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Rajasthan Aarthik Samiksha: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26: GSDP, क्षेत्रवार हिस्सा, प्रति व्यक्ति आय और राजकोषीय घाटा

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: राजस्थान की अर्थव्यवस्था (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Rajasthan Aarthik Samiksha: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26: GSDP, क्षेत्रवार हिस्सा, प्रति व्यक्ति आय और राजकोषीय घाटा - राजस्थान की अर्थव्यवस्था (विशेषताएं और रुझान)
  • • अवलोकन: Quick Answer: Rajasthan Aarthik Samiksha: राजस्थान आर्थिक समीक्षा (Rajasthan Aarthik Samiksha) 2025-26 के अनुसार 2025-26 में राज्य का GSDP प्रचलित कीमतो...
Quick Answer: Rajasthan Aarthik Samiksha: राजस्थान आर्थिक समीक्षा (Rajasthan Aarthik Samiksha) 2025-26 के अनुसार 2025-26 में राज्य का GSDP प्रचलित कीमतों पर ₹18,75,413 करोड़ (लगभग ₹18.75 लाख करोड़) और स्थिर कीमतों (आधार 2011-12) पर ₹9,81,807 करोड़ अनुमानित है। स्थिर कीमतों पर विकास दर 8.66% और प्रचलित कीमतों पर 10.24% है। प्रचलित कीमतों पर GSVA में सेवा क्षेत्र 47.71%, उद्योग 26.55% और कृषि व सम्बद्ध क्षेत्र 25.74% हिस्सा रखते हैं। प्रति व्यक्ति आय प्रचलित कीमतों पर ₹2,02,349 है। राजस्थान का थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आज भी 1999-2000 = 100 आधार पर बनता है।

राजस्थान आर्थिक समीक्षा क्या है और RAS में क्यों जरूरी है

आर्थिक समीक्षा राज्य सरकार की सालाना रिपोर्ट है। इसे योजना विभाग का आर्थिक और सांख्यिकी निदेशालय (Directorate of Economics & Statistics, DES), जयपुर तैयार करता है। आर्थिक समीक्षा 2025-26 फरवरी 2026 में राज्य बजट 2026-27 के साथ आई। बजट 2026-27 उपमुख्यमंत्री (वित्त) दिया कुमारी ने 11 फरवरी 2026 को रखा।

RAS Pre में इस हिस्से से सीधे सवाल आते हैं। RAS Pre 2016 में राजस्थान WPI के आधार वर्ष पर सवाल आया। RAS Pre 2024 में दो सवाल थे: एक राजस्थान के राजकोषीय घाटे (2022-23) पर और दूसरा सकल स्थायी पूंजी निर्माण (GFCF) में क्षेत्रों के क्रम पर। Mains पेपर 1 के राजस्थान की अर्थव्यवस्था वाले भाग में भी यही आंकड़े काम आते हैं।

ध्यान रखें: नीचे के सारे आंकड़े आर्थिक समीक्षा 2025-26 के हैं (2025-26 के लिए अग्रिम अनुमान, AE)। जहां कोई आंकड़ा 2024-25 का है या बजट 2026-27 का, वहां साल अलग से लिखा है। राजस्थान का भौगोलिक क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किमी (देश का 10.41%) है, और आर्थिक समीक्षा 2025-26 ने 1 अक्टूबर 2025 को राज्य की अनुमानित जनसंख्या 8.33 करोड़ बताई है।

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सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 2025-26

GSDP का मतलब है एक साल में राज्य की सीमा के अंदर बनी सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य। इसे दो तरह से नापते हैं:

  • स्थिर कीमतें (आधार वर्ष 2011-12): इसमें महंगाई का असर हटा दिया जाता है, इसलिए इसकी विकास दर को "वास्तविक" विकास दर कहते हैं। 2025-26 में स्थिर GSDP ₹9,81,807 करोड़ (2024-25 में ₹9,03,564 करोड़) है। विकास दर 8.66% (2024-25 में 8.77%)।
  • प्रचलित कीमतें (current prices): उसी साल के बाजार भाव पर। 2025-26 में ₹18,75,413 करोड़ (2024-25 में ₹17,01,190 करोड़) है। विकास दर 10.24% (2024-25 में 11.77%)।

तुलना के लिए: PRS की बजट analysis 2026-27 के अनुसार 2025-26 में भारत की GDP विकास दर (स्थिर कीमतें) 7.4% अनुमानित थी, यानी राजस्थान (8.7%) देश से तेज बढ़ा। बजट 2026-27 में 2026-27 का GSDP प्रचलित कीमतों पर ₹21,52,100 करोड़ (लगभग ₹21.52 लाख करोड़) माना गया है।

शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (NSDP)

NSDP = GSDP − मूल्यह्रास (depreciation)। आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार 2025-26 में NSDP स्थिर कीमतों पर ₹8,59,333 करोड़ और प्रचलित कीमतों पर ₹16,85,118 करोड़ है। ध्यान दें: ₹16.85 लाख करोड़ NSDP का आंकड़ा है, GSDP का नहीं। परीक्षा में यह गलती आम है।

GSVA में क्षेत्रवार हिस्सा (कृषि, उद्योग, सेवा)

सकल राज्य मूल्यवर्धन (GSVA) बताता है कि किस क्षेत्र ने कितना मूल्य जोड़ा। GSVA = GSDP − उत्पाद कर + उत्पाद subsidy। आर्थिक समीक्षा 2025-26 में हिस्सा दोनों कीमतों पर अलग है, इसलिए सवाल में "प्रचलित" या "स्थिर" शब्द जरूर देखें।

राज्य की अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर इस note में है: राजस्थान की अर्थव्यवस्था: कृषि, उद्योग और infrastructure।

Table 1: GSVA में क्षेत्रवार हिस्सा (आर्थिक समीक्षा 2025-26)

क्षेत्र प्रचलित कीमतें 2024-25 प्रचलित कीमतें 2025-26 स्थिर कीमतें 2025-26 स्थिर कीमतों पर वृद्धि 2025-26
कृषि व सम्बद्ध 27.13% 25.74% 25.33% 0.22%
उद्योग 27.05% 26.55% 28.21% 7.02%
सेवा 45.82% 47.71% 46.46% 11.15%

याद रखने की बात: स्थिर कीमतों पर उद्योग (28.21%) कृषि (25.33%) से आगे है, जबकि प्रचलित कीमतों पर उद्योग (26.55%) और कृषि (25.74%) बहुत पास हैं। सेवा क्षेत्र दोनों में सबसे बड़ा है।

1. कृषि व सम्बद्ध क्षेत्र

2025-26 में कृषि GSVA प्रचलित कीमतों पर लगभग ₹4.41 लाख करोड़ है। इसके अंदर हिस्सा (प्रचलित कीमतें, 2025-26):

  • पशुपालन: 49.35%, सबसे बड़ा हिस्सा। पशुधन क्षेत्र का GVA (₹2.17 लाख करोड़) फसलों (₹1.88 लाख करोड़) से ज्यादा है।
  • फसलें: 42.61%। स्थिर कीमतों पर फसल क्षेत्र 2025-26 में 5.01% घटा।
  • वानिकी व लट्ठा बनाना: 7.49%।
  • मत्स्य: 0.54%, सबसे कम।

पशुपालन पर detail note: पशुधन और डेयरी विकास।

2. उद्योग क्षेत्र

2025-26 में उद्योग GSVA प्रचलित कीमतों पर लगभग ₹4.54 लाख करोड़ है। उप-क्षेत्रों का हिस्सा (प्रचलित कीमतें, 2025-26):

  • विनिर्माण (manufacturing): 40.52%, सबसे बड़ा।
  • निर्माण (construction): 35.02%।
  • खनन व उत्खनन: 12.42%। स्थिर कीमतों पर 2025-26 में खनन 1.41% घटा।
  • बिजली, गैस, जल आपूर्ति व अन्य utility सेवाएं: 12.04%। स्थिर कीमतों पर इसकी वृद्धि (9.37%) उद्योग के उप-क्षेत्रों में सबसे ज्यादा रही।

3. सेवा क्षेत्र

2025-26 में सेवा GSVA प्रचलित कीमतों पर लगभग ₹8.17 लाख करोड़ है, जो सबसे बड़ा क्षेत्र है। इसमें व्यापार, होटल व जलपान (27.95%) सबसे आगे है, फिर रियल एस्टेट, आवास का स्वामित्व व पेशेवर सेवाएं (23.48%)। स्थिर कीमतों पर सेवा क्षेत्र 11.15% बढ़ा, जो तीनों क्षेत्रों में सबसे तेज है।

प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income)

प्रति व्यक्ति आय = NSDP ÷ साल के बीच की कुल जनसंख्या

Table 2: प्रति व्यक्ति आय 2025-26 (आर्थिक समीक्षा 2025-26)

संकेतक राजस्थान भारत अंतर
प्रचलित कीमतें ₹2,02,349 (वृद्धि 9.32%) ₹2,19,575 राजस्थान ₹17,226 कम
स्थिर कीमतें (2011-12) ₹1,03,189 (वृद्धि 7.76%) ₹1,21,968 राजस्थान ₹18,779 कम
2024-25 (पिछला साल) प्रचलित ₹1,85,095; स्थिर ₹95,762 - -

भारत के ये आंकड़े पुराने आधार (2011-12) वाली series के हैं, जिन्हें आर्थिक समीक्षा 2025-26 ने लिया है। MoSPI ने 27 फरवरी 2026 को GDP की नई series (आधार 2022-23) जारी की, इसलिए नई series में भारत के आंकड़े अलग दिखेंगे।

नोट: PRS ने 2025-26 के लिए "प्रति व्यक्ति GSDP" ₹2,25,200 लिखा है। वह अलग पैमाना है (GSDP ÷ जनसंख्या)। RAS में "प्रति व्यक्ति आय" का मतलब NSDP वाला आंकड़ा (₹2,02,349) ही लें। राष्ट्रीय आय की बुनियादी बातें: राष्ट्रीय आय और आर्थिक विकास।

सकल स्थायी पूंजी निर्माण (GFCF)

GFCF बताता है कि एक साल में मकान, सड़क, मशीन, प्लांट जैसी स्थायी संपत्तियों में कितना नया निवेश हुआ। आर्थिक समीक्षा 2025-26 में इसके ताजा आंकड़े 2024-25 के हैं (अस्थायी):

  • 2024-25 में GFCF ₹5,02,412 करोड़ रहा, जो GSDP का 29.53% है। 2023-24 से यह 11.81% बढ़ा।
  • निजी क्षेत्र: 77.97% हिस्सा। सार्वजनिक क्षेत्र: 22.03%।
  • सबसे बड़ा हिस्सा: निर्माण (construction), ₹2,07,125 करोड़। फिर रियल एस्टेट व आवास (₹96,745 करोड़), विनिर्माण (₹40,479 करोड़) और बिजली-गैस-जल (₹37,922 करोड़)।
  • कृषि के चारों उप-क्षेत्र (फसल, पशुधन, वानिकी, मत्स्य) मिलकर लगभग ₹18,751 करोड़, जबकि खनन ₹6,991 करोड़। इसलिए क्रम बनता है: निर्माण > विनिर्माण > कृषि > खनन। RAS Pre 2024 में यही क्रम पूछा गया था।
  • सबसे कम: भंडारण (storage), केवल ₹67 करोड़।

मूल्य सूचकांक: WPI और CPI

1. राजस्थान का थोक मूल्य सूचकांक (WPI)

DES जयपुर हर महीने राज्य का WPI जारी करता है। आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार इसका आधार वर्ष अब भी 1999-2000 = 100 है और इसमें कुल 154 वस्तुएं हैं। समूहों के भारांक (weight):

  • विनिर्मित उत्पाद: 49.853%, सबसे ज्यादा।
  • प्राथमिक वस्तुएं: 33.894% (कृषि उत्पाद और खनिज)।
  • ईंधन, शक्ति, प्रकाश व उपस्नेहक: 16.253%।

आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राज्य का सामान्य WPI 2024-25 में 396.72 था (2.18% वृद्धि)। भारत सरकार का WPI अलग है: उसका आधार वर्ष 15 जून 2026 से 2011-12 से बदलकर 2022-23 हो गया (Office of the Economic Adviser, DPIIT)। राज्य का WPI 1999-2000 आधार पर ही है।

2. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)

CPI खुदरा भाव पर बनता है और इसमें वस्तुएं व सेवाएं दोनों आती हैं।

  • CPI-IW (औद्योगिक श्रमिक): श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) जारी करता है। आधार वर्ष 2016 = 100। देश के 88 केंद्रों में से 3 राजस्थान में हैं: जयपुर, भीलवाड़ा और अलवर। 2016 वाली नई series (2020 से लागू) में अजमेर की जगह अलवर आया।
  • CPI-AL / CPI-RL (कृषि / ग्रामीण मजदूर): श्रम ब्यूरो जारी करता है। पुराना आधार 1986-87 = 100 था। जून 2025 से नई series का आधार 2019 = 100 है।
  • CPI (ग्रामीण, शहरी, संयुक्त): NSO (MoSPI) जारी करता है। आर्थिक समीक्षा 2025-26 के आंकड़े आधार 2012 = 100 पर हैं। MoSPI ने फरवरी 2026 से आधार 2024 वाली नई CPI series शुरू की।

उपभोक्ताओं के कानूनी अधिकार: उपभोक्ता संरक्षण (COPRA)।

राजकोषीय संकेतक, घाटा और FRBM

राजस्थान में राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 (Rajasthan FRBM Act, 2005) लागू है। इसका सामान्य लक्ष्य है: राजस्व घाटा शून्य और राजकोषीय घाटा GSDP का 3%। केंद्र जब राज्यों को extra उधार की छूट देता है (जैसे बिजली क्षेत्र सुधार या पूंजीगत खर्च के लिए 50 साल का ब्याज-मुक्त कर्ज), तो उस साल की सीमा 3% से ऊपर चली जाती है।

  • राजकोषीय घाटा = कुल खर्च − (राजस्व प्राप्तियां + कर्ज के अलावा पूंजीगत प्राप्तियां)। यानी सरकार को उस साल कितना नया उधार लेना पड़ा।
  • राजस्व घाटा = राजस्व खर्च − राजस्व प्राप्तियां।
  • प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा − ब्याज भुगतान।

Table 3: राजस्थान के राजकोषीय आंकड़े (साल और स्रोत के साथ)

संकेतक आंकड़ा साल / स्रोत
राजकोषीय घाटा GSDP का 3.76% 2022-23 वास्तविक (RAS Pre 2024 में पूछा; उस साल की FRBM सीमा से कम)
राजकोषीय घाटा ₹72,420 करोड़ = GSDP का 4.26% (allowed सीमा 4.37%) 2024-25 वास्तविक, आर्थिक समीक्षा 2025-26
राजकोषीय घाटा GSDP का 3.9% (₹72,493 करोड़) 2025-26 संशोधित अनुमान, बजट 2026-27 (PRS)
राजकोषीय घाटा GSDP का 3.69% (₹79,493 करोड़) 2026-27 बजट अनुमान
राजस्व घाटा ₹41,950 करोड़ = GSDP का 2.47% 2024-25 वास्तविक, आर्थिक समीक्षा 2025-26
राजस्व घाटा ₹24,314 करोड़ (GSDP का लगभग 1.1%) 2026-27 बजट अनुमान (PRS)
प्राथमिक घाटा ₹32,241 करोड़ 2024-25, आर्थिक समीक्षा 2025-26
कुल देनदारियां (कर्ज) ₹6,40,844 करोड़ = GSDP का 37.67% 31 मार्च 2025, आर्थिक समीक्षा 2025-26
कुल देनदारियां GSDP का 38% → 36.8% 2025-26 संशोधित → 2026-27 बजट अनुमान (PRS)
बजट का कुल खर्च ₹6,10,956 करोड़ (कर्ज चुकाना शामिल) 2026-27 बजट अनुमान (PRS)

2024-25 में घाटे के 4.26% में 0.42% बिजली क्षेत्र की छूट और 0.54% पूंजीगत खर्च वाले 50 साल के ब्याज-मुक्त कर्ज का हिस्सा था। उसी साल ब्याज भुगतान ₹40,179 करोड़ रहा। बजट और कर नीति की बुनियादी बातें: राजकोषीय नीति, बजट और कराधान।

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महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • आर्थिक समीक्षा DES (योजना विभाग), जयपुर तैयार करता है; 2025-26 वाली फरवरी 2026 में बजट 2026-27 के साथ आई।
  • GSDP 2025-26: प्रचलित ₹18.75 लाख करोड़ (10.24%), स्थिर ₹9.82 लाख करोड़ (8.66%)।
  • NSDP 2025-26 प्रचलित कीमतों पर ₹16.85 लाख करोड़ है (यह GSDP नहीं है)।
  • GSVA 2025-26 (प्रचलित): सेवा 47.71%, उद्योग 26.55%, कृषि 25.74%।
  • उद्योग में विनिर्माण 40.52%, निर्माण 35.02% (2025-26, प्रचलित)।
  • प्रति व्यक्ति आय 2025-26: ₹2,02,349 (प्रचलित), ₹1,03,189 (स्थिर); भारत ₹2,19,575।
  • GFCF 2024-25: ₹5,02,412 करोड़ = GSDP का 29.53%; निजी 77.97%, सार्वजनिक 22.03%।
  • राजस्थान WPI: आधार 1999-2000, 154 वस्तुएं, विनिर्मित समूह का भारांक 49.853%।
  • CPI-IW (2016=100) के राजस्थान केंद्र: जयपुर, भीलवाड़ा, अलवर।
  • राजकोषीय घाटा: 2022-23 में 3.76%, 2024-25 में 4.26%, 2026-27 BE 3.69%।

RAS Prelims MCQ

  1. राजस्थान के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का आधार वर्ष क्या है?
    A) 2011-12
    B) 1999-2000
    C) 2004-05
    D) 2022-23
    उत्तर: B) 1999-2000
    कारण: DES जयपुर राज्य का WPI 1999-2000 = 100 पर बनाता है। 2022-23 भारत सरकार के नए WPI (जून 2026 से) का आधार है।
  2. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार प्रचलित कीमतों पर GSVA में किस क्षेत्र का हिस्सा सबसे कम है?
    A) सेवा
    B) उद्योग
    C) कृषि व सम्बद्ध
    D) तीनों बराबर
    उत्तर: C) कृषि व सम्बद्ध
    कारण: प्रचलित कीमतों पर कृषि 25.74%, उद्योग 26.55% और सेवा 47.71% है।
  3. 2025-26 में राजस्थान के कृषि GSVA (प्रचलित कीमतें) में सबसे बड़ा उप-क्षेत्र कौन सा है?
    A) फसलें
    B) पशुपालन
    C) वानिकी
    D) मत्स्य
    उत्तर: B) पशुपालन
    कारण: पशुपालन 49.35% और फसलें 42.61% हैं।
  4. CPI-IW (आधार 2016=100) के राजस्थान वाले केंद्रों में कौन सा शामिल नहीं है?
    A) जयपुर
    B) भीलवाड़ा
    C) अलवर
    D) अजमेर
    उत्तर: D) अजमेर
    कारण: 2016 वाली series में अजमेर की जगह अलवर आया; केंद्र जयपुर, भीलवाड़ा और अलवर हैं।
  5. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार 2025-26 में स्थिर कीमतों (2011-12) पर राजस्थान की GSDP विकास दर कितनी है?
    A) 7.40%
    B) 8.66%
    C) 10.24%
    D) 11.77%
    उत्तर: B) 8.66%
    कारण: 10.24% प्रचलित कीमतों की दर है, 11.77% पिछले साल (2024-25) की प्रचलित दर और 7.4% भारत की दर।
  6. 2024-25 में राजस्थान के सकल स्थायी पूंजी निर्माण (GFCF) में निजी क्षेत्र का हिस्सा लगभग कितना था?
    A) 22%
    B) 50%
    C) 78%
    D) 90%
    उत्तर: C) 78%
    कारण: आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार निजी 77.97% और सार्वजनिक 22.03%।
  7. राजस्थान के GFCF (2024-25) में किस क्षेत्र का हिस्सा सबसे ज्यादा है?
    A) विनिर्माण
    B) खनन
    C) निर्माण (construction)
    D) कृषि
    उत्तर: C) निर्माण (construction)
    कारण: निर्माण ₹2,07,125 करोड़ के साथ सबसे आगे है; खनन सबसे पीछे वालों में है।
  8. प्राथमिक घाटा (Primary Deficit) का सही सूत्र क्या है?
    A) राजकोषीय घाटा − राजस्व घाटा
    B) राजकोषीय घाटा − ब्याज भुगतान
    C) राजस्व खर्च − राजस्व प्राप्तियां
    D) राजस्व खर्च − पूंजीगत खर्च
    उत्तर: B) राजकोषीय घाटा − ब्याज भुगतान
    कारण: C राजस्व घाटे का सूत्र है। 2024-25 में ₹72,420 − ₹40,179 = ₹32,241 करोड़ प्राथमिक घाटा रहा।
  9. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार 2025-26 में राजस्थान की प्रति व्यक्ति आय (प्रचलित कीमतें) कितनी है?
    A) ₹1,85,095
    B) ₹2,02,349
    C) ₹2,19,575
    D) ₹2,25,200
    उत्तर: B) ₹2,02,349
    कारण: ₹1,85,095 पिछले साल (2024-25) का, ₹2,19,575 भारत का और ₹2,25,200 प्रति व्यक्ति GSDP (PRS) का आंकड़ा है।
  10. राजस्थान के थोक मूल्य सूचकांक में सबसे ज्यादा भारांक किस समूह का है?
    A) प्राथमिक वस्तुएं
    B) विनिर्मित उत्पाद
    C) ईंधन, शक्ति, प्रकाश व उपस्नेहक
    D) खाद्य वस्तुएं
    उत्तर: B) विनिर्मित उत्पाद
    कारण: विनिर्मित 49.853%, प्राथमिक 33.894%, ईंधन 16.253%।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. GSDP और NSDP में क्या अंतर है? राजस्थान के 2025-26 के आंकड़े लिखिए।
    उत्तर रूपरेखा: NSDP = GSDP − मूल्यह्रास। आर्थिक समीक्षा 2025-26: GSDP प्रचलित ₹18.75 लाख करोड़, NSDP प्रचलित ₹16.85 लाख करोड़। स्थिर कीमतों पर GSDP ₹9.82 लाख करोड़, NSDP ₹8.59 लाख करोड़।
  2. राजस्थान WPI के आधार वर्ष और समूह भारांक बताइए।
    उत्तर रूपरेखा: आधार 1999-2000 = 100, DES जयपुर हर महीने जारी करता है, 154 वस्तुएं। विनिर्मित 49.853%, प्राथमिक 33.894%, ईंधन व प्रकाश 16.253%।
  3. राजस्थान में CPI-IW के केंद्र कौन से हैं?
    उत्तर रूपरेखा: श्रम ब्यूरो, आधार 2016 = 100, देश में 88 केंद्र। राजस्थान में जयपुर, भीलवाड़ा, अलवर (2016 series में अजमेर की जगह अलवर)।

Long Questions (5–10 marks)

  1. आर्थिक समीक्षा 2025-26 के आधार पर राजस्थान की अर्थव्यवस्था की क्षेत्रवार संरचना की समीक्षा कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - शुरुआत: GSDP 2025-26 प्रचलित ₹18.75 लाख करोड़, स्थिर विकास दर 8.66%।
    - सेवा: प्रचलित 47.71%, स्थिर वृद्धि 11.15%; व्यापार-होटल और रियल एस्टेट आगे।
    - उद्योग: प्रचलित 26.55%, स्थिर 28.21%; विनिर्माण 40.52%, निर्माण 35.02%; खनन में 1.41% गिरावट।
    - कृषि: प्रचलित 25.74%, स्थिर वृद्धि केवल 0.22%; पशुपालन 49.35% से सबसे बड़ा उप-क्षेत्र, फसलें 5.01% घटीं।
    - अंत में: सेवा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, पर ज्यादातर लोग अभी भी कृषि पर निर्भर हैं, इसलिए उद्योग में रोजगार बढ़ाना जरूरी है।
  2. राजस्थान के राजकोषीय प्रबंधन और FRBM अधिनियम 2005 की स्थिति पर टिप्पणी कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - FRBM 2005 के लक्ष्य: राजस्व घाटा शून्य, राजकोषीय घाटा GSDP का 3%; केंद्र की छूट से किसी साल की सीमा ज्यादा।
    - राजकोषीय घाटा: 2022-23 में 3.76%, 2024-25 में 4.26% (सीमा 4.37%), 2025-26 RE 3.9%, 2026-27 BE 3.69%।
    - राजस्व घाटा: 2024-25 में 2.47%, 2026-27 BE में लगभग 1.1%।
    - कर्ज: 31 मार्च 2025 को GSDP का 37.67%; ब्याज भुगतान 2024-25 में ₹40,179 करोड़।
    - सुझाव: अपने कर बढ़ाना, ब्याज और जरूरी खर्च पर नियंत्रण, पूंजीगत खर्च की गुणवत्ता।

FAQs

राजस्थान आर्थिक समीक्षा कौन तैयार करता है और कब आती है?

योजना विभाग का आर्थिक और सांख्यिकी निदेशालय (DES), जयपुर इसे तैयार करता है। यह हर साल राज्य बजट के साथ आती है; 2025-26 वाली समीक्षा फरवरी 2026 में बजट 2026-27 के साथ आई।

₹18.75 लाख करोड़ और ₹16.85 लाख करोड़ में क्या फर्क है?

₹18.75 लाख करोड़ 2025-26 का GSDP (प्रचलित कीमतें) है। ₹16.85 लाख करोड़ उसी साल का NSDP (प्रचलित कीमतें) है, यानी GSDP में से मूल्यह्रास घटाकर।

कृषि में पशुपालन का हिस्सा फसलों से ज्यादा क्यों है?

राजस्थान के बड़े हिस्से में बारिश कम और अनिश्चित है, इसलिए फसल का जोखिम ज्यादा है। दूध, ऊन और मांस से आय ज्यादा स्थिर रहती है। 2025-26 में फसल क्षेत्र स्थिर कीमतों पर 5.01% घटा, जबकि पशुधन 5.20% बढ़ा।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • GSDP 2025-26 (आर्थिक समीक्षा 2025-26): प्रचलित ₹18.75 लाख करोड़, स्थिर विकास दर 8.66%।
  • GSVA 2025-26 (प्रचलित): सेवा 47.71% > उद्योग 26.55% > कृषि 25.74%।
  • कृषि GSVA में पशुपालन (49.35%) फसलों (42.61%) से आगे।
  • प्रति व्यक्ति आय 2025-26: ₹2,02,349 (प्रचलित), भारत से ₹17,226 कम।
  • GFCF 2024-25: GSDP का 29.53%; क्रम निर्माण > विनिर्माण > कृषि > खनन।
  • राजस्थान WPI का आधार 1999-2000; राजकोषीय घाटा 2022-23 में 3.76%, 2024-25 में 4.26%।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Rajasthan Aarthik Samiksha: राजस्थान आर्थिक समीक्षा (Rajasthan Aarthik Samiksha) 2025-26 के अनुसार 2025-26 में राज्य का GSDP प्रचलित।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था के पाठ्यक्रम में Rajasthan Aarthik Samiksha: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26: GSDP, क्षेत्रवार हिस्सा, प्रति व्यक्ति आय और राजकोषीय घाटा एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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Rajasthan Aarthik Samiksha: राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26: GSDP, क्षेत्रवार हिस्सा, प्रति व्यक्ति आय और राजकोषीय घाटा
राजस्थान की अर्थव्यवस्था