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Gandhian Movement in Hindi: गांधीवादी युग के प्रमुख जनआंदोलन: असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: भारतीय इतिहास (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Gandhian Movement in Hindi: गांधीवादी युग के प्रमुख जनआंदोलन: असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन - आधुनिक भारत और स्वतंत्रता संग्राम
  • • अवलोकन: Quick Answer: Gandhian Movement in Hindi: गांधीवादी युग (Gandhian Movements in India 1919-1947) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का जनक्रांतिकारी दौर था। 9 जनव...
Quick Answer: Gandhian Movement in Hindi: गांधीवादी युग (Gandhian Movements in India 1919-1947) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का जनक्रांतिकारी दौर था। 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद गांधीजी ने चंपारण (1917, तीनकठिया व्यवस्था का विरोध), अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918, प्रथम भूख हड़ताल) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) से सत्याग्रह की शक्ति सिद्ध की। 1919 के रॉलेट एक्ट और 13 अप्रैल 1919 के बर्बर जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में उन्होंने 1920 में असहयोग आंदोलन शुरू किया, जिसे 1922 में चौरी-चौरा कांड के बाद वापस लिया गया। 1930 में साबरमती से दांडी मार्च कर नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया। 1931 के गांधी-इरविन समझौते के बाद वे दूसरे गोलमेज सम्मेलन में लंदन गए। 1932 में पूना पैक्ट के जरिए दलित वर्गों के लिए संयुक्त निर्वाचन में सीटें बढ़ाई गईं। 8 अगस्त 1942 को "करो या मरो" के नारे के साथ "भारत छोड़ो आंदोलन" का उद्घोष हुआ। इसके पांच साल बाद 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्र हुआ।
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1. गांधीजी का भारत आगमन और प्रारंभिक सत्याग्रह (Early Satyagrahas)

महात्मा गांधी का आगमन: 9 जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे (प्रतिवर्ष 'प्रवासी भारतीय दिवस')। उन्होंने गोपाल कृष्ण गोखले को राजनीतिक गुरु बनाया। 25 मई 1915 को अहमदाबाद के कोचरब में आश्रम बनाया, जो 17 जून 1917 को साबरमती नदी के किनारे आ गया (साबरमती आश्रम)।

गांधीजी के तीन प्रारंभिक क्षेत्रीय सत्याग्रह:

  • चंपारण सत्याग्रह (1917, बिहार): 'तीनकठिया पद्धति' (3/20 भाग पर नील की खेती) के विरुद्ध राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर आंदोलन। किसानों से वसूला गया 25% पैसा वापस कराया।
  • अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (मार्च 1918): प्लेग बोनस विवाद पर पहली भूख हड़ताल। मजदूरों को 35% वेतन वृद्धि दिलाई।
  • खेड़ा सत्याग्रह (मार्च 1918, गुजरात): फसल नष्ट होने पर कर माफी के लिए प्रथम असहयोग। सरदार वल्लभभाई पटेल गांधीजी से जुड़े।

2. रॉलेट एक्ट, जलियांवाला बाग और असहयोग आंदोलन (1919–1922)

रॉलेट एक्ट (मार्च 1919): बिना वारंट, बिना वकील व अपील के जेल भेजने वाला 'काला कानून'।

जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919, अमृतसर): डॉ. सैफुद्दीन किचलू और डॉ. सत्यपाल की गिरफ्तारी के विरोध में सभा पर जनरल रेजीनाल्ड डायर ने अंधाधुंध गोलियां चलवाईं। विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने 'नाइटहुड' लौटा दी। बाद में 1 अगस्त 1920 को असहयोग शुरू करते समय गांधीजी ने भी 'कैसर-ए-हिंद' पदक लौटाया। ब्रिटिश जांच के लिए हंटर कमेटी बनी।

असहयोग आंदोलन (1920–1922): 1 अगस्त 1920 को आरंभ। कलकत्ता विशेष अधिवेशन (सितंबर 1920) में प्रस्ताव पास हुआ और नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) ने उस पर मुहर लगाई। उपाधियों का त्याग, विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार और 'तिलक स्वराज्य फंड' का संग्रह हुआ।

चौरी-चौरा कांड (4 फरवरी 1922): गोरखपुर के चौरी-चौरा में भीड़ ने थाने में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए (कुछ स्रोत 23 लिखते हैं)। गांधीजी ने 12 फरवरी 1922 को बारदोली प्रस्ताव से आंदोलन वापस ले लिया। 1923 में चितरंजन दास व मोतीलाल नेहरू ने 'स्वराज पार्टी' बनाई।

3. सविनय अवज्ञा आंदोलन, दांडी मार्च और गोलमेज सम्मेलन (1930–1934)

1929 के लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में 'पूर्ण स्वराज्य' का प्रस्ताव पारित हुआ। 26 जनवरी 1930 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।

घटना / आंदोलन तिथि और स्थल प्रमुख बिंदु और परिणाम
दांडी मार्च (Dandi March) 12 मार्च से 6 अप्रैल 1930 गांधीजी ने 78 अनुयायियों संग साबरमती से दांडी तक 240 मील (385 किमी) पदयात्रा की। 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन छेड़ा।
धरासना नमक सत्याग्रह मई 1930 (गुजरात) सरोजिनी नायडू के नेतृत्व में शांतिपूर्ण सत्याग्रह। अमेरिकी पत्रकार वेब मिलर ने इसका विवरण दिया।
गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 (दिल्ली) आंदोलन स्थगित, राजनीतिक बंदी रिहा। गांधीजी द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (लंदन) में शामिल हुए।
कराची अधिवेशन मार्च 1931 (सरदार पटेल) समझौते का अनुमोदन; मूल अधिकार (Fundamental Rights) का प्रस्ताव पारित।
पूना पैक्ट (Poona Pact) 24 सितंबर 1932 (यरवदा जेल) रैमसे मैकडोनाल्ड के कम्युनल अवार्ड के विरुद्ध अनशन। गांधीजी व डॉ. बी.आर. अंबेडकर के बीच समझौता। दलितों के लिए पृथक निर्वाचन समाप्त कर संयुक्त निर्वाचन में आरक्षित सीटें 71 से बढ़ाकर 148 की गईं।

4. भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और स्वतंत्रता (1947)

मार्च 1942 में क्रिप्स मिशन की विफलता के बाद गांधीजी ने अंतिम निर्णायक संघर्ष शुरू किया:

ऐतिहासिक चरण दिनांक घटनाक्रम और समानांतर सरकारें
भारत छोड़ो प्रस्ताव 8 अगस्त 1942 (बंबई, ग्वालिया टैंक मैदान) गांधीजी ने ऐतिहासिक मंत्र दिया—'करो या मरो' (Do or Die)।
ऑपरेशन जीरो ऑवर 9 अगस्त 1942 सभी शीर्ष नेता गिरफ्तार। गांधीजी को पूना के आगा खान पैलेस में रखा गया।
भूमिगत आंदोलन 1942-1943 अरुणा आसफ अली ने झंडा फहराया। जयप्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया भूमिगत रहे। उषा मेहता ने गुप्त कांग्रेस रेडियो चलाया।
समानांतर सरकारें 1942-1943 1. बलिया (यूपी): चित्तू पांडे।
2. तामलुक (बंगाल): जातीय सरकार (मातंगिनी हाजरा शहीद)।
3. सतारा (महाराष्ट्र): नाना पाटिल (दीर्घकालिक)।

1946 में कैबिनेट मिशन आया। 3 जून 1947 की माउंटबेटन योजना के तहत भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 बना और 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ। इसी दौर में राजस्थान की रियासतों में चले प्रजामंडल आंदोलनों के लिए राजस्थान में जन जागरण और स्वतंत्रता संग्राम देखें।

5. गांधीवादी युग का ऐतिहासिक मूल्यांकन

गांधीजी ने स्वाधीनता संग्राम को किसानों, मजदूरों, महिलाओं और छात्रों का अखिल भारतीय जनआंदोलन बनाया। सत्य और अहिंसा के नैतिक बल से ब्रिटिश राज का अंत हुआ।

महत्वपूर्ण तथ्य: गांधीवादी युग Quick Revision Table

तथ्य बिंदु ऐतिहासिक विवरण
गांधीजी की आत्मकथा 'सत्य के साथ मेरे प्रयोग' (The Story of My Experiments with Truth)
गांधीजी के प्रमुख समाचार पत्र 'इंडियन ओपिनियन', 'यंग इंडिया', 'नवजीवन', 'हरिजन'
दांडी मार्च की दूरी 240 मील (लगभग 385 किमी), 78 सत्याग्रही, 24 दिन
तीनों गोलमेज सम्मेलनों में उपस्थित नेता डॉ. बी.आर. अंबेडकर और तेज बहादुर सप्रू
भारत छोड़ो का गुप्त रेडियो उषा मेहता (बंबई)

RAS Prelims MCQ (10 बहुविकल्पीय प्रश्न)

  1. महात्मा गांधी ने भारत में सत्याग्रह का प्रथम सफल प्रयोग 1917 में किस स्थान पर किया था?
    A) खेड़ा
    B) चंपारण (बिहार)
    C) अहमदाबाद
    D) बारदोली
    उत्तर: B) चंपारण (बिहार)
    कारण: चंपारण में तीनकठिया व्यवस्था के विरुद्ध गांधीजी ने भारत में अपना पहला सत्याग्रह किया।
  2. 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में निहत्थी भीड़ पर किस अंग्रेज अधिकारी ने गोलियां चलवाई थीं?
    A) कर्नल नील
    B) जनरल रेजीनाल्ड डायर
    C) जॉन निकोलसन
    D) सर माइकल ओ'डायर
    उत्तर: B) जनरल रेजीनाल्ड डायर
    कारण: जलियांवाला बाग में अंधाधुंध गोलीबारी करवाने वाला सैन्य कमांडर जनरल रेजीनाल्ड डायर था।
  3. जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में किसने 'नाइटहुड' की उपाधि त्याग दी थी?
    A) महात्मा गांधी
    B) रवींद्रनाथ टैगोर
    C) गोपाल कृष्ण गोखले
    D) सी.आर. दास
    उत्तर: B) रवींद्रनाथ टैगोर
    कारण: रवींद्रनाथ टैगोर ने ब्रिटिश बर्बरता के विरोध में अपनी नाइटहुड की उपाधि वापस कर दी थी।
  4. महात्मा गांधी ने किस घटना के बाद 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था?
    A) जलियांवाला बाग कांड
    B) चौरी-चौरा कांड (गोरखपुर)
    C) काकोरी ट्रेन एक्शन
    D) चटगांव शस्त्रागार छापा
    उत्तर: B) चौरी-चौरा कांड (गोरखपुर)
    कारण: 4 फरवरी 1922 को चौरी-चौरा में थाने में आग लगाने की घटना से दुखी होकर गांधीजी ने आंदोलन स्थगित किया।
  5. गांधीजी ने दांडी मार्च किस तारीख को साबरमती आश्रम से प्रारंभ किया था?
    A) 12 मार्च 1930
    B) 6 अप्रैल 1930
    C) 26 जनवरी 1930
    D) 5 मार्च 1931
    उत्तर: A) 12 मार्च 1930
    कारण: 12 मार्च 1930 को 78 अनुयायियों संग यात्रा आरंभ हुई और 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा गया।
  6. महात्मा गांधी और वायसराय लॉर्ड इरविन के मध्य समझौता किस तारीख को हुआ था?
    A) 5 मार्च 1931
    B) 23 मार्च 1931
    C) 12 मार्च 1930
    D) 24 सितंबर 1932
    उत्तर: A) 5 मार्च 1931
    कारण: 5 मार्च 1931 को नई दिल्ली में दोनों के बीच समझौता हुआ।
  7. 24 सितंबर 1932 को यरवदा जेल में हुआ 'पूना पैक्ट' किन दो नेताओं के मध्य हुआ था?
    A) गांधीजी और जिन्ना
    B) गांधीजी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर
    C) नेहरू और अंबेडकर
    D) पटेल और बोस
    उत्तर: B) गांधीजी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर
    कारण: पूना पैक्ट के जरिए दलितों के लिए पृथक निर्वाचन की जगह संयुक्त निर्वाचन में आरक्षित सीटें दी गईं।
  8. 'करो या मरो' (Do or Die) का नारा गांधीजी ने किस आंदोलन के दौरान दिया था?
    A) असहयोग आंदोलन (1920)
    B) सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930)
    C) भारत छोड़ो आंदोलन (1942)
    D) रॉलेट सत्याग्रह (1919)
    उत्तर: C) भारत छोड़ो आंदोलन (1942)
    कारण: 8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान से गांधीजी ने देशवासियों को करो या मरो का मंत्र दिया।
  9. 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भूमिगत रहकर 'गुप्त कांग्रेस रेडियो' किसने चलाया?
    A) अरुणा आसफ अली
    B) उषा मेहता
    C) सुचेता कृपलानी
    D) सरोजिनी नायडू
    उत्तर: B) उषा मेहता
    कारण: उषा मेहता ने बंबई से गुप्त रेडियो का संचालन किया।
  10. गांधीजी ने एकमात्र किस गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था?
    A) प्रथम (1930)
    B) द्वितीय (1931)
    C) तृतीय (1932)
    D) किसी में नहीं
    उत्तर: B) द्वितीय (1931)
    कारण: गांधी-इरविन समझौते के तहत गांधीजी 1931 के द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में लंदन गए थे।
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RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. चंपारण के 'तीनकठिया पद्धति' का क्या अर्थ था? (20 शब्द)
    उत्तर: चंपारण में किसानों को अपनी कृषि भूमि के 3/20 भाग पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करने की बाध्यकारी व्यवस्था।
  2. चौरी-चौरा कांड के बाद गांधीजी ने असहयोग आंदोलन क्यों वापस लिया? (20 शब्द)
    उत्तर: 4 फरवरी 1922 को भीड़ के थाना जलाने से 22 पुलिसकर्मी मारे गए और आंदोलन हिंसक हो गया, जो गांधीजी के अहिंसा सिद्धांत के विपरीत था।
  3. 1932 के पूना पैक्ट का मुख्य प्रावधान क्या था? (20 शब्द)
    उत्तर: दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल समाप्त कर संयुक्त निर्वाचन में आरक्षित सीटें 71 से बढ़ाकर 148 की गईं।
  4. भारत छोड़ो आंदोलन में बनी किन्हीं दो समानांतर सरकारों के नाम बताइए। (20 शब्द)
    उत्तर: उत्तर प्रदेश के बलिया में चित्तू पांडे की सरकार और महाराष्ट्र के सतारा में नाना पाटिल की 'प्रति सरकार'।
  5. 1942 में भूमिगत नेतृत्व की क्या भूमिका थी? (20 शब्द)
    उत्तर: जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया और उषा मेहता ने गुप्त रूप से आंदोलन को ऊर्जावान बनाए रखा।

Long Questions (5–10 marks)

  1. 1920-22 के असहयोग आंदोलन के कारणों, कार्यक्रमों और सीमाओं का मूल्यांकन कीजिए। (100 शब्द)
    उत्तर: असहयोग आंदोलन प्रथम अखिल भारतीय जनआंदोलन था:
    1. कारण: प्रथम विश्व युद्ध के बाद आर्थिक संकट, रॉलेट एक्ट, जलियांवाला बाग हत्याकांड और खिलाफत प्रश्न।
    2. कार्यक्रम: सरकारी पदों, उपाधियों, विदेशी वस्त्रों, अदालतों व स्कूलों का बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना, खादी का प्रचार व तिलक स्वराज्य फंड का संग्रह।
    3. मूल्यांकन: चौरी-चौरा के बाद अचानक वापसी से युवा वर्ग असंतुष्ट हुआ। फिर भी इसने ब्रिटिश भय को समाप्त कर स्वतंत्रता संग्राम को जनसाधारण का आंदोलन बना दिया।
  2. 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारणों, दांडी मार्च के महत्व और परिणामों की समीक्षा कीजिए। (100 शब्द)
    उत्तर: सविनय अवज्ञा आंदोलन औपनिवेशिक कानूनों को अहिंसक रूप से तोड़ने का संकल्प था:
    1. कारण: 1929 के लाहौर अधिवेशन में 'पूर्ण स्वराज्य' का लक्ष्य और वायसराय इरविन का गांधीजी की 11 मांगें न मानना।
    2. दांडी मार्च: 12 मार्च से 6 अप्रैल 1930 तक 240 मील पैदल चलकर नमक बनाकर गांधीजी ने कानून तोड़ा। नमक ने अमीर-गरीब सबको जोड़ दिया।
    3. परिणाम: महिलाओं व छात्रों की अभूतपूर्व भागीदारी हुई। ब्रिटिश सरकार गोलमेज सम्मेलन में भारतीयों को बराबरी पर बुलाने को बाध्य हुई। 1931 के समझौते और कराची अधिवेशन ने मूल अधिकारों को स्थापित किया।

FAQs

प्रश्न: गांधीजी के राजनीतिक गुरु कौन थे?
उत्तर: गोपाल कृष्ण गोखले महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु थे।

प्रश्न: गांधीजी को 'महात्मा' की उपाधि किसने दी थी?
उत्तर: परीक्षा में आमतौर पर रवींद्रनाथ टैगोर का नाम माना जाता है (1915 के आसपास)। सरकार के Gandhi Smriti FAQ के अनुसार पक्का record नहीं है कि सबसे पहले किसने 'महात्मा' कहा।

प्रश्न: दांडी मार्च में गांधीजी के साथ कितने सत्याग्रही थे?
उत्तर: दांडी मार्च में गांधीजी के साथ साबरमती आश्रम से 78 चुने हुए सत्याग्रही शामिल थे।

प्रश्न: 'करो या मरो' का नारा कब दिया गया था?
उत्तर: 8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालिया टैंक मैदान पर भारत छोड़ो आंदोलन के आरंभ में यह नारा दिया गया था।

प्रश्न: पूना पैक्ट किस जेल में हस्ताक्षरित हुआ था?
उत्तर: पूना पैक्ट 24 सितंबर 1932 को पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में हुआ था।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • गांधीजी 9 जनवरी 1915 को भारत लौटे (प्रवासी भारतीय दिवस)।
  • पहले सत्याग्रह: चंपारण 1917, अहमदाबाद मिल हड़ताल 1918 (पहली भूख हड़ताल), खेड़ा 1918।
  • जलियांवाला बाग 13 अप्रैल 1919 (जनरल डायर); जांच के लिए हंटर कमेटी।
  • असहयोग आंदोलन 1 अगस्त 1920; चौरी-चौरा 4 फरवरी 1922; बारदोली प्रस्ताव 12 फरवरी 1922।
  • दांडी मार्च 12 मार्च से 6 अप्रैल 1930, 78 सत्याग्रही, करीब 240 मील।
  • गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931; गांधीजी केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन (1931) में गए।
  • पूना पैक्ट 24 सितंबर 1932: दलितों की आरक्षित सीटें 71 से 148।
  • भारत छोड़ो प्रस्ताव 8 अगस्त 1942, ग्वालिया टैंक, बंबई; 'करो या मरो'।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Gandhian Movement in Hindi: गांधीवादी युग (Gandhian Movements in India 1919-1947) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का जनक्रांतिकारी दौर था।
भारतीय इतिहास के पाठ्यक्रम में Gandhian Movement in Hindi: गांधीवादी युग के प्रमुख जनआंदोलन: असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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