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Vijayanagara Empire in Hindi: विजयनगर साम्राज्य: प्रशासन, नायंकर व्यवस्था और हम्पी की कला

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: भारतीय इतिहास (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Vijayanagara Empire in Hindi: विजयनगर साम्राज्य: प्रशासन, नायंकर व्यवस्था और हम्पी की कला - मध्यकालीन भारत: प्रशासन और संस्कृति
  • • अवलोकन: Quick Answer: Vijayanagara Empire in Hindi: विजयनगर साम्राज्य ("जीत का शहर") की स्थापना 1336 ई. में तुंगभद्रा नदी के तट पर हरिहर और बुक्का ने संत विद्या...
Quick Answer: Vijayanagara Empire in Hindi: विजयनगर साम्राज्य ("जीत का शहर") की स्थापना 1336 ई. में तुंगभद्रा नदी के तट पर हरिहर और बुक्का ने संत विद्यारण्य के आशीर्वाद से की थी। इस पर संगम, सालुव, तुलुव और अरविदु चार राजवंशों ने शासन किया। तुलुव वंशीय सम्राट कृष्णदेव राय (1509-1529 ई.) इसके सबसे महान शासक थे जिनके दरबार में अष्टदिग्गज कवि थे और जिन्होंने आमुक्तमाल्यद ग्रंथ लिखा। 23 जनवरी 1565 (कुछ स्रोतों में 26 जनवरी) को तालीकोटा (राक्षसी-तांगड़ी) के युद्ध में दक्कन सल्तनतों ने इसे हराया और राजधानी नष्ट कर दी। सैन्य सामंती नायंकर (अमरनायक) व्यवस्था और हम्पी की यूनेस्को वास्तुकला (विट्ठल मंदिर का प्रस्तर रथ व संगीतमय पिलर, विरूपाक्ष मंदिर और महानवमी डिब्बा) इसकी पहचान हैं।

1. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना और चार प्रमुख राजवंश (Foundation & Dynasties)

1336 ईस्वी में दो भाइयों हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम ने तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की। श्रृंगेरी पीठ के संत माधव विद्यारण्य उनके आध्यात्मिक प्रेरक थे। इस पर चार राजवंशों ने शासन किया:

राजवंश और काल संस्थापक और प्रतापी शासक प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं
संगम वंश (1336–1485 ई.) हरिहर व बुक्का; देवराय प्रथम, देवराय द्वितीय देवराय प्रथम ने तुंगभद्रा पर बांध बनवाया; देवराय द्वितीय (उपाधि गजभेटेकार); इटली यात्री निकोलो कोंटी (1420) और फारसी राजदूत अब्दुल रज्जाक (1443) आए।
सालुव वंश (1485–1505 ई.) सालुव नरसिंह आंतरिक अशांति को समाप्त कर सेना को पुनर्गठित किया।
तुलुव वंश (1505–1570 ई.) वीर नरसिंह; सम्राट कृष्णदेव राय (1509–1529 ई.) विजयनगर का स्वर्ण युग; पुर्तगाली यात्री डोमिंगो पेस और फर्नाओ नूनीज आए; 1565 में तालीकोटा का युद्ध।
अरविदु वंश (1570–1646 ई.) तिरुमल पेनुकोंडा और चंद्रगिरि से शासन; अंतिम शासक रंग तृतीय।
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2. सम्राट कृष्णदेव राय: सांस्कृतिक और साहित्यिक उत्कर्ष (Emperor Krishnadeva Raya)

तुलुव वंश के सम्राट कृष्णदेव राय (1509–1529 ई.) विजयनगर साम्राज्य के सर्वश्रेष्ठ सम्राट थे। बाबर ने अपनी आत्मकथा बाबरनामा में विजयनगर के राजा को उस समय के भारत के गैर-मुस्लिम शासकों में (क्षेत्र और सेना के हिसाब से) सबसे शक्तिशाली बताया था।

  • सैन्य विजयें: शुरुआती वर्षों में बहमनी-बीजापुर सेनाओं को हराया; कृष्णा और तुंगभद्रा के बीच के उपजाऊ रायचूर दोआब के लिए बीजापुर से संघर्ष किया और 1520 में रायचूर का किला जीता; ओडिशा के गजपति शासक प्रतापरुद्र देव के विरुद्ध अभियान में उदयगिरि का दुर्ग (1513-14) जीता। उन्होंने 'आंध्र भोज', 'अभिनव भोज' और 'यवनराज स्थापनाचार्य' की उपाधियां लीं।
  • अष्टदिग्गज और साहित्य: उनका काल तेलुगु साहित्य का क्लासिकल स्वर्ण काल माना जाता है। उनके राजदरबार (भुवन विजयम्) में तेलुगु के 8 महान कवि (अष्टदिग्गज) थे। इनमें अल्लासानी पेद्दना (उपाधि 'आंध्र कविता पितामह') और चतुर दरबारी तेनालीराम रामकृष्ण (पांडुरंग महात्म्यम् के रचयिता) प्रमुख थे।
  • स्वयं रचित ग्रंथ: कृष्णदेव राय स्वयं उच्च कोटि के विद्वान थे। उन्होंने तेलुगु भाषा में राजनीति और शासनकला पर प्रसिद्ध काव्य 'आमुक्तमाल्यद' लिखा (जिसमें भगवान विष्णु के प्रति आंडाल के समर्पण और राजधर्म का वर्णन है) और संस्कृत में 'जांबवती कल्याणम्' नाटक की रचना की।
  • नगर निर्माण: अपनी माता नागलादेवी की स्मृति में विजयनगर के पास नागलापुरम नामक उपनगर बसाया और विरूपाक्ष मंदिर में भव्य पूर्वी गोपुरम और कल्याण मंडप बनवाया।

3. तालीकोटा का युद्ध: विजयनगर का पतन (Battle of Talikota, 1565 CE)

कृष्णदेव राय के बाद उनके दामाद रामराय वास्तविक शक्ति बने। रामराय ने दक्कन की मुस्लिम सल्तनतों को आपस में लड़ाने की कुटिल कूटनीति अपनाई। अंततः बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर और बीदर ने आपसी मतभेद भुलाकर एक संयुक्त महासंघ बनाया (बरार इसमें शामिल नहीं हुआ)।

23 जनवरी 1565 को इतिहास प्रसिद्ध तालीकोटा का युद्ध (राक्षसी-तांगड़ी या बन्नीहट्टी का युद्ध) हुआ। विजयनगर सेनापति रामराय को पकड़कर अहमदनगर के हुसैन निजाम शाह ने उसका वध कर दिया। विजयी सेनाओं ने वैभवशाली हंपी नगर को लूटा और कई महीनों तक जलाकर राख के ढेर में बदल दिया। इतालवी यात्री सीजर फ्रेडरिक ने 1567 के आसपास उजड़े हुए नगर को देखा और उसका वर्णन लिखा।

4. प्रशासनिक स्वरूप: नायंकर व्यवस्था और आयंगर व्यवस्था (Administration & Nayankara System)

विजयनगर का प्रशासनिक स्वरूप युद्धोन्मुख और विकेंद्रीकृत सामंती विशेषताओं से युक्त था:

व्यवस्था का नाम मूल स्वरूप और कार्यव्यवस्था प्रशासनिक और सैन्य महत्व
नायंकर (अमरनायक) व्यवस्था राजा की ओर से सैन्य सरदारों (नायकों / अमरनायकों) को उनके भरण-पोषण और सेना रखने के लिए दिए जाने वाले भू-क्षेत्र को 'अमरम' कहा जाता था। अमरनायक अपने क्षेत्र से लगान वसूलते थे, निश्चित संख्या में पैदल सैनिक, अश्व व हाथी रखते थे और युद्ध के समय सम्राट की सहायता करते थे। प्रतिवर्ष वे राजधानी में राजा को उपहार और निश्चित कर भेजते थे।
आयंगर व्यवस्था (Ayangar System) ग्रामीण स्तर पर 12 अधिकारियों का समूह (आयंगर) जो पूर्णतः वंशानुगत था। गांव में कानून व्यवस्था, न्याय और कर प्रबंधन देखते थे। इनके कार्य के बदले उन्हें कर-मुक्त भूमि (मान्यम) दी जाती थी। इनकी अनुमति के बिना गांव की जमीन नहीं बेची जा सकती थी।

साम्राज्य को प्रशासनिक दृष्टि से मंडलम (प्रांत) -> नाडु (जिला) -> स्थल (उप-जिला) -> ग्राम में बांटा गया था। सोने के मानक सिक्के को 'वराह' या 'हूण' (पुर्तगाली इसे पगोडा कहते थे) कहा जाता था।

5. हम्पी की विश्व विख्यात स्थापत्य कला (Architecture of Hampi / Vijayanagara)

कर्नाटक के विजयनगर जिले (2021 से पहले बेल्लारी जिला) में स्थित विजयनगर के भग्नावशेषों (हम्पी) को यूनेस्को ने 1986 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। 1800 ई. में कर्नल कॉलिन मैकेंजी ने पहली बार इसका सर्वेक्षण मानचित्र तैयार किया था। हम्पी का वास्तुशिल्प दो प्रमुख क्षेत्रों में बंटा है:

  • 1. धार्मिक केंद्र (Sacred Centre):
    • विरूपाक्ष मंदिर: भगवान शिव (विरूपाक्ष) को समर्पित यह मंदिर तुंगभद्रा के तट पर स्थित है। इसमें उत्कृष्ट नक्काशीदार पिलरों वाला कल्याण मंडप है, जहां देवी-देवताओं के प्रतीकात्मक विवाह उत्सव आयोजित होते थे।
    • विट्ठल मंदिर: भगवान विष्णु (विट्ठल) का यह मंदिर विजयनगर स्थापत्य का पराकाष्ठा है। इसके प्रांगण में एक ही विशाल पाषाण को तराशकर बनाया गया 'प्रस्तर रथ' (Stone Chariot) स्थित है (जिसे भारतीय रिजर्व बैंक के ₹50 के नए नोट पर चित्रित किया गया है)। इसके रंगमंडप में 56 संगीतमय पिलर (Musical Pillars) हैं, जिन्हें थपथपाने पर संगीत के सुरों जैसी ध्वनियां निकलती हैं (पिलरों को बचाने के लिए ASI ने अब इन्हें थपथपाने पर रोक लगाई है)।
  • 2. राजकीय केंद्र (Royal Centre):
    • महानवमी डिब्बा: लगभग 40 फीट ऊंचा और 11,000 वर्ग फीट में फैला एक विशाल पाषाण मंच। यहां राजा नौ दिन का महानवमी (नवरात्रि / दशहरा) उत्सव मनाते थे, सैन्य परेड का निरीक्षण करते थे और अधीनस्थों से नजराना लेते थे। इसकी दीवारों पर युद्ध, शिकार, नर्तकियों और हाथियों के सजीव नक्काशीदार चित्र हैं।
    • लोटस महल और हाथी अस्तबल (Elephant Stables): ये धर्मनिरपेक्ष भवन हैं जो इंडो-इस्लामिक शैली (मेहराबदार गुंबदों) के समन्वय का बेजोड़ उदाहरण हैं।
    • हजारा राम मंदिर: राजपरिवार का मंदिर माना जाता है, जिसकी दीवारों पर रामायण के दृश्य पत्थरों पर उत्कीर्ण हैं।

नायंकर व्यवस्था की तुलना राजस्थान की जागीर व्यवस्था से करने के लिए राजस्थान में सामंती व्यवस्था पढ़ें। मंदिर और दुर्ग स्थापत्य की तुलना के लिए राजस्थान की वास्तुकला, मूर्तिकला और चित्रकला देखें।

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision Facts)

  • विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 1336 ईस्वी में हरिहर और बुक्का ने संत विद्यारण्य के मार्गदर्शन में तुंगभद्रा तट पर की थी।
  • सम्राट कृष्णदेव राय ने तेलुगु भाषा में राजनीति पर प्रसिद्ध काव्य 'आमुक्तमाल्यद' और संस्कृत में 'जांबवती कल्याणम्' लिखा था।
  • 23 जनवरी 1565 (कुछ स्रोतों में 26 जनवरी) को हुए 'तालीकोटा के युद्ध' (राक्षसी-तांगड़ी) में दक्कन सल्तनतों के संयुक्त मोर्चे ने विजयनगर को परास्त किया।
  • विजयनगर प्रशासन की अमरनायक (नायंकर) व्यवस्था सैन्य सामंतों को भू-राजस्व क्षेत्र (अमरम) सौंपने पर आधारित थी।
  • हम्पी के विट्ठल मंदिर का विश्व विख्यात 'प्रस्तर रथ' (Stone Chariot) भारतीय ₹50 के नए करेंसी नोट पर अंकित है।

RAS Prelims MCQ

  1. वर्ष 1336 में दक्षिण भारत में तुंगभद्रा नदी के तट पर विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किन दो भाइयों ने की थी?
    A) हरिहर और बुक्का (Harihara & Bukka)
    B) देवराय प्रथम और देवराय द्वितीय
    C) कृष्णदेव राय और अच्युत देव राय
    D) सालुव नरसिंह और वीर नरसिंह
    उत्तर: A) हरिहर और बुक्का (Harihara & Bukka)
    कारण: संगम के दो पुत्रों हरिहर और बुक्का ने संत विद्यारण्य के आशीर्वाद से कांपिली विद्रोह के बाद विजयनगर की नींव रखी।
  2. विजयनगर के महानतम सम्राट कृष्णदेव राय (1509–1529 ई.) का संबंध नीचे दिए गए में से किस राजवंश से था?
    A) संगम वंश
    B) सालुव वंश
    C) तुलुव वंश (Tuluva Dynasty)
    D) अरविदु वंश
    उत्तर: C) तुलुव वंश (Tuluva Dynasty)
    कारण: कृष्णदेव राय तुलुव वंश के प्रतापी शासक थे, जिनका शासनकाल कला, साहित्य और सैन्य विजयों का स्वर्ण युग था।
  3. सम्राट कृष्णदेव राय का तेलुगु भाषा में राजनीति और शासनकला पर लिखा विश्व विख्यात महाकाव्य कौन सा है?
    A) जांबवती कल्याणम्
    B) आमुक्तमाल्यद (Amuktamalyada)
    C) उषा परिणय
    D) मनुचरितम्
    उत्तर: B) आमुक्तमाल्यद (Amuktamalyada)
    कारण: आमुक्तमाल्यद कृष्णदेव राय का तेलुगु में लिखा ग्रंथ है जिसमें राजधर्म, विदेश नीति और लोक कल्याण का वर्णन है।
  4. जनवरी 1565 में हुआ वह ऐतिहासिक युद्ध कौन सा था जिसने वैभवशाली विजयनगर साम्राज्य का पतन सुनिश्चित कर दिया?
    A) खानवा का युद्ध
    B) तालीकोटा का युद्ध / राक्षसी-तांगड़ी का युद्ध
    C) रायचूर का युद्ध
    D) घाघरा का युद्ध
    उत्तर: B) तालीकोटा का युद्ध / राक्षसी-तांगड़ी का युद्ध
    कारण: तालीकोटा के युद्ध में बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर और बीदर की संयुक्त सेनाओं ने विजयनगर सेनापति रामराय को मारकर हंपी नष्ट कर दिया।
  5. विजयनगर के सैन्य प्रशासन की वह विशिष्ट व्यवस्था क्या कहलाती थी जिसमें सेनापतियों को वेतन के बदले भूमि (अमरम) दी जाती थी?
    A) मनसबदारी व्यवस्था
    B) नायंकर / अमरनायक व्यवस्था (Nayankara System)
    C) इक्ता व्यवस्था
    D) जागीरदारी व्यवस्था
    उत्तर: B) नायंकर / अमरनायक व्यवस्था (Nayankara System)
    कारण: नायंकर व्यवस्था में अमरनायक राजा को सैन्य टुकड़ी उपलब्ध कराते थे और अपने अमरम क्षेत्र से राजस्व एकत्र करते थे।
  6. हम्पी स्थित प्रसिद्ध 'विट्ठल मंदिर' की प्रमुख स्थापत्य विशेषता क्या है जो इसे विश्व धरोहर बनाती है?
    A) यह लकड़ी से बना है
    B) एकाश्मक प्रस्तर रथ और 56 संगीतमय पिलर (Musical Pillars)
    C) इसमें 100 शिखर हैं
    D) यह पूर्णतः भूमिगत है
    उत्तर: B) एकाश्मक प्रस्तर रथ और 56 संगीतमय पिलर (Musical Pillars)
    कारण: विट्ठल मंदिर में गरुड़ प्रस्तर रथ और थपथपाने पर संगीत ध्वनि निकालने वाले 56 नक्काशीदार पिलर स्थित हैं।
  7. विजयनगर साम्राज्य में ग्रामीण स्थानीय प्रशासन की देखभाल करने वाले 12 वंशानुगत अधिकारियों के समूह को क्या कहा जाता था?
    A) अष्टदिग्गज
    B) आयंगर व्यवस्था (Ayangar System)
    C) अष्टप्रधान
    D) नवरत्न
    उत्तर: B) आयंगर व्यवस्था (Ayangar System)
    कारण: आयंगर व्यवस्था के तहत गांव के 12 अधिकारी (कर्णम, तलयारी आदि) कर-मुक्त मान्यम भूमि के बदले ग्रामीण व्यवस्था संभालते थे।
  8. फारस (ईरान) के शासक का वह प्रसिद्ध राजदूत कौन था जिसने 1443 ई. में देवराय द्वितीय के समय विजयनगर की यात्रा की और सात परकोटों की प्रशंसा की?
    A) निकोलो कोंटी
    B) अब्दुल रज्जाक (Abdur Razzaq)
    C) इब्नबतूता
    D) डोमिंगो पेस
    उत्तर: B) अब्दुल रज्जाक (Abdur Razzaq)
    कारण: अब्दुल रज्जाक ने लिखा कि विजयनगर ऐसा नगर है जैसा आंखों ने न कभी देखा और न कानों ने पूरे संसार में सुना।
  9. विजयनगर के राजदरबार में 'अष्टदिग्गज' शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता था?
    A) 8 प्रमुख युद्ध हाथी
    B) 8 केंद्रीय मंत्रियों की परिषद
    C) कृष्णदेव राय के दरबार के 8 महान तेलुगु कवि
    D) 8 प्रमुख किले
    उत्तर: C) कृष्णदेव राय के दरबार के 8 महान तेलुगु कवि
    कारण: कृष्णदेव राय के दरबार में अल्लासानी पेद्दना, तेनालीराम आदि 8 मूर्धन्य तेलुगु विद्वान थे जिन्हें अष्टदिग्गज कहा गया।
  10. हम्पी के राजकीय केंद्र में स्थित वह विशाल 40 फीट ऊंचा पाषाण मंच जहां राजा नवरात्रि उत्सव और सैन्य परेड का निरीक्षण करते थे:
    A) लोटस महल
    B) महानवमी डिब्बा (Mahanavami Dibba)
    C) गगन महल
    D) रंगा विलास
    उत्तर: B) महानवमी डिब्बा (Mahanavami Dibba)
    कारण: महानवमी डिब्बा वह विशाल चबूतरा था जहां विजयनगर शासक नौ दिन के महानवमी उत्सव की भव्य धार्मिक और सैन्य रस्में पूरी करते थे।
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RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. विजयनगर साम्राज्य की 'नायंकर (अमरनायक) व्यवस्था' क्या थी? (20 शब्द)
    उत्तर: राजा की ओर से सैन्य कमांडरों (अमरनायकों) को भू-क्षेत्र (अमरम) दिया जाता था, जिसके राजस्व से वे सेना बनाए रखते थे और राजा को वार्षिक कर देते थे।
  2. तालीकोटा के युद्ध (1565 ई.) का ऐतिहासिक परिणाम क्या हुआ? (20 शब्द)
    उत्तर: बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर और बीदर के संयुक्त मोर्चे ने विजयनगर को परास्त किया, जिससे दक्षिण भारत के सबसे समृद्ध हिंदू साम्राज्य का पतन हो गया।
  3. कृष्णदेव राय के साहित्यिक योगदान की संक्षेप में विवेचना कीजिए। (20 शब्द)
    उत्तर: वे स्वयं तेलुगु काव्य 'आमुक्तमाल्यद' और संस्कृत नाटक 'जांबवती कल्याणम्' के रचयिता थे और उनके दरबार में 'अष्टदिग्गज' कवि सुशोभित थे।
  4. हम्पी के विट्ठल मंदिर की दो स्थापत्य विशेषताएं बताइए। (20 शब्द)
    उत्तर: 1. प्रांगण में बना एकाश्मक पत्थर का गरुड़ रथ (प्रस्तर रथ)। 2. रंगमंडप में स्थित 56 संगीतमय पिलर जिन्हें थपथपाने पर सुरों जैसी ध्वनि निकलती है।
  5. विजयनगर की 'आयंगर व्यवस्था' क्या थी? (20 शब्द)
    उत्तर: ग्रामीण प्रशासन चलाने वाले 12 वंशानुगत अधिकारियों की संस्था, जिन्हें वेतन के बदले कर-मुक्त भूमि (मान्यम) दी जाती थी।

Long Questions (5–10 marks)

  1. विजयनगर साम्राज्य के प्रशासनिक ढांचे, विशेषकर नायंकर व्यवस्था और आयंगर व्यवस्था का मध्यकालीन सामंती व्यवस्था के संदर्भ में समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। (100 शब्द)
    उत्तर: विजयनगर प्रशासन अत्यधिक सैन्यीकृत और विकेंद्रीकृत था:
    1. नायंकर (अमरनायक) व्यवस्था: यह सल्तनत की इक्ता और मुगलों की मनसबदारी के समकक्ष थी। राजा अमरनायकों को सीमांत क्षेत्रों का 'अमरम' सौंपता था। नायक अपने क्षेत्र में स्वायत्त शासक की तरह कर वसूलते थे और तयशुदा अश्वारोही व पैदल सेना रखते थे। इससे राजा को बिना स्थायी वित्तीय बोझ के विशाल सेना मिली, किंतु केंद्रीय शक्ति कमजोर होते ही यही नायक स्वतंत्र राज्य (जैसे मदुरै व तंजौर के नायक) बनाकर साम्राज्य के विघटन का कारण बने।
    2. आयंगर व्यवस्था: ग्राम स्तर पर 12 अधिकारियों (पटेल, कर्णम, तलयारी आदि) को वंशानुगत अधिकार और लगान-मुक्त 'मान्यम' भूमि देकर स्वायत्तता दी गई। ग्राम समाज बाहरी हस्तक्षेप से सुरक्षित रहा, किंतु केंद्रीय नियंत्रण शिथिल हुआ।
  2. हम्पी के स्थापत्य और मूर्तिकला की उन प्रमुख विशेषताओं का परीक्षण कीजिए जो विजयनगर साम्राज्य को भारतीय कला के इतिहास में अनोखी स्थान दिलाती हैं। (100 शब्द)
    उत्तर: हम्पी का वास्तुशिल्प द्रविड़ कला की भव्यता का शिखर है:
    1. मंदिर स्थापत्य के नवाचार:
    - कल्याण मंडप: मुख्य मंदिर के प्रांगण में बारीक नक्काशीदार पिलरों से युक्त खुले मंडप बनाए गए जहां देवी-देवताओं के प्रतीकात्मक विवाह और उत्सव मनाए जाते थे।
    - संगीतमय प्रस्तर पिलर: विट्ठल मंदिर में 56 अखंड शिला पिलर जिन्हें आघात करने पर शास्त्रीय संगीत के स्वर गूंजते हैं, तत्कालीन असाधारण ध्वनिकी (Acoustics) ज्ञान को दर्शाते हैं।
    - प्रस्तर रथ: पूर्णतः पाषाण को तराशकर बनाया गया गरुड़ रथ भारतीय धातु शिल्प की नकल का दुर्लभ प्रस्तर प्रतिमान है।
    2. धर्मनिरपेक्ष व नागरिक निर्माण: लोटस महल और हाथी अस्तबल में हिंदू रूपांकनों के साथ इस्लामी मेहराबों और गुंबदों का सुंदर इंडो-इस्लामिक समन्वय दिखता है।
    3. महानवमी डिब्बा: 40 फीट ऊंचे पाषाण चबूतरे की दीवारों पर नर्तकियों, शिकार और सेना के सजीव रिलीफ चित्र तत्कालीन जीवंत सामाजिक जीवन का दस्तावेजीकरण करते हैं।

FAQs

प्रश्न: हम्पी वर्तमान में भारत के किस राज्य और जिले में स्थित है?
उत्तर: हम्पी वर्तमान में कर्नाटक राज्य के विजयनगर (पूर्व में बेल्लारी) जिले में तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित है।

प्रश्न: तालीकोटा के युद्ध के समय विजयनगर का वास्तविक शासक कौन था?
उत्तर: तालीकोटा के युद्ध के समय सदाशिव राय नाममात्र के कठपुतली शासक थे, जबकि वास्तविक कार्यकारी सत्ता उनके मंत्री और दामाद 'रामराय' के हाथों में थी।

प्रश्न: विजयनगर के सोने के सिक्के को क्या कहा जाता था?
उत्तर: विजयनगर के मानक सोने के सिक्के को 'वराह' या 'हूण' कहा जाता था, जिसे विदेशी यात्री 'पगोडा' कहते थे।

प्रश्न: कृष्णदेव राय के प्रसिद्ध ग्रंथ 'आमुक्तमाल्यद' का शाब्दिक अर्थ क्या है?
उत्तर: इसका शाब्दिक अर्थ है 'स्वयं पहनकर भगवान को माला पहनाने वाली' (जो तमिल वैष्णव महिला संत आंडाल की भक्ति परंपरा से संबंधित है)।

प्रश्न: किन विदेशी यात्रियों ने विजयनगर में सती प्रथा का उल्लेख किया था?
उत्तर: पुर्तगाली यात्री दुआर्ते बारबोसा और फर्नाओ नूनीज, और इससे पहले इतालवी यात्री निकोलो कोंटी ने अपने वृत्तांतों में विजयनगर में प्रचलित सती प्रथा का वर्णन किया। मंदिरों से जुड़ी नर्तकियों (देवदासियों) का उल्लेख भी पुर्तगाली वृत्तांतों में मिलता है।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • विजयनगर की स्थापना: 1336 ई., हरिहर और बुक्का (संगम वंश), तुंगभद्रा के दक्षिणी तट पर।
  • चार वंशों का क्रम: संगम → सालुव → तुलुव → अरविदु।
  • कृष्णदेव राय (1509–1529, तुलुव वंश): तेलुगु में 'आमुक्तमाल्यद', दरबार में 'अष्टदिग्गज'।
  • तालीकोटा / राक्षसी-तांगड़ी का युद्ध: जनवरी 1565; रामराय मारा गया।
  • अमरनायक को मिला क्षेत्र 'अमरम'; गांव के 12 वंशानुगत अधिकारी 'आयंगर'।
  • अब्दुल रज्जाक (1443, देवराय द्वितीय) और निकोलो कोंटी (1420) प्रमुख विदेशी यात्री।
  • हम्पी 1986 में UNESCO विश्व धरोहर बना; विट्ठल मंदिर का पत्थर का रथ ₹50 के नए नोट पर है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Vijayanagara Empire in Hindi: विजयनगर साम्राज्य ("जीत।
भारतीय इतिहास के पाठ्यक्रम में Vijayanagara Empire in Hindi: विजयनगर साम्राज्य: प्रशासन, नायंकर व्यवस्था और हम्पी की कला एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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