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Infectious and Non-Communicable Diseases in Hindi: संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: विज्ञान और प्रौद्योगिकी (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Infectious and Non-Communicable Diseases in Hindi: संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग - दैनिक जीवन में विज्ञान, मानव शरीर और स्वास्थ्य
  • • अवलोकन: Quick Answer: Infectious and Non-Communicable Diseases in Hindi: प्रमुख संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग (Communicable and Non-Communicable Diseases) मानव स...
Quick Answer: Infectious and Non-Communicable Diseases in Hindi: प्रमुख संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग (Communicable and Non-Communicable Diseases) मानव स्वास्थ्य से जुड़े दो मुख्य रोग वर्ग हैं। संक्रामक रोग bacteria, virus, protozoa या worms जैसे pathogens से एक व्यक्ति से दूसरे में फैलते हैं (जैसे tuberculosis, malaria, dengue, typhoid)। गैर-संक्रामक रोग (NCDs) अस्वस्थ जीवनशैली, आनुवंशिकी या पोषण असंतुलन से शरीर के भीतर उत्पन्न होते हैं (जैसे cardiovascular disease, diabetes, cancer)। भारत और राजस्थान सरकार इनके नियंत्रण के लिए NTEP, NCVBDC (पहले NVBDCP), NP-NCD और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY) जैसे बड़े public health program संचालित कर रही हैं।

संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग: मूल अंतर

WHO के अनुसार स्वास्थ्य शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण की पूर्ण स्थिति है। रोगों को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा जाता है: संक्रामक और गैर-संक्रामक।

संक्रामक रोग बाहरी जैविक रोगाणुओं (pathogens) से होते हैं। ये हवा के कणों, अशुद्ध जल, भोजन या कीट वाहकों (vectors) से स्वस्थ व्यक्ति तक पहुंचते हैं। सुरक्षित जल से जल-जनित रोगों की रोकथाम होती है, जिसके बारे में पढ़ें: जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल।

गैर-संक्रामक रोग (NCDs) किसी रोगाणु से दूसरों में कभी नहीं फैलते। ये विकार अनुचित खान-पान, व्यायाम की कमी, तंबाकू सेवन, तनाव या आनुवंशिक कारणों से शरीर में पनपते हैं। ये दीर्घकालिक रोग हैं जिन्हें निरंतर चिकित्सीय प्रबंधन चाहिए।

तुलना का आधारसंक्रामक रोग (Infectious Diseases)गैर-संक्रामक रोग (NCDs)
कारण (Causes)बाहरी रोगाणु: bacteria, virus, protozoa, wormsआंतरिक कारक: जीवनशैली, आनुवंशिकी, उम्र, पोषण दोष
रोग फैलावरोगी से स्वस्थ व्यक्ति में हवा, जल या कीट से फैलता हैव्यक्ति से व्यक्ति में कभी नहीं फैलता (गैर-संचारी)
रोग की अवधिप्रायः तीव्र (acute), दवा से शीघ्र नियंत्रण संभवदीर्घकालिक (chronic), निरंतर प्रबंधन आवश्यक
रोकथाम उपायटीकाकरण (vaccine), स्वच्छता, शुद्ध जल, कीट नियंत्रणसंतुलित आहार, योग, नशामुक्ति, समय पर जांच
प्रमुख उदाहरणटीबी (TB), Typhoid, Cholera, Malaria, Dengue, AIDSहृदय रोग (CVD), Hypertension, Diabetes, Cancer
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जीवाणु जनित रोग (Bacterial Diseases): कारण, लक्षण और रोकथाम

Bacteria एककोशिकीय प्रोकैरियोटिक जीव हैं। कुछ रोगजनक bacteria हानिकारक टॉक्सिन छोड़कर ऊतकों को नुकसान पहुंचाते हैं। प्रमुख जीवाणु जनित रोगों का विवरण:

1. क्षय रोग या तपेदिक (Tuberculosis - TB)

यह Mycobacterium tuberculosis जीवाणु से फेफड़ों में होता है (Pulmonary TB)। खांसने पर हवा में तैरने वाले कणों से इसका प्रसार होता है। दो सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून, सीने में दर्द, बुखार और वजन घटना मुख्य लक्षण हैं। जन्म पर BCG vaccine और उपचार में DOTS पद्धति अपनाई जाती है। निक्षय पोषण योजना से मरीजों को वित्तीय सहायता मिलती है।

2. टाइफाइड और हैजा

टाइफाइड: Salmonella typhi जीवाणु से दूषित जल और भोजन के जरिए फैलता है। इसमें तेज बुखार (103°F-104°F), पेट दर्द और कमजोरी रहती है। टाइफाइड की पहचान विडाल टेस्ट (Widal test) से होती है।
हैजा (Cholera): Vibrio cholerae जीवाणु से दूषित पानी और मक्खियों से फैलता है। इसमें चावल के पानी जैसे पतले दस्त और उल्टियां होती हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो जाता है। तुरंत ORS घोल देकर मरीज की रक्षा की जाती है।

3. टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खांसी और प्लेग

  • टिटनेस (Lockjaw): Clostridium tetani स्पोर्स मिट्टी और जंग लगे लोहे में रहते हैं। घाव से घुसकर जबड़े में अकड़न लाता है। Td इंजेक्शन (2018 से TT की जगह) और बच्चों को DPT टीका दिया जाता है।
  • डिप्थीरिया: Corynebacterium diphtheriae गले में झिल्ली बनाकर सांस नली रोकता है।
  • काली खांसी (Pertussis): Bordetella pertussis से खांसी के तेज दौरे आते हैं।
  • प्लेग: Yersinia pestis जीवाणु से फैलता है; चूहे का पिस्सू (Xenopsylla cheopis) वाहक है।

विषाणु जनित रोग (Viral Diseases): लक्षण और बचाव

Virus केवल जीवित कोशिका में सक्रिय होकर गुणन करते हैं। प्रमुख वायरल रोगों का विवरण:

1. पोलियो और हेपेटाइटिस

पोलियो (Poliomyelitis): Poliovirus दूषित जल व भोजन से मोटर न्यूरॉन्स नष्ट कर पैरों में पक्षाघात (paralysis) करता है। साल्क ने IPV और साबिन ने OPV टीका विकसित किया।
हेपेटाइटिस (Hepatitis): यह लिवर की सूजन है। Hepatitis A व E दूषित जल से फैलते हैं। Hepatitis B, C व D रक्त, सुई और असुरक्षित संबंधों से फैलते हैं। Hepatitis B एक DNA virus है, जिसका टीका उपलब्ध है।

2. रेबीज, डेंगू, चिकनगुनिया और खसरा

रेबीज: Rhabdovirus पागल पशु के काटने से लार से फैलता है। मुख्य लक्षण पानी से डर (Hydrophobia) है। लुई पाश्चर ने रेबीज टीके की खोज की थी। तुरंत ARV टीका लगवानी चाहिए।
डेंगू और चिकनगुनिया: डेंगू Flavivirus से और चिकनगुनिया Togavirus से होता है। संवाहक मादा एडीज मच्छर (Aedes aegypti) है। डेंगू में तेज बुखार और प्लेटलेट्स घटते हैं। चिकनगुनिया में जोड़ों में सूजन होती है। खसरा (Measles) व रूबेला से बचाव के लिए MR वैक्सीन दी जाती है।

3. एड्स (AIDS)

यह HIV (Human Immunodeficiency Virus) रेट्रोवायरस से होता है, जो CD4+ टी-लिम्फोसाइट्स को नष्ट कर प्रतिरक्षा तंत्र तोड़ देता है। असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त, साझा सुई और मां से शिशु में फैलता है। प्राथमिक जांच ELISA test और पुष्टिकारी जांच Western Blot test है (textbook उत्तर)। भारत में NACO अब पुष्टि के लिए अलग-अलग तीन antibody tests (Strategy III) का प्रयोग करता है। उपचार ART दवाओं से किया जाता है।

प्रोटोजोआ और कृमि जनित रोग

प्रोटोजोआ एककोशिकीय और कृमि बहुकोशिकीय परजीवी हैं। प्रमुख रोगों का विवरण:

1. मलेरिया (Malaria)

मलेरिया Plasmodium प्रोटोजोआ (मुख्यतः P. vivax व P. falciparum) से होता है। मादा एनोफिलीज मच्छर वाहक है। मच्छर के काटने से स्पोरोजोइट लिवर में गुणन कर आरबीसी फोड़ते हैं। हीमोजोइन निकलने से कंपकंपी संग आवर्ती बुखार आता है। 1897 में रोनाल्ड रॉस ने एनोफिलीज मच्छर के पेट में मलेरिया परजीवी खोजकर दिखाया कि मच्छर इसका वाहक है (1902 नोबेल)। कुनैन (Quinine) और ACT दवाएं उपचार में दी जाती हैं। औषधीय पौधों के बारे में पढ़ें: प्राकृतिक संसाधन और औषधीय संपदा।

2. अमीबियासिस, कालाजार और फाइलेरिया

  • अमीबियासिस: Entamoeba histolytica प्रोटोजोआ से बड़ी आंत में घाव होते हैं, जिससे पेट में मरोड़ और आंव-खून आता है।
  • कालाजार: Leishmania donovani से होता है। वाहक बालू मक्खी (Sandfly) है। यह तिल्ली (spleen) और लिवर को नुकसान पहुंचाता है।
  • फाइलेरिया (हाथीपांव): Wuchereria bancrofti सूत्रकृमि से होता है। वाहक मादा क्यूलेक्स मच्छर है। यह पैरों की लसीका वाहिनियों में सूजन लाकर पैर को हाथी जैसा मोटा कर देता है।

प्रमुख गैर-संक्रामक रोग (Non-Communicable Diseases - NCDs)

NCDs आंतरिक विकृति या अस्वस्थ जीवनशैली से जन्म लेते हैं:

1. हृदय रोग (Cardiovascular Diseases - CVD)

उच्च रक्तचाप (Hypertension) मुख्य जोखिम है। कोरोनरी धमनियों में वसा जमने को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहते हैं। इससे धमनियां संकरी हो जाती हैं और हृदय को कम रक्त मिलता है। सीने के दर्द को एनजाइना और रक्त रुकावट से दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ता है।

2. मधुमेह (Diabetes Mellitus)

यह मेटाबॉलिक रोग है जिसमें ब्लड शुगर बढ़ जाता है। अग्न्याशय की बीटा कोशिकाएं इंसुलिन बनाती हैं:
Type-1 Diabetes: ऑटोइम्यून विकार जिसमें बीटा कोशिकाएं नष्ट होने से इंसुलिन नहीं बनता। मरीज को प्रतिदिन इंसुलिन इंजेक्शन चाहिए।
Type-2 Diabetes: कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति प्रतिरोध (Insulin Resistance) दिखाती हैं। यह मोटापा और तनाव से जुड़ा है।

3. कैंसर (Cancer)

सामान्य कोशिकाओं का संपर्क संदमन (Contact Inhibition) गुण नष्ट होने पर कोशिकाएं अनियंत्रित होकर ट्यूमर बनाती हैं:
सुदम ट्यूमर (Benign): एक जगह बंधा रहता है और दूसरे अंगों में नहीं फैलता।
दुर्दम ट्यूमर (Malignant): यह वास्तविक कैंसर है। इसकी कोशिकाएं रक्त से दूर के अंगों में नए ट्यूमर बनाती हैं (Metastasis)। तंबाकू का धुआं, रेडिएशन (जैसे X-ray, UV) और कुछ रसायन कार्सिनोजेन हैं; ये सामान्य जीन (proto-oncogenes) को ऑन्कोजीन में बदल देते हैं। बायोप्सी के बाद सर्जरी, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी से उपचार होता है।

रोग, कारक, वाहक और जांच परीक्षण (मास्टर सारणी)

प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से प्रमुख संक्रामक रोगों का संक्षिप्त विवरण नीचे दी गई तालिका में संकलित है:

रोगरोगजनक (Pathogen)वर्गवाहक / प्रसार माध्यमजांच परीक्षण / वैक्सीन
क्षय रोग (TB)Mycobacterium tuberculosisBacteriaहवा के कण (Droplets)Mantoux Test, CBNAAT / BCG वैक्सीन
टाइफाइडSalmonella typhiBacteriaदूषित जल और भोजनWidal Test
हैजाVibrio choleraeBacteriaदूषित जल, मक्खियांमल संवर्धन जांच / ORS घोल
टिटनेसClostridium tetaniBacteriaमिट्टी, जंग लगा लोहाTd (पहले TT), DPT टीका
मलेरियाPlasmodium प्रजातिProtozoaमादा एनोफिलीज मच्छरब्लड स्मीयर टेस्ट, RDT किट
डेंगूDengue Virus (Flavivirus)Virusमादा एडीज मच्छरNS1 Antigen Test, Platelet जांच
एड्सHIV (Human Immunodeficiency Virus)Virusरक्त, असुरक्षित संबंधELISA Test, Western Blot Test
रेबीजRabies Virus (Lyssavirus)Virusपागल पशु की लारएंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV)
कालाजारLeishmania donovaniProtozoaबालू मक्खी (Sandfly)rk39 स्ट्रिप टेस्ट
हाथीपांवWuchereria bancroftiHelminthमादा क्यूलेक्स मच्छररात्रि रक्त स्मीयर जांच

भारत और राजस्थान के प्रमुख लोक स्वास्थ्य कार्यक्रम

प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

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1. राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP)

पूर्ववर्ती RNTCP का नया नाम NTEP है। भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी खात्मे का राष्ट्रीय लक्ष्य रखा था (SDG लक्ष्य 2030 से पांच साल पहले)। यह लक्ष्य पूरा नहीं हुआ; WHO Global TB Report 2025 के अनुसार 2015 से 2024 के बीच भारत में TB incidence लगभग 21% घटा। CBNAAT से जांच और निक्षय पोषण योजना से मरीजों को हर माह वित्तीय पोषण सहायता मिलती है।

2. राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP, अब NCVBDC)

यह छह बीमारियों (मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार, फाइलेरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस) की रोकथाम का कार्यक्रम है। इसे चलाने वाले केंद्र का नाम अब National Center for Vector Borne Diseases Control (NCVBDC) है। मलेरिया उन्मूलन ढांचे (NFME 2016-2030) के अनुसार भारत का लक्ष्य 2027 तक शून्य स्थानीय (indigenous) केस और 2030 तक मलेरिया खात्मा है।

3. राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD)

पूर्ववर्ती NPCDCS का नया नाम NP-NCD है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 30 वर्ष से अधिक उम्र वालों की बीपी, शुगर और कैंसर की मुफ्त जांच की जाती है।

4. राजस्थान की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाएं

  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAAY): पूर्ववर्ती चिरंजीवी योजना का नाम फरवरी 2024 में बदलकर MAAY किया गया। 2025-26 तक इसमें पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है (साथ में ₹10 लाख का दुर्घटना बीमा)।
  • निरोगी राजस्थान अभियान: 17 दिसंबर 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुरू किया। गांवों में स्वास्थ्य मित्र संक्रामक व जीवनशैली रोगों से बचाव की सीख देते हैं।
  • मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा और जांच योजना: RMSCL संस्था सरकारी अस्पतालों में जरूरी जेनेरिक दवाएं और जांचें पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराती है।

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • रोग पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों को सामूहिक रूप से pathogens कहते हैं।
  • BCG टीका नवजात को टीबी से बचाने के लिए लगाया जाता है।
  • टाइफाइड रोग की पुष्टि विडाल टेस्ट (Widal test) से होती है।
  • हैजा Vibrio cholerae जीवाणु से फैलता है (चावल के पानी जैसा दस्त)।
  • टिटनेस के स्पोर्स मिट्टी और जंग लगे लोहे में रहते हैं (Lockjaw रोग)।
  • पोलियो वायरस मोटर न्यूरॉन्स को नष्ट कर पक्षाघात करता है।
  • मादा एडीज एजिप्टी मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया की वाहक है।
  • एड्स की प्राथमिक जांच ELISA और पुष्टिकारी जांच Western Blot है।
  • मलेरिया वाहक मादा एनोफिलीज है; आरबीसी टूटने पर हीमोजोइन निकलता है।
  • रोनाल्ड रॉस ने 1897 में मच्छर में मलेरिया परजीवी खोजा, यानी मच्छर वाहक है (1902 नोबेल पुरस्कार)।
  • कैंसर कोशिकाओं में संपर्क संदमन नष्ट होता है; ट्यूमर फैलना मेटास्टेसिस है।
  • राजस्थान में MAAY योजना में ₹25 लाख का कैशलेस कवर मिलता है (2025-26 तक)।
  • दवा खरीद-आपूर्ति RMSCL संस्था संचालित करती है।

RAS Prelims MCQ

  1. इनमें से कौन सा रोग जीवाणु से नहीं होता है?
    A) तपेदिक B) टाइफाइड C) पोलियो D) हैजा
    उत्तर: C) पोलियो
    कारण: पोलियो वायरस से होता है, बाकी तीनों जीवाणुओं से।
  2. टाइफाइड की पुष्टि किस टेस्ट से होती है?
    A) मोंटू B) विडाल C) एलिसा D) वेस्टर्न ब्लॉट
    उत्तर: B) विडाल
    कारण: Salmonella typhi जीवाणु की पहचान विडाल टेस्ट से होती है।
  3. मलेरिया में आरबीसी फटने पर कौन सा विषैला तत्व निकलता है?
    A) हीमोग्लोबिन B) हीमोजोइन C) टेटानोस्पैस्मिन D) हिस्टामाइन
    उत्तर: B) हीमोजोइन
    कारण: हीमोजोइन निकलने से कंपकंपी संग तेज बुखार आता है।
  4. मादा एडीज एजिप्टी मच्छर किन रोगों की वाहक है?
    A) मलेरिया B) डेंगू और चिकनगुनिया C) कालाजार D) हैजा
    उत्तर: B) डेंगू और चिकनगुनिया
    कारण: डेंगू और चिकनगुनिया दोनों वायरस एडीज मच्छर से फैलते हैं।
  5. कैंसर कोशिकाओं का अन्य अंगों में फैलना क्या कहलाता है?
    A) संपर्क संदमन B) मेटास्टेसिस C) नियोप्लाज्म D) बायोप्सी
    उत्तर: B) मेटास्टेसिस
    कारण: दुर्दम ट्यूमर का अन्य अंगों में फैलना मेटास्टेसिस कहलाता है।
  6. कालाजार रोग का कारक और संवाहक कीट कौन सा है?
    A) प्लास्मोडियम व मच्छर B) लीशमैनिया व बालू मक्खी C) ट्रिपैनोसोमा व सी-सी मक्खी D) वुचेरेरिया व क्यूलेक्स मच्छर
    उत्तर: B) लीशमैनिया व बालू मक्खी
    कारण: कालाजार Leishmania donovani से होता है और बालू मक्खी वाहक है।
  7. एड्स की प्राथमिक जांच किस टेस्ट से होती है?
    A) विडाल B) मोंटू C) एलिसा (ELISA) D) आरटी-पीसीआर
    उत्तर: C) एलिसा (ELISA)
    कारण: HIV एंटीबॉडीज की प्राथमिक पहचान ELISA से होती है।
  8. NTEP के तहत भारत में टीबी खात्मे का लक्ष्य वर्ष क्या है?
    A) 2025 B) 2030 C) 2028 D) 2026
    उत्तर: A) 2025
    कारण: भारत ने वर्ष 2025 तक टीबी खात्मे का लक्ष्य रखा था (SDG लक्ष्य 2030); यह 2025 तक पूरा नहीं हुआ।
  9. राजस्थान में MAAY योजना में कितना वार्षिक कैशलेस बीमा मिलता है?
    A) ₹10 लाख B) ₹15 लाख C) ₹25 लाख D) ₹5 लाख
    उत्तर: C) ₹25 लाख
    कारण: MAAY योजना में प्रति परिवार ₹25 लाख का कैशलेस इलाज मिलता है।
  10. हाथीपांव रोग किस कृमि के संक्रमण से होता है?
    A) Ascaris B) Taenia C) Wuchereria bancrofti D) Enterobius
    उत्तर: C) Wuchereria bancrofti
    कारण: वुचेरेरिया कृमि लसीका वाहिनियों में सूजन लाकर हाथीपांव बनाता है।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों में दो अंतर लिखिए।
    उत्तर की रूपरेखा: संक्रामक रोग बाहरी रोगाणुओं (बैक्टीरिया, वायरस) से फैलते हैं (जैसे टीबी)। गैर-संक्रामक रोग आंतरिक कारणों (जीवनशैली) से होते हैं और नहीं फैलते (जैसे कैंसर)।
  2. मेटास्टेसिस (Metastasis) क्या है?
    उत्तर की रूपरेखा: दुर्दम ट्यूमर की कोशिकाओं का रक्त या लिम्फ से दूर के अंगों में नए ट्यूमर बनाना मेटास्टेसिस है। यह कैंसर का सबसे घातक लक्षण है।
  3. टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज में अंतर बताइए।
    उत्तर की रूपरेखा: टाइप-1 ऑटोइम्यून रोग है जिसमें बीटा कोशिकाएं नष्ट होने से इंसुलिन नहीं बनता। टाइप-2 में इंसुलिन बनता है किंतु कोशिकाएं प्रतिरोध दिखाती हैं।
  4. राजस्थान में 'मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना' (MAAY) के लाभ लिखिए।
    उत्तर की रूपरेखा: पूर्ववर्ती चिरंजीवी योजना का नया नाम MAAY है; इसमें प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मिलता है।

Long Questions (5–10 marks)

  1. मलेरिया रोग के कारक, जीवन चक्र, लक्षण और सरकारी नियंत्रण प्रयासों का वर्णन कीजिए।
    उत्तर की रूपरेखा: (1) कारक व वाहक: प्लास्मोडियम; मादा एनोफिलीज मच्छर। (2) जीवन चक्र: स्पोरोजोइट का यकृत में गुणन, आरबीसी टूटना, हीमोजोइन निकलना। (3) लक्षण: कंपकंपी संग तेज आवर्ती बुखार, सिरदर्द, रक्ताल्पता। (4) सरकारी प्रयास: NCVBDC (पहले NVBDCP), NFME लक्ष्य 2027 (शून्य स्थानीय केस) और 2030 (उन्मूलन), RDT किट, ACT दवाएं, गम्बूसिया मछली।
  2. गैर-संचारी रोगों (NCDs) के संकट के कारण बताते हुए सरकारी स्वास्थ्य पहलों का मूल्यांकन कीजिए।
    उत्तर की रूपरेखा: (1) कारण: खान-पान, शारीरिक अक्रियता, तंबाकू, तनाव। (2) राष्ट्रीय पहल: NP-NCD, आरोग्य मंदिरों पर स्क्रीनिंग, डिजिटल पोर्टल। (3) राजस्थान: निरोगी राजस्थान, निःशुल्क दवा-जांच (RMSCL), MAAY ₹25 लाख कैशलेस कवर।

FAQs

संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग में क्या अंतर है?

संक्रामक रोग रोगाणुओं से फैलते हैं (जैसे टीबी), जबकि गैर-संक्रामक रोग जीवनशैली या आनुवंशिकी से होते हैं (जैसे कैंसर)।

डेंगू में प्लेटलेट्स गिरने पर क्या खतरा होता है?

प्लेटलेट्स रक्त का थक्का बनाती हैं; भारी कमी से आंतरिक रक्तस्राव और शॉक सिंड्रोम का गंभीर जोखिम रहता है।

राजस्थान में MAAY योजना में कितना स्वास्थ्य कवर मिलता है?

MAAY योजना में प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹25 लाख तक का कैशलेस उपचार मिलता है।

टीबी के संपूर्ण उपचार के लिए कौन सी पद्धति अपनाई जाती है?

टीबी के नियमित उपचार के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता की देखरेख में दी जाने वाली डॉट्स (DOTS) थेरेपी अपनाई जाती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Infectious and Non-Communicable Diseases in Hindi: प्रमुख संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग (Communicable and Non-Communicable Diseases) मानव स्वास्थ्य से जुड़े दो मुख्य रोग वर्ग हैं।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के पाठ्यक्रम में Infectious and Non-Communicable Diseases in Hindi: संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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