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Parliament of India in Hindi: भारतीय संसद: लोकसभा, राज्यसभा, कानून निर्माण और संसदीय समितियां

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: भारतीय संविधान और राजव्यवस्था (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Parliament of India in Hindi: भारतीय संसद: लोकसभा, राज्यसभा, कानून निर्माण और संसदीय समितियां - संघ की कार्यपालिका, संसद और न्यायपालिका
  • • अवलोकन: Quick Answer: Parliament of India in Hindi: भारतीय संसद (Indian Parliament) केंद्र सरकार का सर्वोच्च विधायी अंग है। संविधान के भाग 5 के अनुच्छेद 79 के अ...
Quick Answer: Parliament of India in Hindi: भारतीय संसद (Indian Parliament) केंद्र सरकार का सर्वोच्च विधायी अंग है। संविधान के भाग 5 के अनुच्छेद 79 के अनुसार संसद राष्ट्रपति, राज्यसभा (उच्च सदन / राज्यों की परिषद) और लोकसभा (निम्न सदन / जनता का सदन) से मिलकर बनती है। लोकसभा का कार्यकाल सामान्यतः 5 वर्ष होता है, जबकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है जिसके एक-तिहाई सदस्य हर दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होते हैं। संसद कानून निर्माण, बजट पारित करने, सरकार पर नियंत्रण रखने और संविधान में संशोधन करने का कार्य करती है।

भारतीय संसद की संवैधानिक स्थिति और संरचना

संविधान के भाग 5 में अनुच्छेद 79 से 122 तक संसद का वर्णन है। अनुच्छेद 79 के अनुसार संसद राष्ट्रपति, राज्यसभा और लोकसभा से मिलकर बनती है। राष्ट्रपति किसी सदन के सदस्य नहीं होते, फिर भी संसद के अभिन्न अंग हैं क्योंकि संसद से पारित विधेयक उनकी स्वीकृति के बिना कानून नहीं बन सकता (अनुच्छेद 111)। वे सत्र आहूत करते हैं (अनुच्छेद 85) और अध्यादेश जारी करते हैं (अनुच्छेद 123)।

राज्यों की विधायी व्यवस्था के लिए देखें: राजस्थान विधानसभा। कार्यपालिका संचालन के लिए पढ़ें: राजस्थान मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद। बजट और कर व्यवस्था की economics समझने के लिए देखें: राजकोषीय नीति और बजट।

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राज्यसभा (Council of States): संरचना और निर्वाचन

अनुच्छेद 80 के तहत राज्यसभा संसद का उच्च सदन है। इसकी अधिकतम सदस्य संख्या 250 (238 निर्वाचित + 12 राष्ट्रपति से मनोनीत) और वर्तमान संख्या 245 है। 12 मनोनीत सदस्य साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा से आते हैं। राजस्थान से राज्यसभा में 10 सीटें हैं।

सदस्यों का चुनाव राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक एकल संक्रमणीय मत से करते हैं। अनुच्छेद 83(1) के अनुसार यह स्थायी सदन है, जिसका विघटन नहीं होता। सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष है और 1/3 सदस्य हर दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होते हैं। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं (अनुच्छेद 89)।

राज्यसभा के विशेष अधिकार और संवैधानिक शक्तियां

राज्यों के हितों की रक्षा के लिए राज्यसभा को अनन्य अधिकार मिले हैं:

  • अनुच्छेद 249: 2/3 विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित कर संसद को राज्य सूची के विषय पर राष्ट्रीय हित में 1 वर्ष के लिए कानून बनाने का अधिकार सौंपना।
  • अनुच्छेद 312: 2/3 बहुमत से नई अखिल भारतीय सेवा (All India Services) के गठन का प्रस्ताव पास करना।
  • उपराष्ट्रपति को हटाना (अनुच्छेद 67(b)): उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव केवल राज्यसभा में ही शुरू हो सकता है।
  • आपातकाल में निरंतरता: लोकसभा भंग होने पर आपात घोषणा को पहले राज्यसभा मंजूरी देती है; नई लोकसभा को अपनी पहली बैठक के 30 दिन के अंदर इसे मंजूर करना होता है।

लोकसभा (House of the People): संरचना और शक्तियां

अनुच्छेद 81 के तहत लोकसभा लोकप्रिय सदन है। 104वें संशोधन 2019 (लागू 25 जनवरी 2020) से 2 आंग्ल-भारतीय मनोनीत सीटें खत्म हुईं, इसलिए अब अधिकतम संख्या 550 (530 राज्य + 20 केंद्रशासित प्रदेश, अनु. 81) है; 2026 तक 543 सीटें हैं। राजस्थान में 25 सीटें (4 SC, 3 ST) हैं।

कार्यकाल 5 वर्ष होता है, पर राष्ट्रपति इसे पहले भी भंग कर सकते हैं (अनुच्छेद 83)। अनुच्छेद 93 के तहत सदन अध्यक्ष (Speaker) व उपाध्यक्ष चुनता है। अध्यक्ष के प्रमुख अधिकार हैं: धन विधेयक को प्रमाणित करना (अनुच्छेद 110(3)), संयुक्त बैठक की अध्यक्षता (अनुच्छेद 118(4)), निर्णायक मत (अनुच्छेद 100(1)) और दलबदल पर अयोग्यता तय करना।

संसद सदस्यों की योग्यताएं, गणपूर्ति और सत्र

योग्यताएं (अनुच्छेद 84): भारत का नागरिक हो; आयु लोकसभा 25 वर्ष और राज्यसभा 30 वर्ष। अयोग्यताएं (अनुच्छेद 102): लाभ का पद, दिवालिया, विकृतचित्त या 10वीं अनुसूची से दलबदल।

गणपूर्ति (कोरम - अनुच्छेद 100(3)): बैठक के लिए कुल सदस्यों का 1/10 भाग (लोकसभा 55, राज्यसभा 25) उपस्थित होना अनिवार्य है।

सत्र (अनुच्छेद 85): दो सत्रों में 6 माह से अधिक अंतर नहीं हो सकता। तीन सत्र होते हैं: बजट, मानसून और शीतकालीन सत्र। पीठासीन अधिकारी बैठक स्थगित करते हैं, जबकि राष्ट्रपति सत्रावसान व लोकसभा विघटन करते हैं।

Table 1: लोकसभा और राज्यसभा का तुलनात्मक विवरण

तुलना का बिंदु लोकसभा (निम्न सदन) राज्यसभा (उच्च सदन)
संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 81 अनुच्छेद 80
अधिकतम सदस्य क्षमता 550 (104वें संशोधन बाद) 250 (238 निर्वाचित + 12 मनोनीत)
वर्तमान सदस्य संख्या 543 (प्रत्यक्ष निर्वाचित) 245 (233 निर्वाचित + 12 मनोनीत)
न्यूनतम आयु सीमा 25 वर्ष 30 वर्ष
कार्यकाल 5 वर्ष (विघटन संभव) स्थायी सदन (सदस्य 6 वर्ष)
पीठासीन अधिकारी लोकसभा अध्यक्ष उपराष्ट्रपति (पदेन सभापति)
धन विधेयक पर अधिकार सर्वोच्च शक्ति; केवल लोकसभा में पेश केवल 14 दिन विचार की छूट
विशेष शक्तियां अविश्वास प्रस्ताव केवल लोकसभा में अनुच्छेद 249 व 312 के अनन्य अधिकार
राजस्थान में सीटें 25 सीटें (4 SC, 3 ST) 10 सीटें

संसद में कानून निर्माण और विधेयकों के प्रकार

संसद में कानून बनाने के लिए चार तरह के विधेयक आते हैं:

  • साधारण विधेयक (अनुच्छेद 107 व 108): किसी भी सदन में साधारण बहुमत से पारित। दूसरा सदन विधेयक ठुकरा दे, संशोधनों पर असहमति हो, या 6 माह से ज्यादा समय तक पास न करे, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 108 में संयुक्त बैठक बुला सकते हैं (अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष)। अब तक 3 बार हुई: दहेज निषेध विधेयक (1961), बैंकिंग सेवा आयोग (निरसन) विधेयक (1978) और आतंकवाद निवारण विधेयक, पोटा (2002)।
  • धन विधेयक (अनुच्छेद 109 व 110): कर व संचित निधि से जुड़े विधेयक। केवल लोकसभा में राष्ट्रपति सिफारिश से पेश। अध्यक्ष प्रमाणित करते हैं। राज्यसभा केवल 14 दिन रोक सकती है। संयुक्त बैठक नहीं होती।
  • वित्त विधेयक (अनुच्छेद 117): श्रेणी I (अनु. 117(1)) केवल लोकसभा में सिफारिश से पेश; श्रेणी II (अनु. 117(3)) किसी भी सदन में पेश। दोनों पर संयुक्त बैठक संभव।
  • संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368): किसी भी सदन में पेश; दोनों सदनों में अलग-अलग विशेष बहुमत (कुल सदस्यों का बहुमत और उपस्थित व मत देने वालों का 2/3) जरूरी; संयुक्त बैठक नहीं होती।

Table 2: विभिन्न प्रकार के विधेयकों का तुलनात्मक विश्लेषण

विधेयक प्रकार अनुच्छेद पेश करने का सदन राष्ट्रपति की सिफारिश स्वीकृति बहुमत संयुक्त बैठक
साधारण विधेयक 107, 108 कोई भी सदन जरूरी नहीं साधारण बहुमत हां (अनु. 108)
धन विधेयक 109, 110 केवल लोकसभा अनिवार्य साधारण बहुमत (RS 14 दिन) नहीं
वित्त विधेयक (I) 117(1) केवल लोकसभा अनिवार्य साधारण बहुमत हां
वित्त विधेयक (II) 117(3) कोई भी सदन विचार समय जरूरी साधारण बहुमत हां
संविधान संशोधन 368 कोई भी सदन जरूरी नहीं विशेष बहुमत नहीं

संसद में बजट पारित करने के चरण और वित्तीय नियंत्रण

अनुच्छेद 112 में बजट को वार्षिक वित्तीय विवरण कहा गया है। बजट पारित होने के 6 चरण हैं:

  1. बजट प्रस्तुति: वित्त मंत्री लोकसभा में बजट रखते हैं।
  2. आम चर्चा: दोनों सदनों में सामान्य वित्तीय नीतियों पर विचार।
  3. विभागीय समितियों से जांच: 24 स्थायी समितियां मांगों की जांच करती हैं।
  4. अनुदान मांगों पर मतदान: केवल लोकसभा में। विपक्ष तीन तरह के कटौती प्रस्ताव ला सकता है: नीतिगत कटौती (मांग घटाकर ₹1), मितव्ययिता कटौती (निश्चित राशि कम करना) और सांकेतिक कटौती (₹100 कम करना)।
  5. विनियोग विधेयक (अनुच्छेद 114): संचित निधि से धन निकालने की वैधानिक मंजूरी।
  6. वित्त विधेयक पारित होना: कर प्रस्ताव कानूनी रूप पाते हैं।

संचित निधि (अनुच्छेद 266(1)): समस्त सरकारी आय कोष; संसद मंजूरी बिना व्यय नहीं। आकस्मिकता निधि (अनुच्छेद 267): राष्ट्रपति अधीन आपात कोष।

कार्यपालिका पर संसदीय नियंत्रण के प्रमुख साधन और प्रस्ताव

अनुच्छेद 75(3) के तहत मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति जवाबदेह है। नियंत्रण के प्रमुख साधन हैं:

  • प्रश्नकाल (Question Hour): बैठक का प्रथम घंटा (तारांकित, अतारांकित और अल्प सूचना प्रश्न)।
  • शून्यकाल (Zero Hour): प्रश्नकाल के बाद 12 बजे शुरू; 1962 से भारतीय देन, तात्कालिक मुद्दे उठाने के लिए।
  • अविश्वास प्रस्ताव: केवल लोकसभा में नियम 198 के तहत 50 सदस्यों के समर्थन से पेश; पारित होने पर सरकार गिरती है।
  • निंदा प्रस्ताव: गलत नीतियों की आलोचना के लिए लोकसभा में पेश।
  • स्थगन प्रस्ताव: जरूरी लोक महत्व के मामले पर चर्चा के लिए 50 सदस्यों के समर्थन से।
  • ध्यानाकर्षण प्रस्ताव: अविलंबनीय मामले पर मंत्री का ध्यान खींचने के लिए।

संसदीय समितियां: PAC, प्राक्कलन और अन्य समितियां

ज्यादातर संसदीय समितियां सदन के कार्य-संचालन नियमों (Rules of Procedure) के तहत बनती हैं (अनुच्छेद 105 संसद के विशेषाधिकारों से जुड़ा है, समितियों के गठन से नहीं)। प्रमुख समितियां हैं:

  • लोक लेखा समिति (PAC): 1921 में गठित पुरानी समिति; 22 सदस्य (15 LS + 7 RS), 1 वर्ष कार्यकाल। अध्यक्ष विपक्षी दल से (1967 से परंपरा)। CAG की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जांचती है। मंत्री सदस्य नहीं बन सकता।
  • प्राक्कलन समिति: 1950 में वित्त मंत्री जॉन मथाई की सिफारिश पर बनी; तीन वित्तीय समितियों में सबसे बड़ी। कुल 30 सदस्य और सभी केवल लोकसभा से। इसे 'सतत मितव्ययिता समिति' कहते हैं।
  • सार्वजनिक उपक्रम समिति (COPU): 1964 में गठित 22 सदस्यीय (15 LS + 7 RS) समिति; PSUs खातों की जांच करती है।
  • विभागीय स्थायी समितियां: कुल 24 समितियां (16 LS, 8 RS); प्रत्येक में 31 सदस्य (21 LS + 10 RS)।
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Table 3: प्रमुख संसदीय समितियों का तुलनात्मक विवरण

समिति स्थापना कुल सदस्य लोकसभा राज्यसभा प्रमुख कार्य
लोक लेखा समिति (PAC) 1921 22 15 7 CAG रिपोर्ट जांच और वित्तीय अनियमितताओं पर नजर
प्राक्कलन समिति 1950 30 30 0 बजट अनुमानों की जांच और खर्च में बचत
सार्वजनिक उपक्रम समिति 1964 22 15 7 सरकारी निगमों (PSUs) के वित्तीय लेखों की जांच
विभागीय स्थायी समितियां (24) 1993 प्रत्येक 31 21 10 मंत्रालयों की अनुदान मांगों व विधेयकों की जांच

महत्वपूर्ण तथ्य

  • संसद के अंग (अनु. 79): राष्ट्रपति, राज्यसभा और लोकसभा मिलकर संसद बनाते हैं।
  • स्थायी सदन: राज्यसभा का विघटन नहीं होता; 1/3 सदस्य हर दूसरे वर्ष अवकाश पाते हैं।
  • 104वां संशोधन 2019: लोकसभा में आंग्ल-भारतीयों की 2 सीटें समाप्त, अधिकतम संख्या 550।
  • गणपूर्ति (कोरम): सदन चलाने के लिए 1/10 सदस्य जरूरी (लोकसभा 55, राज्यसभा 25)।
  • धन विधेयक (अनु. 110): केवल लोकसभा में पेश; अध्यक्ष निर्णय अंतिम; राज्यसभा को 14 दिन।
  • संयुक्त बैठक (अनु. 108): साधारण विधेयकों पर राष्ट्रपति बुलाते हैं; लोकसभा अध्यक्ष अध्यक्षता करते हैं।
  • राज्यसभा अधिकार: अनु. 249 (राज्य सूची कानून) और अनु. 312 (अखिल भारतीय सेवा सृजन)।
  • शून्यकाल: 1962 से भारतीय संसद की देन, जो 12 बजे शुरू होता है।
  • प्राक्कलन समिति: 30 सदस्यों वाली सबसे बड़ी वित्तीय समिति, सभी केवल लोकसभा से।
  • लोक लेखा समिति: 22 सदस्य (15 LS + 7 RS), अध्यक्ष विपक्षी दल से, CAG रिपोर्ट जांच।
  • राजस्थान से सीटें: संसद में कुल 35 सांसद (25 लोकसभा + 10 राज्यसभा)।

RAS Prelims MCQ

  1. संविधान के किस अनुच्छेद में संसद का गठन है?
    A) अनुच्छेद 74
    B) अनुच्छेद 79
    C) अनुच्छेद 81
    D) अनुच्छेद 85
    उत्तर: B) अनुच्छेद 79
    कारण: अनुच्छेद 79 के तहत संसद राष्ट्रपति, राज्यसभा और लोकसभा से मिलकर बनती है।
  2. किस संसदीय समिति में केवल लोकसभा के सदस्य होते हैं?
    A) लोक लेखा समिति
    B) प्राक्कलन समिति
    C) सार्वजनिक उपक्रम समिति
    D) विभागीय स्थायी समिति
    उत्तर: B) प्राक्कलन समिति
    कारण: प्राक्कलन समिति के सभी 30 सदस्य केवल लोकसभा से चुने जाते हैं।
  3. कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय कौन करता है?
    A) राष्ट्रपति
    B) वित्त मंत्री
    C) लोकसभा अध्यक्ष
    D) राज्यसभा सभापति
    उत्तर: C) लोकसभा अध्यक्ष
    कारण: अनुच्छेद 110(3) के अनुसार धन विधेयक पर लोकसभा अध्यक्ष का फैसला अंतिम होता है।
  4. राज्यसभा को किस अनुच्छेद में नई अखिल भारतीय सेवा सृजन का अधिकार है?
    A) अनुच्छेद 249
    B) अनुच्छेद 312
    C) अनुच्छेद 315
    D) अनुच्छेद 368
    उत्तर: B) अनुच्छेद 312
    कारण: अनुच्छेद 312 के तहत राज्यसभा 2/3 बहुमत से नई अखिल भारतीय सेवा बना सकती है।
  5. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता कौन करता है?
    A) राष्ट्रपति
    B) उपराष्ट्रपति
    C) लोकसभा अध्यक्ष
    D) प्रधानमंत्री
    उत्तर: C) लोकसभा अध्यक्ष
    कारण: अनुच्छेद 118(4) के अनुसार संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।
  6. 104वें संविधान संशोधन 2019 से क्या बदलाव हुआ?
    A) मतदान आयु 18 वर्ष हुई
    B) 2 आंग्ल-भारतीय सीटें समाप्त हुईं
    C) राज्यसभा सीटें बढ़ीं
    D) दल बदल कानून बना
    उत्तर: B) 2 आंग्ल-भारतीय सीटें समाप्त हुईं
    कारण: 104वें संशोधन से लोकसभा में 2 आंग्ल-भारतीय मनोनीत सीटें समाप्त कर दी गईं।
  7. धन विधेयक पर विचार के लिए राज्यसभा को कितने दिन मिलते हैं?
    A) 14 दिन
    B) 21 दिन
    C) 30 दिन
    D) 6 माह
    उत्तर: A) 14 दिन
    कारण: अनुच्छेद 109 के अनुसार राज्यसभा को धन विधेयक 14 दिन में लौटाना अनिवार्य है।
  8. लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए कितने सदस्यों का समर्थन चाहिए?
    A) 25 सदस्य
    B) 50 सदस्य
    C) 55 सदस्य
    D) 100 सदस्य
    उत्तर: B) 50 सदस्य
    कारण: लोकसभा नियम 198 के तहत कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन अनिवार्य है।
  9. संसद में बैठक के लिए गणपूर्ति (कोरम) कुल सदस्य संख्या का कितना भाग है?
    A) 1/5 भाग
    B) 1/6 भाग
    C) 1/10 भाग
    D) 1/3 भाग
    उत्तर: C) 1/10 भाग
    कारण: अनुच्छेद 100(3) के अनुसार गणपूर्ति कुल सदस्य संख्या का 1/10 भाग है।
  10. संसद में राजस्थान से कुल कितने सांसद चुने जाते हैं?
    A) 25 सांसद
    B) 30 सांसद
    C) 35 सांसद
    D) 200 सांसद
    उत्तर: C) 35 सांसद
    कारण: राजस्थान से संसद में 35 सदस्य (25 लोकसभा + 10 राज्यसभा) जाते हैं।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. संसद में गणपूर्ति (कोरम) को स्पष्ट कीजिए। (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: अनुच्छेद 100(3) के तहत सदन चलाने के लिए कुल सदस्यों का 1/10 भाग (लोकसभा 55, राज्यसभा 25) उपस्थित होना जरूरी है।
  2. लोकसभा अध्यक्ष के दो विशेषाधिकार बताइए। (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: (1) धन विधेयक को अंतिम रूप से प्रमाणित करना (अनुच्छेद 110)। (2) संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करना (अनुच्छेद 118)।
  3. अनुच्छेद 249 के तहत राज्यसभा की शक्ति बताइए। (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: राज्यसभा 2/3 बहुमत से प्रस्ताव पास कर संसद को राज्य सूची पर राष्ट्रीय हित में 1 वर्ष के लिए कानून बनाने का अधिकार सौंप सकती है।
  4. प्राक्कलन समिति को 'सतत मितव्ययिता समिति' क्यों कहते हैं? (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: 30 लोकसभा सदस्यों वाली यह समिति बजट अनुमानों की जांच कर सरकारी खर्च में बचत के उपाय सुझाती है।

Long Questions (5–10 marks)

  1. साधारण विधेयक और धन विधेयक के नियमों में अंतर बताइए। (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - प्रस्तुति: साधारण विधेयक किसी भी सदन में; धन विधेयक केवल लोकसभा में पूर्व सिफारिश से।
    - राज्यसभा शक्ति: साधारण विधेयक 6 माह रोक सकती है; धन विधेयक केवल 14 दिन।
    - संयुक्त बैठक: साधारण विधेयक पर अनुच्छेद 108 में संभव; धन विधेयक पर नहीं।
    - अनुमति: साधारण विधेयक पुनर्विचार के लिए लौट सकता है; धन विधेयक नहीं।
  2. "राज्यसभा केवल द्वितीय सदन है, द्वितीयक सदन नहीं।" परीक्षण कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - परिचय: राज्यसभा राज्यों की परिषद के रूप में भारतीय संघवाद की रीढ़ है।
    - कमजोर बिंदु: धन विधेयक पर केवल 14 दिन का समय और अविश्वास प्रस्ताव केवल लोकसभा में।
    - अनन्य शक्तियां: अनुच्छेद 249 (राज्य सूची कानून) और अनुच्छेद 312 (अखिल भारतीय सेवा सृजन)।
    - भूमिका: लोकसभा के जल्दबाजी वाले फैसलों की समीक्षा और आपातकाल में निरंतरता।
    - सार: यह विधायी संतुलन साधने वाली अनिवार्य संस्था है।

FAQs

क्या राज्यसभा कभी भंग हो सकती है?

नहीं, अनुच्छेद 83(1) के अनुसार यह स्थायी सदन है और कभी भंग नहीं होता। इसके 1/3 सदस्य हर 2 वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं।

संयुक्त बैठक किन विधेयकों पर नहीं हो सकती?

धन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक पर संयुक्त बैठक का कोई नियम नहीं है।

शून्यकाल का समय क्या होता है?

प्रश्नकाल के ठीक बाद 12 बजे का समय शून्यकाल कहलाता है। यह 1962 से भारतीय देन है।

क्या मंत्री वित्तीय समितियों के सदस्य बन सकते हैं?

नहीं, कोई भी केंद्रीय मंत्री PAC या प्राक्कलन समिति का सदस्य नहीं बन सकता।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • संसद = राष्ट्रपति + राज्यसभा + लोकसभा (अनु. 79)।
  • लोकसभा अधिकतम 550, 2026 तक 543 सीटें; राज्यसभा अधिकतम 250, अभी 245।
  • धन विधेयक का फैसला लोकसभा अध्यक्ष करते हैं (अनु. 110(3)); राज्यसभा 14 दिन ही रोक सकती है।
  • संयुक्त बैठक (अनु. 108) अब तक 3 बार: 1961, 1978, 2002।
  • प्राक्कलन समिति: 30 सदस्य, सभी लोकसभा से; PAC: 22 (15 + 7)।
  • अविश्वास प्रस्ताव: केवल लोकसभा में, कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन।
  • राजस्थान: 25 लोकसभा (4 SC, 3 ST) + 10 राज्यसभा = 35 सांसद।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Parliament of India in Hindi: भारतीय संसद (Indian Parliament) केंद्र सरकार का सर्वोच्च विधायी अंग है।
भारतीय संविधान और राजव्यवस्था के पाठ्यक्रम में Parliament of India in Hindi: भारतीय संसद: लोकसभा, राज्यसभा, कानून निर्माण और संसदीय समितियां एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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