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Functional and Non-Functional Requirements in Hindi

Functional and non-functional requirements in Hindi | फंक्शनल और नॉन-फंक्शनल रिक्वायरमेंट्स हिंदी में :


  • सॉफ्टवेयर विकास में फंक्शनल (Functional) और नॉन-फंक्शनल (Non-Functional) आवश्यकताएँ किसी भी सिस्टम के डिजाइन और विकास की दिशा निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाती हैं। 
  • इन दोनों प्रकार की आवश्यकताओं को स्पष्ट रूप से समझना आवश्यक होता है ताकि सॉफ्टवेयर सिस्टम का निर्माण उसकी पूर्ण कार्यक्षमता और गुणवत्ता के साथ हो सके।
  • फंक्शनल और नॉन-फंक्शनल आवश्यकताएँ दोनों किसी सॉफ्टवेयर सिस्टम के सफल निर्माण और उपयोगकर्ता की संतुष्टि के लिए महत्वपूर्ण हैं। फंक्शनल आवश्यकताएँ यह सुनिश्चित करती हैं कि सिस्टम उपयोगकर्ता की अपेक्षाओं को पूरा करे और वे कार्य करे जो उससे अपेक्षित हैं, 
  • जबकि नॉन-फंक्शनल आवश्यकताएँ यह सुनिश्चित करती हैं कि सिस्टम गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और उपयोगकर्ता के अनुभव को बेहतर बनाने वाला हो। इन दोनों प्रकार की आवश्यकताओं का सही तालमेल सॉफ्टवेयर को उसकी पूरी क्षमता तक पहुँचाने में मदद करता है।

Functional Requirements in Hindi | फंक्शनल आवश्यकताएँ :

  • फंक्शनल आवश्यकताएँ वे विशेषताएँ होती हैं जो किसी सॉफ्टवेयर सिस्टम के संचालन को परिभाषित करती हैं। ये बताती हैं कि सिस्टम को क्या करना चाहिए, अर्थात सिस्टम की कार्यक्षमता का विवरण।
  •  इसमें उपयोगकर्ता के द्वारा किए जाने वाले कार्य, इनपुट, आउटपुट, सिस्टम के विभिन्न घटकों के बीच डेटा का आदान-प्रदान आदि शामिल होते हैं।

उदाहरण:

मान लीजिए कि एक बैंकिंग एप्लिकेशन का विकास किया जा रहा है, तो इसकी कुछ फंक्शनल आवश्यकताएँ निम्नलिखित हो सकती हैं:

  • यूजर लॉगिन और रजिस्ट्रेशन: उपयोगकर्ता को लॉगिन और नए उपयोगकर्ता को पंजीकरण करने की सुविधा प्रदान करना।
  • मनी ट्रांसफर: उपयोगकर्ता को एक खाते से दूसरे खाते में धन हस्तांतरित करने की सुविधा देना।
  • अकाउंट बैलेंस जाँच: उपयोगकर्ता को अपने अकाउंट बैलेंस की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा।
  • स्टेटमेंट जेनरेट करना: पिछले लेन-देन का विवरण डाउनलोड करने की सुविधा।

Features of Functional Requirements in Hindi | फंक्शनल आवश्यकताओं के मुख्य घटक :

  • डेटा इनपुट और आउटपुट: सिस्टम को इनपुट में क्या मिलेगा और आउटपुट में क्या देना होगा।
  • प्रोसेसिंग: इनपुट डेटा को सिस्टम किस प्रकार प्रोसेस करेगा।
  • उपयोगकर्ता इंटरैक्शन: सिस्टम में उपयोगकर्ता कैसे इंटरैक्ट करेगा।

Importance of Functional Requirements in Hindi | फंक्शनल आवश्यकताओं का महत्व:

  • स्पष्ट कार्यक्षमता: ये आवश्यकताएँ स्पष्ट करती हैं कि सिस्टम को किन कार्यों को अंजाम देना है।
  • उपयोगकर्ता अपेक्षाएँ: फंक्शनल आवश्यकताओं को परिभाषित करने से उपयोगकर्ता की अपेक्षाओं का सही ढंग से पता चलता है।
  • सही विकास: यह डेवलपर्स को सही दिशा में काम करने में मदद करती है।

Non-Functional Requirements in Hindi | नॉन-फंक्शनल आवश्यकताएँ :

  • नॉन-फंक्शनल आवश्यकताएँ सिस्टम की गुणवत्ता और प्रदर्शन से संबंधित होती हैं। ये आवश्यकताएँ यह परिभाषित करती हैं कि सिस्टम को कैसे काम करना चाहिए, अर्थात सिस्टम की गुणवत्ता, प्रदर्शन, सुरक्षा, और उपयोगकर्ता अनुभव से संबंधित विशेषताएँ। 
  • नॉन-फंक्शनल आवश्यकताएँ सिस्टम की विश्वसनीयता और उपयोगकर्ता की संतुष्टि को सुनिश्चित करती हैं।

उदाहरण:

एक बैंकिंग एप्लिकेशन की नॉन-फंक्शनल आवश्यकताएँ निम्नलिखित हो सकती हैं:

  • प्रदर्शन (Performance): एप्लिकेशन का लोड टाइम 3 सेकंड से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • सुरक्षा (Security): उपयोगकर्ता की सभी संवेदनशील जानकारियाँ (जैसे पासवर्ड) सुरक्षित रूप से एन्क्रिप्ट होनी चाहिए।
  • उपलब्धता (Availability): सिस्टम 24/7 उपलब्ध होना चाहिए।
  • स्केलेबिलिटी (Scalability): सिस्टम को इस तरह बनाया जाना चाहिए कि वह एक समय में हज़ारों उपयोगकर्ताओं को हैंडल कर सके।
  • यूजर फ्रेंडली इंटरफेस (User-Friendliness): एप्लिकेशन का इंटरफेस उपयोग में आसान और आकर्षक होना चाहिए।
Features of Non-Functional Requirements in Hindi | नॉन-फंक्शनल आवश्यकताओं के मुख्य घटक:

  • प्रदर्शन (Performance): सिस्टम का स्पीड और रिस्पॉन्स टाइम।
  • सुरक्षा (Security): डेटा प्राइवेसी, एन्क्रिप्शन, एक्सेस कंट्रोल।
  • पोर्टेबिलिटी (Portability): सिस्टम को विभिन्न प्लेटफार्मों पर उपयोग करने की क्षमता।
  • रखरखाव (Maintainability): सिस्टम में सुधार और बग फिक्सिंग की प्रक्रिया।
  • स्केलेबिलिटी (Scalability): सिस्टम को बढ़ते उपयोगकर्ताओं के अनुरूप बढ़ाने की क्षमता।
Importance of Non-Functional Requirements in Hindi | नॉन-फंक्शनल आवश्यकताओं का महत्व:

  • सिस्टम की गुणवत्ता बढ़ाना: नॉन-फंक्शनल आवश्यकताएँ यह सुनिश्चित करती हैं कि सिस्टम उच्च गुणवत्ता का हो।
  • उपयोगकर्ता संतुष्टि: उपयोगकर्ता का अनुभव इन आवश्यकताओं पर निर्भर करता है।
  • बाज़ार में प्रतिस्पर्धा: उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद बाज़ार में प्रतिस्पर्धा में बने रहने में मदद करता है।