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Aravali Parvat Mala: अरावली पर्वतमाला: उत्पत्ति, विस्तार, 3 भौतिक भाग, ऊंची चोटियां, दर्रे, थार-बांगर और महत्व

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: राजस्थान का भूगोल (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Aravali Parvat Mala: अरावली पर्वतमाला: उत्पत्ति, विस्तार, 3 भौतिक भाग, ऊंची चोटियां, दर्रे, थार-बांगर और महत्व - भौगोलिक क्षेत्र (भौतिक विभाजन)
  • • अवलोकन: Quick Answer: Aravali Parvat Mala: अरावली पर्वतमाला (Aravali Mountain Range) दुनिया की सबसे पुरानी वलित (fold) पर्वतमालाओं में से एक है, जो अब घिसकर अवश...
Quick Answer: Aravali Parvat Mala: अरावली पर्वतमाला (Aravali Mountain Range) दुनिया की सबसे पुरानी वलित (fold) पर्वतमालाओं में से एक है, जो अब घिसकर अवशिष्ट पर्वत (relict mountain) रह गई है। इसका निर्माण प्री-कैम्ब्रियन काल में हुआ। कुल लंबाई करीब 692 किमी (गुजरात के पालनपुर/खेडब्रह्मा से दिल्ली की रायसीना पहाड़ी तक) है, जिसमें से करीब 550 किमी (लगभग 80%) राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा में फैली है। सबसे ऊंची चोटी सिरोही की गुरु शिखर (1722 मीटर) है। अरावली राज्य को पश्चिम के थार मरुस्थल और बांगर से अलग करती है और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी की ओर बहने वाली नदियों के बीच जल विभाजक है।

RAS Prelims में अरावली से चोटियों का ऊंचाई-क्रम (RAS Pre 2016 में सेर, जरगा, सज्जनगढ़, तारागढ़ का क्रम पूछा गया), अरावली के प्रभाव वाले कथन (RAS Pre 2016) और बांगर के उप-प्रदेश (RAS Pre 2024) पर सवाल आ चुके हैं। चारों भौतिक प्रदेशों का overview राजस्थान के भौतिक प्रदेश में है, अरावली से निकलने वाली नदियां राजस्थान की नदियां में और अरावली के खनिज राजस्थान के खनिज में detail से दिए हैं।

जिलों का संदर्भ: 28 दिसंबर 2024 के फैसले के बाद राजस्थान में 41 जिले और 7 संभाग हैं। उस फैसले में दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीम का थाना, गंगापुर सिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़ और सांचौर जिले खत्म हुए। नीचे हर जगह का जिला इसी नए नक्शे के हिसाब से लिखा है।

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अरावली पर्वतमाला: उत्पत्ति और काल

अरावली का निर्माण प्री-कैम्ब्रियन काल में धारवाड़ युग की चट्टानों (अरावली और दिल्ली सुपरग्रुप) के मुड़ने (वलन) से हुआ। इसकी उम्र पर स्रोतों में मतभेद है: राजस्थान की कई किताबें इसे करीब 65 करोड़ वर्ष पुराना लिखती हैं, जबकि भू-वैज्ञानिक इसके मुख्य पर्वत-निर्माण को प्रोटेरोज़ोइक युग (करीब 150 से 250 करोड़ वर्ष पहले) का मानते हैं। Exam में "प्री-कैम्ब्रियन काल" वाला उत्तर सुरक्षित है।

  • मूल स्वरूप: शुरू में यह ऊंचा वलित पर्वत था। इसकी तुलना अमेरिका के एपलेशियन पर्वत से की जाती है।
  • आज की स्थिति: करोड़ों वर्षों के अपरदन (denudation) से घिसकर अब यह अवशिष्ट पर्वतमाला है।
  • चट्टानें: क्वार्टजाइट, ग्रेनाइट, नीस, शिस्ट और संगमरमर जैसी कायांतरित व आग्नेय चट्टानें मिलती हैं।

अरावली पर्वतमाला का विस्तार

  • राज्य: गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली।
  • कुल लंबाई: करीब 692 किमी (कुछ किताबें शुरुआत पालनपुर, कुछ खेडब्रह्मा लिखती हैं)।
  • राजस्थान में: सिरोही से खेतड़ी (झुंझुनूं) तक करीब 550 किमी, यानी लगभग 80%।
  • ऊंचाई का क्रम: उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर चलने पर ऊंचाई और चौड़ाई बढ़ती है। औसत ऊंचाई करीब 930 मीटर मानी जाती है।
  • क्षेत्रफल व आबादी: किताबों के अनुसार राज्य का करीब 9% भाग, जहां करीब 10% आबादी रहती है।

अरावली पर्वतमाला के तीन भौतिक भाग

1. दक्षिणी अरावली (आबू खंड और मेवाड़ अरावली)

सिरोही, उदयपुर, राजसमंद और सलूंबर में फैला सबसे ऊंचा और सबसे घना भाग:

  • आबू खंड: सिरोही में ग्रेनाइट का बैथोलिथ। सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर (1722 मीटर); इसके नीचे उड़िया पठार (करीब 1360 मीटर)।
  • मेवाड़ अरावली: जरगा (1431 मी.), कुंभलगढ़ (1224 मी.), सज्जनगढ़ (करीब 938 मी.)। उदयपुर शहर को घेरने वाली तश्तरीनुमा पहाड़ियां 'गिरवा' और सिरोही की ऊबड़-खाबड़, तीखी ढलान वाली पहाड़ियां 'भाकर' कहलाती हैं।

2. मध्य अरावली (मेरवाड़ा पहाड़ियां)

अजमेर और ब्यावर में फैली मेरवाड़ा पहाड़ियां मारवाड़ के मैदान को मेवाड़ से अलग करती हैं:

  • यह संकरा, नीचा (करीब 500-700 मी.) और टूटा हुआ भाग है, जिसमें कई gaps हैं।
  • सबसे ऊंची चोटी मोरमजी/गोरमजी (933-934 मी., टॉडगढ़, ब्यावर)। तारागढ़ (करीब 870 मी., अजमेर) और नाग पहाड़ (795 मी., अजमेर) भी यहीं हैं।

3. उत्तरी अरावली (शेखावाटी, तोरावाटी और अलवर की पहाड़ियां)

सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़ और अलवर में बिखरी हुई, नीची (औसत करीब 450 मी.) श्रेणियां:

  • शेखावाटी: रघुनाथगढ़ (1055 मी., सीकर) उत्तरी अरावली की सबसे ऊंची चोटी है; मालखेत (1052 मी., सीकर) और लोहार्गल (1051 मी., झुंझुनूं) इसके बाद आती हैं।
  • जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़ व अलवर: खोह (920 मी., जयपुर), भैराच (792 मी., अलवर), बैराठ की पहाड़ियां (बाणगंगा का उद्गम)।
भौतिक भाग प्रमुख जिले (41 जिले) स्वरूप सबसे ऊंची चोटी यहां से निकलने वाली नदियां
दक्षिणी अरावली सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, सलूंबर सबसे ऊंचा और घना गुरु शिखर (1722 मी., सिरोही) बनास, साबरमती, पश्चिमी बनास, सोम
मध्य अरावली अजमेर, ब्यावर संकरा, नीचा, टूटा हुआ मोरमजी/गोरमजी (933-934 मी., ब्यावर) लूनी (नाग पहाड़), रूपनगढ़
उत्तरी अरावली सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर बिखरी, नीची श्रेणियां रघुनाथगढ़ (1055 मी., सीकर) बाणगंगा, साबी, कांतली, रूपारेल

अरावली पर्वतमाला की प्रमुख चोटियां (ऊंचाई के क्रम में)

ऊंचाई के ये मान राजस्थान की standard किताबों वाले हैं; कुछ चोटियों के लिए किताबों में 2-5 मीटर का फर्क मिलता है।

क्रम चोटी ऊंचाई (लगभग) भाग जिला याद रखने की बात
1गुरु शिखर1722 मी.आबू खंडसिरोहीराजस्थान की सबसे ऊंची चोटी; कर्नल टॉड ने 'संतों का शिखर' कहा
2सेर1597 मी.आबू खंडसिरोहीराज्य की दूसरी सबसे ऊंची चोटी
3दिलवाड़ा1442 मी.आबू खंडसिरोहीदिलवाड़ा जैन मंदिरों का क्षेत्र
4जरगा1431 मी.मेवाड़ अरावलीउदयपुरमेवाड़ अरावली की सबसे ऊंची चोटी
5अचलगढ़1380 मी.आबू खंडसिरोहीअचलगढ़ दुर्ग के पास
6कुंभलगढ़1224 मी.मेवाड़ अरावलीराजसमंदकुंभलगढ़ दुर्ग का क्षेत्र
7रघुनाथगढ़1055 मी.शेखावाटीसीकरउत्तरी अरावली की सबसे ऊंची चोटी
8मालखेत1052 मी.शेखावाटीसीकररघुनाथगढ़ के बाद
9लोहार्गल1051 मी.शेखावाटीझुंझुनूंसूर्य कुंड वाला तीर्थ
10कमलनाथ1001 मी.मेवाड़ अरावलीउदयपुरदक्षिणी अरावली की एक प्रमुख चोटी
11सज्जनगढ़938 मी.मेवाड़ अरावलीउदयपुरRAS Pre 2016 के ऊंचाई-क्रम वाले सवाल में
12मोरमजी / गोरमजी933-934 मी.मेरवाड़ाब्यावर (टॉडगढ़)मध्य अरावली की सबसे ऊंची चोटी
13खोह920 मी.ढूंढाड़/तोरावाटीजयपुरजयपुर क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटी
14तारागढ़870-873 मी.मेरवाड़ाअजमेरअजमेर दुर्ग (गढ़ बीठली) की पहाड़ी
15नाग पहाड़795 मी.मेरवाड़ाअजमेरलूनी नदी का उद्गम
16भैराच792 मी.अलवर पहाड़ियांअलवरअलवर की प्रमुख चोटी
17बबाई780 मी.शेखावाटीझुंझुनूंखेतड़ी तांबा क्षेत्र के पास

Trick: सबसे ऊपर के चार: गुरु शिखर > सेर > दिलवाड़ा > जरगा। RAS Pre 2016 का सही क्रम था: सेर > जरगा > सज्जनगढ़ > तारागढ़।

अरावली के प्रमुख दर्रे (नाल) और पठार

अरावली के पहाड़ी रास्तों को 'नाल' या 'घाट' कहते हैं। ज्यादातर नालें राजसमंद-पाली की सीमा पर हैं, जो मेवाड़ को मारवाड़ से जोड़ती हैं।

1. प्रमुख दर्रे

  • देसूरी की नाल: पाली (देसूरी) को राजसमंद (चारभुजा) से जोड़ती है।
  • पगल्या नाल: राजसमंद (मेवाड़) को पाली (मारवाड़) से जोड़ती है। जीलवा, सोमेश्वर और हाथीगुड़ा की नालें भी राजसमंद में हैं।
  • बर दर्रा: पाली के बर को ब्यावर से जोड़ता है; इससे राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरता है।
  • अजमेर-ब्यावर के घाट: सूरा घाट (ब्यावर-भीलवाड़ा), अरनिया घाट (अजमेर), पीपली घाट (टॉडगढ़ क्षेत्र)।

2. प्रमुख पठार

पठारऊंचाई (लगभग)स्थिति
उड़िया पठार1360 मी.गुरु शिखर के नीचे, सिरोही; राजस्थान का सबसे ऊंचा पठार
आबू पठार1200 मी.माउंट आबू, सिरोही; नक्की झील यहीं है
भोराट पठार1225 मी.गोगुंदा (उदयपुर) और कुंभलगढ़ (राजसमंद) के बीच; बनास-साबरमती जैसी नदियों का जल विभाजक
लसाड़िया पठार-जयसमंद के पूर्व का कटा-फटा पठार; लसाड़िया तहसील अब सलूंबर जिले में
मेसा पठार620 मी.चित्तौड़गढ़; इसी पर चित्तौड़ का किला है

दक्षिणी अरावली के दो क्षेत्र और याद रखें: भोमट (उदयपुर-डूंगरपुर-सिरोही का भील बहुल पहाड़ी क्षेत्र, जहां मोतीलाल तेजावत का एकी आंदोलन चला) और देशहरो (जरगा और रागा पहाड़ियों के बीच का साल भर हरा रहने वाला क्षेत्र)।

अरावली के पश्चिम में: थार मरुस्थल और राजस्थान बांगर

अरावली के पश्चिम का पूरा भाग "पश्चिमी रेतीला मैदान" है। किताबों के अनुसार यह राज्य के करीब 61% क्षेत्रफल पर है और यहां करीब 40% आबादी रहती है। इसे वर्षा के आधार पर दो भागों में बांटते हैं, जिनकी सीमा मोटे तौर पर 25 सेमी समवर्षा रेखा है:

भागवर्षाउप-प्रदेश / पहचान
शुष्क मरुस्थल (थार का मुख्य भाग)25 सेमी से कमबालुका स्तूप (sand dunes) वाला क्षेत्र और बिना स्तूप वाला क्षेत्र (जैसलमेर-बाड़मेर का पथरीला भाग)
अर्ध-शुष्क मैदान (राजस्थान बांगर)करीब 25-50 सेमी4 उप-प्रदेश: घग्घर का मैदान (हनुमानगढ़-गंगानगर), शेखावाटी का आंतरिक अपवाह क्षेत्र, नागौरी उच्च भूमि (खारी झीलें, आंतरिक अपवाह), लूनी बेसिन (गोड़वाड़)

RAS Pre 2024 में बांगर के उप-प्रदेश, घग्घर मैदान के जिले और नागौरी उच्च भूमि की खारी झीलों पर कथन वाला सवाल आया था। उसी सवाल में "अरावली में सभी प्रकार के खनिज मिलते हैं" गलत कथन था, क्योंकि यहां धात्विक खनिज तो बहुत हैं, पर पेट्रोलियम या कोयला जैसे खनिज नहीं।

अरावली पर्वतमाला का पारिस्थितिक और आर्थिक महत्व

1. वर्षा और जल विभाजक

अरावली मोटे तौर पर 50 सेमी समवर्षा रेखा के साथ चलती है और राज्य को सूखे पश्चिम व ज्यादा वर्षा वाले पूर्व में बांटती है। अरब सागर का मानसून अरावली के समानांतर चलने से पश्चिमी राजस्थान में बिना ज्यादा बरसे निकल जाता है, जबकि बंगाल की खाड़ी का मानसून पूर्वी ढलानों पर वर्षा कराता है। इसलिए अरावली वर्षा के बंटवारे पर साफ असर डालती है (RAS Pre 2016 में "अरावली का वर्षा पर असर नहीं" वाला कथन गलत था)। पश्चिमी ढलान की नदियां (लूनी, साबरमती, पश्चिमी बनास) अरब सागर की ओर और पूर्वी ढलान की नदियां (बनास, बाणगंगा) यमुना-गंगा के रास्ते बंगाल की खाड़ी की ओर जाती हैं। ध्यान रहे, राजस्थान की सभी नदियां अरावली से नहीं निकलतीं: चंबल और माही मध्य प्रदेश से आती हैं।

2. मरुस्थल पर रोक और खनिज

अरावली थार की रेत को पूर्वी मैदानों की ओर फैलने से रोकती है। जहां खनन से पहाड़ियां कट गई हैं, वहां बने gaps से रेत और धूल पूर्व की ओर बढ़ती है। धात्विक खनिजों की अधिकता के कारण इसे 'खनिजों का अजायबघर' कहते हैं: जावर (उदयपुर) में सीसा-जस्ता, खेतड़ी (झुंझुनूं) में तांबा, झामरकोटड़ा (उदयपुर) में रॉक फॉस्फेट। सबसे घने वन दक्षिणी अरावली में हैं।

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3. अरावली की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट (2025-26)

  • 20 नवंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की समिति की परिभाषा मानी: अरावली जिलों में आसपास की जमीन (local relief) से 100 मीटर या ज्यादा ऊंची landform "अरावली पहाड़ी" और 500 मीटर के भीतर ऐसी दो या ज्यादा पहाड़ियां "अरावली श्रेणी"। कोर्ट ने ICFRE से पूरी अरावली के लिए sustainable mining का management plan बनवाने को भी कहा।
  • 29 दिसंबर 2025: विरोध के बाद कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर 20 नवंबर वाला निर्देश स्थगित (abeyance) कर दिया और नई उच्च-स्तरीय समिति बनाने को कहा। यह समिति ICFRE के महानिदेशक की अध्यक्षता में बनी।
  • स्थिति (नवंबर 2026 तक): 7 सितंबर 2026 को कोर्ट ने समिति की रिपोर्ट की आखिरी तारीख 30 नवंबर 2026 तय की। यानी नई परिभाषा पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • उत्पत्ति: प्री-कैम्ब्रियन काल; उम्र पर मतभेद (किताबें करीब 65 करोड़ वर्ष, भू-वैज्ञानिक इससे कहीं ज्यादा)।
  • कुल लंबाई करीब 692 किमी; राजस्थान में करीब 550 किमी (लगभग 80%), सिरोही से खेतड़ी तक।
  • दिशा दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व; औसत ऊंचाई करीब 930 मीटर।
  • सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर (1722 मी., सिरोही), फिर सेर (1597 मी.)।
  • मेवाड़ अरावली की सबसे ऊंची चोटी जरगा (1431 मी.), मध्य की मोरमजी (933-934 मी., ब्यावर), उत्तरी की रघुनाथगढ़ (1055 मी., सीकर)।
  • सबसे ऊंचा पठार उड़िया (करीब 1360 मी.), फिर आबू (1200 मी.)।
  • भोराट पठार गोगुंदा-कुंभलगढ़ के बीच (1225 मी.)।
  • लूनी का उद्गम नाग पहाड़ (अजमेर), बाणगंगा का बैराठ की पहाड़ियां।
  • देसूरी नाल पाली-राजसमंद; पगल्या नाल मेवाड़-मारवाड़; बर दर्रा पाली-ब्यावर।
  • पश्चिमी रेतीला मैदान राज्य का करीब 61% क्षेत्र; राजस्थान बांगर 25-50 सेमी वर्षा वाला अर्ध-शुष्क भाग।
  • बांगर के 4 उप-प्रदेश: घग्घर मैदान, शेखावाटी, नागौरी उच्च भूमि, लूनी बेसिन।
  • सुप्रीम कोर्ट की 100 मीटर वाली परिभाषा (20 नवंबर 2025) 29 दिसंबर 2025 से स्थगित है।

RAS Prelims MCQ

  1. प्रश्न: अरावली पर्वतमाला की उत्पत्ति किस भूगर्भीय काल में मानी जाती है?
    A) जुरासिक काल B) प्री-कैम्ब्रियन काल C) कार्बोनिफेरस काल D) क्रिटेशियस काल
    उत्तर: B | कारण: अरावली धारवाड़ युग की चट्टानों के वलन से प्री-कैम्ब्रियन काल में बनी।
  2. प्रश्न: अरावली पर्वतमाला की राजस्थान में लंबाई लगभग कितनी है?
    A) 692 किमी B) 550 किमी C) 490 किमी D) 610 किमी
    उत्तर: B | कारण: कुल करीब 692 किमी में से करीब 550 किमी (लगभग 80%) राजस्थान में है।
  3. प्रश्न: कर्नल जेम्स टॉड ने किस चोटी को 'संतों का शिखर' कहा था?
    A) सेर B) अचलगढ़ C) गुरु शिखर D) जरगा
    उत्तर: C | कारण: माउंट आबू की गुरु शिखर (1722 मी.) को टॉड ने 'संतों का शिखर' कहा।
  4. प्रश्न: अरावली की चोटियों का ऊंचाई के अनुसार सही घटता क्रम कौन सा है?
    A) गुरु शिखर, जरगा, सेर, दिलवाड़ा B) गुरु शिखर, सेर, दिलवाड़ा, जरगा C) गुरु शिखर, दिलवाड़ा, सेर, अचलगढ़ D) सेर, गुरु शिखर, जरगा, अचलगढ़
    उत्तर: B | कारण: गुरु शिखर (1722) > सेर (1597) > दिलवाड़ा (1442) > जरगा (1431)।
  5. प्रश्न: 'भोराट का पठार' किन दो स्थानों के बीच है?
    A) कुंभलगढ़ और गोगुंदा B) अचलगढ़ और आबू रोड C) चित्तौड़गढ़ और बिजोलिया D) जयसमंद और सलूंबर
    उत्तर: A | कारण: भोराट पठार कुंभलगढ़ (राजसमंद) और गोगुंदा (उदयपुर) के बीच है।
  6. प्रश्न: उत्तरी अरावली की सबसे ऊंची चोटी कौन सी है?
    A) खोह B) रघुनाथगढ़ C) बबाई D) भैराच
    उत्तर: B | कारण: रघुनाथगढ़ (1055 मी.) सीकर जिले में है; बाकी तीनों इससे नीची हैं।
  7. प्रश्न: मध्य अरावली की सबसे ऊंची चोटी मोरमजी (गोरमजी) 41 जिलों के नक्शे में किस जिले में है?
    A) अजमेर B) ब्यावर C) नागौर D) पाली
    उत्तर: B | कारण: मोरमजी टॉडगढ़ क्षेत्र में है, जो अब ब्यावर जिले का भाग है।
  8. प्रश्न: राजस्थान का सबसे ऊंचा पठार कौन सा है?
    A) आबू पठार B) भोराट पठार C) उड़िया पठार D) मेसा पठार
    उत्तर: C | कारण: उड़िया पठार (करीब 1360 मी.) गुरु शिखर के नीचे है; आबू (1200 मी.) और भोराट (1225 मी.) इससे नीचे हैं।
  9. प्रश्न: निम्न में से कौन सा राजस्थान बांगर का उप-प्रदेश नहीं है?
    A) लूनी बेसिन B) नागौरी उच्च भूमि C) घग्घर का मैदान D) छप्पन का मैदान
    उत्तर: D | कारण: छप्पन का मैदान दक्षिण में माही बेसिन (वागड़) का भाग है; बाकी तीनों बांगर के उप-प्रदेश हैं।
  10. प्रश्न: देसूरी की नाल किन दो जिलों को जोड़ती है?
    A) अजमेर-ब्यावर B) पाली-राजसमंद C) सिरोही-उदयपुर D) सीकर-झुंझुनूं
    उत्तर: B | कारण: देसूरी की नाल पाली के देसूरी को राजसमंद के चारभुजा से जोड़ती है।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. प्रश्न: अरावली को आज 'अवशिष्ट पर्वत' क्यों कहते हैं?
    उत्तर रूपरेखा: शुरू में यह ऊंचा वलित पर्वत था। करोड़ों वर्षों के लगातार अपरदन से घिसकर अब सिर्फ कठोर चट्टानों वाले नीचे अवशेष बचे हैं।
  2. प्रश्न: भोराट पठार की स्थिति और महत्व बताइए।
    उत्तर रूपरेखा: गोगुंदा (उदयपुर) और कुंभलगढ़ (राजसमंद) के बीच, करीब 1225 मी.; बनास और साबरमती की ओर बहने वाली नदियों का जल विभाजक।
  3. प्रश्न: राजस्थान बांगर क्या है? इसके उप-प्रदेश लिखिए।
    उत्तर रूपरेखा: अरावली के पश्चिम में थार के पूर्व का 25-50 सेमी वर्षा वाला अर्ध-शुष्क मैदान। उप-प्रदेश: घग्घर मैदान, शेखावाटी, नागौरी उच्च भूमि, लूनी बेसिन।
  4. प्रश्न: अरावली में gaps बनने का क्या असर पड़ रहा है?
    उत्तर रूपरेखा: खनन से कटी पहाड़ियों के gaps से थार की रेत और धूल पूर्वी मैदानों और दिल्ली की ओर बढ़ती है; भूजल recharge भी घटता है।
  5. प्रश्न: अरावली की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट का मामला क्या है?
    उत्तर रूपरेखा: 20 नवंबर 2025 को 100 मीटर local relief वाली परिभाषा मानी गई; 29 दिसंबर 2025 को उसे स्थगित कर नई समिति बनी; रिपोर्ट 30 नवंबर 2026 तक मांगी गई।

Long Questions (5–10 marks)

  1. प्रश्न: राजस्थान की जलवायु और पर्यावरण पर अरावली के प्रभावों की चर्चा कीजिए।
    उत्तर रूपरेखा: (1) 50 सेमी समवर्षा रेखा के साथ जलवायु विभाजक। (2) अरब सागर का मानसून समानांतर निकलने से पश्चिम सूखा; बंगाल की खाड़ी के मानसून से पूर्व में वर्षा। (3) थार के फैलाव पर प्राकृतिक रोक। (4) बनास, लूनी, बाणगंगा का उद्गम; वन और वन्यजीव। (5) खनन से gaps और परिभाषा का कानूनी मामला।
  2. प्रश्न: अरावली के तीनों भौतिक भागों की मुख्य विशेषताएं बताइए।
    उत्तर रूपरेखा: (1) दक्षिणी: सिरोही, उदयपुर, राजसमंद, सलूंबर; सबसे ऊंचा भाग (गुरु शिखर 1722 मी., उड़िया व भोराट पठार)। (2) मध्य: अजमेर-ब्यावर की मेरवाड़ा पहाड़ियां (मोरमजी, बर दर्रा)। (3) उत्तरी: सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर (रघुनाथगढ़ 1055 मी., खोह, भैराच)।

FAQs

1. अरावली की कुल लंबाई और राजस्थान में लंबाई कितनी है?

कुल करीब 692 किमी, जिसमें से करीब 550 किमी (लगभग 80%) राजस्थान में है।

2. अरावली की सबसे ऊंची चोटी कौन सी है?

सिरोही की गुरु शिखर (1722 मीटर)। दूसरे नंबर पर सेर (1597 मीटर) है।

3. लूनी नदी कहां से निकलती है?

अजमेर की नाग पहाड़ियों (मध्य अरावली) से।

4. क्या अरावली की 100 मीटर वाली परिभाषा अब लागू है?

नहीं। 20 नवंबर 2025 का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को स्थगित कर दिया। नई समिति की रिपोर्ट 30 नवंबर 2026 तक आनी है।

5. राजस्थान बांगर किसे कहते हैं?

अरावली के पश्चिम और थार के मुख्य भाग के पूर्व का 25-50 सेमी वर्षा वाला अर्ध-शुष्क मैदान, जिसमें घग्घर मैदान, शेखावाटी, नागौरी उच्च भूमि और लूनी बेसिन आते हैं।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • अरावली प्री-कैम्ब्रियन काल की, दुनिया की सबसे पुरानी वलित पर्वतमालाओं में से एक है, जो अब अवशिष्ट पर्वत है।
  • कुल करीब 692 किमी में से करीब 550 किमी (80%) राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व फैली है।
  • सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर (1722 मी., सिरोही); टॉड ने इसे 'संतों का शिखर' कहा।
  • ऊंचाई क्रम: गुरु शिखर > सेर > दिलवाड़ा > जरगा; और सेर > जरगा > सज्जनगढ़ > तारागढ़।
  • मध्य अरावली की सबसे ऊंची चोटी मोरमजी (ब्यावर), उत्तरी की रघुनाथगढ़ (सीकर)।
  • सबसे ऊंचा पठार उड़िया (करीब 1360 मी.); भोराट पठार गोगुंदा-कुंभलगढ़ के बीच।
  • राजस्थान बांगर के 4 उप-प्रदेश: घग्घर मैदान, शेखावाटी, नागौरी उच्च भूमि, लूनी बेसिन।
  • सुप्रीम कोर्ट की 100 मीटर वाली अरावली परिभाषा (नवंबर 2025) दिसंबर 2025 से स्थगित है; नई रिपोर्ट 30 नवंबर 2026 तक।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Aravali Parvat Mala: अरावली पर्वतमाला (Aravali Mountain Range) दुनिया की सबसे पुरानी वलित।
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