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Human Body System in Hindi: मानव शरीर के तंत्र (पाचन, श्वसन, परिसंचरण, तंत्रिका)

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: विज्ञान और प्रौद्योगिकी (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Human Body System in Hindi: मानव शरीर के तंत्र (पाचन, श्वसन, परिसंचरण, तंत्रिका) - दैनिक जीवन में विज्ञान, मानव शरीर और स्वास्थ्य
  • • अवलोकन: Quick Answer: Human Body System in Hindi: मानव शरीर के प्रमुख तंत्र (human body organ systems in Hindi) जैसे पाचन, श्वसन, रक्त परिवहन और तंत्रिका तंत्र ...
Quick Answer: Human Body System in Hindi: मानव शरीर के प्रमुख तंत्र (human body organ systems in Hindi) जैसे पाचन, श्वसन, रक्त परिवहन और तंत्रिका तंत्र मिलकर शरीर के आंतरिक संतुलन और जीवन को बनाए रखते हैं। पाचन तंत्र (digestive system) में ptyalin और pepsin जैसे enzyme भोजन को सरल अणुओं में तोड़ते हैं। श्वसन तंत्र (respiratory system) में alveoli से गैस विनिमय और cell में glycolysis व Krebs cycle से ATP ऊर्जा बनती है। रक्त परिवहन तंत्र (circulatory system) में 4 chambers वाला heart दोहरा रक्त संचार (double circulation) चलाता है, जिसकी खोज William Harvey ने 1628 में की थी। तंत्रिका तंत्र (nervous system) neuron, brain और spinal cord के जरिए सभी अंगों का नियंत्रण करता है।

पाचन तंत्र (Digestive System): आहार नाल, पाचक रस और अवशोषण

मानव पाचन तंत्र (digestive system) 8 से 10 मीटर लंबी आहार नाल और ग्रंथियों का समूह है, जो जटिल भोजन को सरल पोषक तत्वों में बदलता है। शरीर के पोषण और खनिज संतुलन के लिए पढ़ें: Natural Resources: Forests, Soils and Minerals।

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1. मुखगुहा और आमाशय में पाचन

  • मुखगुहा: लार (pH 6.8) का टायलिन स्टार्च को माल्टोज में बदलता है। भोजन बोलस बनकर peristalsis से आमाशय में जाता है।
  • आमाशय: जठर रस का HCl (pH 1.5-2.0) पेप्सिनोजन को सक्रिय pepsin में बदलकर रोगाणु मारता है। Pepsin प्रोटीन को पेप्टोन में तोड़ता है। अर्ध-तरल भोजन काइम कहलाता है।

2. छोटी आंत, यकृत और अग्न्याशय

  • पित्त रस: यकृत का पित्त रस (pH 7.6-8.6) पित्ताशय में संचित रहता है। इसमें कोई enzyme नहीं होता, यह केवल वसा का पायसीकरण (emulsification) करता है और काइम को क्षारीय बनाता है।
  • अग्न्याशय: अग्न्याशयी रस में trypsin, amylase और lipase होते हैं। Trypsin प्रोटीन को और lipase पायसीकृत वसा को फैटी एसिड में तोड़ता है।
  • अवशोषण और विलाई: छोटी आंत के ileum में विलाई (villi) अवशोषण सतह बढ़ाते हैं। पोषक तत्व रक्त और लेक्टियल (lacteal) में सोखे जाते हैं।
  • बड़ी आंत: यह अपचित भोजन से जल और खनिज लवण सोखती है, अपशिष्ट मल गुदा से बाहर निकलता है।

Table 1: प्रमुख पाचक रस, एंजाइम और उनके कार्य

अंग / ग्रंथि पाचक रस प्रमुख एंजाइम माध्यम (pH) मुख्य कार्य
लार ग्रंथि लार (Saliva) टायलिन, लाइसोजाइम pH 6.8 स्टार्च को माल्टोज में तोड़ना, बैक्टीरिया नष्ट करना
आमाशय जठर रस पेप्सिन, रेनिन (शिशुओं में) pH 1.5 - 2.0 प्रोटीन को पेप्टोन में तोड़ना, दूध का जमाव
यकृत पित्त रस कोई एंजाइम नहीं pH 7.6 - 8.6 वसा का पायसीकरण (Emulsification) करना
अग्न्याशय अग्न्याशयी रस ट्रिप्सिन, एमाइलेज, लाइपेस pH 7.8 - 8.4 प्रोटीन, स्टार्च और वसा का तीव्र पाचन
छोटी आंत आंत्रीय रस इरेप्सिन, माल्टेज, सुक्रेज pH लगभग 7.5 - 8.0 पेप्टाइड से अमीनो एसिड और शर्करा से ग्लूकोज बनाना

श्वसन तंत्र (Respiratory System): श्वसन अंग, गैसीय विनिमय और कोशिकीय ऊर्जा

श्वसन तंत्र (respiratory system) शरीर के cells तक ऑक्सीजन पहुंचाता है और CO2 बाहर निकालता है। शरीर में जल संतुलन और कोशिकीय स्वास्थ्य के लिए देखें: Water Conservation: Need of the Day।

1. श्वसन मार्ग और कूपिकाओं में विनिमय

श्वसन मार्ग नासा गुहा, ग्रसनी, कंठ (larynx), श्वास नली (trachea), श्वसनी (bronchi) और फेफड़ों से बनता है। श्वास नली पर 'C' आकार के उपास्थि छल्ले होते हैं जो इसे पिचकने से बचाते हैं। फेफड़ों में करीब 30 करोड़ कूपिकाएं (alveoli) पाई जाती हैं। कूपिकाओं में ऑक्सीजन का आंशिक दबाव (pO2) 104 mmHg और अशुद्ध रक्त में 40 mmHg होता है। इस प्रवणता से simple diffusion से O2 रक्त में प्रवेश करती है।

2. गैसों का परिवहन और कोशिकीय श्वसन

  • ऑक्सीजन परिवहन: करीब 97% ऑक्सीजन RBC के हीमोग्लोबिन से जुड़कर ऑक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है, शेष 3% प्लाज्मा में घुलती है। हीमोग्लोबिन का 1 अणु 4 O2 अणुओं को बांधता है।
  • CO का घातक प्रभाव: हीमोग्लोबिन की CO से बंधुता O2 से 200-250 गुना अधिक होती है। धुआं होने पर स्थिर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन बनने से O2 प्रवाह रुकता है और दम घुटने से मृत्यु होती है।
  • CO2 परिवहन: 70% CO2 बाइकार्बोनेट आयन के रूप में, 20-25% कार्बेमीनो-हीमोग्लोबिन और 7% प्लाज्मा में घुलकर निकलती है।
  • ग्लाइकोलाइसिस: कोशिकाद्रव्य (cytoplasm) में बिना ऑक्सीजन के ग्लूकोज से 2 पाइरूवेट और 2 शुद्ध ATP बनते हैं।
  • क्रेब्स चक्र: माइटोकॉन्ड्रिया के भीतर Hans Krebs (1937) के खोजे चक्र और ETS से कुल 36 से 38 ATP अणु ऊर्जा बनती है।

रक्त परिवहन तंत्र (Circulatory System): हृदय, दोहरा रक्त संचार और रक्त घटक

रक्त परिवहन तंत्र (circulatory system) पोषक तत्वों और गैसों का संवहन करता है। 1628 में विलियम हार्वे (William Harvey) ने बंद रक्त संचार की खोज की थी।

1. हृदय की बनावट और दोहरा रक्त संचार

मानव हृदय 4 chambers वाला पेशीय पंप है। बायां निलय सबसे मजबूत होता है। एक cardiac cycle 0.8 सेकंड में पूरा होता है और हृदय दर 72 प्रति मिनट होती है। कपाट बंद होने से दो आवाजें आती हैं: 'लब' (Lubb - AV कपाट) और 'डब' (Dub - सेमिलूनर कपाट)। दाएं आलिंद में स्थित SA Node प्राकृतिक पेसमेकर है।

  • फुफ्फुसीय संचार: दायां निलय अशुद्ध रक्त फुफ्फुसीय धमनी से फेफड़ों में भेजता है, जहाँ से शुद्ध रक्त फुफ्फुसीय शिरा से बाएं आलिंद में लौटता है।
  • दैहिक संचार: बायां निलय शुद्ध रक्त महाधमनी से शरीर में भेजता है और अशुद्ध रक्त महाशिरा से दाएं आलिंद में आता है।
  • रक्तचाप: सामान्य मान 120/80 mmHg (120 सिस्टोलिक, 80 डायस्टोलिक) होता है, जिसे स्फिग्मोमैनोमीटर से नापते हैं।

2. रक्त घटक और रक्त समूह

रक्त में 55% प्लाज्मा (जल 90-92%, protein 6-8%) और 45% रक्त कणिकाएं होती हैं:

  • RBC: 50-55 लाख/घन मिमी, केंद्रकहीन, जीवनकाल 120 दिन, विनाश प्लीहा (spleen - RBC का कब्रिस्तान) में होता है।
  • WBC: 6,000-8,000/घन मिमी, केंद्रकयुक्त रक्षा सैनिक (न्यूट्रोफिल, लिम्फोसाइट, मोनोसाइट)।
  • प्लेटलेट्स: 1.5-3.5 लाख/घन मिमी, रक्त स्कंदन (clotting) में सहायक।
  • रक्त समूह: Karl Landsteiner ने 1900 में ABO समूह खोजा। समूह 'O' सर्वदाता और 'AB' सर्वग्राही है। 1940 में Landsteiner और Wiener ने रीसस बंदर में Rh कारक खोजा। Rh असंगतता से एरिथ्रोब्लास्टोसिस फीटैलिस होता है।

Table 2: रक्त घटक, सामान्य मान और शारीरिक कार्य

रक्त घटक सामान्य मान जीवनकाल / स्रोत मुख्य कार्य
प्लाज्मा रक्त का 55% जल 90-92%, प्रोटीन 6-8% पोषक तत्वों, हार्मोन और CO2 का संवहन
RBC 50-55 लाख/mm³ 120 दिन (प्लीहा में अंत) हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन पहुंचाना
WBC 6,000-8,000/mm³ कुछ दिन (अस्थिमज्जा) रोगाणु भक्षण और एंटीबॉडी से रक्षा
प्लेटलेट्स 1.5-3.5 लाख/mm³ 7-10 दिन रक्त स्कंदन कर रक्तस्राव रोकना
हीमोग्लोबिन 12-16 ग्राम/100 ml RBC में लौह प्रोटीन ऑक्सीजन का परिवहन करना

तंत्रिका तंत्र (Nervous System): न्यूरॉन, मस्तिष्क और स्वायत्त नियंत्रण

तंत्रिका तंत्र (nervous system) शरीर के अंगों में तालमेल और संवेदी अनुक्रिया सुनिश्चित करता है।

1. न्यूरॉन और तंत्रिका आवेग

न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की सबसे छोटी कार्यशील यूनिट है। इसमें कोशिकाकाय (cyton), द्रुमाक्ष्य (dendrites) और तंत्रिकाक्ष (axon) होते हैं। Axon पर मायलिन आवरण आवेग तेज करता है। दो न्यूरॉन्स के संधि स्थल को सिनैप्स (synapse) कहते हैं। सिनैप्स पर एसिटाइलकोलीन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर रासायनिक संकेत आगे बढ़ाते हैं।

2. तंत्रिका तंत्र का वर्गीकरण और मस्तिष्क

  • CNS व PNS: CNS में मस्तिष्क व मेरुरज्जु होते हैं। PNS में 12 जोड़ी कपाल और 31 जोड़ी मेरु तंत्रिकाएं होती हैं।
  • ANS: अनुकंपी तंत्र आपातकाल में हृदय गति व रक्तचाप बढ़ाता है। परानुकंपी तंत्र विश्राम में ऊर्जा बचाता है।
  • प्रमस्तिष्क (Cerebrum): दो गोलार्द्धों में बंटा सेरेब्रम बुद्धि, चेतना, सोच, वाणी, स्मृति और ऐच्छिक पेशियों का केंद्र है।
  • हाइपोथैलेमस: यह शरीर के तापमान (37°C), भूख, प्यास और हार्मोन नियमन का केंद्र है।
  • अनुमस्तिष्क (Cerebellum): शरीर का संतुलन, मुद्रा (posture) और पेशीय तालमेल बनाता है। शराब पीने पर यह शिथिल होता है।
  • मेड्यूला ऑबलोंगेटा: हृदय गति, श्वसन, रक्तदाब, उल्टी और निगलने का जीवन रक्षक अनैच्छिक केंद्र है।
  • मेरुरज्जु: प्रतिवर्ती क्रियाओं (reflex actions) का संचालन करती है (खोज: Marshall Hall)।

उत्सर्जन तंत्र और अंतःस्रावी ग्रंथियां (Excretory and Endocrine Systems)

शरीर में रासायनिक संतुलन बनाए रखने में वृक्क और हार्मोन महत्वपूर्ण हैं:

1. उत्सर्जन तंत्र और वृक्क (Excretory System and Kidney)

  • नेफ्रॉन (Nephron): प्रत्येक वृक्क में करीब 10 लाख सूक्ष्म नेफ्रॉन होते हैं, जो रक्त छानने की मुख्य इकाइयां हैं।
  • GFR (Glomerular Filtration Rate): वृक्कों में प्रति मिनट करीब 125 ml (180 L प्रतिदिन) filtrate (छनित द्रव) बनता है। इसका 99% द्रव वापस सोखने के बाद 1.5 L मूत्र बनता है।
  • यूरिया निर्माण (Ornithine Cycle): यकृत में आर्निथिन चक्र से अमोनिया व CO2 से यूरिया बनता है, जिसे वृक्क छानकर अलग करते हैं।

2. प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियां और हार्मोन (Endocrine Glands and Hormones)

  • पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland): मस्तिष्क में स्थित इसे 'मास्टर ग्रंथि' कहते हैं, जो वृद्धि हार्मोन (GH) और अन्य ग्रंथियों का नियंत्रण करती है।
  • थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid Gland): थायरोक्सिन हार्मोन छोड़ती है जो उपापचय दर नियंत्रित करता है। इसके लिए आयोडीन जरूरी है।
  • अग्न्याशय (Pancreas): लैंगरहेंस की द्वीपिकाओं में बीटा कोशिकाओं से इंसुलिन और अल्फा कोशिकाओं से ग्लूकागन निकलता है।
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महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • आहार नाल: आहार नाल मुख से गुदा तक 8 से 10 मीटर लंबी पेशीय नली है।
  • लार एंजाइम: लार का ptyalin enzyme स्टार्च को माल्टोज में बदलता है (pH 6.8)।
  • जठर अम्ल: आमाशय का HCl (pH 1.5-2.0) पेप्सिन सक्रिय कर रोगाणु मारता है।
  • पित्त रस: पित्त रस में एंजाइम नहीं होते, यह वसा का पायसीकरण करता है।
  • अवशोषण सतह: छोटी आंत के ileum में विलाई (villi) अवशोषण सतह बढ़ाते हैं।
  • रक्त संचार खोज: बंद रक्त संचार 1628 में विलियम हार्वे ने खोजा था।
  • हृदय ध्वनियां: कपाट बंद होने पर दो आवाजें आती हैं: 'लब' और 'डब'।
  • सामान्य रक्तचाप: रक्तचाप 120/80 mmHg होता है (मापक: स्फिग्मोमैनोमीटर)।
  • रक्त समूह: Karl Landsteiner ने 1900 में ABO समूह और 1940 में Rh कारक खोजा।
  • RBC जीवनकाल: RBC का जीवनकाल 120 दिन होता है, अंत प्लीहा में होता है।
  • कार्बन मोनोऑक्साइड: CO की हीमोग्लोबिन से बंधुता O2 से 200-250 गुना तेज होती है।
  • कोशिकीय ऊर्जा: वायवीय श्वसन में 1 ग्लूकोज से 36 से 38 ATP बनते हैं।
  • संतुलन केंद्र: संतुलन और पेशीय तालमेल अनुमस्तिष्क (cerebellum) संभालता है।
  • तापमान केंद्र: तापमान (37°C), भूख और प्यास का नियंत्रण हाइपोथैलेमस करता है।
  • अनैच्छिक केंद्र: हृदय गति, श्वसन और उल्टी का नियमन मेड्यूला ऑबलोंगेटा करता है।
  • प्रत्येक वृक्क में 10 लाख नेफ्रॉन होते हैं; सामान्य GFR 125 ml/min (180 L/दिन) है।
  • यकृत में आर्निथिन चक्र (Ornithine cycle) से यूरिया का निर्माण होता है।
  • अग्न्याशय की बीटा कोशिकाएं इंसुलिन व अल्फा कोशिकाएं ग्लूकागन बनाती हैं।
  • पीयूष ग्रंथि को मास्टर ग्रंथि और थायरॉयड को उपापचय नियामक कहते हैं।

RAS Prelims MCQ

  1. पित्त रस (Bile Juice) का मुख्य कार्य क्या है?
    A) पेप्सिन सक्रिय करना
    B) स्टार्च तोड़ना
    C) वसा का पायसीकरण (Emulsification)
    D) प्रोटीन पचाना
    उत्तर: C) वसा का पायसीकरण (Emulsification)
    कारण: पित्त रस में एंजाइम नहीं होते, केवल पित्त लवण वसा को पायसीकृत करते हैं।
  2. आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का मुख्य कार्य क्या है?
    A) टायलिन सक्रिय करना
    B) पेप्सिनोजन को सक्रिय पेप्सिन में बदलना और रोगाणु मारना
    C) वसा को तोड़ना
    D) पित्त रस बढ़ाना
    उत्तर: B) पेप्सिनोजन को सक्रिय पेप्सिन में बदलना और रोगाणु मारना
    कारण: HCl माध्यम को अम्लीय बनाकर पेप्सिनोजन को सक्रिय पेप्सिन में बदलता है।
  3. बंद कमरे में अंगीठी जलाने पर दम घुटने का वैज्ञानिक कारण क्या है?
    A) नाइट्रोजन बढ़ना
    B) CO2 जमना
    C) कार्बन मोनोऑक्साइड का हीमोग्लोबिन से अत्यधिक तीव्र बंधुता से जुड़ना
    D) फेफड़े सूखना
    उत्तर: C) कार्बन मोनोऑक्साइड का हीमोग्लोबिन से अत्यधिक तीव्र बंधुता से जुड़ना
    कारण: CO की हीमोग्लोबिन से बंधुता O2 से 200-250 गुना तेज होने से O2 संवहन रुकता है।
  4. ग्लाइकोलाइसिस (Glycolysis) के बारे में सही कथन कौन सा है?
    A) यह केवल माइटोकॉन्ड्रिया में होता है
    B) यह क्रिया कोशिकाद्रव्य में होती है और इसे ऑक्सीजन नहीं चाहिए
    C) इसमें 38 ATP बनते हैं
    D) यह केवल फेफड़ों में होता है
    उत्तर: B) यह क्रिया कोशिकाद्रव्य में होती है और इसे ऑक्सीजन नहीं चाहिए
    कारण: ग्लाइकोलाइसिस कोशिकाद्रव्य में बिना ऑक्सीजन के 2 ATP और 2 पाइरूवेट बनाता है।
  5. हृदय की दूसरी ध्वनि 'डब' (Dub) किस कारण आती है?
    A) AV कपाट बंद होने से
    B) अर्धचंद्राकार कपाटों के बंद होने से
    C) रक्त आलिंद में भरने से
    D) निलय संकुचन से
    उत्तर: B) अर्धचंद्राकार कपाटों के बंद होने से
    कारण: निलय शिथिलन के समय अर्धचंद्राकार कपाट बंद होने पर डब ध्वनि आती है।
  6. रक्त समूह 'O' को सर्वदाता (Universal Donor) क्यों कहते हैं?
    A) इसकी RBC पर कोई एंटीजन नहीं होता
    B) प्लाज्मा में एंटीबॉडी नहीं होती
    C) Rh कारक धनात्मक होता है
    D) WBC अधिक होती हैं
    उत्तर: A) इसकी RBC पर कोई एंटीजन नहीं होता
    कारण: RBC सतह पर A या B एंटीजन न होने से कोई प्रतिरक्षा विरोध नहीं होता।
  7. मानव शरीर में कमजोर RBCs का विनाश कहाँ होता है?
    A) यकृत में
    B) प्लीहा (Spleen) में
    C) अस्थिमज्जा में
    D) वृक्क में
    उत्तर: B) प्लीहा (Spleen) में
    कारण: 120 दिन बाद कमजोर RBC प्लीहा में नष्ट होती हैं, जिसे RBC का कब्रिस्तान कहते हैं।
  8. शारीरिक संतुलन और पेशीय समन्वय कौन संभालता है?
    A) प्रमस्तिष्क
    B) हाइपोथैलेमस
    C) अनुमस्तिष्क (Cerebellum)
    D) पीयूष ग्रंथि
    उत्तर: C) अनुमस्तिष्क (Cerebellum)
    कारण: सेरेबेलम ऐच्छिक पेशियों में समन्वय और शरीर का संतुलन बनाता है।
  9. हृदय गति, रक्तचाप और उल्टी का नियमन केंद्र मस्तिष्क में कहाँ है?
    A) कॉर्पस कैलोसम
    B) मेड्यूला ऑबलोंगेटा में
    C) थैलेमस में
    D) पीनियल ग्रंथि
    उत्तर: B) मेड्यूला ऑबलोंगेटा में
    कारण: मेड्यूला ऑबलोंगेटा में अनैच्छिक क्रियाओं और श्वसन के जीवन रक्षक केंद्र होते हैं।
  10. आपातकाल (Fight or Flight) में हृदय गति और रक्तचाप बढ़ाने वाला तंत्र कौन सा है?
    A) परानुकंपी तंत्र
    B) अनुकंपी तंत्रिका तंत्र (Sympathetic System)
    C) कायिक तंत्र
    D) प्रमस्तिष्क
    उत्तर: B) अनुकंपी तंत्रिका तंत्र (Sympathetic System)
    कारण: अनुकंपी तंत्र संकट के समय हृदय गति, श्वसन और रक्तचाप तेज करता है।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. पाचन में पित्त रस (Bile Juice) की क्या भूमिका है?
    उत्तर रूपरेखा: पित्त रस में पाचक एंजाइम नहीं होते। इसके पित्त लवण वसा का पायसीकरण (emulsification) करते हैं और अम्लीय काइम को क्षारीय बनाते हैं।
  2. हृदय में 'दोहरा रक्त संचार' क्या है?
    उत्तर रूपरेखा: एक चक्र में रक्त का हृदय से दो बार गुजरना। दायां निलय अशुद्ध रक्त फेफड़ों में और बायां निलय शुद्ध रक्त शरीर में भेजता है।
  3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फीटैलिस का कारण बताइए।
    उत्तर रूपरेखा: Rh- मां और Rh+ भ्रूण की रक्त असंगतता। प्रसव बाद बनी एंटी-Rh एंटीबॉडी दूसरे गर्भ के शिशु की RBCs नष्ट करती हैं।
  4. न्यूरॉन में 'सिनैप्स' का क्या कार्य है?
    उत्तर रूपरेखा: दो न्यूरॉन्स का संधि स्थल। यहाँ आवेग पहुंचने पर एसिटाइलकोलीन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर संकेत को आगे भेजते हैं।

Long Questions (5–10 marks)

  1. श्वसन तंत्र की बनावट और कूपिकाओं में गैस विनिमय समझाइए। (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - श्वसन मार्ग: नासा गुहा, ग्रसनी, कंठ, श्वास नली (C-छल्ले), श्वसनी और फेफड़े।
    - गैस विनिमय: फेफड़ों की 30 करोड़ alveoli में आंशिक दबाव प्रवणता (pO2 104 vs 40 mmHg) से विसरण से O2 रक्त में और CO2 बाहर जाती है।
    - ऊर्जा लाभ: ग्लाइकोलाइसिस और क्रेब्स चक्र से कुल 36-38 ATP ऊर्जा बनती है।
  2. मानव मस्तिष्क के मुख्य भागों और उनके कार्यों की विवेचना कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - प्रमस्तिष्क (Cerebrum): चेतना, बुद्धि, तर्क, वाणी और ऐच्छिक पेशियों का केंद्र।
    - हाइपोथैलेमस: भूख, प्यास, तापमान (37°C) और पीयूष ग्रंथि का नियंत्रण।
    - अनुमस्तिष्क (Cerebellum): शरीर का संतुलन, मुद्रा और पेशीय तालमेल।
    - मेड्यूला ऑबलोंगेटा: हृदय गति, श्वसन, रक्तचाप और उल्टी का अनैच्छिक केंद्र।

FAQs

लार में कौन सा एंजाइम पाया जाता है और इसका क्या कार्य है?

लार में टायलिन (salivary amylase) enzyme होता है, जो स्टार्च को माल्टोज शर्करा में तोड़ता है। लार का लाइसोजाइम जीवाणुओं को मारता है।

यकृत के पित्त रस में कोई एंजाइम नहीं होता, फिर भी यह आवश्यक क्यों है?

पित्त लवण वसा का पायसीकरण (emulsification) करते हैं, जिससे लाइपेस वसा पचा सके। यह माध्यम को क्षारीय भी बनाता है।

रक्त समूह 'AB' को सर्वग्राही (Universal Recipient) क्यों कहा जाता है?

रक्त समूह 'AB' के प्लाज्मा में एंटीबॉडी नहीं होती, जिससे यह किसी भी समूह से रक्त ले सकता है।

शरीर का संतुलन बनाए रखने में मस्तिष्क का कौन सा भाग उत्तरदायी है?

अनुमस्तिष्क (cerebellum) शरीर का संतुलन, मुद्रा और पेशीय तालमेल बनाए रखता है। शराब से यही भाग शिथिल होता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Human Body System in Hindi: मानव शरीर के प्रमुख तंत्र (human body organ systems in Hindi) जैसे पाचन, श्वसन, रक्त।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के पाठ्यक्रम में Human Body System in Hindi: मानव शरीर के तंत्र (पाचन, श्वसन, परिसंचरण, तंत्रिका) एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
हाँ, NotesMedia पर आपको Human Body System in Hindi: मानव शरीर के तंत्र (पाचन, श्वसन, परिसंचरण, तंत्रिका) के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, हल किए गए उदाहरण और नोट्स बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे। अधिक अभ्यास के लिए आप हमारा ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं।
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