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Constituent Assembly in Hindi: संविधान सभा का गठन, कार्यप्रणाली और संविधान की प्रमुख विशेषताएं

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: भारतीय संविधान और राजव्यवस्था (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Constituent Assembly in Hindi: संविधान सभा का गठन, कार्यप्रणाली और संविधान की प्रमुख विशेषताएं - संविधान: विशेषताएं, मूल अधिकार और कर्तव्य
  • • अवलोकन: Quick Answer: Constituent Assembly in Hindi: संविधान सभा का गठन और संविधान की प्रमुख विशेषताएं (Constituent Assembly and Salient Features) भारतीय राजव्य...
Quick Answer: Constituent Assembly in Hindi: संविधान सभा का गठन और संविधान की प्रमुख विशेषताएं (Constituent Assembly and Salient Features) भारतीय राजव्यवस्था का बुनियादी आधार हैं। कैबिनेट मिशन 1946 के तहत गठित संविधान सभा ने 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन में विश्व का सबसे विस्तृत लिखित संविधान तैयार किया, जिसे 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत और 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से लागू किया गया। इसमें लचीलेपन और कठोरता का अनूठा समन्वय, संसदीय शासन, स्वतंत्र न्यायपालिका और एकात्मक झुकाव वाला संघीय रूप (federal structure) शामिल है। RAS परीक्षा के लिए समितियां, प्रारूप समिति, मुख्य तारीखें और संविधान के विदेशी स्रोत सबसे जरूरी हिस्से हैं।

संविधान सभा की पृष्ठभूमि और गठन

भारत में संविधान सभा का विचार सबसे पहले 1934 में एम. एन. रॉय (M.N. Roy) ने रखा। 1935 में कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से इसकी मांग उठाई। 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने वयस्क मताधिकार पर आधारित स्वतंत्र संविधान सभा की मांग दोहराई। ब्रिटिश हुकूमत ने 1940 के अगस्त प्रस्ताव में इसे सैद्धांतिक मंजूरी दी और 1942 में क्रिप्स मिशन भेजा, जिसके प्रस्ताव कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने नामंजूर कर दिए। राजस्थान में जन-जागृति के इतिहास के लिए पढ़ें: Public Awakening & Freedom Struggle in Rajasthan।

मार्च 1946 में तीन सदस्यीय कैबिनेट मिशन (पैथिक लॉरेंस, स्टेफोर्ड क्रिप्स, ए. वी. अलेक्जेंडर) भारत आया। इसी योजना से नवंबर 1946 में संविधान सभा बनी। कुल 389 सीटें तय थीं: 292 ब्रिटिश प्रांतों से, 4 मुख्य आयुक्त प्रांतों (दिल्ली, अजमेर-मेरवाड़ा, कुर्ग, बलूचिस्तान) से और 93 देशी रियासतों से। प्रति 10 लाख आबादी पर 1 सीट का अनुपात था। जुलाई-अगस्त 1946 के चुनाव में कांग्रेस को 208 और मुस्लिम लीग को 73 सीटें मिलीं। विभाजन के बाद कुल सीटें घटकर 299 रह गईं (प्रांत 229, रियासतें 70)। RAS Pre 2024 में पूछा गया था कि किस दल (समाजवादी दल / Socialist Party) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने संविधान सभा भंग करके उसे वयस्क मताधिकार से फिर से चुनने की मांग की थी।

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ऐतिहासिक बैठकें और कार्यशैली

संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को नई दिल्ली के सेंट्रल हॉल में हुई। मुस्लिम लीग के बहिष्कार के चलते 211 सदस्य उपस्थित हुए:

  • 9 दिसंबर 1946: वरिष्ठतम सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष बने।
  • 11 दिसंबर 1946: डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष बने। सर बी. एन. राव सभा के संवैधानिक सलाहकार थे, जिन्होंने अक्टूबर 1947 में शुरुआती ड्राफ्ट बनाया।
  • 16 जुलाई 1947: एच. सी. मुखर्जी और सर वी. टी. कृष्णामाचारी दो उपाध्यक्ष चुने गए (दोनों निर्विरोध)।
  • 13 दिसंबर 1946: नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव (Objectives Resolution) रखा, जिसे सभा ने 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकारा। यही प्रस्ताव आगे चलकर संविधान की प्रस्तावना बना।
  • समय व सत्र: संविधान निर्माण में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन लगे। कुल 11 सत्र हुए और ड्राफ्ट पर 114 दिन तक चर्चा चली।
  • अंगीकरण व लागू होना: 26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत हुआ और नागरिकता, चुनाव, अस्थायी संसद जैसे कुछ प्रावधान उसी दिन लागू हो गए। 24 जनवरी 1950 को सभा की अंतिम बैठक में 284 सदस्यों ने संविधान पर हस्ताक्षर किए, राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत स्वीकृत हुए और डॉ. राजेंद्र प्रसाद प्रथम राष्ट्रपति चुने गए। 26 जनवरी 1950 को पूरा संविधान लागू हुआ।

प्रारूप समिति (Drafting Committee) और अन्य मुख्य समितियां

संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए 29 अगस्त 1947 को डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय प्रारूप समिति बनी:

  • डॉ. बी. आर. अंबेडकर (अध्यक्ष): संविधान के प्रधान शिल्पी।
  • एन. गोपालस्वामी अय्यंगार और अल्लादि कृष्णास्वामी अय्यर: वरिष्ठ कानूनविद।
  • डॉ. के. एम. मुंशी और सैयद मोहम्मद सादुल्ला: अनुभवी राजनीतिज्ञ।
  • एन. माधव राव: बी. एल. मित्तर के अस्वस्थ होने पर सदस्य बने।
  • टी. टी. कृष्णामाचारी: 1948 में डी. पी. खेतान के निधन के बाद शामिल हुए।

अन्य मुख्य समितियां: संघ शक्ति समिति व संघीय संविधान समिति - पंडित जवाहरलाल नेहरू; प्रांतीय संविधान समिति व मूल अधिकार-अल्पसंख्यक समिति - सरदार वल्लभभाई पटेल (मूल अधिकार उप-समिति: जे. बी. कृपलानी; अल्पसंख्यक उप-समिति: एच. सी. मुखर्जी); संचालन समिति व नियम समिति - डॉ. राजेंद्र प्रसाद; कार्य क्रम समिति - डॉ. के. एम. मुंशी।

Table 1: संविधान सभा की प्रमुख समितियां और उनके अध्यक्ष

समिति का नाम अध्यक्ष मुख्य कार्य क्षेत्र
प्रारूप समिति डॉ. बी. आर. अंबेडकर संविधान का अंतिम ड्राफ्ट बनाना (7 सदस्य)
संघ शक्ति समिति पंडित जवाहरलाल नेहरू केंद्रीय शक्तियों का निर्धारण करना
प्रांतीय संविधान समिति सरदार वल्लभभाई पटेल राज्यों के नियम तय करना
मूल अधिकार उप-समिति जे. बी. कृपलानी नागरिक अधिकारों की रूपरेखा बनाना
अल्पसंख्यक उप-समिति एच. सी. मुखर्जी अल्पसंख्यकों के सुरक्षा नियम बनाना
संचालन समिति डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा की बैठकों का प्रबंधन करना

संविधान सभा में राजस्थान का प्रतिनिधित्व

संविधान सभा में राजस्थान की रियासतों से 11 सदस्य और अजमेर-मेरवाड़ा से 1 सदस्य शामिल थे। प्रमुख सदस्यों का योगदान इस प्रकार रहा:

  • बलवंत सिंह मेहता (उदयपुर): मेवाड़ प्रजामंडल के पहले अध्यक्ष; 1948 में संयुक्त राजस्थान की ओर से सभा में आए। राजस्थान GK किताबों में इन्हें संविधान पर हस्ताक्षर करने वाला राजस्थान का पहला सदस्य बताया जाता है (official record में इसकी पुष्टि नहीं मिली)।
  • मुकुट बिहारी लाल भार्गव: अजमेर-मेरवाड़ा चीफ कमिश्नर क्षेत्र के एकमात्र प्रतिनिधि।
  • सर वी. टी. कृष्णामाचारी (जयपुर): जयपुर रियासत के प्रधानमंत्री (दीवान, 1946-49) और संविधान सभा के उपाध्यक्ष (16 जुलाई 1947 से)।
  • माणिक्यलाल वर्मा (उदयपुर): मेवाड़ प्रजामंडल के अग्रणी सेनानी।
  • हीरालाल शास्त्री (जयपुर): प्रजामंडल नेता और वृहत् राजस्थान (30 मार्च 1949) के पहले मुख्यमंत्री (तब पद का नाम प्रधानमंत्री था)।
  • जयनारायण व्यास (जोधपुर): मारवाड़ लोक परिषद के नेता, बाद में राजस्थान के मुख्यमंत्री बने।
  • गोकुल लाल असावा (शाहपुरा): स्वतंत्रता सेनानी और राजस्थान संघ के प्रधानमंत्री।
  • अन्य प्रतिनिधि: रामचंद्र उपाध्याय (अलवर), दलेल सिंह (कोटा), जसवंत सिंह (बीकानेर), राज बहादुर (भरतपुर), सरदार सिंह (खेतड़ी)।
  • शुरुआती रियासती प्रतिनिधि: 28 अप्रैल 1947 को बीकानेर से के. एम. पणिक्कर और जोधपुर से सी. एस. वेंकटाचार भी सभा में आए थे; ऊपर की 12 की गिनती में ये शामिल नहीं हैं।

भारतीय संविधान के विदेशी स्रोत (Sources of Constitution)

संविधान निर्माताओं ने विश्व के संविधानों के श्रेष्ठ तत्वों को भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल अपनाया:

  • भारत शासन अधिनियम 1935: संघीय व्यवस्था, राज्यपाल पद, न्यायपालिका, लोक सेवा आयोग और आपातकालीन प्रशासनिक नियम।
  • ब्रिटेन: संसदीय शासन, विधि का शासन (Rule of Law), एकल नागरिकता, कैबिनेट व्यवस्था, द्विसदन, संसदीय विशेषाधिकार।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका: मूल अधिकार (भाग 3), स्वतंत्र न्यायपालिका, न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review), राष्ट्रपति पर महाभियोग, उपराष्ट्रपति पद।
  • आयरलैंड: राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP), राष्ट्रपति निर्वाचन पद्धति, राज्यसभा में 12 सदस्यों का मनोनयन।
  • कनाडा: सशक्त केंद्र वाला संघ, अवशिष्ट शक्तियां केंद्र के पास, राज्यपालों की केंद्र से नियुक्ति।
  • ऑस्ट्रेलिया: समवर्ती सूची (Concurrent List), दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108), व्यापार की स्वतंत्रता।
  • जर्मनी (वाइमर): आपातकाल में मूल अधिकारों का स्थगन।
  • सोवियत संघ (USSR): मूल कर्तव्य (अनुच्छेद 51A), प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक न्याय।
  • फ्रांस: गणतंत्रात्मक व्यवस्था, प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श।
  • दक्षिण अफ्रीका: संविधान संशोधन तरीका (अनुच्छेद 368), राज्यसभा सदस्यों का निर्वाचन।
  • जापान: विधि से स्थापित नियम (Procedure established by law - अनुच्छेद 21)।

Table 2: भारतीय संविधान के प्रमुख विदेशी स्रोत और प्रावधान

स्रोत देश / कानून शामिल मुख्य प्रावधान संवैधानिक महत्व
भारत शासन अधिनियम 1935 संघीय व्यवस्था, राज्यपाल, लोक सेवा आयोग संविधान का सबसे बड़ा प्रशासनिक आधार
ब्रिटेन संसदीय व्यवस्था, विधि का शासन, एकल नागरिकता संसद के प्रति कार्यपालिका की जवाबदेही
संयुक्त राज्य अमेरिका मूल अधिकार, स्वतंत्र कोर्ट, न्यायिक समीक्षा नागरिक स्वतंत्रता और न्यायिक सर्वोच्चता
आयरलैंड नीति निदेशक तत्व, राष्ट्रपति चुनाव तरीका कल्याणकारी राज्य का लक्ष्य
कनाडा सशक्त केंद्र वाला संघ, अवशिष्ट शक्तियां राष्ट्रीय एकता को मजबूती
ऑस्ट्रेलिया समवर्ती सूची, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक केंद्र-राज्य विधायी सहयोग
दक्षिण अफ्रीका संविधान संशोधन तरीका (अनुच्छेद 368) समय के अनुसार बदलाव की सुविधा

भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएं (Key Features)

भारतीय संविधान कई अनूठी विशेषताओं से युक्त एक जीवंत दस्तावेज है:

1. सबसे विस्तृत लिखित संविधान

मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियां थीं। 2026 तक इसमें 25 भाग और 12 अनुसूचियां हैं; नए अनुच्छेद 21A, 243A जैसे नंबरों से जुड़े हैं, इसलिए कुल अनुच्छेद 450 से ज्यादा हो गए हैं (गिनती स्रोतों में थोड़ी अलग है), पर आखिरी नंबर अब भी 395 ही है। केंद्र और राज्यों के एकल संविधान और देश की विशाल विविधता ने इसे विस्तृत बनाया।

2. नम्यता और अनम्यता का अनूठा मेल

अनुच्छेद 368 में संशोधन के दो तरीके हैं: विशेष बहुमत, और विशेष बहुमत के साथ आधे राज्यों का समर्थन। कुछ साधारण बातें संसद के सामान्य बहुमत से बदल जाती हैं। यह लचीलेपन और कठोरता का अनूठा संतुलन है।

3. एकात्मक झुकाव के साथ संघ

अनुच्छेद 1 भारत को 'राज्यों का संघ' घोषित करता है। इसमें दोहरी सरकार और स्वतंत्र कोर्ट जैसे संघीय लक्षण हैं, वहीं एकल नागरिकता, सशक्त केंद्र और राज्यपाल पद जैसे एकात्मक तत्व भी हैं। के. सी. व्हीयर ने इसे अर्ध-संघीय कहा।

4. संसदीय संप्रभुता और न्यायिक सर्वोच्चता का समन्वय

संसद कानून बना सकती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट न्यायिक समीक्षा (अनुच्छेद 13) से असंवैधानिक कानून निरस्त कर सकता है। संसद संविधान संशोधन कर सकती है, बशर्ते वह मूल स्ट्रक्चर (Basic Structure) को नुकसान न पहुंचाए।

5. स्वतंत्र न्यायपालिका और धर्मनिरपेक्षता

सुप्रीम कोर्ट शीर्ष पर है और अधीनस्थ कोर्ट उससे जुड़े हैं। न्यायाधीशों की सेवा शर्तें सुरक्षित हैं। भारत एक पंथनिरपेक्ष राज्य है, जहां सभी धर्मों को समान संरक्षण प्राप्त है (अनुच्छेद 25-28)।

6. एकल नागरिकता, वयस्क मताधिकार और त्रि-स्तरीय शासन

भारत में केवल एकल नागरिकता है। अनुच्छेद 326 के तहत 18 वर्ष के नागरिकों को वयस्क मताधिकार है (61वें संशोधन 1988 से उम्र 21 से घटाकर 18 की गई)। 73वें और 74वें संशोधन 1992 से पंचायतों व नगरपालिकाओं को संवैधानिक मान्यता मिली। राजस्थान में पंचायती राज के लिए देखें: राजस्थान में पंचायती राज।

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महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • कैबिनेट मिशन 1946: तीन ब्रिटिश सदस्यों (पैथिक लॉरेंस, क्रिप्स, अलेक्जेंडर) की योजना पर सभा बनी।
  • सीटों का विभाजन: कुल 389 सीटें (292 प्रांत, 4 मुख्य आयुक्त, 93 रियासतें); विभाजन बाद 299 बचीं।
  • प्रथम बैठक: 9 दिसंबर 1946 को डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष चुने गए।
  • स्थायी अध्यक्ष: 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष बने; एच. सी. मुखर्जी व वी. टी. कृष्णामाचारी 16 जुलाई 1947 को उपाध्यक्ष चुने गए।
  • संवैधानिक सलाहकार: सर बी. एन. राव ने संविधान का प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार किया।
  • उद्देश्य प्रस्ताव: 13 दिसंबर 1946 को नेहरू ने पेश किया; 22 जनवरी 1947 को पारित हुआ।
  • प्रारूप समिति: 29 अगस्त 1947 को डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में 7 सदस्य बने।
  • समय व सत्र: 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन लगे; 11 सत्र और ड्राफ्ट पर 114 दिन बहस हुई।
  • अंगीकार तिथि: 26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत; 24 जनवरी 1950 को 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए; 26 जनवरी 1950 को पूरा संविधान लागू हुआ।
  • राजस्थान से सदस्य: रियासतों से 11 और अजमेर-मेरवाड़ा से 1, कुल 12।
  • अजमेर-मेरवाड़ा के प्रतिनिधि: मुकुट बिहारी लाल भार्गव अकेले सदस्य थे।

RAS Prelims MCQ

  1. संविधान सभा का गठन किस योजना के आधार पर किया गया था?
    A) क्रिप्स मिशन 1942
    B) वेवेल योजना 1945
    C) कैबिनेट मिशन योजना 1946
    D) माउंटबेटन योजना 1947
    उत्तर: C) कैबिनेट मिशन योजना 1946
    कारण: कैबिनेट मिशन 1946 की सिफारिशों पर नवंबर 1946 में संविधान सभा बनी थी।
  2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को किसकी अध्यक्षता में हुई?
    A) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
    B) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
    C) डॉ. बी. आर. अंबेडकर
    D) पंडित जवाहरलाल नेहरू
    उत्तर: B) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
    कारण: सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के कारण डॉ. सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया था।
  3. पंडित नेहरू ने ऐतिहासिक उद्देश्य प्रस्ताव किस तिथि को पेश किया था?
    A) 9 दिसंबर 1946
    B) 11 दिसंबर 1946
    C) 13 दिसंबर 1946
    D) 22 जनवरी 1947
    उत्तर: C) 13 दिसंबर 1946
    कारण: 13 दिसंबर 1946 को नेहरू ने प्रस्ताव पेश किया, जो 22 जनवरी 1947 को पारित हुआ।
  4. संविधान की प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन कब हुआ था?
    A) 15 अगस्त 1947
    B) 29 अगस्त 1947
    C) 26 नवंबर 1949
    D) 24 जनवरी 1950
    उत्तर: B) 29 अगस्त 1947
    कारण: 29 अगस्त 1947 को डॉ. अंबेडकर की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय प्रारूप समिति बनी।
  5. राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) किस देश के संविधान से प्रेरित हैं?
    A) अमेरिका
    B) कनाडा
    C) आयरलैंड
    D) ऑस्ट्रेलिया
    उत्तर: C) आयरलैंड
    कारण: भाग 4 में शामिल नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से ग्रहण किए गए हैं।
  6. संविधान सभा के 284 सदस्यों ने संविधान की मूल प्रति पर किस तिथि को हस्ताक्षर किए?
    A) 26 नवंबर 1949
    B) 24 जनवरी 1950
    C) 26 जनवरी 1950
    D) 15 अगस्त 1947
    उत्तर: B) 24 जनवरी 1950
    कारण: संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ, पर हस्ताक्षर 24 जनवरी 1950 को सभा की अंतिम बैठक में हुए।
  7. अजमेर-मेरवाड़ा प्रांत से संविधान सभा के निर्वाचित सदस्य कौन थे?
    A) मुकुट बिहारी लाल भार्गव
    B) गोकुल भाई भट्ट
    C) हरिभाऊ उपाध्याय
    D) हीरालाल शास्त्री
    उत्तर: A) मुकुट बिहारी लाल भार्गव
    कारण: मुकुट बिहारी लाल भार्गव अजमेर-मेरवाड़ा क्षेत्र के एकमात्र निर्वाचित सदस्य थे।
  8. समवर्ती सूची (Concurrent List) की संकल्पना किस देश से ली गई है?
    A) ऑस्ट्रेलिया
    B) सोवियत संघ
    C) दक्षिण अफ्रीका
    D) जर्मनी
    उत्तर: A) ऑस्ट्रेलिया
    कारण: समवर्ती सूची और सदनों की संयुक्त बैठक ऑस्ट्रेलिया के संविधान से ली गई है।
  9. संविधान संशोधन का तरीका (अनुच्छेद 368) किस देश से ग्रहण किया गया है?
    A) दक्षिण अफ्रीका
    B) अमेरिका
    C) फ्रांस
    D) ब्रिटेन
    उत्तर: A) दक्षिण अफ्रीका
    कारण: अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन की पद्धति दक्षिण अफ्रीका से ली गई है।
  10. मतदान की न्यूनतम उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष किस संशोधन से की गई?
    A) 42वां संशोधन 1976
    B) 44वां संशोधन 1978
    C) 61वां संशोधन 1988
    D) 73वां संशोधन 1992
    उत्तर: C) 61वां संशोधन 1988
    कारण: 61वें संशोधन 1988 (लागू 1989) ने मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की थी।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–5 marks)

  1. उद्देश्य प्रस्ताव (Objectives Resolution) का मुख्य सार क्या था? (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा: 13 दिसंबर 1946 को नेहरू ने पेश किया और 22 जनवरी 1947 को पारित हुआ। इसने स्वतंत्र संप्रभु गणराज्य और न्याय व स्वतंत्रता का संकल्प दिया, जो प्रस्तावना का आधार बना।
  2. प्रारूप समिति (Drafting Committee) के गठन और सदस्यों का उल्लेख कीजिए। (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा: गठन 29 अगस्त 1947। अध्यक्ष डॉ. अंबेडकर। अन्य 6 सदस्य: अय्यंगार, अय्यर, मुंशी, सादुल्ला, माधव राव और टी. टी. कृष्णामाचारी। मुख्य कार्य प्रामाणिक प्रारूप बनाना था।
  3. संविधान सभा में राजस्थान के योगदान को स्पष्ट कीजिए। (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा: राजस्थान से 11 रियासती सदस्य और अजमेर-मेरवाड़ा से 1 सदस्य (मुकुट बिहारी लाल भार्गव) पहुंचे। सर वी. टी. कृष्णामाचारी उपाध्यक्ष रहे। हीरालाल शास्त्री, माणिक्यलाल वर्मा, जयनारायण व्यास जैसे प्रजामंडल नेता सदस्य थे। अन्य नेताओं ने जन-हितों की पैरवी की।
  4. भारतीय संविधान में नम्यता और अनम्यता का समन्वय कैसे झलकता है? (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा: अनुच्छेद 368 में विशेष बहुमत और राज्यों की सहमति (कठोर पक्ष) है। साधारण विषय सामान्य बहुमत से संशोधित हो जाते हैं (लचीला पक्ष)। यह संतुलन स्थिरता सुनिश्चित करता है।

Long Questions (10 marks)

  1. भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताओं का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - भूमिका: 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में निर्मित विश्व का सबसे विस्तृत लिखित संविधान।
    - मुख्य बिंदु: विस्तृत लिखित रूप (395 मूल अनुच्छेद), एकात्मक झुकाव वाला संघ (मजबूत केंद्र, एकल नागरिकता), संसदीय व्यवस्था व स्वतंत्र कोर्ट का समन्वय, पंथनिरपेक्ष राज्य और त्रि-स्तरीय शासन (73वां व 74वां संशोधन)।
    - सार: यह एक प्रगतिशील दस्तावेज है जो लोकतंत्र को स्थायित्व देता है।
  2. भारतीय संविधान के प्रमुख विदेशी स्रोतों का परीक्षण करते हुए 1935 के अधिनियम के असर को स्पष्ट कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - भूमिका: संविधान सभा ने विश्व के विविध संविधानों से लोकतांत्रिक मूल्यों को ग्रहण किया।
    - विदेशी स्रोत: ब्रिटेन से संसदीय व्यवस्था, अमेरिका से मूल अधिकार व न्यायिक समीक्षा, आयरलैंड से DPSP, ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची।
    - 1935 के अधिनियम का असर: संविधान का सबसे बड़ा हिस्सा (प्रशासनिक structure) इसी से आया। संघीय योजना, राज्यपाल पद, न्यायपालिका और लोक सेवा आयोग सीधे लिए गए।
    - सार: 1935 के अधिनियम ने प्रशासनिक आधार दिया और विदेशी स्रोतों ने नागरिक अधिकारों को संवारा।

FAQs

संविधान सभा के पहले अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?

9 दिसंबर 1946 को सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था।

संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ, तो 26 जनवरी 1950 को लागू क्यों किया गया?

26 जनवरी 1930 को कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज दिवस मनाया था। उसी की याद में पूरा संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। कुछ प्रावधान (नागरिकता, चुनाव, अस्थायी संसद) 26 नवंबर 1949 को ही लागू हो गए थे।

संविधान निर्माण में कुल कितना समय लगा?

संविधान सभा को संविधान निर्माण का कार्य पूरा करने में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन का समय लगा था।

भारतीय संविधान में नीति निदेशक तत्व किस देश से लिए गए हैं?

संविधान के भाग 4 में शामिल नीति निदेशक तत्व (DPSP) आयरलैंड के संविधान से ग्रहण किए गए हैं।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • संविधान सभा: कैबिनेट मिशन 1946; 389 सीटें, विभाजन के बाद 299।
  • पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 (211 सदस्य); अस्थायी अध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा।
  • स्थायी अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद (11 दिसंबर 1946); उपाध्यक्ष मुखर्जी व वी. टी. कृष्णामाचारी (16 जुलाई 1947)।
  • उद्देश्य प्रस्ताव: 13 दिसंबर 1946 पेश, 22 जनवरी 1947 पारित।
  • प्रारूप समिति: 29 अगस्त 1947, अध्यक्ष अंबेडकर, 7 सदस्य।
  • अंगीकरण 26 नवंबर 1949; हस्ताक्षर 24 जनवरी 1950 (284 सदस्य); लागू 26 जनवरी 1950।
  • DPSP आयरलैंड से, समवर्ती सूची ऑस्ट्रेलिया से, संशोधन तरीका दक्षिण अफ्रीका से।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Constituent Assembly in Hindi: संविधान सभा का गठन और संविधान की प्रमुख विशेषताएं (Constituent Assembly and Salient Features) भारतीय राजव्यवस्था का बुनियादी आधार हैं।
भारतीय संविधान और राजव्यवस्था के पाठ्यक्रम में Constituent Assembly in Hindi: संविधान सभा का गठन, कार्यप्रणाली और संविधान की प्रमुख विशेषताएं एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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