RAS (आरपीएससी) 5 min read

DRDO और Missile in Hindi: डीआरडीओ (DRDO) और भारत का मिसाइल विकास कार्यक्रम: पृथ्वी, अग्नि और ब्रह्मोस

RK

लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: विज्ञान और प्रौद्योगिकी (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: DRDO और Missile in Hindi: डीआरडीओ (DRDO) और भारत का मिसाइल विकास कार्यक्रम: पृथ्वी, अग्नि और ब्रह्मोस - अंतरिक्ष, रक्षा और परमाणु प्रौद्योगिकी
  • • अवलोकन: Quick Answer: DRDO और Missile in Hindi: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) भारत की शीर्ष सैन्य अनुसंधान एजेंसी है, जिसका गठन 1958 में हुआ था। इसका ध्य...
Quick Answer: DRDO और Missile in Hindi: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) भारत की शीर्ष सैन्य अनुसंधान एजेंसी है, जिसका गठन 1958 में हुआ था। इसका ध्येय वाक्य 'बलस्य मूलं विज्ञानम्' है। 1983 में डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के नेतृत्व में एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) शुरू हुआ, जिसमें पांच मिसाइलों (PATNA: पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, नाग और आकाश) पर काम हुआ। भारत के पास 5,000 किमी से ज्यादा मारक क्षमता वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि-5' है (जिसका MIRV परीक्षण 11 मार्च 2024 को मिशन दिव्यास्त्र के तहत हुआ), और रूस के साथ मिलकर बनाई गई 'ब्रह्मोस' (करीब Mach 2.8) दुनिया की सबसे तेज supersonic क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है।

डीआरडीओ (DRDO): उद्भव, संगठन और ध्येय वाक्य

रक्षा प्रौद्योगिकी में देश को आत्मनिर्भर बनाने का जिम्मा मुख्य रूप से DRDO पर है। मिसाइलों के साथ यह radar, लड़ाकू विमान, टैंक और electronic warfare तकनीक पर भी काम करता है।

Advertisement

1. स्थापना और संगठनात्मक स्वरूप

  • स्थापना: 1958 में रक्षा विज्ञान संगठन (DSO), तकनीकी विकास प्रतिष्ठान (TDEs) और तकनीकी विकास और उत्पादन निदेशालय (DTDP) को मिलाकर DRDO का गठन किया गया।
  • मुख्यालय: नई दिल्ली। यह रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग (DDR&D) के अधीन कार्य करता है।
  • ध्येय वाक्य: संस्कृत श्लोक 'बलस्य मूलं विज्ञानम्' (शक्ति का आधार विज्ञान है)।
  • प्रयोगशालाओं का जाल: पहले DRDO की करीब 52 प्रयोगशालाएं थीं; पुनर्गठन के बाद 2025 तक करीब 41 प्रयोगशालाएं और 5 DRDO Young Scientist Labs हैं, जो वैमानिकी, मिसाइल, रडार, नौसैनिक व्यवस्था, बख्तरबंद वाहन और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्धक तकनीकों पर काम कर रही हैं।

एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP)

भारत के मिसाइल कार्यक्रम की रीढ़ 'इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम' (IGMDP) रहा है:

  • आरंभ: 1983 में भारत सरकार से औपचारिक मंजूरी। इसके दूरदर्शी नेता डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम थे, जिन्हें 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' कहा जाता है।
  • समापन: 2008 में कार्यक्रम के सभी मुख्य लक्ष्य पूरे होने पर इसे पूर्ण घोषित किया गया।
  • पांच प्रमुख मिसाइल प्रणालियां (संक्षिप्त सूत्र: PATNA):
    1. पृथ्वी (P - Prithvi): सतह से सतह पर मार करने वाली कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल।
    2. अग्नि (A - Agni): सतह से सतह पर मार करने वाली मध्यम से अंतरमहाद्वीपीय दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल।
    3. त्रिशूल (T - Trishul): सतह से हवा में मार करने वाली कम दूरी की त्वरित मिसाइल। यह सेना में शामिल नहीं हो सकी और 2008 में इसका project बंद कर दिया गया।
    4. नाग (N - Nag): तीसरी पीढ़ी की टैंक-रोधी निर्देशित मिसाइल (Fire-and-Forget)।
    5. आकाश (A - Akash): सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की वायु रक्षा मिसाइल।

IGMDP मिसाइलों का तकनीकी विश्लेषण

1. पृथ्वी मिसाइल परिवार (Prithvi Family)

यह भारत की पहली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल है:

  • पृथ्वी-I: थलसेना संस्करण (150 किमी मारक क्षमता, 1,000 किग्रा पेलोड, तरल प्रणोदक)।
  • पृथ्वी-II: वायुसेना संस्करण (250 से 350 किमी रेंज, 500 किग्रा पेलोड)।
  • पृथ्वी-III / धनुष (Dhanush): नौसेना संस्करण (350 किमी रेंज, युद्धपोतों से दागी जाने वाली)।

2. अग्नि मिसाइल श्रृंखला (Agni Series) - रणनीतिक सुरक्षा ढाल

अग्नि मिसाइलें भारत के न्यूनतम परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (Credible Minimum Deterrence) की मुख्य रीढ़ हैं:

  • अग्नि-I: कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (700-900 किमी, ठोस प्रणोदक)।
  • अग्नि-II: मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (2,000-2,500 किमी, दो चरणीय ठोस ईंधन)।
  • अग्नि-III: मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (3,000-3,500 किमी)।
  • अग्नि-IV: लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (3,500-4,000 किमी, आधुनिक कंपोजिट मोटर युक्त)।
  • अग्नि-V (अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल - ICBM):
    • मारक क्षमता: 5,000 किलोमीटर से अधिक (पूरा एशिया और यूरोप का बड़ा हिस्सा इसके दायरे में)।
    • तीन चरणीय ठोस रॉकेट मोटर, कैनिस्टराइज्ड (canister में बंद) मिसाइल जिसे सड़क पर चलने वाले लॉन्चर से दागा जा सकता है।
    • मिशन दिव्यास्त्र (11 मार्च 2024): डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम द्वीप (ओडिशा) से भारत ने अग्नि-5 का पहला सफल परीक्षण MIRV (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle) तकनीक के साथ किया। इस तकनीक से एक ही मिसाइल कई परमाणु हथियारों को लेकर अलग-अलग लक्ष्यों पर एक साथ सटीक वार कर सकती है। इसके साथ भारत MIRV क्षमता वाले चुनिंदा देशों (अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन) के समूह में शामिल हुआ।
  • अग्नि-पी (Agni-Prime): नई पीढ़ी की दो-चरणीय कैनिस्टराइज्ड मिसाइल (1,000 से 2,000 किमी रेंज)। 24 सितंबर 2025 को इसे पहली बार रेल पर चलने वाले mobile लॉन्चर से दागा गया।

3. नाग मिसाइल (Nag) और इसके उन्नत रूप

  • तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM)।
  • दागो और भूल जाओ (Fire-and-Forget): दागने के बाद इसे किसी मार्गदर्शन की जरूरत नहीं होती; इंफ्रारेड सीकर (IIR Seeker) से लक्ष्य को खोजकर नष्ट करती है। ज़मीन से दागे जाने वाले रूप की रेंज करीब 4 किमी है; Nag Mk-2 इसका लंबी रेंज वाला नया रूप है।
  • हेलिना (HELINA) / ध्रुवास्त्र: नाग का हेलीकॉप्टर से दागा जाने वाला रूप (ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर के लिए), रेंज करीब 7 किमी। इसके वायुसेना वाले रूप का नाम ध्रुवास्त्र है।
  • नामिका (NAMICA): नाग मिसाइल से लैस बख्तरबंद लड़ाकू वाहन।

4. आकाश मिसाइल व्यवस्था (Akash Air Defence)

  • मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (रेंज करीब 25-30 किमी, ऊंचाई करीब 18 किमी तक)।
  • यह स्वदेशी 'राजेंद्र' 3D बहु-उद्देश्यीय रडार से संचालित होती है।
  • प्रणोदन: ठोस रॉकेट बूस्टर और रैमजेट (Ramjet) सस्टेनर मोटर, जो इसे सुपरसोनिक गति उपलब्ध करता है। नवंबर 2024 में इसकी पहली battery आर्मेनिया भेजी गई; आर्मेनिया आकाश का पहला विदेशी खरीदार है।

सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल: ब्रह्मोस (BrahMos)

ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज supersonic क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है:

  • साझा उपक्रम: भारत के DRDO और रूस के NPO मशीनोस्ट्रोयेनिया का संयुक्त उपक्रम (1998 में गठित)। नाम भारत की 'ब्रह्मपुत्र' और रूस की 'मोस्कवा' नदी पर रखा गया।
  • प्रणोदन और गति: दो चरणीय रॉकेट — पहला चरण ठोस बूस्टर और दूसरा चरण तरल रैमजेट इंजन। गति करीब Mach 2.8 (ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना)।
  • मारक क्षमता: मूल मारक दूरी 290 किमी थी। 2016 में भारत के MTCR (मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम) का सदस्य बनने के बाद इसकी रेंज बढ़ाकर करीब 450 किमी कर दी गई, और इसे आगे बढ़ाने पर काम चल रहा है।
  • बहु-मंचीय प्रक्षेपण: इसे जमीन, युद्धपोत, पनडुब्बी और सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान (BrahMos-A) से दागा जा सकता है।
  • निर्यात: फिलीपींस ब्रह्मोस खरीदने वाला पहला विदेशी देश है (सौदा जनवरी 2022, पहली खेप अप्रैल 2024)।

रणनीतिक बैलिस्टिक और अन्य उन्नत मिसाइलें

  • प्रलय (Pralay): सतह से सतह पर मार करने वाली कम दूरी की अर्ध-बैलिस्टिक (Quasi-ballistic) मिसाइल (150-500 किमी), जो हवा में दिशा बदलने में सक्षम है ताकि दुश्मन का एयर डिफेंस इसे गिरा न सके।
  • अस्त्र (Astra): दृष्टि सीमा से परे मार करने वाली हवा से हवा की मिसाइल (BVRAAM)। अस्त्र Mk-1 की रेंज 100 किमी से ज्यादा है; अस्त्र Mk-2 लंबी रेंज वाला रूप है, जो 2026 तक परीक्षण के दौर में था।
  • के-फैमिली सबमरीन मिसाइलें (SLBMs): भारत की अरिहंत श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियों के लिए विकसित गुप्त मिसाइलें:
    • K-15 सागरिका (रेंज 750 किमी)
    • K-4 SLBM (रेंज 3,500 किमी)

Table 1: IGMDP की पांचों मिसाइलों का तकनीकी सारांश

मिसाइल प्रकार मारक क्षमता (रेंज) प्रणोदक विशेषता
पृथ्वी सतह से सतह (SRBM) 150 - 350 किमी तरल ईंधन भारत की पहली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल
अग्नि सतह से सतह (IRBM/ICBM) 700 से 5,000+ किमी ठोस ईंधन परमाणु निवारक; अग्नि-5 में MIRV तकनीक
त्रिशूल सतह से हवा (त्वरित रक्षा) 9 किमी ठोस ईंधन कम ऊंचाई के हमलों से त्वरित सुरक्षा
नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल करीब 4 किमी (हेलिना करीब 7 किमी) ठोस ईंधन तीसरी पीढ़ी; दागो और भूल जाओ (IIR सीकर)
आकाश सतह से हवा (SAM) 25 - 30 किमी ठोस + रैमजेट राजेंद्र रडार से एक साथ कई लक्ष्यों पर वार

Table 2: बैलिस्टिक मिसाइल बनाम क्रूज मिसाइल

मापदंड बैलिस्टिक मिसाइल (जैसे अग्नि, पृथ्वी) क्रूज मिसाइल (जैसे ब्रह्मोस, निर्भय)
उड़ान पथ परवलयाकार (वायुमंडल से बाहर जाकर गुरुत्वाकर्षण से गिरती है) सीधी क्षैतिज उड़ान (पृथ्वी की सतह के समानांतर, रडार से बचती है)
ऊंचाई अत्यधिक ऊंचाई (सैकड़ों किमी) तक जाती है जमीन के बहुत पास (Sea-Skimming) उड़ती है
मारक दूरी मध्यम से अत्यधिक लंबी (5,000+ किमी तक) आमतौर पर छोटी से मध्यम (300 से 1,000 किमी)
गति अत्यधिक तीव्र (टर्मिनल चरण में हाइपरसोनिक) सुपरसोनिक (ब्रह्मोस करीब Mach 2.8) या सबसोनिक (निर्भय करीब Mach 0.7)
Advertisement

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision Facts)

  • MIRV का पूर्ण रूप Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle है।
  • चांदीपुर (ओडिशा) में एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) और डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) भारत के मुख्य मिसाइल परीक्षण केंद्र हैं।
  • भारत 2016 में मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (MTCR) का पूर्ण सदस्य बना।
  • उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर के लखनऊ नोड में ब्रह्मोस integration और testing केंद्र का उद्घाटन 11 मई 2025 को हुआ; यहां बनी मिसाइलों की पहली खेप 18 अक्टूबर 2025 को रवाना हुई।
  • RAS Pre 2016 (Q85) में DRDO की दवा 'ल्यूकोस्किन' (सफेद दाग / leucoderma के इलाज के लिए) और RAS Pre 2024 (Q63) में DRDO की मैन-पोर्टेबल air defence system VSHORADS पर प्रश्न आए थे।

RAS Prelims MCQ

  1. डीआरडीओ (DRDO) का गठन किस वर्ष हुआ था?
    A) 1948
    B) 1958
    C) 1969
    D) 1983
    उत्तर: B) 1958
    कारण: 1958 में रक्षा विज्ञान संगठन और तकनीकी विकास प्रतिष्ठानों को मिलाकर DRDO बना।
  2. IGMDP कार्यक्रम के तहत कौन सी पांच मिसाइलें विकसित की गई थीं?
    A) पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, नाग, आकाश
    B) पृथ्वी, अग्नि, ब्रह्मोस, अस्त्र, निर्भय
    C) आकाश, नाग, धनुष, पिनाका, शौर्य
    D) अग्नि, पृथ्वी, प्रलय, के-4, सागरिका
    उत्तर: A) पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, नाग, आकाश
    कारण: 1983 के IGMDP में पांच मिसाइलें (PATNA) शामिल थीं।
  3. भारत की पहली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) कौन सी है?
    A) अग्नि-II
    B) अग्नि-III
    C) अग्नि-IV
    D) अग्नि-V
    उत्तर: D) अग्नि-V
    कारण: अग्नि-V की मारक क्षमता 5,000 किमी से अधिक है, जो ICBM श्रेणी में आती है।
  4. मार्च 2024 में 'मिशन दिव्यास्त्र' के तहत अग्नि-5 में किस तकनीक का सफल परीक्षण हुआ?
    A) रैमजेट प्रणोदन
    B) MIRV तकनीक
    C) क्रायोजेनिक तकनीक
    D) एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन
    उत्तर: B) MIRV तकनीक
    कारण: मिशन दिव्यास्त्र में एक साथ कई परमाणु हथियार ले जाने वाली MIRV तकनीक का परीक्षण हुआ।
  5. सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल 'ब्रह्मोस' किन दो देशों का संयुक्त उपक्रम है?
    A) भारत और फ्रांस
    B) भारत और इस्राइल
    C) भारत और रूस
    D) भारत और अमेरिका
    उत्तर: C) भारत और रूस
    कारण: ब्रह्मोस भारत के DRDO और रूस के NPOM का संयुक्त उपक्रम है।
  6. 'दागो और भूल जाओ' (Fire-and-Forget) सिद्धांत पर काम करने वाली स्वदेशी एंटी-टैंक मिसाइल कौन सी है?
    A) आकाश
    B) त्रिशूल
    C) नाग
    D) अस्त्र
    उत्तर: C) नाग
    कारण: नाग तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक मिसाइल है जो इंफ्रारेड सीकर से वार करती है।
  7. हेलीकॉप्टर से दागे जाने वाले नाग मिसाइल के संस्करण को क्या कहा जाता है?
    A) नामिका
    B) हेलिना (ध्रुवास्त्र)
    C) अस्त्र
    D) प्रलय
    उत्तर: B) हेलिना (ध्रुवास्त्र)
    कारण: ध्रुव हेलीकॉप्टर से दागे जाने वाले नाग के वायु संस्करण को हेलिना कहा जाता है।
  8. आकाश मिसाइल वायु रक्षा व्यवस्था किस स्वदेशी रडार से संचालित होती है?
    A) राजेंद्र रडार
    B) इंद्र रडार
    C) रोहिणी रडार
    D) स्वाति रडार
    उत्तर: A) राजेंद्र रडार
    कारण: आकाश मिसाइल व्यवस्था राजेंद्र बहु-कार्य रडार से नियंत्रित होती है।
  9. भारत की पहली स्वदेशी हवा-से-हवा में मार करने वाली BVR मिसाइल कौन सी है?
    A) अस्त्र
    B) नाग
    C) ब्रह्मोस
    D) त्रिशूल
    उत्तर: A) अस्त्र
    कारण: अस्त्र (Astra) भारत की पहली दृष्टि सीमा से परे हवा से हवा में वार करने वाली मिसाइल है।
  10. भारत ने हाल ही में फिलीपींस को कौन सी मिसाइल व्यवस्था निर्यात की है?
    A) आकाश
    B) ब्रह्मोस
    C) नाग
    D) पिनाका
    उत्तर: B) ब्रह्मोस
    कारण: भारत ने फिलीपींस को तटीय रक्षा के लिए ब्रह्मोस मिसाइल बैटरी का निर्यात किया है।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. MIRV तकनीक क्या है और इसका क्या महत्व है?
    उत्तर: Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle (MIRV) ऐसी तकनीक है जिसके जरिए एक ही बैलिस्टिक मिसाइल कई अलग-अलग परमाणु हथियारों को सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित विभिन्न लक्ष्यों पर एक साथ गिरा सकती है।
  2. बैलिस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइल में गति व उड़ान पथ का अंतर बताइए।
    उत्तर: बैलिस्टिक मिसाइल रॉकेट प्रणोदन से अंतरिक्ष तक जाकर परवलयाकार पथ से गिरती है, जबकि क्रूज मिसाइल जेट इंजन से पृथ्वी की सतह के समानांतर रडार से बचते हुए उड़ती है।

Long Questions (5–10 marks)

  1. IGMDP कार्यक्रम के महत्व और भारत की सामरिक संप्रभुता पर इसके प्रभाव की समीक्षा कीजिए।
    उत्तर: प्रभाव के प्रमुख बिंदु:
    1. मिसाइल तकनीक में विदेशी निर्भरता समाप्त हुई और देश में रक्षा औद्योगीकरण को बल मिला।
    2. PATNA मिसाइलों से जमीन पर हमले, टैंक-रोधी और वायु रक्षा, तीनों तरह की क्षमता देश में बनी।
    3. भारत के 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध' (Credible Minimum Deterrence) सिद्धांत को वास्तविक आधार मिला।
    4. भारत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद मिसाइल क्लब में शामिल हुआ।
  2. ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता, बहु-मंचीय उपयोग और सामरिक निर्यात पर विस्तृत टिप्पणी लिखिए।
    उत्तर रूपरेखा:
    - तकनीकी क्षमता: करीब Mach 2.8 गति, रैमजेट इंजन, 'दागो और भूल जाओ' सटीकता, और करीब 450 किमी रेंज।
    - बहु-मंचीय क्षमता: जमीन, युद्धपोत, पनडुब्बी और सुखोई-30 फाइटर जेट से वार करने की त्रि-आयामी क्षमता।
    - रणनीतिक व आर्थिक लाभ: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता, और फिलीपींस जैसे देशों को निर्यात से रक्षा निर्यातक के रूप में भारत की साख।

FAQs

Q1: क्या भारत की 'नो फर्स्ट यूज' (No First Use) परमाणु नीति अभी भी लागू है?
हां, भारत की आधिकारिक नीति पहले परमाणु हमला न करने की है, लेकिन किसी भी रासायनिक, जैविक या परमाणु हमले की स्थिति में भारी जवाबी वार करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।

Q2: क्या प्रलय मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने के लिए बनी है?
नहीं, प्रलय मुख्य रूप से पारंपरिक (Conventional) उच्च-विस्फोटक हथियार ले जाने वाली सामरिक मिसाइल है जो वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और सीमा पर तैनात की जा रही है।

Q3: राजस्थान में मिसाइल परीक्षण का कौन सा स्थल प्रसिद्ध है?
जैसलमेर जिले का पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज थलसेना और DRDO की ओर से तोपों, टैंकों और मिसाइलों के परीक्षण के लिए प्रसिद्ध है।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • DRDO: 1958 में गठन, मुख्यालय नई दिल्ली, ध्येय वाक्य 'बलस्य मूलं विज्ञानम्'।
  • IGMDP: 1983 में शुरू, नेता डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, 2008 में पूरा; मिसाइलें: पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, नाग, आकाश।
  • अग्नि-5: 5,000 किमी से ज्यादा, भारत की पहली ICBM; MIRV परीक्षण 'मिशन दिव्यास्त्र' 11 मार्च 2024।
  • ब्रह्मोस: भारत-रूस संयुक्त उपक्रम (1998), नाम ब्रह्मपुत्र + मोस्कवा; पहला विदेशी खरीदार फिलीपींस।
  • नाग: तीसरी पीढ़ी की 'दागो और भूल जाओ' टैंक-रोधी मिसाइल; हेलीकॉप्टर वाला रूप हेलिना/ध्रुवास्त्र।
  • आकाश: राजेंद्र radar के साथ मध्यम दूरी की SAM; पहला निर्यात आर्मेनिया (2024)।
  • अस्त्र: पहली स्वदेशी BVR हवा-से-हवा मिसाइल; K-15 सागरिका 750 किमी, K-4 3,500 किमी।

RAS Pre का revision मोबाइल पर

NotesMedia app में यही RAS notes और 362 RAS flashcards हैं, जिनसे जल्दी revision कर सकते हैं।

Google Play से app लें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: DRDO और Missile in Hindi: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) भारत।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के पाठ्यक्रम में DRDO और Missile in Hindi: डीआरडीओ (DRDO) और भारत का मिसाइल विकास कार्यक्रम: पृथ्वी, अग्नि और ब्रह्मोस एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
हाँ, NotesMedia पर आपको DRDO और Missile in Hindi: डीआरडीओ (DRDO) और भारत का मिसाइल विकास कार्यक्रम: पृथ्वी, अग्नि और ब्रह्मोस के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, हल किए गए उदाहरण और नोट्स बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे। अधिक अभ्यास के लिए आप हमारा ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं।
Advertisement