वर्ष, जमानत ₹15,000; CJI शपथ दिलाते हैं।
  • अनुच्छेद 61: महाभियोग का आधार 'संविधान का उल्लंघन'; 2/3 विशेष बहुमत जरूरी।
  • अनुच्छेद 72: क्षमादान शक्ति मृत्युदंड और सेना न्यायालय दोनों पर लागू होती है।
  • अनुच्छेद 74: मंत्रिपरिषद की सलाह; 44वें संशोधन से एक बार पुनर्विचार का अधिकार।
  • अनुच्छेद 85 व 108: सत्र बुलाना, सत्रावसान, लोकसभा भंग करना; संयुक्त बैठक का नियम।
  • अनुच्छेद 111: वीटो शक्तियां (आत्यंतिक, निलंबनकारी, पॉकेट वीटो); संशोधन विधेयक पर वीटो नहीं।
  • अनुच्छेद 123: अध्यादेश शक्ति (सत्र शुरू होने से 6 सप्ताह में मंजूरी जरूरी)।
Advertisement

RAS Prelims MCQ

  1. राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में कौन शामिल नहीं होता?
    A) निर्वाचित लोकसभा सदस्य
    B) निर्वाचित राज्यसभा सदस्य
    C) निर्वाचित विधायक
    D) विधान परिषद सदस्य
    उत्तर: D) विधान परिषद सदस्य
    कारण: अनुच्छेद 54 अनुसार विधान परिषद सदस्य शामिल नहीं होते।
  2. राष्ट्रपति पर महाभियोग (अनुच्छेद 61) का एकमात्र आधार क्या है?
    A) कदाचार
    B) असमर्थता
    C) संविधान का उल्लंघन
    D) दिवालियापन
    उत्तर: C) संविधान का उल्लंघन
    कारण: अनुच्छेद 61 में केवल 'संविधान का उल्लंघन' ही आधार है।
  3. महाभियोग प्रस्ताव पेश करने के लिए सदन के कितने सदस्यों के हस्ताक्षर जरूरी हैं?
    A) 1/10 सदस्य
    B) 1/4 सदस्य
    C) 1/3 सदस्य
    D) 1/2 सदस्य
    उत्तर: B) 1/4 सदस्य
    कारण: सदन के 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर और 14 दिन का नोटिस जरूरी है।
  4. विधायक के मत मूल्य में किस वर्ष की Census आबादी आधार है?
    A) 1951
    B) 1971
    C) 1991
    D) 2011
    उत्तर: B) 1971
    कारण: 84वें संशोधन 2001 के अनुसार 2026 के बाद की पहली Census के आंकड़े छपने तक 1971 की जनसंख्या आधार है।
  5. संसद सत्र शुरू होने के बाद अध्यादेश की अधिकतम अवधि कितनी है?
    A) 14 दिन
    B) 1 माह
    C) 6 सप्ताह
    D) 6 माह
    उत्तर: C) 6 सप्ताह
    कारण: अनुच्छेद 123 अनुसार संसद दोबारा बैठने के 6 सप्ताह में मंजूरी जरूरी है।
  6. 1986 में डाकघर संशोधन विधेयक पर पॉकेट वीटो का प्रयोग किसने किया?
    A) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
    B) वी. वी. गिरि
    C) ज्ञानी जैल सिंह
    D) डॉ. राधाकृष्णन
    उत्तर: C) ज्ञानी जैल सिंह
    कारण: ज्ञानी जैल सिंह ने 1986 में डाकघर विधेयक पर पॉकेट वीटो का उपयोग किया।
  7. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 72) में कौन सा कथन सही है?
    A) मृत्युदंड क्षमा नहीं कर सकते
    B) कोर्ट मार्शल क्षमा नहीं कर सकते
    C) मृत्युदंड और कोर्ट मार्शल दोनों क्षमा कर सकते हैं
    D) बिना सलाह निर्णय लेते हैं
    उत्तर: C) मृत्युदंड और कोर्ट मार्शल दोनों क्षमा कर सकते हैं
    कारण: राष्ट्रपति को मृत्युदंड और कोर्ट मार्शल दोनों में पूर्ण क्षमा का अधिकार है।
  8. मंत्रिपरिषद की सलाह को पुनर्विचार के लिए लौटाने का अधिकार किस संशोधन से जुड़ा?
    A) 24वां संशोधन 1971
    B) 42वां संशोधन 1976
    C) 44वां संशोधन 1978
    D) 91वां संशोधन 2003
    उत्तर: C) 44वां संशोधन 1978
    कारण: 44वें संशोधन 1978 से अनुच्छेद 74 में पुनर्विचार की छूट मिली।
  9. राष्ट्रपति चुनाव नामांकन के लिए न्यूनतम कितने प्रस्तावक व अनुमोदक चाहिए?
    A) 10 प्रस्तावक, 10 अनुमोदक
    B) 20 प्रस्तावक, 20 अनुमोदक
    C) 50 प्रस्तावक, 50 अनुमोदक
    D) 100 प्रस्तावक, 100 अनुमोदक
    उत्तर: C) 50 प्रस्तावक, 50 अनुमोदक
    कारण: 50 प्रस्तावक और 50 अनुमोदक निर्वाचक अनिवार्य हैं।
  10. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों पद रिक्त होने पर कार्यवाहक राष्ट्रपति कौन बनता है?
    A) लोकसभा अध्यक्ष
    B) प्रधानमंत्री
    C) भारत का मुख्य न्यायाधीश (CJI)
    D) वरिष्ठ राज्यपाल
    उत्तर: C) भारत का मुख्य न्यायाधीश (CJI)
    कारण: राष्ट्रपति (कृत्यों का निर्वहन) अधिनियम 1969 के अनुसार दोनों पद रिक्त होने पर CJI (वे भी न हों तो SC के सबसे वरिष्ठ जज) कार्य संभालते हैं।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions:

Short Questions (2–3 marks)

  1. राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल (अनुच्छेद 54) का स्वरूप बताइए। (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: इसमें संसद और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (दिल्ली-पुडुचेरी के साथ) शामिल हैं। मनोनीत सदस्य व विधान परिषद सदस्य वोट नहीं देते।
  2. राष्ट्रपति की पॉकेट वीटो (Pocket Veto) शक्ति क्या है? (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: विधेयक पर न सहमति देना, न मना करना और न लौटाना, बल्कि अनिश्चित काल तक लंबित रखना (1986 में डाकघर विधेयक पर ज्ञानी जैल सिंह ने किया)।
  3. अनुच्छेद 123 के तहत अध्यादेश की दो मुख्य शर्तें क्या हैं? (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: (1) संसद का कोई एक या दोनों सदन सत्र में न हों। (2) राष्ट्रपति संतुष्ट हों कि तुरंत कदम उठाना जरूरी है।
  4. राष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान शक्ति में दो प्रमुख अंतर बताइए। (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: (1) राष्ट्रपति मृत्युदंड को पूरी तरह क्षमा कर सकते हैं, राज्यपाल नहीं। (2) राष्ट्रपति सेना न्यायालय के दंड को क्षमा कर सकते हैं, राज्यपाल नहीं।

Long Questions (5–10 marks)

  1. भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग (अनुच्छेद 61) का संवैधानिक तरीका और इसकी खास बातें समझाइए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - आधार: एकमात्र आधार 'संविधान का उल्लंघन'।
    - प्रस्ताव: किसी भी सदन में 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर व 14 दिन के पूर्व नोटिस से पेश।
    - बहुमत: दोनों सदनों से अलग-अलग कुल सदस्य संख्या के 2/3 विशेष बहुमत से पास होना जरूरी।
    - जांच: द्वितीय सदन आरोपों की जांच करता है, जहां राष्ट्रपति पक्ष रख सकते हैं।
    - अंतर: मनोनीत सांसद महाभियोग में शामिल, जबकि राज्य विधायक बाहर रहते हैं।
    - सार: यह पद की स्वतंत्रता और संवैधानिक संतुलन का रक्षक है।
  2. "भारत का राष्ट्रपति न तो रबर स्टांप है और न ही निरंकुश शासक, बल्कि एक संवैधानिक विवेकशील प्रमुख है।" इस कथन का विश्लेषण कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - स्थिति: अनु. 53 व 74 अनुसार राज्य प्रमुख, मंत्रिपरिषद की सलाह से कार्य।
    - संतुलन: 44वें संशोधन से एक बार पुनर्विचार का अधिकार।
    - स्वविवेक: त्रिशंकु लोकसभा में PM चयन, अल्पमत सरकार की बर्खास्तगी व अनु. 78 से सूचना मांगना।
    - वीटो: निलंबनकारी या पॉकेट वीटो का विवेकपूर्ण प्रयोग।
    - सार: संविधान के सजग प्रहरी और संकट में एकता के प्रतीक।

FAQs

क्या भारत का राष्ट्रपति पुनर्विचार के लिए धन विधेयक को लौटा सकता है?

नहीं, धन विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से पेश होता है। इसलिए वे धन विधेयक पर निलंबनकारी वीटो का प्रयोग नहीं कर सकते।

क्या कोई विदेशी नागरिक भारत का राष्ट्रपति बन सकता है?

नहीं, अनुच्छेद 58 अनुसार भारत का नागरिक होना अनिवार्य है। जन्म या पंजीकरण से नागरिक बना व्यक्ति भी राष्ट्रपति पद के योग्य है।

राष्ट्रपति चुनाव में किसी विवाद की सुनवाई कौन करता है?

अनुच्छेद 71 अनुसार राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति चुनाव के विवादों की जांच और अंतिम निर्णय केवल सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) करता है।

क्या राष्ट्रपति अध्यादेश के जरिए संविधान में संशोधन कर सकते हैं?

नहीं, अनुच्छेद 123 के तहत अध्यादेश केवल सामान्य कानून के विषयों पर आ सकता है, संविधान संशोधन के लिए नहीं।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • संघ की कार्यपालिका = भाग 5 (अनुच्छेद 52-78); अनुच्छेद 52 = भारत का एक राष्ट्रपति।
  • निर्वाचक मंडल: संसद, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली-पुडुचेरी विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य; विधान परिषद और मनोनीत सदस्य बाहर।
  • योग्यता: नागरिक, 35 वर्ष; नामांकन में 50 प्रस्तावक + 50 अनुमोदक, ₹15,000 जमानत।
  • महाभियोग का एकमात्र आधार 'संविधान का उल्लंघन'; 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर, 14 दिन का नोटिस, दोनों सदनों में कुल सदस्यों का 2/3।
  • पॉकेट वीटो: ज्ञानी जैल सिंह, 1986, भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक।
  • अध्यादेश (अनु. 123) की अधिकतम उम्र 6 माह + 6 सप्ताह; क्षमादान अनु. 72 (राज्यपाल अनु. 161)।
  • 2026 तक राष्ट्रपति: द्रौपदी मुर्मू (15वीं राष्ट्रपति, 25 जुलाई 2022 से)।

RAS Pre का revision मोबाइल पर

NotesMedia app में यही RAS notes और 362 RAS flashcards हैं, जिनसे जल्दी revision कर सकते हैं।

Google Play से app लें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: President of India in Hindi: भारत।
भारतीय संविधान और राजव्यवस्था के पाठ्यक्रम में President of India in Hindi: भारत का राष्ट्रपति (President of India): निर्वाचन, शक्तियां, वीटो, अध्यादेश और महाभियोग एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
हाँ, NotesMedia पर आपको President of India in Hindi: भारत का राष्ट्रपति (President of India): निर्वाचन, शक्तियां, वीटो, अध्यादेश और महाभियोग के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, हल किए गए उदाहरण और नोट्स बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे। अधिक अभ्यास के लिए आप हमारा ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं।
Advertisement