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राजस्थान के भौतिक प्रदेश: मरुस्थल, अरावली, पूर्वी मैदान और हाड़ौती पठार

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

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त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: राजस्थान का भूगोल (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: राजस्थान के भौतिक प्रदेश: मरुस्थल, अरावली, पूर्वी मैदान और हाड़ौती पठार - भौगोलिक क्षेत्र (भौतिक विभाजन)
  • • अवलोकन: Quick Answer: राजस्थान का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किमी है, जिसे चार प्रमुख प्राकृतिक प्रदेशों में बांटा गया है। पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश 61....
Quick Answer: राजस्थान का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किमी है, जिसे चार प्रमुख प्राकृतिक प्रदेशों में बांटा गया है। पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश 61.11% क्षेत्रफल और 40% आबादी समेटे हुए है। अरावली पर्वतीय प्रदेश 9% क्षेत्रफल और 10% आबादी रखता है; इसका सर्वोच्च शिखर गुरु शिखर (1,722 मीटर) है। पूर्वी मैदानी प्रदेश 23% क्षेत्रफल पर 39% आबादी के साथ सर्वाधिक सघन बसा भूभाग है, जो बनास, चंबल और माही बेसिन से बना है। दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठार 6.89% क्षेत्रफल और 11% आबादी रखता है, जो लावा व विंध्यन कगार से बना है। अरावली व हाड़ौती गोंडवाना लैंड के और मरुस्थल व मैदान टेथिस सागर के अवशेष हैं।

1. राजस्थान का भौतिक स्वरूप और भूगर्भिक विभाजन

राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है जिसका कुल क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किमी है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, वनों और खनिजों की जानकारी के लिए पढ़ें: Natural Resources: Forests, Soils and Minerals। भूगर्भिक दृष्टि से राज्य के भौतिक प्रदेश दो प्राचीन भूखंडों से जुड़े हैं:

  • गोंडवाना लैंड के अवशेष: अरावली पर्वतमाला और दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठार प्राचीन प्रायद्वीपीय पठार का भाग हैं। ये प्राचीन आग्नेय, कायांतरित और (हाड़ौती में) विंध्यन अवसादी चट्टानों से बने स्थिर भूभाग हैं।
  • टेथिस सागर के अवशेष: पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश और पूर्वी मैदान टेथिस समुद्र के सूखने और नदियों के कांप जमाव से बने हैं। मरुस्थल की खारी झीलें (सांभर, डीडवाना, पचपदरा) इसी का प्रमाण हैं।
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2. पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश: शुष्क व अर्द्ध-शुष्क भूभाग

यह प्रदेश राज्य के 61.11% भूभाग पर फैला है जहाँ 40% आबादी बसती है। 25 सेमी समवर्षा रेखा इसे शुष्क मरुस्थल और अर्द्ध-शुष्क मैदान (राजस्थान बांगर) में बांटती है। जल संचयन के लिए पढ़ें: Water Conservation: Need of the Day।

(A) शुष्क मरुस्थलीय प्रदेश (मरुस्थली)

यहाँ वर्षा 25 सेमी से कम होती है। इसके दो भाग हैं:

  • बालुका स्तूप मुक्त प्रदेश (41.5%): जैसलमेर-पोकरण-फलोदी क्षेत्र का पथरीला हम्मादा मरुस्थल, जहाँ चूना पत्थर चट्टानें सतह पर खुली हैं।
  • बालुका स्तूप युक्त प्रदेश (58.5%): रेतीला मरुस्थल (एर्ग), जहाँ बरखान (अर्धचंद्राकार गतिशील टीले), सीफ (अनुदैर्ध्य टीले) और पैराबोलिक टीले मिलते हैं।
  • लाठी सीरीज: जैसलमेर में पोकरण से मोहनगढ़ तक 60 किमी लंबी मीठे भूजल की पट्टी जहाँ पौष्टिक सेवण (Lasiurus scindicus) घास उगती है। यह गोडावण का वास है।
  • चांदन नलकूप: जैसलमेर में मीठे जल का स्रोत, जिसे 'थार का घड़ा' कहा जाता है।
  • आकल वुड फॉसिल पार्क: जैसलमेर-बाड़मेर मार्ग पर (जैसलमेर से लगभग 17 किमी) जुरासिक काल के लगभग 18 करोड़ वर्ष पुराने काष्ठ जीवाश्मों का पार्क।
  • थली: चूरू, बीकानेर और उत्तरी नागौर का बिना नदी वाला रेतीला भूभाग।

(B) अर्द्ध-शुष्क प्रदेश (राजस्थान बांगर)

25 सेमी से 50 सेमी वर्षा वाला क्षेत्र, जिसके चार उप-भाग हैं:

  • लूणी बेसिन (गोडवाड़): लूणी और सहायक नदियों का प्रवाह क्षेत्र। यहाँ जालोर ग्रेनाइट और सिवाना (बालोतरा जिला) की छप्पन की पहाड़ियां स्थित हैं।
  • नागौरी उच्च भूमि: खारी झीलों वाला क्षेत्र। नागौर-अजमेर के मध्य फ्लोराइड पट्टी को 'कुबड़ पट्टी' या 'बांका पट्टी' कहते हैं।
  • शेखावाटी अंतःप्रवाह: कांतली नदी का क्षेत्र। कच्चे कुओं को 'जोहड़' और चरागाह को 'बीड़' कहते हैं।
  • घग्घर का मैदान: हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर में घग्घर नदी का पाट 'नाली' कहलाता है, जहाँ उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी मिलती है।

3. अरावली पर्वतीय प्रदेश: विस्तार, दर्रे और मुख्य चोटियाँ

अरावली विश्व की सबसे पुरानी वलित पर्वतमाला है, जो प्री-कैम्ब्रियन काल की चट्टानों से निर्मित है। इसकी कुल लंबाई 692 किमी है। राजस्थान में यह सिरोही से खेतड़ी तक 550 किमी (80%) लंबाई में फैली है। यह राज्य के 9% क्षेत्रफल पर 10% आबादी को सहारा देती है और महान भारतीय जल विभाजक का कार्य करती है।

अरावली के तीन मुख्य भाग और प्रमुख पठार

  • दक्षिणी अरावली: सिरोही, उदयपुर और राजसमंद में फैला सबसे ऊंचा भाग।
    • उड़िया पठार: माउंट आबू में 1,360 मी ऊंचा राजस्थान का सर्वोच्च पठार।
    • भोराट का पठार: कुंभलगढ़ (राजसमंद) और गोगुंदा (उदयपुर) के मध्य 1,225 मी ऊंचा पठार।
    • लसाड़िया पठार: जयसमंद झील के पूर्व में स्थित कटा-फटा पठारी भूभाग।
    • मेसा पठार: 620 मी ऊंचा पठार जिस पर चित्तौड़गढ़ दुर्ग बना है।
  • मध्य अरावली: अजमेर और ब्यावर में फैला भाग। बर, परवेरिया, शिवपुर घाट प्रमुख दर्रे हैं। मुख्य चोटियाँ गोरमजी (934 मी), तारागढ़ (870 मी) और नाग पहाड़ (795 मी) हैं।
  • उत्तरी अरावली: सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अलवर में फैली पहाड़ियां। प्रमुख शिखर रघुनाथगढ़ (1,055 मी, सीकर; उत्तरी अरावली में सर्वोच्च), खो (920 मी, जयपुर) और बैराठ (704 मी) हैं।

4. पूर्वी मैदानी प्रदेश: बनास, चंबल और छप्पन बेसिन

पूर्वी मैदान 23% क्षेत्रफल पर 39% आबादी समेटे हुए सर्वाधिक जनघनत्व वाला प्रदेश है। उपजाऊ कांप जलोढ़ मृदा (Alfisols) से बने इस भूभाग के तीन भाग हैं:

  • बनास-बाणगंगा बेसिन: पश्चिम में मेवाड़ मैदान (कंकरीला पीडमांट मैदान व इन्सेलबर्ग) और पूर्व में मालपुरा-करौली का उपजाऊ मैदान।
  • चंबल बेसिन और बीहड़: अवनालिका कटाव से बने 15-30 मी गहरे खड्डों वाला बीहड़ (उत्खात भूमि) जिसे 'डांग' कहते हैं; करौली को 'डांग की रानी' कहते हैं।
  • छप्पन का मैदान: बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ के मध्य माही बेसिन के 56 गांवों/नालों का मैदान। प्रतापगढ़ में माही तट 'कांठल' कहलाता है, इसलिए माही 'कांठल की गंगा' है।

5. दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती का पठार)

यह प्रदेश 6.89% भूभाग और 11% आबादी समेटे हुए है। यह दक्कन ट्रैप लावा और विंध्यन बलुआ पत्थरों से बना है। यहाँ मध्यम काली मिट्टी (Vertisols) मिलती है जो सोयाबीन, कपास, संतरा और धनिया के लिए विख्यात है। इसके दो मुख्य भाग हैं:

  • विंध्यन कगार भूमि: बलुआ पत्थर की खड़ी चट्टानें। अरावली और विंध्यन के मिलन पर 'महान सीमा भ्रंश' (GBF) चित्तौड़गढ़ से धौलपुर तक फैला है।
  • दक्कन लावा पठार: बेसाल्ट लावा का चपटा पठार। प्रमुख आकृतियाँ:
    • मुकुंदरा हिल्स: कोटा-झालावाड़ में चंद्राकार पहाड़ियां; सर्वोच्च शिखर चांदवाड़ी (517 मी)।
    • रामगढ़ क्रेटर: बारां जिले में उल्कापिंड जनित गड्ढा; राजस्थान सरकार ने 2024 में इसे भू-विरासत (Geo-heritage) स्थल के रूप में मान्यता दी।
    • शाहबाद उच्च भूमि: बारां जिले का पूर्वी पठारी भाग।
    • डग-गंगधार: झालावाड़ के दक्षिण-पश्चिम का पठारी भाग।

Table 1: राजस्थान के चार प्रमुख भौतिक प्रदेशों का तुलनात्मक विवरण

भौतिक प्रदेश क्षेत्रफल जनसंख्या जलवायु मृदा प्रकार भूगर्भिक अवशेष
पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश 61.11% 40% शुष्क व अर्द्ध-शुष्क रेतीली बलुई (Aridisols) टेथिस सागर
अरावली पर्वतीय प्रदेश 9.00% 10% उप-आर्द्र (Sub-humid) पर्वतीय (Inceptisols) गोंडवाना लैंड (प्राचीन वलित)
पूर्वी मैदानी प्रदेश 23.00% 39% उप-आर्द्र से आर्द्र जलोढ़ (Alfisols) टेथिस बेसिन (नदी निक्षेप)
दक्षिण-पूर्वी पठार (हाड़ौती) 6.89% 11% आर्द्र से अति-आर्द्र काली कपासी (Vertisols) गोंडवाना लैंड (लावा ट्रैप)

Table 2: अरावली पर्वतमाला की प्रमुख पर्वत चोटियाँ और उनकी ऊँचाई

पर्वत शिखर ऊँचाई (मीटर) जिला अरावली खंड पहचान
गुरु शिखर 1,722 मी. सिरोही (माउंट आबू) दक्षिणी अरावली राजस्थान व मध्य भारत की सर्वोच्च चोटी
सेर (Ser) 1,597 मी. सिरोही दक्षिणी अरावली राज्य की दूसरी सर्वोच्च चोटी
दिलवाड़ा 1,442 मी. सिरोही दक्षिणी अरावली माउंट आबू का जैन तीर्थ
जरगा (Jarga) 1,431 मी. उदयपुर दक्षिणी अरावली मेवाड़ की सबसे ऊंची चोटी
अचलगढ़ 1,380 मी. सिरोही दक्षिणी अरावली परमार दुर्ग स्थल
कुंभलगढ़ 1,224 मी. राजसमंद दक्षिणी अरावली भोराट पठार पर स्थित किला
रघुनाथगढ़ 1,055 मी. सीकर उत्तरी अरावली उत्तरी अरावली की सर्वोच्च चोटी
तारागढ़ 870 मी. अजमेर मध्य अरावली अजमेर दुर्ग की पहाड़ी

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • पश्चिमी मरुस्थल सबसे बड़ा (61.11%) और हाड़ौती पठार सबसे छोटा (6.89%) भूभाग है।
  • पूर्वी मैदानी भाग 23% क्षेत्रफल में 39% आबादी लिए सबसे सघन प्रदेश है।
  • अरावली पर्वतमाला की कुल 692 किमी लंबाई में से 550 किमी (80%) राजस्थान में है।
  • माउंट आबू स्थित गुरु शिखर (1,722 मी) को जेम्स टॉड ने 'संतों का शिखर' कहा था।
  • राजस्थान का सर्वोच्च पठार उड़िया पठार (1,360 मी) माउंट आबू में स्थित है।
  • कुंभलगढ़ और गोगुंदा के मध्य फैले ऊंचे पठार को 'भोराट का पठार' कहा जाता है।
  • पोकरण से मोहनगढ़ तक फैली 60 किमी लंबी जल पट्टी 'लाठी सीरीज' कहलाती है।
  • चांदन नलकूप को मीठे जल के कारण लोकभाषा में 'थार का घड़ा' नाम से जाना जाता है।
  • नागौर और अजमेर के मध्य फ्लोराइड प्रभावित गांवों की पट्टी को 'कुबड़ पट्टी' कहते हैं।
  • चंबल नदी के अवनालिका कटाव से बने बीहड़ को 'डांग' कहते हैं; करौली 'डांग की रानी' है।
  • बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ के मध्य 56 गांवों का मैदान 'छप्पन का मैदान' कहलाता है।
  • बारां जिले का 'रामगढ़ क्रेटर' उल्कापिंड के आघात से बना है; राज्य सरकार ने 2024 में इसे भू-विरासत स्थल माना।
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RAS Prelims MCQ

  1. राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत भाग थार मरुस्थल में आता है?
    A) 55.20%
    B) 61.11%
    C) 68.50%
    D) 72.15%
    उत्तर: B) 61.11%
    कारण: थार मरुस्थल राज्य के 61.11% भूभाग पर विस्तृत है जहाँ 40% आबादी रहती है।
  2. अरावली पर्वतमाला की कुल लंबाई 692 किमी में से राजस्थान में इसका विस्तार कितना है?
    A) 480 किमी
    B) 500 किमी
    C) 550 किमी
    D) 600 किमी
    उत्तर: C) 550 किमी
    कारण: अरावली का 550 किमी भाग सिरोही से खेतड़ी तक राजस्थान में है, जो कुल का 80% है।
  3. राजस्थान का सबसे ऊंचा पठार कौन सा है और इसकी ऊंचाई कितनी है?
    A) भोराट (1,225 मी)
    B) उड़िया पठार (1,360 मी)
    C) आबू पठार (1,200 मी)
    D) मेसा पठार (620 मी)
    उत्तर: B) उड़िया पठार (1,360 मी)
    कारण: माउंट आबू में स्थित उड़िया पठार 1,360 मीटर ऊंचाई के साथ सर्वोच्च पठार है।
  4. उत्तरी अरावली की सबसे ऊंची चोटी रघुनाथगढ़ (1,055 मीटर) किस जिले में है?
    A) अलवर
    B) जयपुर
    C) सीकर
    D) झुंझुनूं
    उत्तर: C) सीकर
    कारण: सीकर जिले में स्थित रघुनाथगढ़ उत्तरी अरावली की सर्वोच्च पर्वत चोटी है।
  5. पोकरण से मोहनगढ़ तक फैली भूगर्भीय जल पट्टी को क्या कहते हैं?
    A) पोकरण पट्टी
    B) लाठी सीरीज
    C) बांका पट्टी
    D) सम पट्टी
    उत्तर: B) लाठी सीरीज
    कारण: जैसलमेर में 60 किमी लंबी मीठे जल की पट्टी लाठी सीरीज कहलाती है जहाँ सेवण घास उगती है।
  6. राजस्थान के किस भौतिक भाग में जनसंख्या का घनत्व सर्वाधिक पाया जाता है?
    A) पश्चिमी मरुस्थल
    B) अरावली पर्वतमाला
    C) पूर्वी मैदानी प्रदेश
    D) हाड़ौती पठार
    उत्तर: C) पूर्वी मैदानी प्रदेश
    कारण: पूर्वी मैदान 23% क्षेत्रफल पर 39% आबादी समेटे सर्वाधिक सघन बसा प्रदेश है।
  7. फ्लोराइड युक्त जल वाली 'कुबड़ पट्टी' किन जिलों के मध्य स्थित है?
    A) बीकानेर और बाड़मेर
    B) नागौर और अजमेर
    C) जालौर और सिरोही
    D) कोटा और बूंदी
    उत्तर: B) नागौर और अजमेर
    कारण: नागौर और अजमेर के मध्य फ्लोराइड से रीढ़ झुकने के कारण यह कुबड़ पट्टी कहलाती है।
  8. दक्षिणी राजस्थान में 'छप्पन का मैदान' किन दो जिलों के मध्य स्थित है?
    A) डूंगरपुर और उदयपुर
    B) बांसवाड़ा और प्रतापगढ़
    C) चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा
    D) सिरोही और पाली
    उत्तर: B) बांसवाड़ा और प्रतापगढ़
    कारण: बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ के बीच 56 गांवों का माही बेसिन छप्पन का मैदान कहलाता है।
  9. उल्कापिंड जनित गड्ढा 'रामगढ़ क्रेटर' किस जिले में स्थित है?
    A) कोटा
    B) झालावाड़
    C) बूंदी
    D) बारां
    उत्तर: D) बारां
    कारण: बारां के रामगढ़ में उल्कापिंड के आघात से बना गर्त है।
  10. अर्धचंद्राकार गतिशील बालू के टीलों को थार मरुस्थल में क्या कहते हैं?
    A) सीफ
    B) बरखान
    C) पैराबोलिक
    D) हम्मादा
    उत्तर: B) बरखान
    कारण: वायु की दिशा में आगे खिसकने वाले अर्धचंद्राकार रेतीले टीले बरखान कहलाते हैं।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. राजस्थान में 'लाठी सीरीज' क्या है और इसका महत्व बताइए।
    उत्तर रूपरेखा: जैसलमेर में पोकरण से मोहनगढ़ तक 60 किमी लंबी मीठे भूजल की पट्टी है। महत्व: 1. पौष्टिक सेवण घास उगती है जो उत्तम पशु आहार है। 2. गोडावण पक्षी की शरणस्थली है। 3. चांदन नलकूप से मीठा जल मिलता है।
  2. 'भोराट का पठार' की भौगोलिक स्थिति स्पष्ट कीजिए।
    उत्तर रूपरेखा: दक्षिणी अरावली में कुंभलगढ़ (राजसमंद) और गोगुंदा (उदयपुर) के मध्य 1,225 मीटर ऊंचा पठार है। यह उड़िया पठार के बाद अरावली का दूसरा सबसे ऊंचा पठारी भाग है।
  3. चंबल बेसिन में बीहड़ निर्माण और 'डांग' क्षेत्र के मुख्य कारण क्या हैं?
    उत्तर रूपरेखा: चंबल के तेज बहाव और वनस्पति की कमी से गहरा अवनालिका कटाव होता है। इससे 15-30 मीटर गहरे खड्ड बनते हैं जिन्हें बीहड़ या डांग कहते हैं। करौली डांग की रानी है।
  4. 'महान सीमा भ्रंश' (Great Boundary Fault) किन जिलों से होकर गुजरता है?
    उत्तर रूपरेखा: अरावली और विंध्यन श्रेणियों के मिलन पर स्थित यह भ्रंश चित्तौड़गढ़ (बेगू), बूंदी, सवाई माधोपुर और धौलपुर से होकर गुजरता है।

Long Questions (5–10 marks)

  1. राजस्थान को भौतिक प्रदेशों में बांटते हुए अरावली के भौगोलिक महत्व का वर्णन कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - चार प्रदेश: पश्चिमी मरुस्थल (61.11%), अरावली पर्वतमाला (9%), पूर्वी मैदान (23%) और हाड़ौती पठार (6.89%)।
    - अरावली की स्थिति: प्री-कैम्ब्रियन वलित पर्वत, कुल लंबाई 692 किमी, राजस्थान में 550 किमी (80%), सर्वोच्च शिखर गुरु शिखर (1,722 मी)।
    - महत्व: 1. मरुस्थल के पूर्व की ओर प्रसार पर रोक। 2. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के बीच जल विभाजक। 3. बनास, साबरमती, लूणी नदियों का उद्गम। 4. तांबा, सीसा-जस्ता, मार्बल खनिजों का भंडार। 5. वन संपदा और जनजातियों का आश्रय।
  2. पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश के उप-विभाजनों और मुख्य धरातलीय लक्षणों को स्पष्ट कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - विस्तार: कुल क्षेत्रफल 61.11%, आबादी 40%, 25 सेमी वर्षा रेखा से दो भागों में विभाजन।
    - 1. शुष्क मरुस्थल: (क) बालुका स्तूप मुक्त (41.5%): हम्मादा मरुस्थल, आकल वुड फॉसिल पार्क (लगभग 18 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्म)। (ख) बालुका स्तूप युक्त (58.5%): बरखान, सीफ, लाठी सीरीज और चांदन नलकूप।
    - 2. अर्द्ध-शुष्क मैदान: लूणी बेसिन (जालोर ग्रेनाइट, सिवाना की छप्पन की पहाड़ियां), नागौरी उच्च भूमि (कुबड़ पट्टी, खारी झीलें), शेखावाटी (जोहड़, बीड़), घग्घर मैदान (नाली पाट)।
  3. पूर्वी मैदानी प्रदेश और हाड़ौती पठार के मध्य भौतिक और कृषि अंतरों की तुलना कीजिए। (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - बनावट: पूर्वी मैदान (23% क्षेत्रफल) नदियों के कांप जलोढ़ से बना है; हाड़ौती पठार (6.89% क्षेत्रफल) दक्कन ट्रैप लावा व विंध्यन शैलों से बना है।
    - मृदा व कृषि: पूर्वी मैदान में जलोढ़ मृदा है जहाँ गेहूं, सरसों और बाजरा होता है; हाड़ौती में मध्यम काली मृदा (Vertisols) है जहाँ सोयाबीन, कपास, संतरा और धनिया मुख्य फसलें हैं।
    - जनघनत्व: पूर्वी मैदान 39% आबादी के साथ सर्वाधिक सघन है; हाड़ौती पर 11% आबादी बसती है।

FAQs

राजस्थान के चार भौतिक प्रदेशों की भूगर्भिक उत्पत्ति किस प्रकार हुई है?

अरावली और हाड़ौती पठार प्राचीन प्रायद्वीपीय भारत के गोंडवाना लैंड के कठोर चट्टानी भाग हैं। इसके विपरीत पश्चिमी मरुस्थल और पूर्वी मैदान टेथिस सागर के अवशेष हैं जो बाद में नदियों के कांप अवसादों से बने हैं।

'छप्पन का मैदान' और 'छप्पन की पहाड़ियां' में क्या अंतर है?

'छप्पन का मैदान' बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ के बीच माही बेसिन में स्थित 56 गांवों का उपजाऊ मैदान है। जबकि 'छप्पन की पहाड़ियां' बालोतरा (सिवाना) में स्थित गोलाकार ग्रेनाइट पहाड़ियों का समूह है।

अरावली पर्वतमाला को 'महान भारतीय जल विभाजक' क्यों माना जाता है?

अरावली पर्वतमाला भारत के दो मुख्य अपवाह तंत्रों को बांटती है। इसके पश्चिम की नदियां (लूणी, साबरमती) अरब सागर में और पूर्व की नदियां (बनास, चंबल) यमुना-गंगा के जरिए बंगाल की खाड़ी में जल ले जाती हैं।

लाठी सीरीज और चांदन नलकूप का थार मरुस्थल में क्या महत्व है?

लाठी सीरीज जैसलमेर में 60 किमी लंबी मीठे भूजल की पट्टी है जिस पर पौष्टिक सेवण घास उगती है। चांदन नलकूप से निरंतर मीठा जल मिलने के कारण इसे लोकमानस में 'थार का घड़ा' कहा जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: राजस्थान का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किमी है, जिसे चार प्रमुख प्राकृतिक प्रदेशों में बांटा गया है।
राजस्थान का भूगोल के पाठ्यक्रम में राजस्थान के भौतिक प्रदेश: मरुस्थल, अरावली, पूर्वी मैदान और हाड़ौती पठार एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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