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Prime Minister and Council of Ministers in Hindi: प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद: शक्तियां, कार्य, उत्तरदायित्व और वास्तविक स्थिति

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: भारतीय संविधान और राजव्यवस्था (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Prime Minister and Council of Ministers in Hindi: प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद: शक्तियां, कार्य, उत्तरदायित्व और वास्तविक स्थिति - संघ की कार्यपालिका, संसद और न्यायपालिका
  • • अवलोकन: Quick Answer: Prime Minister and Council of Ministers in Hindi: प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद (Prime Minister and Council of Ministers) भारत की व...
Quick Answer: Prime Minister and Council of Ministers in Hindi: प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद (Prime Minister and Council of Ministers) भारत की वास्तविक कार्यपालिका (De Facto Executive) हैं, जबकि राष्ट्रपति केवल नाममात्र के संवैधानिक प्रमुख (De Jure) होते हैं। अनुच्छेद 74 के तहत राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होती है जिसका मुखिया प्रधानमंत्री होता है। अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। 91वें संविधान संशोधन 2003 के अनुसार मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकता।

संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 74, 75, 77, 78 और 88

भारत में संसदीय व्यवस्था है, जहां राष्ट्रपति राज्य प्रमुख और प्रधानमंत्री सरकार के वास्तविक प्रमुख हैं। राज्य स्तर पर ऐसी व्यवस्था समझने के लिए पढ़ें: राजस्थान मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद, और विधायी कामकाज के लिए देखें: राजस्थान विधानसभा।

केंद्रीय कार्यपालिका से जुड़े मुख्य संवैधानिक नियम इस प्रकार हैं:

  • अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद होगी, जिसके मुखिया प्रधानमंत्री होंगे। 42वें संशोधन 1976 से सलाह मानना राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी हुआ। 44वें संशोधन 1978 से राष्ट्रपति एक बार पुनर्विचार के लिए सलाह लौटा सकते हैं, पर दोबारा दी गई सलाह मानना बाध्यकारी है। मंत्रियों की सलाह अदालत में वादयोग्य नहीं है (अनुच्छेद 74(2))।
  • अनुच्छेद 75: 75(1) में पीएम की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और अन्य मंत्री पीएम की सलाह पर नियुक्त होते हैं। 75(1A) से मंत्रिपरिषद संख्या लोकसभा का अधिकतम 15% तय है। 75(2) में व्यक्तिगत उत्तरदायित्व और 75(3) में लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व है। 75(5) के तहत 6 माह में संसद सदस्य बनना जरूरी है।
  • अनुच्छेद 77: भारत सरकार के सभी कार्य राष्ट्रपति के नाम से किए जाते हैं।
  • अनुच्छेद 78: प्रधानमंत्री संघ के प्रशासन व विधायी प्रस्तावों की जानकारी राष्ट्रपति को सौंपते हैं।
  • अनुच्छेद 88: प्रत्येक मंत्री को दोनों सदनों में बोलने की छूट है, पर वोट केवल अपने सदन में दे सकते हैं।
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Table 1: केंद्रीय कार्यपालिका के प्रमुख संवैधानिक अनुच्छेद

संघीय कार्यपालिका से जुड़े मुख्य अनुच्छेदों का सार नीचे सारणी में दिया गया है:

अनुच्छेद मुख्य विषय संवैधानिक नियम RPSC परीक्षा बिंदु
अनुच्छेद 74 राष्ट्रपति को सलाह सलाह बाध्यकारी (एक बार पुनर्विचार संभव) सलाह अदालत में अप्रश्नीय
अनुच्छेद 75(1) पीएम व मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति पीएम नियुक्त करते हैं (बहुमत वाले नेता को चुनना परंपरा है, संविधान में लिखा नहीं) अन्य मंत्री पीएम की सलाह पर नियुक्त
अनुच्छेद 75(1A) मंत्रियों की अधिकतम संख्या लोकसभा के कुल सदस्यों का 15% 91वां संशोधन 2003
अनुच्छेद 75(2) व्यक्तिगत उत्तरदायित्व मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर पीएम की सलाह पर मंत्री हटाए जा सकते हैं
अनुच्छेद 75(3) सामूहिक उत्तरदायित्व लोकसभा के प्रति जवाबदेही संसदीय व्यवस्था की नींव (साथ तैरना व डूबना)
अनुच्छेद 75(5) सदन सदस्यता अनिवार्यता गैर-सांसद 6 माह तक मंत्री 6 माह में सदस्यता जरूरी
अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री के कर्तव्य संवाद की मुख्य कड़ी प्रशासनिक निर्णयों की सूचना राष्ट्रपति को देना
अनुच्छेद 88 सदन में मंत्रियों के अधिकार दोनों सदनों में बोलने की छूट वोट केवल अपने सदन में देने का हक

प्रधानमंत्री की भूमिका, शक्तियां और कार्य

संसदीय व्यवस्था में प्रधानमंत्री वास्तविक कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं। प्रमुख विचारकों के कथन:

  • लॉर्ड (जॉन) मार्ले: प्रधानमंत्री को "समकक्षों में प्रथम" (Primus inter pares) और "मंत्रिमंडल रूपी मेहराब की आधारशिला" (Keystone of the Cabinet Arch) कहा।
  • सर आइवर जेनिंग्स: मार्ले की बात आगे बढ़ाकर प्रधानमंत्री को पूरे संविधान की आधारशिला (Keystone of the Constitution) बताया।
  • हेरोल्ड लास्की: प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल के निर्माण, जीवन और अंत के केंद्र हैं।

प्रधानमंत्री की प्रमुख शक्तियां:

  • मंत्रिपरिषद के संदर्भ में: मंत्रियों के चयन की सिफारिश, विभागों का बंटवारा व फेरबदल और बैठकों की अध्यक्षता। पीएम का त्यागपत्र पूरी मंत्रिपरिषद को समाप्त कर देता है।
  • राष्ट्रपति के संदर्भ में: अनुच्छेद 78 के तहत संपर्क सूत्र। CAG, महान्यायवादी, UPSC अध्यक्ष, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सलाह।
  • संसद के संदर्भ में: लोकसभा के नेता, संसद सत्र बुलाने व लोकसभा भंग करने की सिफारिश राष्ट्रपति से करना।
  • पदेन अध्यक्ष: नीति आयोग, राष्ट्रीय एकता परिषद, अंतर-राज्यीय परिषद (अनु. 263), राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद और NDMA के पदेन अध्यक्ष।

मंत्रिपरिषद का त्रि-स्तरीय स्वरूप और आंतरिक कैबिनेट

मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की तीन श्रेणियां हैं:

  • 1. कैबिनेट मंत्री: गृह, रक्षा, वित्त, विदेश जैसे प्रमुख मंत्रालयों के मुखिया, जो नीतियां तय करते हैं।
  • 2. राज्य मंत्री: स्वतंत्र प्रभार (छोटे मंत्रालयों के प्रमुख) और संबद्ध राज्य मंत्री (कैबिनेट मंत्रियों के सहायक)।
  • 3. उप मंत्री: कनिष्ठ मंत्री, जो प्रशासनिक व विधायी कार्यों में मदद करते हैं।

किचन कैबिनेट (Inner Cabinet): यह प्रधानमंत्री और उनके 2-4 भरोसेमंद सहयोगियों का अनौपचारिक समूह है, जो त्वरित और गोपनीय निर्णय लेने में सहायक होता है।

Table 2: मंत्रिपरिषद बनाम मंत्रिमंडल में अंतर

दोनों संस्थाओं में मुख्य अंतर नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:

तुलना का बिंदु केंद्रीय मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet)
संवैधानिक आधार अनुच्छेद 74 और 75 में मूल रूप से शामिल निकाय। मूल संविधान में नहीं था; 44वें संशोधन 1978 से अनु. 352 में जुड़ा।
आकार व सदस्य बड़ा निकाय (अधिकतम लोकसभा का 15%, यानी 81; जून 2024 में PM समेत 72 मंत्री)। छोटा निकाय (जून 2024 में PM के अलावा 30 कैबिनेट मंत्री)।
मंत्रियों की श्रेणी कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री तीनों शामिल। केवल कैबिनेट स्तर के वरिष्ठ मंत्री शामिल।
बैठकें व कार्य पूरे निकाय की बैठकें शायद ही कभी होती हैं। नियमित बैठकें कर देश की नीतियां तय करता है।
नीति निर्माण मंत्रिमंडल के निर्णयों को लागू कराती है। देश की समस्त नीतियां तय करने वाला सर्वोच्च मंच।
शक्तियों का प्रयोग संविधान सैद्धांतिक शक्तियां इसे सौंपता है। व्यावहारिक रूप में सभी शक्तियों का उपयोग यह करता है।

सामूहिक और व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का सिद्धांत

संसदीय व्यवस्था उत्तरदायित्व के सिद्धांतों पर कार्य करती है:

  • सामूहिक उत्तरदायित्व (अनुच्छेद 75(3)): मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से केवल लोकसभा के प्रति जवाबदेह होती है। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पास होते ही पूरी सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है (Swim and sink together)। कैबिनेट का फैसला सभी मंत्रियों का संयुक्त फैसला होता है। असहमति पर मंत्री को इस्तीफा देना होता है (जैसे 1951 में डॉ. आंबेडकर और 1956 में सी. डी. देशमुख का त्यागपत्र)।
  • व्यक्तिगत उत्तरदायित्व (अनुच्छेद 75(2)): मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद संभालते हैं। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति किसी भी मंत्री को पद से हटा सकते हैं।
  • विधिक उत्तरदायित्व की अनुपस्थिति: ब्रिटेन की तरह भारत में मंत्रियों के कानूनी उत्तरदायित्व का नियम नहीं है। राष्ट्रपति के आदेशों पर मंत्री के प्रति-हस्ताक्षर की जरूरत नहीं होती और अनुच्छेद 74(2) के तहत सलाह अदालत में अप्रश्नीय है।

प्रमुख कैबिनेट समितियां (Cabinet Committees)

त्वरित नीतिगत निर्णयों के लिए मुख्य कैबिनेट समितियां हैं:

  • राजनीतिक मामलों की समिति (CCPA): इसे "सुपर कैबिनेट" भी कहते हैं। अध्यक्ष: प्रधानमंत्री।
  • आर्थिक मामलों की समिति (CCEA): आर्थिक नीतियां व MSP तय करती है। अध्यक्ष: प्रधानमंत्री।
  • कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC): उच्च पदों की नियुक्तियां करती है। सदस्य: प्रधानमंत्री (अध्यक्ष) और गृह मंत्री।
  • सुरक्षा मामलों की समिति (CCS): रक्षा व सामरिक नीतियां संभालती है। अध्यक्ष: प्रधानमंत्री।
  • संसदीय मामलों की समिति: संसद में सरकारी कामकाज का प्रबंधन करती है। अध्यक्ष प्रधानमंत्री नहीं होते; जुलाई 2024 के पुनर्गठन में इसके अध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं (पहले गृह मंत्री भी रहे हैं)।

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision Summary)

प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:

  • सबसे लंबा कार्यकाल: पंडित जवाहरलाल नेहरू (16 वर्ष 286 दिन)।
  • सबसे छोटा कार्यकाल: अटल बिहारी वाजपेयी (1996 में केवल 13 दिन; कार्यवाहक पीएम को छोड़कर)।
  • संसद न जाने वाले पीएम: चौधरी चरण सिंह कभी संसद सत्र में उपस्थित नहीं हो सके।
  • राज्यसभा से बने प्रधानमंत्री: इंदिरा गांधी (1966), एच. डी. देवगौड़ा (1996), आई. के. गुजराल (1997), डॉ. मनमोहन सिंह (2004 व 2009)।
  • पद ग्रहण समय गैर-सांसद: पी. वी. नरसिम्हा राव (1991), एच. डी. देवगौड़ा (1996)।
  • कार्यवाहक प्रधानमंत्री: गुलजारीलाल नंदा (1964 और 1966 में दो बार)।
  • विश्वास मत हारने वाले पीएम: वी. पी. सिंह (1990) लोकसभा में विश्वास प्रस्ताव हारकर हटने वाले पहले पीएम थे। 1999 में वाजपेयी सरकार विश्वास प्रस्ताव 1 वोट से हारी। (अविश्वास प्रस्ताव पास होने से अब तक कोई सरकार नहीं गिरी।)
  • उप-प्रधानमंत्री पद: गैर-संवैधानिक पद (दर्जा कैबिनेट मंत्री समान)। प्रथम: सरदार पटेल, अंतिम: लालकृष्ण आडवाणी।
  • 91वां संशोधन 2003: मंत्रिपरिषद सीमा लोकसभा सदस्यों के 15% पर तय और दलबदलुओं पर मंत्री बनने की रोक।

RAS Prelims MCQ

  1. संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है?
    A) अनु. 74(1)
    B) अनु. 75(2)
    C) अनु. 75(3)
    D) अनु. 78
    उत्तर: C) अनु. 75(3)
    कारण: अनुच्छेद 75(3) मंत्रिपरिषद को सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति जवाबदेह बनाता है।
  2. 91वें संशोधन 2003 के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या (प्रधानमंत्री समेत) अधिकतम कितनी हो सकती है?
    A) संसद का 10%
    B) लोकसभा का 15%
    C) राज्यसभा का 15%
    D) संसद का 12%
    उत्तर: B) लोकसभा का 15%
    कारण: 91वें संशोधन से अनुच्छेद 75(1A) जोड़कर संख्या लोकसभा के 15% पर तय हुई।
  3. संविधान में "मंत्रिमंडल" (Cabinet) शब्द किस अनुच्छेद में शामिल है?
    A) अनु. 74 में
    B) अनु. 75 में
    C) 44वें संशोधन 1978 से अनु. 352 में
    D) अनु. 78 में
    उत्तर: C) 44वें संशोधन 1978 से अनु. 352 में
    कारण: मूल संविधान में यह शब्द नहीं था; 44वें संशोधन से अनुच्छेद 352(3) में जोड़ा गया।
  4. इनमें से किस कैबिनेट समिति को "सुपर कैबिनेट" कहा जाता है?
    A) CCEA
    B) CCPA
    C) ACC
    D) संसदीय मामलों की समिति
    उत्तर: B) CCPA
    कारण: राजनीतिक मामलों की समिति (CCPA) देश के सभी बड़े नीतिगत फैसले लेती है।
  5. किस कैबिनेट समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नहीं करते हैं?
    A) आर्थिक मामलों की समिति
    B) राजनीतिक मामलों की समिति
    C) सुरक्षा मामलों की समिति
    D) संसदीय मामलों की समिति
    उत्तर: D) संसदीय मामलों की समिति
    कारण: संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति के अध्यक्ष कोई वरिष्ठ मंत्री होते हैं (2024 में रक्षा मंत्री), प्रधानमंत्री नहीं।
  6. अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री का कौन सा कर्तव्य सही नहीं है?
    A) प्रशासनिक फैसले राष्ट्रपति को बताना
    B) राष्ट्रपति के मांगने पर जानकारी देना
    C) मंत्री के फैसले को मंत्रिपरिषद में रखना
    D) मुख्य न्यायाधीश के निर्णयों की सूचना देना
    उत्तर: D) मुख्य न्यायाधीश के निर्णयों की सूचना देना
    कारण: अनुच्छेद 78 केवल मंत्रिपरिषद के प्रशासन व विधायी मामलों की जानकारी से जुड़ा है।
  7. भारत में कोई व्यक्ति बिना संसद सदस्य बने अधिकतम कितने समय तक मंत्री पद पर रह सकता है?
    A) 3 माह
    B) 6 माह
    C) 1 वर्ष
    D) 5 वर्ष
    उत्तर: B) 6 माह
    कारण: अनुच्छेद 75(5) के अनुसार 6 माह में संसद सदस्य न बनने पर पद समाप्त हो जाता है।
  8. प्रधानमंत्री पद ग्रहण करते समय कौन सा नेता संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं था?
    A) इंदिरा गांधी
    B) मनमोहन सिंह
    C) पी. वी. नरसिम्हा राव
    D) लाल बहादुर शास्त्री
    उत्तर: C) पी. वी. नरसिम्हा राव
    कारण: 1991 में शपथ लेते समय पी. वी. नरसिम्हा राव सांसद नहीं थे; बाद में नांदयाल से चुने गए।
  9. केंद्रीय मंत्रिपरिषद के किसी मंत्री को पद से हटाने का सही तरीका क्या है?
    A) लोकसभा अध्यक्ष के आदेश से
    B) प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति से बर्खास्तगी
    C) मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश से
    D) संसद में प्रस्ताव पारित करके
    उत्तर: B) प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति से बर्खास्तगी
    कारण: अनुच्छेद 75(2) के तहत मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद संभालते हैं।
  10. मंत्रियों से राष्ट्रपति को दी गई सलाह के न्यायिक परीक्षण की क्या स्थिति है?
    A) उच्च न्यायालय जांच कर सकता है
    B) उच्चतम न्यायालय जांच कर सकता है
    C) सलाह की किसी अदालत में जांच नहीं हो सकती
    D) संसदीय समिति जांच कर सकती है
    उत्तर: C) सलाह की किसी अदालत में जांच नहीं हो सकती
    कारण: अनुच्छेद 74(2) के अनुसार मंत्रियों की सलाह अदालत में अप्रश्नीय है।
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RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. मंत्रिपरिषद के 'सामूहिक उत्तरदायित्व' से क्या आशय है? (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: अनुच्छेद 75(3) के अनुसार पूरी मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति जवाबदेह होती है। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पास होने पर सभी मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ता है।
  2. 91वें संशोधन 2003 के मंत्रिपरिषद संबंधी दो मुख्य नियम बताइए। (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: (1) अनुच्छेद 75(1A) से मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा के 15% पर तय हुआ। (2) 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य सांसद को मंत्री बनने से रोका गया।
  3. 'किचन कैबिनेट' से क्या समझते हैं? (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: यह प्रधानमंत्री और उनके कुछ बेहद नजदीकी 2-4 मंत्रियों या मित्रों का अनौपचारिक समूह होता है, जिसका उद्देश्य त्वरित और गोपनीय फैसले लेना है।
  4. अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री के दो मुख्य कर्तव्य लिखिए। (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: (1) संघ के प्रशासन और कानून निर्माण संबंधी निर्णयों की सूचना राष्ट्रपति को देना। (2) राष्ट्रपति के मांगने पर प्रशासनिक जानकारी देना।

Long Questions (5–10 marks)

  1. केंद्रीय मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में अंतर स्पष्ट कीजिए। (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - स्थिति: मंत्रिपरिषद अनुच्छेद 74 व 75 में मूल रूप से है, जबकि मंत्रिमंडल शब्द 44वें संशोधन 1978 से अनुच्छेद 352 में आया।
    - आकार: मंत्रिपरिषद लोकसभा के 15% (81) तक हो सकती है (जून 2024 में PM समेत 72), जबकि मंत्रिमंडल में केवल कैबिनेट स्तर के मंत्री होते हैं (2024 में PM के अलावा 30)।
    - कार्य: मंत्रिपरिषद सामूहिक बैठक नहीं करती, जबकि मंत्रिमंडल नियमित बैठकों में नीतियां तय करता है।
    - भूमिका: मंत्रिमंडल नीतियां बनाता है और मंत्रिपरिषद उन पर अमल करती है।
  2. "प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल रूपी मेहराब की आधारशिला हैं।" इस कथन का मूल्यांकन कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - संदर्भ: लॉर्ड मार्ले का कथन प्रधानमंत्री की निर्णायक स्थिति को दर्शाता है (जेनिंग्स ने PM को पूरे संविधान की आधारशिला कहा)।
    - नियंत्रण: मंत्रियों के चयन, विभागों के वितरण, बैठकों की अध्यक्षता और मंत्रियों को हटाने की सिफारिश में मुख्य भूमिका।
    - धुरी: प्रधानमंत्री का इस्तीफा पूरी मंत्रिपरिषद को समाप्त कर देता है।
    - संबंध: अनुच्छेद 78 के तहत संवाद सूत्र और लोकसभा भंग करने की सिफारिश की शक्ति।
    - स्थिति: स्पष्ट बहुमत में प्रधानमंत्री बहुत प्रभावी होते हैं, जबकि गठबंधन में संतुलन बनाना पड़ता है।
  3. संसदीय व्यवस्था में व्यक्तिगत और सामूहिक उत्तरदायित्व का परीक्षण कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - सामूहिक उत्तरदायित्व (अनुच्छेद 75(3)): लोकसभा के प्रति पूरी सरकार की साझी जवाबदेही। 'साथ तैरना और साथ डूबना' का नियम। कैबिनेट निर्णयों में एकजुटता; मतभेद पर त्यागपत्र (उदा. डॉ. आंबेडकर व सी. डी. देशमुख का इस्तीफा)।
    - व्यक्तिगत उत्तरदायित्व (अनुच्छेद 75(2)): मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद संभालते हैं। असंतुष्ट होने पर प्रधानमंत्री मंत्री को हटाने की सिफारिश कर सकते हैं।
    - संतुलन: सामूहिक उत्तरदायित्व से विधायी नियंत्रण और व्यक्तिगत उत्तरदायित्व से प्रशासनिक अनुशासन कायम रहता है।

FAQs

क्या राज्यसभा सदस्य भारत का प्रधानमंत्री बन सकता है?

हाँ, प्रधानमंत्री संसद के किसी भी सदन का सदस्य हो सकता है, जैसे श्रीमती इंदिरा गांधी (1966) और डॉ. मनमोहन सिंह (2004) राज्यसभा सदस्य रहते हुए प्रधानमंत्री बने थे।

यदि प्रधानमंत्री त्यागपत्र दे दें, तो पूरी मंत्रिपरिषद पर क्या असर होता है?

प्रधानमंत्री के त्यागपत्र या मृत्यु से पूरी मंत्रिपरिषद स्वतः समाप्त हो जाती है और सरकार गिर जाती है।

क्या कोई गैर-सांसद मंत्री बन सकता है?

हाँ, कोई भी व्यक्ति मंत्री बन सकता है, पर अनुच्छेद 75(5) के तहत 6 माह के भीतर संसद सदस्य बनना अनिवार्य है।

मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में कौन अधिक शक्तिशाली है?

व्यावहारिक दृष्टि से मंत्रिमंडल (कैबिनेट) अधिक शक्तिशाली है, क्योंकि देश के सभी प्रमुख नीतिगत व विधायी निर्णय वही लेता है।

क्या राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह मानने के लिए बाध्य हैं?

हाँ, 42वें संशोधन (1976) से सलाह बाध्यकारी है। 44वें संशोधन (1978) के अनुसार राष्ट्रपति एक बार पुनर्विचार के लिए सलाह लौटा सकते हैं, पर दोबारा दी गई सलाह मानना बाध्यकारी है।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • अनुच्छेद 74: मंत्रिपरिषद राष्ट्रपति को सलाह देती है; 74(2) सलाह की अदालत में जांच नहीं।
  • अनुच्छेद 75(3): मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी।
  • 91वां संशोधन 2003: मंत्रिपरिषद अधिकतम लोकसभा का 15% (अनु. 75(1A))।
  • गैर-सांसद 6 माह तक ही मंत्री रह सकता है (अनु. 75(5))।
  • 'Cabinet' शब्द 44वें संशोधन 1978 से अनु. 352(3) में आया।
  • 'Keystone of the Cabinet Arch' और 'Primus inter pares': लॉर्ड मार्ले।
  • सबसे लंबा कार्यकाल: नेहरू; विश्वास मत हारकर हटने वाले पहले पीएम: वी. पी. सिंह (1990)।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Prime Minister and Council of Ministers in Hindi: प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद (Prime Minister and Council of Ministers) भारत।
भारतीय संविधान और राजव्यवस्था के पाठ्यक्रम में Prime Minister and Council of Ministers in Hindi: प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद: शक्तियां, कार्य, उत्तरदायित्व और वास्तविक स्थिति एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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