RAS (आरपीएससी) 6 min read

जल संरक्षण : आज की आवश्यकता

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: राजस्थान का भूगोल (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: जल संरक्षण : आज की आवश्यकता - जल संरक्षण
  • • अवलोकन: अध्याय सारांशयह अध्याय जल संरक्षण की महती आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। राजस्थान जैसी विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में, जहाँ जल संसाधन अत्यंत सीम...

अध्याय सारांश

यह अध्याय जल संरक्षण की महती आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। राजस्थान जैसी विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में, जहाँ जल संसाधन अत्यंत सीमित हैं, संरक्षण ही एकमात्र विकल्प है। यह अध्याय क्षेत्रफल और जल उपलब्धता के असंतुलन को रेखांकित करता है।

जल संकट के तथ्य

  • वैश्विक संदर्भ: पृथ्वी पर उपलब्ध जल का केवल 0.007% भाग ही मानव उपयोग के लिए है।
  • राजस्थान का संदर्भ: राज्य का क्षेत्रफल भारत का 10.41% है, लेकिन यहाँ भारत का मात्र 1% जल उपलब्ध है।
  • निर्भरता: राज्य की 90% आबादी पेयजल के लिए और 60-70% कृषि कार्य भूजल पर निर्भर है।

जल की कमी के कारण

  • बढ़ती जनसंख्या: भोजन और उद्योगों के लिए अधिक मांग।
  • असमान वितरण: बारहमासी नदियों का अभाव और अनिश्चित मानसून।
  • अंधाधुंध दोहन: पिछले 60 वर्षों में भूजल स्तर में भारी गिरावट आई है।
  • बर्बादी: आधुनिक जीवनशैली (शावर, फ्लश, वाशिंग मशीन) में पानी का अत्यधिक अपव्यय।

संरक्षण के उपाय

स्तरउपाय
सरकारीराष्ट्रीय पेयजल मिशन (1986) की स्थापना। सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य।
कृषिफव्वारा और बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति का प्रयोग। खेत में टांका निर्माण और मेड़बंदी। कम पानी वाली फसलें उगाना।
घरेलूशावर/पाइप की जगह बाल्टी का उपयोग। आरओ और रसोई के पानी का पौधों में पुनर्चक्रण।
औद्योगिकअपशिष्ट जल को उपचारित (Treat) करके पुनः उपयोग में लेना।

महत्वपूर्ण आंकड़े और अनुमान (RAS विशेष)

  • उपभोग मानक:
    • संयुक्त राष्ट्र मानक: 50 लीटर/व्यक्ति/दिन (न्यूनतम)।
    • भारतीय मानक: 85 लीटर/व्यक्ति/दिन।
  • भूजल गुणवत्ता की समस्याएं:
    • फ्लोराइड: 30 जिले प्रभावित।
    • खारापन (Salinity): 27 जिले प्रभावित।
    • लौह तत्व (Iron): 28 जिले प्रभावित।
  • डार्क जोन: राजस्थान के 236 ब्लॉकों में से 140 डार्क जोन (भूजल समाप्त) और 50 ग्रे जोन में हैं।
  • 2030 के अनुमान: कृषि के लिए 13% अधिक पानी की आवश्यकता होगी; हिमालय से मिलने वाले जल में 20% कमी की आशंका है।
  • वर्षा जल क्षमता: 1000 वर्ग फीट की छत से एक मानसून में लगभग 1 लाख लीटर पानी बचाया जा सकता है।
  • वैश्विक तथ्य: दुनिया में सबसे अधिक ट्यूबवेल (22 लाख) भारत में हैं।
  • विश्व जल दिवस: प्रतिवर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

अध्याय सारांशयह अध्याय जल संरक्षण की महती आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
राजस्थान का भूगोल के पाठ्यक्रम में जल संरक्षण : आज की आवश्यकता एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
हाँ, NotesMedia पर आपको जल संरक्षण : आज की आवश्यकता के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, हल किए गए उदाहरण और नोट्स बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे। अधिक अभ्यास के लिए आप हमारा ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं।

In this Chapter

जल संरक्षण : आज की आवश्यकता
No other notes in this chapter.