RAS (आरपीएससी) 5 min read

Rajasthan ki Janjatiyan: राजस्थान की जनजातियां और जनसंख्या: मीणा, भील, गरासिया, सहरिया और Census 2011

RK

लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: राजस्थान का भूगोल (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Rajasthan ki Janjatiyan: राजस्थान की जनजातियां और जनसंख्या: मीणा, भील, गरासिया, सहरिया और Census 2011 - भौगोलिक क्षेत्र (भौतिक विभाजन)
  • • अवलोकन: Quick Answer: Rajasthan ki Janjatiyan: राजस्थान की जनजातियां (Rajasthan Ki Janjatiyan): Census 2011 के अनुसार राजस्थान में अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी...
Quick Answer: Rajasthan ki Janjatiyan: राजस्थान की जनजातियां (Rajasthan Ki Janjatiyan): Census 2011 के अनुसार राजस्थान में अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी 92.38 लाख है, जो राज्य की कुल आबादी का 13.48% है। संख्या में सबसे बड़ी जनजाति मीणा (ST आबादी का करीब 47%) और दूसरी भील (करीब 44%) है; गरासिया तीसरे स्थान पर है। बारां जिले की सहरिया राज्य की अकेली PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह) है। Census 2011 में राज्य की कुल आबादी 6.85 करोड़, घनत्व 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी, लिंगानुपात 928 और साक्षरता 66.11% थी।

राजस्थान की जनजातियां (Rajasthan Ki Janjatiyan): वितरण और क्षेत्र

राजस्थान की ज्यादातर जनजातीय आबादी दक्षिणी अरावली के पहाड़ी-जंगली इलाकों और पूर्वी मैदानों में रहती है। प्राकृतिक भूभाग समझने के लिए राजस्थान के भौतिक प्रदेश और जंगलों के लिए प्राकृतिक संसाधन: वन, मिट्टी और खनिज पढ़ें।

Advertisement

जनजातियां संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत अधिसूचित होती हैं। राजस्थान में जनजातियों के तीन बड़े क्षेत्र हैं:

  • पूर्वी क्षेत्र: मीणा, मुख्य रूप से जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर और करौली में।
  • दक्षिणी क्षेत्र: भील, डामोर और कथौड़ी, मुख्य रूप से बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूंबर और प्रतापगढ़ में।
  • दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र: गरासिया, मुख्य रूप से सिरोही, उदयपुर और पाली में।
  • दक्षिण-पूर्व: सहरिया, बारां जिले की किशनगंज और शाहाबाद तहसीलों में।

जिलों के बारे में ध्यान दें: 28 दिसंबर 2024 से राजस्थान में 41 जिले और 7 संभाग हैं। Census 2011 के सभी जिलेवार आंकड़े उस समय के 33 पुराने जिलों के हैं। जैसे सलूंबर जिला (2023 में उदयपुर से बना और दिसंबर 2024 में बना रहा) का Census 2011 वाला आंकड़ा उदयपुर में ही गिना गया है।

अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Area): संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत Scheduled Areas (State of Rajasthan) Order, 2018 (19 मई 2018) के अनुसार बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ पूरे जिले अनुसूचित क्षेत्र हैं। उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली और सिरोही के कुछ हिस्से भी इसमें हैं। उस Order में उदयपुर की जो सलूंबर, सराड़ा और लसाड़िया तहसीलें थीं, वे अब सलूंबर जिले में हैं। इन क्षेत्रों में PESA Act 1996 लागू है।

PYQ: RAS Pre 2013 में मानचित्र पर जनजातियों (सांसी, सहरिया, भील, गरासिया) के क्षेत्र पहचानने थे, और दक्षिण-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र की आदिवासी खेती का नाम ('वालरा') पूछा गया था। RAS Pre 2016 में सबसे कम ST प्रतिशत वाले दो जिले (बीकानेर और नागौर), सबसे ज्यादा आबादी वाले जिलों का क्रम और लिंगानुपात पर कथन पूछे गए। RAS Pre 2024 में जिलों की साक्षरता दर का घटता क्रम पूछा गया।

प्रमुख जनजातियां: मीणा, भील और गरासिया

1. मीणा जनजाति (Meena)

Census 2011 में मीणा की आबादी 43.46 लाख थी, यानी राज्य की ST आबादी का करीब 47%। इसलिए यह राजस्थान की सबसे बड़ी जनजाति है। मीणा शब्द को 'मत्स्य' (मछली) से जोड़ा जाता है। ये जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली और उदयपुर में ज्यादा हैं। परंपरा से मीणा समाज के दो वर्ग माने जाते हैं: जमींदार मीणा (खेती करने वाले) और चौकीदार मीणा।

मीणा समाज का ग्रंथ 'मीणा पुराण' मुनि मगन सागर ने लिखा। मुनि मगन सागर 1944 के नीम का थाना मीणा सम्मेलन से जुड़े थे, जिसमें जरायम पेशा कानून हटाने की मांग उठी। यह कानून 1952 में खत्म हुआ। मीणा समाज में तलाक की रीति को 'छेड़ा फाड़ना' कहते हैं, और मुखिया को 'पटेल'।

2. भील जनजाति (Bhil)

Census 2011 में भील (उप-समूहों को मिलाकर) की आबादी 41 लाख थी, यानी ST आबादी का करीब 44%। यह दूसरी सबसे बड़ी जनजाति है। (पुरानी किताबों में दिया 39% का आंकड़ा Census 2001 का है।) कर्नल टॉड ने भीलों को 'वनपुत्र' कहा था। 'भील' शब्द को द्रविड़ शब्द 'बील' (धनुष) से जोड़ा जाता है। ये बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूंबर और प्रतापगढ़ में ज्यादा हैं।

  • बस्ती और मुखिया: घर को 'कू' या 'टापरा', मोहल्ले को 'फला', बड़े गांव को 'पाल' और पाल के मुखिया को 'गमेती' कहते हैं।
  • खेती: पहाड़ी ढलानों पर जंगल जलाकर की जाने वाली खेती 'चिमाता' और मैदानों में ऐसी खेती 'दजिया' कहलाती है।
  • मेले: डूंगरपुर के नवाटापरा में सोम-माही-जाखम के संगम पर माघ पूर्णिमा को लगने वाला बेणेश्वर मेला 'आदिवासियों का कुंभ' कहलाता है। बांसवाड़ा का घोटिया आम्बा मेला भी प्रसिद्ध है।
  • नृत्य और रीति: गैर, नेजा और गवरी (राई) भीलों के नृत्य हैं; गवरी मेवाड़ के भीलों का लोक नृत्य-नाट्य है। विवाह में लड़की के पिता को दिया जाने वाला कन्या मूल्य 'दापा' कहलाता है।

3. गरासिया जनजाति (Garasia)

गरासिया राजस्थान की तीसरी बड़ी जनजाति है। मुख्य क्षेत्र सिरोही (आबू रोड, पिंडवाड़ा), उदयपुर (गोगुंदा, कोटड़ा) और पाली (बाली) हैं। मुखिया को 'सहलोत' कहते हैं। गरासिया पूर्वजों की अस्थियां नक्की झील (माउंट आबू) में विसर्जित करते हैं।

  • सामूहिक खेती: 'हारी-भावरी'; आपसी सहयोग की संस्था: 'हेलरू'।
  • विवाह के रूप: मोरबंधिया (फेरों वाला), पहरावणा (नाम मात्र के फेरे) और ताणना (कन्या मूल्य देकर)।
  • नृत्य: धीमी चाल वाला 'वालर' नृत्य, जिसमें वाद्य यंत्र नहीं बजते।

सहरिया, डामोर, कथौड़ी और दूसरे समुदाय

1. सहरिया (Sahariya): राजस्थान की अकेली PVTG

केंद्र सरकार की PVTG सूची में राजस्थान से सिर्फ सहरिया शामिल है। यह बारां जिले की किशनगंज और शाहाबाद तहसीलों में रहती है। सहरिया बस्ती को 'सहराना', मुखिया को 'कोतवाल' और सामुदायिक बैठक की जगह को 'बंगला' या 'हथाई' कहते हैं। इनकी कुलदेवी कोडिया देवी है, और ये तेजाजी को भी पूजते हैं। सीताबाड़ी (केलवाड़ा, बारां) का मेला 'सहरियों का कुंभ' कहलाता है। शिकारी नृत्य इनका प्रमुख नृत्य है।

2. डामोर और कथौड़ी

डामोर जनजाति मुख्य रूप से डूंगरपुर जिले की सीमलवाड़ा पंचायत समिति में रहती है (इसे 'डामरिया क्षेत्र' भी कहते हैं)। मुखिया 'मुखी' कहलाता है। डूंगरपुर का ग्यारस की रेवाड़ी मेला इनका बड़ा मेला है, और ये छैला बावजी का मेला भी मनाते हैं। डामोर पुरुष भी महिलाओं की तरह गहने पहनते हैं।

कथौड़ी समुदाय महाराष्ट्र की ओर से आया माना जाता है। ये उदयपुर के कोटड़ा और झाड़ोल क्षेत्र में रहते हैं और खैर के पेड़ से कत्था बनाने के काम के लिए जाने जाते हैं। मुखिया 'नायक' कहलाता है, और महिलाएं मराठी ढंग की साड़ी 'फड़का' पहनती हैं।

3. सांसी और कंजर (ये ST नहीं हैं)

सांसी (मुख्य रूप से भरतपुर क्षेत्र; बीजा और माला दो शाखाएं) और कंजर (चकरी नृत्य के लिए प्रसिद्ध; 'पाती मांगना' की रीति; चौथ माता और जोगणिया माता की पूजा) घुमंतू और पूर्व में अधिसूचित समुदाय हैं। राजस्थान में ये अनुसूचित जाति (SC) की सूची में हैं, ST में नहीं। फिर भी RAS Pre 2013 के मानचित्र वाले सवाल में सांसी का क्षेत्र पूछा गया था, इसलिए इन्हें याद रखें।

4. वालरा: आदिवासियों की स्थानांतरित खेती

जंगल का हिस्सा काटकर और जलाकर कुछ साल खेती करना, फिर जगह बदल देना, स्थानांतरित (shifting) खेती है। राजस्थान में इसे 'वालरा' कहते हैं। RAS Pre 2013 में दक्षिण-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र के आदिवासियों की खेती का नाम पूछा गया था, और RPSC key का उत्तर 'वालरा (बालरा)' था। भील इसी खेती को पहाड़ी ढलानों पर 'चिमाता' और मैदानों में 'दजिया' कहते हैं।

Table 1: राजस्थान की प्रमुख जनजातियां एक नजर में

जनजाति मुख्य जिले (2026 के नक्शे पर) मुखिया प्रमुख मेले पहचान
मीणा जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली पटेल - सबसे बड़ी जनजाति (~47%), छेड़ा फाड़ना, मीणा पुराण
भील बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूंबर, प्रतापगढ़ गमेती बेणेश्वर, घोटिया आम्बा कू/टापरा, फला, पाल, चिमाता-दजिया, गवरी, दापा
गरासिया सिरोही, उदयपुर, पाली सहलोत - नक्की झील में अस्थि विसर्जन, हारी-भावरी, हेलरू, वालर
सहरिया बारां (किशनगंज, शाहाबाद) कोतवाल सीताबाड़ी (केलवाड़ा) अकेली PVTG, सहराना, बंगला/हथाई, शिकारी नृत्य
डामोर डूंगरपुर (सीमलवाड़ा) मुखी ग्यारस की रेवाड़ी, छैला बावजी पुरुष भी गहने पहनते हैं
कथौड़ी उदयपुर (कोटड़ा, झाड़ोल) नायक - खैर से कत्था बनाना, फड़का साड़ी

राजस्थान की जनसंख्या (Census 2011): घनत्व, लिंगानुपात और साक्षरता

नीचे के सभी आंकड़े Census 2011 के हैं और उस समय के 33 जिलों पर आधारित हैं। उसके बाद Census नहीं हुई है, इसलिए परीक्षा में यही आंकड़े पूछे जाते हैं।

  • कुल आबादी: 6,85,48,437 (देश का 5.66%); आबादी में राजस्थान देश में 8वें स्थान पर। सबसे ज्यादा आबादी वाले जिले क्रम से: जयपुर, जोधपुर, अलवर, नागौर (RAS Pre 2016)।
  • दशकीय वृद्धि (2001-11): 21.31%। सबसे ज्यादा बाड़मेर (32.5%) और जैसलमेर (31.8%), सबसे कम श्रीगंगानगर (10.0%) और झुंझुनू (11.7%)।
  • घनत्व: 200 व्यक्ति/वर्ग किमी। सबसे ज्यादा जयपुर (595) और भरतपुर (503); सबसे कम जैसलमेर (17), बीकानेर (78) और बाड़मेर (92)।
  • लिंगानुपात: 928 (राष्ट्रीय औसत 943 से कम)। सबसे ज्यादा डूंगरपुर (994), राजसमंद (990) और पाली (987); सबसे कम धौलपुर (846) और जैसलमेर (852)। 2011 में किसी भी जिले का लिंगानुपात 1000 या उससे ऊपर नहीं था (RAS Pre 2016)।
  • बाल लिंगानुपात (0-6 वर्ष): 888। सबसे ज्यादा बांसवाड़ा (934) और प्रतापगढ़ (933), सबसे कम झुंझुनू (837) और सीकर (848)।
  • साक्षरता: 66.11% (पुरुष 79.19%, महिला 52.12%)। महिला साक्षरता में राजस्थान बिहार के बाद नीचे से दूसरे स्थान पर था।

जिलों की साक्षरता का घटता क्रम (RAS Pre 2024): कोटा (76.6%), जयपुर (75.5%), झुंझुनू (74.1%), सीकर (71.9%), अलवर (70.7%)। सबसे कम साक्षरता जालोर (54.9%) में।

ST और SC आबादी (Census 2011, जिलेवार)

  • ST: 92.38 लाख (13.48%), ST लिंगानुपात 948। ST की सबसे ज्यादा संख्या उदयपुर जिले में। ST प्रतिशत में सबसे ऊपर: बांसवाड़ा (76.4%), डूंगरपुर (70.8%), प्रतापगढ़ (63.4%), उदयपुर (49.7%)। सबसे कम ST प्रतिशत: नागौर और बीकानेर (दोनों करीब 0.3%) (RAS Pre 2016)।
  • SC: 1.22 करोड़ (17.83%)। SC की सबसे ज्यादा संख्या जयपुर में। SC प्रतिशत में सबसे ऊपर श्रीगंगानगर (36.6%) और हनुमानगढ़ (27.8%); सबसे कम डूंगरपुर (3.8%) और बांसवाड़ा (4.5%)।

Table 2: Census 2011 के मुख्य आंकड़े (पुराने 33 जिले)

सूचक राजस्थान (2011) सबसे ऊपर सबसे नीचे PYQ / नोट
कुल आबादी 6.85 करोड़ जयपुर (66.26 लाख) जैसलमेर (6.69 लाख) देश में 8वां; क्रम RAS 2016
दशकीय वृद्धि 21.31% बाड़मेर (32.5%) श्रीगंगानगर (10.0%) मरुस्थली जिलों में तेज वृद्धि
घनत्व 200 प्रति वर्ग किमी जयपुर (595), भरतपुर (503) जैसलमेर (17), बीकानेर (78) 500 से ऊपर सिर्फ दो जिले
लिंगानुपात 928 डूंगरपुर (994), राजसमंद (990) धौलपुर (846), जैसलमेर (852) सभी जिले 1000 से नीचे (RAS 2016)
बाल लिंगानुपात (0-6) 888 बांसवाड़ा (934) झुंझुनू (837) शेखावाटी में सबसे कम
कुल साक्षरता 66.11% कोटा (76.6%), जयपुर (75.5%) जालोर (54.9%), सिरोही (55.3%) क्रम RAS 2024
महिला साक्षरता 52.12% कोटा (65.9%) जालोर (38.5%) देश में नीचे से दूसरा
ST % 13.48% (92.38 लाख) बांसवाड़ा (76.4%), डूंगरपुर (70.8%) नागौर, बीकानेर (~0.3%) सबसे कम वाले जिले RAS 2016
SC % 17.83% (1.22 करोड़) श्रीगंगानगर (36.6%) डूंगरपुर (3.8%) उत्तरी नहरी क्षेत्र में ज्यादा
Advertisement

जनजाति कल्याण: संस्थाएं और योजनाएं

  • जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD): मुख्यालय उदयपुर। अनुसूचित क्षेत्र, MADA क्लस्टर और सहरिया विकास के कार्यक्रम चलाता है।
  • माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध संस्थान (TRI), उदयपुर: जनजातीय संस्कृति, बोलियों और समस्याओं पर शोध।
  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS): केंद्र सरकार की योजना, आदिवासी बच्चों के लिए आवासीय स्कूल।
  • मां-बाड़ी केंद्र: जनजातीय क्षेत्रों में छोटे बच्चों की पढ़ाई और भोजन के लिए डे-केयर केंद्र।
  • PESA Act 1996: अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम सभाओं को खास अधिकार; राजस्थान में लागू।

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • Census 2011: ST 92.38 लाख (13.48%), SC 1.22 करोड़ (17.83%)।
  • मीणा सबसे बड़ी जनजाति (~47%), भील दूसरी (~44%), गरासिया तीसरी।
  • सहरिया (बारां, किशनगंज-शाहाबाद) राजस्थान की अकेली PVTG; सीताबाड़ी मेला 'सहरियों का कुंभ'।
  • भील: पाल का मुखिया गमेती; पहाड़ी खेती चिमाता, मैदानी दजिया; टॉड ने 'वनपुत्र' कहा।
  • स्थानांतरित खेती को 'वालरा' कहते हैं (RAS Pre 2013)।
  • बेणेश्वर मेला: नवाटापरा (डूंगरपुर), सोम-माही-जाखम संगम, माघ पूर्णिमा।
  • गरासिया: मुखिया सहलोत, नक्की झील में अस्थि विसर्जन, हेलरू, वालर नृत्य।
  • डामोर: सीमलवाड़ा (डूंगरपुर), मुखिया मुखी; कथौड़ी: कत्था, मुखिया नायक।
  • सांसी और कंजर राजस्थान में SC सूची में हैं, ST में नहीं।
  • अनुसूचित क्षेत्र Order 2018: बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ पूरे; 5 जिलों के हिस्से।
  • सबसे ज्यादा ST %: बांसवाड़ा (76.4%); सबसे कम: नागौर, बीकानेर।
  • घनत्व 200; जयपुर 595 सबसे ज्यादा, जैसलमेर 17 सबसे कम।
  • लिंगानुपात 928; डूंगरपुर 994 सबसे ज्यादा, धौलपुर 846 सबसे कम।
  • साक्षरता क्रम: कोटा, जयपुर, झुंझुनू, सीकर, अलवर (RAS Pre 2024)।

RAS Prelims MCQ

  1. प्रश्न: Census 2011 में राजस्थान के किस जिले में ST आबादी का प्रतिशत सबसे ज्यादा है?
    A) उदयपुर B) डूंगरपुर C) बांसवाड़ा D) प्रतापगढ़
    उत्तर: C | कारण: बांसवाड़ा 76.4%, डूंगरपुर 70.8%, प्रतापगढ़ 63.4%, उदयपुर 49.7%।
  2. प्रश्न: राजस्थान की कौन सी जनजाति PVTG सूची में शामिल है?
    A) गरासिया B) सहरिया C) कथौड़ी D) डामोर
    उत्तर: B | कारण: बारां की सहरिया राजस्थान की अकेली PVTG है।
  3. प्रश्न: भील जनजाति में पाल के मुखिया को क्या कहते हैं?
    A) सहलोत B) मुखी C) कोतवाल D) गमेती
    उत्तर: D | कारण: भील पाल का मुखिया गमेती है; सहलोत गरासिया, मुखी डामोर और कोतवाल सहरिया का मुखिया है।
  4. प्रश्न: Census 2011 में कुल साक्षरता के आधार पर जिलों का सही घटता क्रम कौन सा है?
    A) कोटा, जयपुर, सीकर, झुंझुनू B) कोटा, जयपुर, झुंझुनू, सीकर C) जयपुर, कोटा, झुंझुनू, सीकर D) कोटा, झुंझुनू, जयपुर, सीकर
    उत्तर: B | कारण: कोटा (76.6%), जयपुर (75.5%), झुंझुनू (74.1%), सीकर (71.9%)।
  5. प्रश्न: 'छेड़ा फाड़ना' रीति किस जनजाति से और किस बात से जुड़ी है?
    A) भील - कन्या मूल्य B) मीणा - तलाक C) गरासिया - विवाह D) सहरिया - गोद लेना
    उत्तर: B | कारण: मीणा समाज में 'छेड़ा फाड़ना' तलाक की रीति है; भीलों में कन्या मूल्य को दापा कहते हैं।
  6. प्रश्न: राजस्थान में आदिवासियों की स्थानांतरित (shifting) खेती को क्या कहते हैं?
    A) वालरा B) हारी-भावरी C) हेलरू D) सहराना
    उत्तर: A | कारण: स्थानांतरित खेती वालरा है; हारी-भावरी गरासियों की सामूहिक खेती, हेलरू सहयोग संस्था और सहराना सहरिया बस्ती है।
  7. प्रश्न: बेणेश्वर मेला किस तिथि को भरता है?
    A) कार्तिक पूर्णिमा B) माघ पूर्णिमा C) वैशाख पूर्णिमा D) ज्येष्ठ अमावस्या
    उत्तर: B | कारण: नवाटापरा (डूंगरपुर) में सोम-माही-जाखम संगम पर माघ पूर्णिमा को मेला भरता है।
  8. प्रश्न: Census 2011 में 500 से ज्यादा घनत्व वाले दो जिले कौन से हैं?
    A) जयपुर और अलवर B) जयपुर और दौसा C) जयपुर और भरतपुर D) भरतपुर और दौसा
    उत्तर: C | कारण: जयपुर (595) और भरतपुर (503); दौसा (476) और अलवर (438) 500 से नीचे हैं।
  9. प्रश्न: खैर के पेड़ से कत्था बनाने के लिए कौन सी जनजाति जानी जाती है?
    A) कथौड़ी B) डामोर C) सहरिया D) गरासिया
    उत्तर: A | कारण: कोटड़ा-झाड़ोल (उदयपुर) के कथौड़ी कत्था बनाने के लिए जाने जाते हैं।
  10. प्रश्न: Census 2011 में कुल आबादी में सबसे कम ST प्रतिशत वाले दो जिले कौन से हैं?
    A) चूरू और सीकर B) गंगानगर और हनुमानगढ़ C) बीकानेर और नागौर D) भरतपुर और धौलपुर
    उत्तर: C | कारण: नागौर और बीकानेर दोनों में ST करीब 0.3% है।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. प्रश्न: वालरा, चिमाता और दजिया में क्या अंतर है?
    उत्तर रूपरेखा: वालरा राजस्थान में स्थानांतरित खेती का सामान्य नाम है; भील पहाड़ी ढलानों पर इसे चिमाता और मैदानों में दजिया कहते हैं।
  2. प्रश्न: सहरिया जनजाति में 'सहराना' और 'हथाई' क्या हैं?
    उत्तर रूपरेखा: सहरिया बस्ती 'सहराना' और सामुदायिक बैठक की जगह 'बंगला' या 'हथाई' कहलाती है।
  3. प्रश्न: गरासिया समाज में 'हारी-भावरी' और 'हेलरू' क्या हैं?
    उत्तर रूपरेखा: हारी-भावरी सामूहिक खेती और हेलरू आपसी सहयोग की संस्था है।
  4. प्रश्न: Census 2011 में सबसे कम घनत्व वाले तीन जिले कौन से हैं?
    उत्तर रूपरेखा: जैसलमेर (17), बीकानेर (78) और बाड़मेर (92 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)।
  5. प्रश्न: राजस्थान का अनुसूचित क्षेत्र किन जिलों में है?
    उत्तर रूपरेखा: Order 2018 के अनुसार बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ पूरे; उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली, सिरोही के हिस्से (अब सलूंबर जिले की तहसीलें भी)।

Long Questions (5–10 marks)

  1. प्रश्न: राजस्थान में अनुसूचित जनजातियों के भौगोलिक वितरण का Census 2011 के आधार पर विश्लेषण कीजिए।
    उत्तर रूपरेखा: ST 92.38 लाख (13.48%)। क्षेत्र: पूर्वी (मीणा - जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर), दक्षिणी (भील, डामोर, कथौड़ी - बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूंबर, प्रतापगढ़), दक्षिण-पश्चिम (गरासिया - सिरोही), दक्षिण-पूर्व (सहरिया - बारां)। ST प्रतिशत: बांसवाड़ा 76.4%, डूंगरपुर 70.8%; सबसे कम नागौर, बीकानेर। अनुसूचित क्षेत्र और PESA। जिलेवार आंकड़े पुराने 33 जिलों पर आधारित।
  2. प्रश्न: भील और गरासिया जनजातियों के सामाजिक जीवन की तुलना कीजिए।
    उत्तर रूपरेखा: भील: कू/टापरा, फला, पाल, गमेती; चिमाता-दजिया खेती; बेणेश्वर मेला; गवरी नृत्य-नाट्य; दापा। गरासिया: सहलोत मुखिया; हारी-भावरी, हेलरू; मोरबंधिया, पहरावणा, ताणना विवाह; नक्की झील में अस्थि विसर्जन; वालर नृत्य।

FAQs

1. राजस्थान में सबसे ज्यादा आबादी वाली जनजाति कौन सी है?

मीणा। Census 2011 में इसकी आबादी 43.46 लाख (ST का करीब 47%) थी। भील करीब 44% के साथ दूसरे स्थान पर है।

2. राजस्थान की अकेली PVTG कौन सी है?

सहरिया जनजाति, जो बारां जिले की किशनगंज और शाहाबाद तहसीलों में रहती है।

3. सबसे ज्यादा और सबसे कम ST प्रतिशत वाले जिले कौन से हैं?

Census 2011 में सबसे ज्यादा बांसवाड़ा (76.4%) और सबसे कम नागौर और बीकानेर (करीब 0.3%) में।

4. 'आदिवासियों का कुंभ' किसे कहते हैं?

डूंगरपुर के नवाटापरा में सोम-माही-जाखम संगम पर माघ पूर्णिमा को लगने वाले बेणेश्वर मेले को।

5. नए जिलों के बाद Census 2011 के आंकड़े कैसे पढ़ें?

Census 2011 के आंकड़े पुराने 33 जिलों के हैं। जैसे सलूंबर, बालोतरा या डीडवाना-कुचामन जैसे नए जिलों का अलग आंकड़ा Census 2011 में नहीं है; वे अपने मूल जिले में गिने गए हैं।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • ST 13.48% (92.38 लाख), Census 2011।
  • मीणा ~47%, भील ~44% (39% वाला आंकड़ा 2001 का है)।
  • सहरिया: अकेली PVTG, बारां।
  • वालरा = स्थानांतरित खेती; भील: चिमाता (पहाड़ी), दजिया (मैदानी)।
  • सबसे कम ST %: नागौर, बीकानेर; सबसे ज्यादा: बांसवाड़ा।
  • सबसे ज्यादा आबादी: जयपुर, जोधपुर, अलवर, नागौर।
  • साक्षरता क्रम: कोटा, जयपुर, झुंझुनू, सीकर, अलवर।

RAS Pre का revision मोबाइल पर

NotesMedia app में यही RAS notes और 362 RAS flashcards हैं, जिनसे जल्दी revision कर सकते हैं।

Google Play से app लें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Rajasthan ki Janjatiyan: राजस्थान की जनजातियां (Rajasthan Ki Janjatiyan): Census 2011 के अनुसार राजस्थान में अनुसूचित।
राजस्थान का भूगोल के पाठ्यक्रम में Rajasthan ki Janjatiyan: राजस्थान की जनजातियां और जनसंख्या: मीणा, भील, गरासिया, सहरिया और Census 2011 एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
हाँ, NotesMedia पर आपको Rajasthan ki Janjatiyan: राजस्थान की जनजातियां और जनसंख्या: मीणा, भील, गरासिया, सहरिया और Census 2011 के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, हल किए गए उदाहरण और नोट्स बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे। अधिक अभ्यास के लिए आप हमारा ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं।
Advertisement