RAS (आरपीएससी) 5 min read

Simple and Compound Interest in Hindi: साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज, सूत्र और ट्रिक्स

RK

लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: तर्क और मानसिक क्षमता (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Simple and Compound Interest in Hindi: साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज, सूत्र और ट्रिक्स - आधारभूत गणित और Data Interpretation
  • • अवलोकन: Quick Answer: Simple and Compound Interest in Hindi: साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज (Simple and Compound Interest) से पता चलता है कि लोन या जमा रकम पर कितना...
Quick Answer: Simple and Compound Interest in Hindi: साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज (Simple and Compound Interest) से पता चलता है कि लोन या जमा रकम पर कितना ब्याज बनेगा। साधारण ब्याज (SI) हर साल सिर्फ मूलधन पर लगता है, इसलिए हर साल बराबर रहता है। चक्रवृद्धि ब्याज (CI) में पिछले साल का ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और अगले साल उस पर भी ब्याज लगता है। RAS Pre 2016 (Q117: 2 साल के CI-SI का अंतर, Q118: CI पर जमा रकम) और RAS Pre 2024 (Q93: 8-माही चक्रवृद्धि) में इसी topic से सवाल आए।

साधारण ब्याज (SI) के मूल नियम और सूत्र

साधारण ब्याज (Simple Interest) में पूरी अवधि में केवल मूलधन (Principal) पर ही ब्याज लगता है। किसानों के फसल लोन जैसे छोटे लोन पर ब्याज समझने में यह काम आता है (देखें Economy of Rajasthan)।

साधारण ब्याज के बुनियादी सूत्र:

  • मूलधन (P): उधार ली या जमा की गई रकम।
  • वार्षिक दर (R): प्रति ₹100 पर 1 वर्ष का ब्याज प्रतिशत।
  • समय (T): वर्षों में कुल अवधि।
  • साधारण ब्याज: SI = (P * R * T) / 100
  • मिश्रधन: A = P + SI = P * [1 + (R * T) / 100]
Advertisement

साधारण ब्याज में राशि का n गुना होना

यदि धनराशि T वर्षों में n गुनी हो जाए, तो कुल ब्याज SI = (n - 1) * P मिलता है।

सूत्र: R = [(n - 1) * 100] / T या T = [(n - 1) * 100] / R

एक ही दर पर दो स्थितियों की तुलना: (n1 - 1) / T1 = (n2 - 1) / T2 (सिर्फ साधारण ब्याज में, क्योंकि यहां ब्याज समय के अनुपात में बढ़ता है)।

चक्रवृद्धि ब्याज (CI) के नियम और संयोजन प्रकार

चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) में तय समय (साल, छमाही या तिमाही) के बाद ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और अगली अवधि का ब्याज इस नए मूलधन पर लगता है।

1. वार्षिक संयोजन (Annual Compounding)

प्रतिवर्ष ब्याज जोड़ने पर: A = P * [1 + (R / 100)]^t, और CI = A - P।

2. अर्धवार्षिक संयोजन (Half-Yearly Compounding)

हर 6 महीने पर हिसाब होने पर दर आधी R' = R / 2, और समय दोगुना t' = 2t होता है: A = P * [1 + (R / 200)]^(2t)।

3. त्रैमासिक संयोजन (Quarterly Compounding)

हर 3 महीने पर हिसाब होने पर दर चौथाई R' = R / 4, और समय चार गुना t' = 4t होता है: A = P * [1 + (R / 400)]^(4t)।

4. हर k महीने पर संयोजन (General Rule)

अगर ब्याज हर k महीने पर जुड़े, तो एक अवधि की दर = R * k / 12 और कुल अवधियां = 12t / k। जैसे 15% वार्षिक दर पर 8-माही संयोजन में एक अवधि की दर 10% है और 2 साल में 3 अवधियां बनती हैं। RAS Pre 2024 (Q93) में ऐसा ही 8-माही सवाल आया था।

चक्रवृद्धि ब्याज में राशि का n गुना होना

चक्रवृद्धि ब्याज में रकम हर अवधि में एक ही गुणक से गुणा होती है। इसलिए एक ही दर पर, अगर राशि T वर्ष में n गुनी हो, तो n^k गुनी होने में k * T वर्ष लगेंगे।

CI और SI के अंतर के shortcut सूत्र

ये सूत्र तभी लागू होते हैं जब मूलधन P और दर R दोनों में एक ही हों, और CI वार्षिक जुड़ता हो। अंतर (D) के सवाल सीधे इनसे हल होते हैं:

  • 2 वर्ष का अंतर: D = P * (R / 100)^2
  • 3 वर्ष का अंतर: D = P * (R / 100)^2 * [3 + (R / 100)]
  • सीधा संबंध: D3 = D2 * [3 + (R / 100)] (यहां D2 = P * (R/100)^2)

ब्याज की प्रभावी दर (Effective Rate Method)

दो क्रमिक बढ़ोतरी का सूत्र [a + b + (a * b) / 100]% लगाने से CI की प्रभावी दर तुरंत निकलती है (वार्षिक संयोजन):

  • 10% वार्षिक दर: 2 वर्ष का CI = 21% (SI = 20%, अंतर = 1%)। 3 वर्ष का CI = 33.1% (SI = 30%, अंतर = 3.1%)।
  • 5% वार्षिक दर: 2 वर्ष का CI = 10.25% (SI = 10%, अंतर = 0.25%)। 3 वर्ष का CI = 15.7625% (SI = 15%, अंतर = 0.7625%)।
  • 20% वार्षिक दर: 2 वर्ष का CI = 44% (SI = 40%, अंतर = 4%)। 3 वर्ष का CI = 72.8% (SI = 60%, अंतर = 12.8%)।

किस्त योजना (Installment Plans) के मूल नियम

लोन को n बराबर वार्षिक किस्तों (हर किस्त x, हर साल के अंत में) में चुकाने के नियम:

  • चक्रवृद्धि ब्याज किस्त: P = [x / (1 + R/100)] + [x / (1 + R/100)^2] + ... + [x / (1 + R/100)^n]। यानी लोन = सभी किस्तों के वर्तमान मूल्य (present value) का जोड़।
  • साधारण ब्याज किस्त: A = n * x + [x * R * n * (n - 1)] / 200, जहां A = P * [1 + (R * n) / 100] यानी n वर्ष बाद लोन का मिश्रधन।

ब्याज सूत्र तुलना सारणी (HTML Summary Table)

साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज के मुख्य नियमों की तुलना नीचे दी गई तालिकाओं में है:

Table 1: साधारण ब्याज (SI) बनाम चक्रवृद्धि ब्याज (CI) तुलना

तुलना बिंदु साधारण ब्याज (SI) चक्रवृद्धि ब्याज (CI)
मूलधन पूरी अवधि में स्थिर हर अवधि के बाद ब्याज जुड़कर बढ़ता है
वार्षिक ब्याज हर साल बराबर हर साल बढ़ता है
1 वर्ष का ब्याज वार्षिक संयोजन पर CI के बराबर वार्षिक संयोजन पर SI के बराबर
2 वर्ष का कुल ब्याज 2PR / 100 SI + P * (R / 100)^2
3 वर्ष का कुल ब्याज 3PR / 100 SI + P * (R / 100)^2 * [3 + R / 100]
प्रकृति रैखिक (Linear) घातीय (Exponential)

Table 2: प्रमुख दरों पर प्रभावी प्रतिशत दर तुलना

दर (R) 2 वर्ष SI 2 वर्ष CI 2 वर्ष अंतर 3 वर्ष SI 3 वर्ष CI 3 वर्ष अंतर
5% 10.0% 10.25% 0.25% 15.0% 15.7625% 0.7625%
10% 20.0% 21.0% 1.0% 30.0% 33.1% 3.1%
20% 40.0% 44.0% 4.0% 60.0% 72.8% 12.8%

RPSC स्तर के 8 हल उदाहरण (Solved Examples)

आसान से RPSC स्तर तक 8 हल उदाहरण:

उदाहरण 1: साधारण ब्याज और मिश्रधन

प्रश्न: ₹15,000 की राशि 8% वार्षिक साधारण ब्याज दर पर 3 वर्ष के लिए दी गई। ब्याज और मिश्रधन बताएं।

हल: P = ₹15,000, R = 8%, T = 3 वर्ष।
SI = (15,000 * 8 * 3) / 100 = ₹3,600।
मिश्रधन A = 15,000 + 3,600 = ₹18,600।
जांच: 1,200 * 3 = ₹3,600। सही है।

उदाहरण 2: साधारण ब्याज में राशि का n गुना होना

प्रश्न: कोई धन साधारण ब्याज से 6 वर्ष में 4 गुना हो जाता है। वार्षिक दर क्या है?

हल: n = 4, T = 6 वर्ष।
R = [(4 - 1) * 100] / 6 = 300 / 6 = 50% वार्षिक।
जांच: ₹100 पर ब्याज ₹300, मिश्रधन ₹400 (4 गुना)। सही है।

उदाहरण 3: 2 वर्ष के लिए CI और SI का अंतर

प्रश्न: किसी राशि पर 6% वार्षिक दर से 2 वर्ष के CI (वार्षिक) और SI का अंतर ₹45 है। मूलधन निकालिए।

हल: सूत्र: D = P * (R / 100)^2
45 = P * (6 / 100)^2 = P * 0.0036
P = 45 / 0.0036 = ₹12,500।
जांच: 2 वर्ष का SI = 12,500 * 6 * 2 / 100 = ₹1,500। CI = 12,500 * (1.06^2 - 1) = 12,500 * 0.1236 = ₹1,545। अंतर ₹45 है। सही है।

उदाहरण 4: 3 वर्ष के लिए CI और SI का अंतर

प्रश्न: ₹20,000 पर 10% वार्षिक दर से 3 वर्ष के CI (वार्षिक) और SI का अंतर निकालिए।

हल: सूत्र: D3 = P * (R / 100)^2 * [3 + (R / 100)]
D3 = 20,000 * (10 / 100)^2 * [3 + 0.1] = 200 * 3.1 = ₹620।
जांच: 3 वर्ष का SI = ₹6,000, CI = ₹6,620। अंतर = ₹620। सही है।

उदाहरण 5: चक्रवृद्धि ब्याज में राशि का गुना होना

प्रश्न: कोई धन CI से 3 वर्ष में 2 गुना होता है। वह कितने वर्षों में 8 गुना होगा?

हल: n = 2, T = 3 वर्ष। 8 गुना = 2^3, इसलिए k = 3।
समय = k * T = 3 * 3 = 9 वर्ष।
तुलना: अगर साधारण ब्याज से धन 3 वर्ष में 2 गुना होता, तो 8 गुना होने में 7 * 3 = 21 वर्ष लगते।

उदाहरण 6: अर्धवार्षिक संयोजन पर ब्याज

प्रश्न: ₹10,000 पर 10% वार्षिक दर से 1 वर्ष का CI निकालिए, यदि ब्याज अर्धवार्षिक जुड़े।

हल: दर R' = 5%, अवधियां n = 2 छमाही।
मिश्रधन A = 10,000 * (1.05)^2 = ₹11,025।
CI = 11,025 - 10,000 = ₹1,025।
जांच: वार्षिक संयोजन पर ब्याज ₹1,000 होता; अर्धवार्षिक में दूसरी छमाही को पहली छमाही के ₹500 पर भी 5% (₹25) मिलता है।

उदाहरण 7: अलग वर्षों में भिन्न ब्याज दरें

प्रश्न: ₹12,000 पर पहले वर्ष 5% और दूसरे वर्ष 10% CI दर से 2 वर्ष बाद मिश्रधन कितना होगा?

हल: A = 12,000 * 1.05 * 1.10 = ₹13,860।
CI = 13,860 - 12,000 = ₹1,860। सही है।

उदाहरण 8: चक्रवृद्धि ब्याज में वार्षिक किस्त

प्रश्न: ₹11,000 का लोन 20% वार्षिक CI पर 2 बराबर वार्षिक किस्तों (हर साल के अंत में) में चुकाना है। हर किस्त कितनी होगी?

हल: 11,000 = [x / 1.2] + [x / 1.44] = (1.2x + x) / 1.44 = 2.2x / 1.44
x = (11,000 * 1.44) / 2.2 = 5,000 * 1.44 = ₹7,200।
जांच: पहले साल के अंत में बकाया 11,000 * 1.2 = 13,200; किस्त देने के बाद 6,000 बचे। दूसरे साल के अंत में 6,000 * 1.2 = 7,200, जो दूसरी किस्त से पूरा चुक जाता है। सही है।

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • 1 वर्ष समानता: वार्षिक संयोजन में 1 वर्ष का SI और CI बराबर होता है।
  • 2 वर्ष अंतर: 2 वर्ष का अंतर D = P * (R / 100)^2 होता है।
  • 3 वर्ष अंतर: 3 वर्ष का अंतर D = P * (R / 100)^2 * [3 + (R / 100)] होता है।
  • अर्धवार्षिक चक्र: अर्धवार्षिक में दर आधी (R/2) और समय दोगुना (2t) होता है।
  • त्रैमासिक चक्र: त्रैमासिक में दर चौथाई (R/4) और समय चार गुना (4t) होता है।
  • SI n गुना: साधारण ब्याज में दर R = [(n - 1) * 100] / T होती है।
  • CI n गुना: चक्रवृद्धि ब्याज में n^k गुना समय k * T वर्ष होता है।
  • Rule of 72: CI पर धन दोगुना होने का लगभग समय = 72 / R (अनुमान है, exact सूत्र नहीं)।
  • 10% प्रभावी दर: 10% वार्षिक CI पर 2 वर्ष का ब्याज 21% और 3 वर्ष का 33.1% होता है।
  • भिन्न दरें: क्रमिक वर्षों में A = P * (1 + R1/100) * (1 + R2/100) होता है।
  • किस्त वर्तमान मूल्य: CI में लोन की रकम सभी किस्तों के वर्तमान मूल्यों का जोड़ है।
  • अंतर सूत्र की शर्त: D = P(R/100)^2 सिर्फ 2 साल, वार्षिक संयोजन और एक ही P व R पर लागू है।
Advertisement

RAS Prelims MCQ

RAS Pre स्तर के 10 अभ्यास MCQ:

  1. 4% वार्षिक दर से 2 वर्ष के CI और SI का अंतर ₹8 है। मूलधन क्या होगा?
    A) ₹4,000
    B) ₹5,000
    C) ₹6,000
    D) ₹8,000
    उत्तर: B) ₹5,000
    कारण: 8 = P * (4/100)^2 = P/625, इसलिए P = 8 * 625 = ₹5,000।
  2. कोई धन साधारण ब्याज से 5 वर्ष में दोगुना हो जाता है। वार्षिक दर क्या है?
    A) 15%
    B) 20%
    C) 25%
    D) 10%
    उत्तर: B) 20%
    कारण: R = [(2 - 1) * 100] / 5 = 100 / 5 = 20%।
  3. चक्रवृद्धि ब्याज से धन 5 वर्ष में दोगुना होता है। 8 गुना होने में कितना समय लगेगा?
    A) 10 वर्ष
    B) 12 वर्ष
    C) 15 वर्ष
    D) 20 वर्ष
    उत्तर: C) 15 वर्ष
    कारण: 8 = 2^3, इसलिए कुल समय = 3 * 5 = 15 वर्ष।
  4. ₹10,000 पर 10% वार्षिक दर से 3 वर्ष के CI और SI का अंतर क्या होगा?
    A) ₹300
    B) ₹310
    C) ₹320
    D) ₹350
    उत्तर: B) ₹310
    कारण: D3 = 10,000 * 0.01 * 3.1 = ₹310।
  5. ₹8,000 का 10% वार्षिक दर से 1 वर्ष का CI क्या होगा, यदि ब्याज अर्धवार्षिक जुड़े?
    A) ₹800
    B) ₹820
    C) ₹840
    D) ₹860
    उत्तर: B) ₹820
    कारण: दर = 5%, n = 2; CI = 8,000 * 0.1025 = ₹820।
  6. किसी राशि पर एक ही दर से 2 वर्ष का साधारण ब्याज ₹900 और चक्रवृद्धि ब्याज (वार्षिक) ₹936 है। वार्षिक दर क्या है?
    A) 4%
    B) 5%
    C) 6%
    D) 8%
    उत्तर: D) 8%
    कारण: 1 वर्ष का SI = ₹450; अंतर ₹36 पहले साल के ₹450 पर लगा ब्याज है, इसलिए दर = (36/450) * 100 = 8% (मूलधन ₹5,625)।
  7. ₹5,000 पर पहले वर्ष 10% और दूसरे वर्ष 20% CI दर से मिश्रधन क्या होगा?
    A) ₹6,000
    B) ₹6,400
    C) ₹6,600
    D) ₹6,800
    उत्तर: C) ₹6,600
    कारण: A = 5,000 * 1.10 * 1.20 = ₹6,600।
  8. Rule of 72 के अनुसार 6% CI दर पर धन लगभग कितने वर्षों में दोगुना होगा?
    A) 8 वर्ष
    B) 10 वर्ष
    C) 12 वर्ष
    D) 14 वर्ष
    उत्तर: C) 12 वर्ष
    कारण: दोगुना होने का लगभग समय = 72 / 6 = 12 वर्ष (exact मान लगभग 11.9 वर्ष)।
  9. ₹8,200 का लोन 5% वार्षिक CI पर 2 बराबर वार्षिक किस्तों में चुकाना है। हर किस्त कितनी होगी?
    A) ₹4,100
    B) ₹4,305
    C) ₹4,410
    D) ₹4,520
    उत्तर: C) ₹4,410
    कारण: 8,200 = x/1.05 + x/1.1025 = 2.05x / 1.1025, इसलिए x = 8,200 * 1.1025 / 2.05 = 4,000 * 1.1025 = ₹4,410।
  10. कोई धन साधारण ब्याज पर 3 वर्ष में ₹850 और 4 वर्ष में ₹925 (मिश्रधन) हो जाता है। मूलधन क्या है?
    A) ₹600
    B) ₹625
    C) ₹650
    D) ₹700
    उत्तर: B) ₹625
    कारण: 1 वर्ष ब्याज = ₹75; मूलधन = 850 - (75 * 3) = ₹625।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज में मुख्य अंतर बताइए। (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: साधारण ब्याज पूरी अवधि में केवल मूलधन पर समान रूप से बढ़ता है। चक्रवृद्धि ब्याज में हर चक्र के बाद ब्याज मूलधन में जुड़ता है, जिससे ब्याज पर भी नया ब्याज मिलता है।
  2. चक्रवृद्धि ब्याज में 'प्रभावी दर विधि' (Effective Rate Method) का क्या महत्व है? (2 marks)
    उत्तर रूपरेखा: दो क्रमिक बढ़ोतरी के नियम [a + b + (ab/100)]% से 2 या 3 वर्षों का कुल ब्याज सीधे प्रतिशत में मिल जाता है, लंबी घात (power) नहीं लगानी पड़ती।

Long Questions (5–10 marks)

  1. 2 वर्ष और 3 वर्ष के CI और SI के अंतर सूत्र कैसे बनते हैं? समझाइए। (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - पहले वर्ष अंतर शून्य, क्योंकि दोनों में ब्याज सिर्फ मूलधन पर लगता है (वार्षिक संयोजन)।
    - r = R/100 लें। 2 वर्ष: CI = P[(1+r)^2 - 1] = 2Pr + Pr^2, SI = 2Pr, इसलिए D2 = Pr^2 (पहले साल के ब्याज Pr पर दूसरे साल का ब्याज)।
    - 3 वर्ष: CI = P[(1+r)^3 - 1] = 3Pr + 3Pr^2 + Pr^3, SI = 3Pr, इसलिए D3 = Pr^2(3 + r)।
    - ये सूत्र सिर्फ वार्षिक संयोजन और एक ही P, R पर लागू हैं।
  2. सार्वजनिक ऋण और किस्त व्यवस्था (EMI/Installment) के प्रशासनिक महत्व का विश्लेषण कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - किस्त व्यवस्था: बकाया लोन को बराबर किस्तों में चुकाना।
    - वर्तमान मूल्य का नियम: CI में सभी किस्तों का वर्तमान मूल्य लिए गए लोन के बराबर होता है।
    - नागरिकों को राहत: किसानों और छोटे उद्यमियों पर एक साथ पूरी रकम चुकाने का दबाव नहीं रहता।
    - सरकार/बैंक के लिए: नियमित वसूली होती है और बकाया (default) का जोखिम घटता है।

FAQs

क्या पहले वर्ष के लिए साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज हमेशा समान होते हैं?

सिर्फ वार्षिक संयोजन में। तब पहले वर्ष दोनों का ब्याज शुरुआती मूलधन पर ही लगता है, इसलिए बराबर रहता है। अर्धवार्षिक या त्रैमासिक संयोजन में पहले वर्ष का CI भी SI से ज्यादा होता है (उदाहरण 6 देखें)।

3 वर्ष के CI और SI के अंतर को हल करने का सबसे तेज shortcut क्या है?

सूत्र D = P * (R / 100)^2 * [3 + (R / 100)] लगाएं, या 10% दर पर सीधे मूलधन का 3.1% अंतर लें। यह सिर्फ वार्षिक संयोजन पर लागू है।

Rule of 72 क्या है और यह कैसे काम करता है?

72 को वार्षिक CI दर से भाग देने पर धन दोगुना होने का लगभग समय मिलता है (समय ≈ 72 / R)। यह अनुमान है: 6% पर 12 वर्ष बताता है, जबकि exact समय लगभग 11.9 वर्ष है। साधारण ब्याज में दोगुना होने का exact समय 100 / R होता है।

अर्धवार्षिक या त्रैमासिक ब्याज में समय और दर को कैसे बदलते हैं?

अर्धवार्षिक में दर को 2 से भाग और समय को 2 से गुणा करते हैं। त्रैमासिक में दर को 4 से भाग और समय को 4 से गुणा करते हैं।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • SI = PRT / 100; CI = P(1 + R/100)^t - P।
  • 2 साल का CI - SI = P(R/100)^2; 3 साल का = P(R/100)^2(3 + R/100) (सिर्फ वार्षिक संयोजन)।
  • हर k महीने पर संयोजन: दर R*k/12, अवधियां 12t/k।
  • SI में T साल में n गुना: R = (n - 1) * 100 / T।
  • CI में T साल में n गुना हो तो n^k गुना k*T साल में।
  • CI किस्त: लोन = किस्तों के वर्तमान मूल्यों का जोड़।

RAS Pre का revision मोबाइल पर

NotesMedia app में यही RAS notes और 362 RAS flashcards हैं, जिनसे जल्दी revision कर सकते हैं।

Google Play से app लें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Simple and Compound Interest in Hindi: साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज (Simple and Compound Interest) से पता चलता है कि लोन या जमा रकम पर कितना ब्याज बनेगा।
तर्क और मानसिक क्षमता के पाठ्यक्रम में Simple and Compound Interest in Hindi: साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज, सूत्र और ट्रिक्स एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
हाँ, NotesMedia पर आपको Simple and Compound Interest in Hindi: साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज, सूत्र और ट्रिक्स के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, हल किए गए उदाहरण और नोट्स बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे। अधिक अभ्यास के लिए आप हमारा ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं।
Advertisement