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Sambhagiya Ayukt Rajasthan: संभागीय आयुक्त राजस्थान: 7 संभाग, जिला आयोजना समिति और विकास प्राधिकरण (JDA)

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: राजस्थान की राजव्यवस्था (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Sambhagiya Ayukt Rajasthan: संभागीय आयुक्त राजस्थान: 7 संभाग, जिला आयोजना समिति और विकास प्राधिकरण (JDA) - DISTRICT ADMINISTRATION
  • • अवलोकन: Quick Answer: Sambhagiya Ayukt Rajasthan: संभागीय आयुक्त (Divisional Commissioner) राजस्थान में संभाग स्तर का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी है, जो सचिवालय...
Quick Answer: Sambhagiya Ayukt Rajasthan: संभागीय आयुक्त (Divisional Commissioner) राजस्थान में संभाग स्तर का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी है, जो सचिवालय और जिला कलेक्टरों के बीच की कड़ी है। यह आम तौर पर सचिव या प्रमुख सचिव स्तर का वरिष्ठ IAS होता है। राजस्थान में यह व्यवस्था 1949 में 5 संभागों से शुरू हुई, 1962 में मोहनलाल सुखाड़िया सरकार ने खत्म की और 1987 में हरिदेव जोशी सरकार ने बहाल की। 28 दिसंबर 2024 के कैबिनेट फैसले के बाद राज्य में 7 संभाग और 41 जिले हैं। इसी note में जिला आयोजना समिति (अध्यक्ष: जिला प्रमुख) और विकास प्राधिकरण (JDA, 1982) भी हैं।

संभागीय आयुक्त राजस्थान: पद और भूमिका

संभाग कई जिलों का समूह है, और संभागीय आयुक्त उन जिलों के प्रशासन की निगरानी करता है। वह राज्य सरकार की नीतियों को जिलों तक पहुंचाता है और जिलों की रिपोर्ट सरकार तक लाता है। जिला कलेक्टर, उपखंड और तहसील की पूरी व्यवस्था के लिए पढ़ें: राजस्थान में जिला प्रशासन।

  • पद का स्तर: वरिष्ठ IAS अधिकारी, आम तौर पर राज्य सरकार के सचिव या प्रमुख सचिव स्तर का।
  • मुख्य भूमिका: पर्यवेक्षण (supervision), समन्वय (coordination) और निरीक्षण। रोज का काम कलेक्टर करता है, संभागीय आयुक्त उस पर नजर रखता है।
  • इतिहास: भारत में संभाग (Division) को प्रशासनिक स्तर के रूप में 1829 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल में शुरू किया। इसका श्रेय गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिंक को दिया जाता है।
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राजस्थान में संभागीय व्यवस्था का इतिहास (1949 से 2026)

वर्षघटनामुख्यमंत्री / सरकार
1949वृहत् राजस्थान बनने पर 5 संभाग: जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटाहीरालाल शास्त्री
अप्रैल 1962संभागीय आयुक्त पद खत्म; इसके लिए Rajasthan Divisional Commissioner (Office Abolition) Act, 1962 बनामोहनलाल सुखाड़िया
26 जनवरी 1987संभागीय व्यवस्था फिर शुरू; अजमेर छठा संभाग बना (कुछ स्रोत तारीख 15 जनवरी 1987 बताते हैं)हरिदेव जोशी
4 जून 2005भरतपुर 7वां संभाग बनावसुंधरा राजे
अगस्त 2023नए जिलों के साथ 3 नए संभाग घोषित: बांसवाड़ा, पाली, सीकर (कुल 10 संभाग)अशोक गहलोत
28 दिसंबर 2024ललित के. पंवार समिति की रिपोर्ट के बाद कैबिनेट ने 9 जिले और 3 संभाग (बांसवाड़ा, पाली, सीकर) रद्द किएभजनलाल शर्मा
2026 तक7 संभाग और 41 जिले—

PYQ: RAS Pre 2013 में पूछा गया था कि संभागीय आयुक्त का पद किन वर्षों में खत्म और फिर शुरू हुआ। सही जोड़ी: 1962 में खत्म, 1987 में बहाल।

28 दिसंबर 2024 को रद्द हुए 9 जिले: दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, गंगापुर सिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, अनूपगढ़ और सांचौर। 2023 में बने 8 नए जिले बने रहे: फलोदी, बालोतरा, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन और सलूम्बर। जिलों की पूरी सूची के लिए पढ़ें: राजस्थान के जिले।

राजस्थान के 7 संभाग और 41 जिले (2026)

संभागबनाजिले (संख्या)शामिल जिले
जोधपुर19498जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, पाली, सिरोही, बालोतरा, फलोदी
जयपुर19497जयपुर, अलवर, दौसा, झुंझुनूं, सीकर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़
उदयपुर19497उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर
अजमेर19876अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, टोंक, ब्यावर, डीडवाना-कुचामन
भरतपुर20055भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, डीग
बीकानेर19494बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर
कोटा19494कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़
कुल—41—

जिलों की संख्या में सबसे बड़ा संभाग जोधपुर (8) है; सबसे छोटे बीकानेर और कोटा (4-4) हैं। सबसे नया संभाग भरतपुर है।

संभागीय आयुक्त के कार्य और शक्तियां

1. राजस्व प्रशासन

संभागीय आयुक्त संभाग में तहसील, भू-अभिलेख (land records) और राजस्व वसूली के काम का निरीक्षण और निगरानी करता है। एक आम गलती से बचें: राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 75 के अनुसार उपखंड अधिकारी (SDO) और कलेक्टर के मूल राजस्व आदेशों की पहली अपील राजस्व अपील प्राधिकारी (Revenue Appellate Authority, RAA) के पास जाती है, संभागीय आयुक्त के पास नहीं। संभागीय आयुक्त (Commissioner) के अपने मूल आदेशों की अपील राजस्व मंडल (Board of Revenue), अजमेर में होती है।

2. कानून व्यवस्था

संभाग स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक (IG) के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा करता है, खासकर बड़े आंदोलन या तनाव के समय। राज्य के गृह विभाग के 2017 के एक आदेश के बाद राजस्थान में संभागीय आयुक्त अस्थायी इंटरनेट बंदी के आदेश भी जारी करते रहे हैं, हालांकि इसकी वैधता पर हाईकोर्ट में सवाल उठे हैं। पुलिस ढांचे के लिए पढ़ें: राजस्थान पुलिस प्रशासन।

3. विकास और समन्वय

संभाग में चल रही केंद्र और राज्य की योजनाओं की समीक्षा करता है, और दो जिलों के बीच के मामलों (जैसे पानी या सीमा) में समन्वय करता है।

4. निरीक्षण और जन सुनवाई

कलेक्टर कार्यालय, उपखंड, तहसील और नगर निकायों का निरीक्षण करता है, और संभाग स्तर पर जन सुनवाई करता है।

संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर: तुलना

बिंदुसंभागीय आयुक्तजिला कलेक्टर
क्षेत्रसंभाग (4 से 8 जिले)एक जिला
वरिष्ठतावरिष्ठ IAS (सचिव/प्रमुख सचिव स्तर)कम वरिष्ठता का IAS
काम का तरीकानिगरानी, समन्वय, निरीक्षणसीधे काम लागू करना, कानून व्यवस्था, राजस्व वसूली
जनता से संपर्कसंभाग स्तर की जन सुनवाईरोज का सीधा जनसंपर्क

जिला आयोजना समिति (District Planning Committee)

जिला आयोजना समिति (DPC) संविधान के अनुच्छेद 243ZD में है, जो 74वें संविधान संशोधन (1992) से जुड़ा। हर जिले में यह समिति पंचायतों और नगर निकायों की योजनाओं को जोड़कर पूरे जिले की विकास योजना (draft development plan) बनाती है। समिति की रचना राज्य का कानून तय करता है। राजस्थान में यह पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 121 और पंचायती राज नियम 1996 से बनती है।

बिंदुराजस्थान में स्थिति
संवैधानिक आधारअनुच्छेद 243ZD (74वां संशोधन, 1992)
कुल सदस्य25
निर्वाचित सदस्य20, जिला परिषद और नगर निकायों के चुने हुए सदस्यों में से, ग्रामीण और शहरी आबादी के अनुपात में
बाकी 5 सदस्यपदेन और सरकार के नामित सदस्य (जिला कलेक्टर सदस्य होता है)। RAS Pre 2016 की RPSC key में "20 निर्वाचित और 3 पदेन" सही माना गया।
अध्यक्षजिला प्रमुख (जिला परिषद का प्रमुख)
सचिवमुख्य आयोजना अधिकारी (Chief Planning Officer)
मुख्य कामपंचायत समितियों और नगर निकायों की वार्षिक योजनाओं को जोड़कर जिला योजना बनाना और राज्य सरकार को भेजना

PYQ: RAS Pre 2016 में DPC के निर्वाचित और पदेन सदस्यों की संख्या पूछी गई थी, और RAS Pre 2024 में पूछा गया कि राजस्थान में DPC का अध्यक्ष कौन बनता है (उत्तर: जिला प्रमुख, कलेक्टर नहीं)। जिला परिषद और पंचायती राज के लिए पढ़ें: राजस्थान में पंचायती राज।

विकास प्राधिकरण: JDA और बाकी शहर

बड़े शहरों के नियोजित विकास (master plan, सड़कें, आवास योजनाएं, जमीन का उपयोग) के लिए राजस्थान ने हर शहर के लिए अलग कानून से विकास प्राधिकरण (Development Authority) बनाए हैं। सबसे पुराना जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) है, जो जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 1982 (Act No. 25 of 1982) से बना। RAS Pre 2024 में यही पूछा गया था कि JDA किस अधिनियम से बना।

विकास प्राधिकरणअधिनियम
जयपुर (JDA)जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 1982
जोधपुर (JDA)जोधपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 2009
अजमेर (ADA)अजमेर विकास प्राधिकरण अधिनियम 2013
कोटा (KDA)कोटा विकास प्राधिकरण अधिनियम 2023
उदयपुर (UDA)उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 2023
भरतपुरभरतपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 2025 (Act No. 7 of 2025)
बीकानेरबीकानेर विकास प्राधिकरण अधिनियम 2025 (Act No. 8 of 2025)

इस तरह 2025 तक राजस्थान में 7 विकास प्राधिकरण हैं। ये नगर निगम से अलग हैं: नगर निगम रोज की नागरिक सेवाएं (सफाई, पानी, स्ट्रीट लाइट) देखता है, जबकि विकास प्राधिकरण शहर के फैलाव और नियोजन का काम करता है। नगर निकायों के लिए पढ़ें: राजस्थान में शहरी स्थानीय स्वशासन।

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • संभाग 1829 में बंगाल में शुरू हुए (लॉर्ड विलियम बेंटिंक के समय)।
  • राजस्थान में 1949 में 5 संभाग: जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा।
  • अप्रैल 1962 में सुखाड़िया सरकार ने संभागीय आयुक्त पद खत्म किया।
  • 26 जनवरी 1987 को हरिदेव जोशी सरकार ने बहाल किया, अजमेर छठा संभाग।
  • 4 जून 2005 को भरतपुर 7वां संभाग।
  • अगस्त 2023 के 3 नए संभाग (बांसवाड़ा, पाली, सीकर) 28 दिसंबर 2024 को रद्द; अब 7 संभाग, 41 जिले।
  • सबसे ज्यादा जिले जोधपुर संभाग में (8); सबसे कम बीकानेर और कोटा में (4-4)।
  • कलेक्टर और SDO के मूल राजस्व आदेशों की अपील राजस्व अपील प्राधिकारी को; संभागीय आयुक्त के आदेश की अपील राजस्व मंडल अजमेर को।
  • DPC: अनुच्छेद 243ZD; राजस्थान में 25 सदस्य, 20 निर्वाचित; अध्यक्ष जिला प्रमुख।
  • JDA: जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 1982; 2025 तक 7 विकास प्राधिकरण।
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RAS Prelims MCQ

  1. राजस्थान में संभागीय आयुक्त का पद किन वर्षों में खत्म और फिर बहाल हुआ?
    A) 1962 में खत्म, 1971 में बहाल
    B) 1959 में खत्म, 1987 में बहाल
    C) 1966 में खत्म, 1973 में बहाल
    D) 1962 में खत्म, 1987 में बहाल
    उत्तर: D) 1962 में खत्म, 1987 में बहाल
    कारण: सुखाड़िया सरकार ने 1962 में पद खत्म किया और हरिदेव जोशी सरकार ने 1987 में बहाल किया।
  2. 1949 में राजस्थान के मूल 5 संभागों में कौन सा शामिल नहीं था?
    A) कोटा
    B) बीकानेर
    C) अजमेर
    D) उदयपुर
    उत्तर: C) अजमेर
    कारण: अजमेर 1956 में राजस्थान में मिला और 1987 में छठा संभाग बना।
  3. राजस्थान का 7वां संभाग भरतपुर कब बना?
    A) 26 जनवरी 1987
    B) 4 जून 2005
    C) 15 अगस्त 2008
    D) 7 अगस्त 2023
    उत्तर: B) 4 जून 2005
    कारण: वसुंधरा राजे सरकार ने 4 जून 2005 को भरतपुर को 7वां संभाग बनाया।
  4. 28 दिसंबर 2024 को रद्द किए गए संभाग कौन से हैं?
    A) सीकर, पाली, बांसवाड़ा
    B) सीकर, नागौर, भीलवाड़ा
    C) पाली, बाड़मेर, चूरू
    D) बांसवाड़ा, अलवर, टोंक
    उत्तर: A) सीकर, पाली, बांसवाड़ा
    कारण: अगस्त 2023 में घोषित ये 3 संभाग रद्द हुए, जिससे फिर 7 संभाग रह गए।
  5. 2026 तक राजस्थान के किस संभाग में सबसे ज्यादा जिले हैं?
    A) जयपुर
    B) उदयपुर
    C) जोधपुर
    D) अजमेर
    उत्तर: C) जोधपुर
    कारण: जोधपुर संभाग में 8 जिले हैं; जयपुर और उदयपुर में 7-7 हैं।
  6. डीडवाना-कुचामन जिला 2026 तक किस संभाग में है?
    A) जयपुर
    B) बीकानेर
    C) अजमेर
    D) जोधपुर
    उत्तर: C) अजमेर
    कारण: सीकर संभाग रद्द होने के बाद डीडवाना-कुचामन अजमेर संभाग में है।
  7. राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 के अनुसार कलेक्टर के मूल राजस्व आदेश की पहली अपील किसके पास होती है?
    A) संभागीय आयुक्त
    B) राजस्व अपील प्राधिकारी
    C) हाईकोर्ट
    D) तहसीलदार
    उत्तर: B) राजस्व अपील प्राधिकारी
    कारण: धारा 75 में SDO और कलेक्टर के मूल आदेशों की अपील Revenue Appellate Authority के पास जाती है।
  8. राजस्थान में जिला आयोजना समिति का अध्यक्ष कौन होता है?
    A) जिला कलेक्टर
    B) जिला परिषद का मुख्य कार्यकारी अधिकारी
    C) संसद सदस्य
    D) जिला प्रमुख
    उत्तर: D) जिला प्रमुख
    कारण: पंचायती राज अधिनियम की धारा 121 के अनुसार जिला प्रमुख DPC का अध्यक्ष है; कलेक्टर केवल सदस्य है।
  9. जिला आयोजना समिति का प्रावधान संविधान के किस अनुच्छेद में है?
    A) 243G
    B) 243W
    C) 243ZD
    D) 243ZE
    उत्तर: C) 243ZD
    कारण: 243ZD जिला आयोजना समिति का है; 243ZE महानगर आयोजना समिति का है।
  10. जयपुर विकास प्राधिकरण किस अधिनियम से बना?
    A) JDA अधिनियम 1982
    B) JDA अधिनियम 1983
    C) JDA अधिनियम 1984
    D) JDA अधिनियम 1985
    उत्तर: A) JDA अधिनियम 1982
    कारण: जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 1982 (Act No. 25 of 1982) से JDA बना।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. प्रश्न: राजस्थान में संभागीय व्यवस्था का इतिहास संक्षेप में बताइए।
    उत्तर रूपरेखा: 1949 में 5 संभाग; अप्रैल 1962 में सुखाड़िया सरकार ने पद खत्म किया; 26 जनवरी 1987 को जोशी सरकार ने बहाल किया (अजमेर छठा); 4 जून 2005 को भरतपुर 7वां; 2023 के 3 नए संभाग 28 दिसंबर 2024 को रद्द।
  2. प्रश्न: 28 दिसंबर 2024 के कैबिनेट फैसले का प्रशासनिक नक्शे पर क्या असर हुआ?
    उत्तर रूपरेखा: ललित के. पंवार समिति की रिपोर्ट के बाद 9 जिले और 3 संभाग (सीकर, पाली, बांसवाड़ा) रद्द; राज्य में 41 जिले और 7 संभाग रहे।
  3. प्रश्न: राजस्थान में जिला आयोजना समिति की रचना बताइए।
    उत्तर रूपरेखा: अनुच्छेद 243ZD और पंचायती राज अधिनियम की धारा 121; 25 सदस्य, 20 निर्वाचित (ग्रामीण-शहरी आबादी के अनुपात में), बाकी पदेन/नामित; अध्यक्ष जिला प्रमुख; सचिव मुख्य आयोजना अधिकारी।
  4. प्रश्न: विकास प्राधिकरण और नगर निगम में क्या अंतर है?
    उत्तर रूपरेखा: नगर निगम चुनी हुई संस्था है जो रोज की नागरिक सेवाएं देती है; विकास प्राधिकरण अलग कानून (जैसे JDA अधिनियम 1982) से बनी संस्था है जो master plan, आवास और शहर के फैलाव का नियोजन करती है।

Long Questions (5–10 marks)

  1. प्रश्न: संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर के संबंध और कार्यों की तुलना कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - क्षेत्र: संभाग बनाम जिला।
    - वरिष्ठता: सचिव/प्रमुख सचिव स्तर का IAS बनाम कम वरिष्ठ IAS।
    - काम: निगरानी, समन्वय, निरीक्षण बनाम काम को सीधे लागू करना।
    - कानून व्यवस्था: जिले में कलेक्टर और SP की सीधी कमान; आयुक्त संभाग स्तर पर समीक्षा करता है।
    - राजस्व: रोज का राजस्व काम कलेक्टर का; अपील की व्यवस्था RAA और राजस्व मंडल तक।
    - दोनों पद एक-दूसरे के पूरक हैं।
  2. प्रश्न: राजस्थान में संभागीय व्यवस्था के उतार-चढ़ाव और आज की उपयोगिता का परीक्षण कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - इतिहास: 1949, 1962, 1987, 2005, 2023, 2024 के बदलाव।
    - 1962 में खत्म करने के पीछे आम तर्क: खर्च और सचिवालय-कलेक्टर के बीच एक extra स्तर।
    - 1987 में बहाली का तर्क: बड़े राज्य में जिलों की निगरानी और समन्वय की जरूरत।
    - आज: 41 जिलों पर निगरानी, अंतर-जिला समन्वय, योजनाओं की समीक्षा, आपदा और कानून व्यवस्था में समन्वय।

FAQs

1. राजस्थान में अभी कितने संभाग हैं?

2026 तक 7 संभाग हैं: जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा। 28 दिसंबर 2024 को सीकर, पाली और बांसवाड़ा संभाग रद्द हो गए थे।

2. संभागीय व्यवस्था कब बंद और कब शुरू हुई?

अप्रैल 1962 में मोहनलाल सुखाड़िया सरकार ने इसे बंद किया और 26 जनवरी 1987 को हरिदेव जोशी सरकार ने फिर शुरू किया।

3. क्या कलेक्टर के राजस्व फैसले की अपील संभागीय आयुक्त सुनता है?

भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 75 के अनुसार कलेक्टर और SDO के मूल आदेशों की अपील राजस्व अपील प्राधिकारी (RAA) सुनता है। संभागीय आयुक्त के अपने आदेशों की अपील राजस्व मंडल अजमेर में होती है।

4. जिला आयोजना समिति का अध्यक्ष कलेक्टर होता है या जिला प्रमुख?

राजस्थान में जिला प्रमुख अध्यक्ष होता है। कलेक्टर समिति का सदस्य होता है। यह RAS Pre 2024 में पूछा जा चुका है।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • संभागीय आयुक्त पद: 1962 में खत्म (सुखाड़िया), 1987 में बहाल (हरिदेव जोशी)।
  • 1949 में 5 संभाग; अजमेर 1987 में छठा, भरतपुर 4 जून 2005 को 7वां।
  • 28 दिसंबर 2024 को सीकर, पाली, बांसवाड़ा संभाग रद्द; अब 7 संभाग और 41 जिले।
  • सबसे ज्यादा जिले जोधपुर संभाग में (8)।
  • कलेक्टर के मूल राजस्व आदेश की अपील राजस्व अपील प्राधिकारी को, संभागीय आयुक्त की अपील राजस्व मंडल अजमेर को।
  • DPC: अनुच्छेद 243ZD, 25 सदस्य (20 निर्वाचित), अध्यक्ष जिला प्रमुख।
  • JDA: जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम 1982।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Sambhagiya Ayukt Rajasthan: संभागीय आयुक्त।
राजस्थान की राजव्यवस्था के पाठ्यक्रम में Sambhagiya Ayukt Rajasthan: संभागीय आयुक्त राजस्थान: 7 संभाग, जिला आयोजना समिति और विकास प्राधिकरण (JDA) एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
हाँ, NotesMedia पर आपको Sambhagiya Ayukt Rajasthan: संभागीय आयुक्त राजस्थान: 7 संभाग, जिला आयोजना समिति और विकास प्राधिकरण (JDA) के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, हल किए गए उदाहरण और नोट्स बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे। अधिक अभ्यास के लिए आप हमारा ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं।
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