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राजस्थान का एकीकरण: 7 चरण, तिथियां, राजधानी और प्रधानमंत्री (1948-1956)

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: राजस्थान का इतिहास और संस्कृति (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: राजस्थान का एकीकरण: 7 चरण, तिथियां, राजधानी और प्रधानमंत्री (1948-1956) - जन जागरण और स्वतंत्रता संग्राम (1857, प्रजामंडल)
  • • अवलोकन: Quick Answer: राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में पूरा हुआ। यह 18 मार्च 1948 को मत्स्य संघ से शुरू हुआ और 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू होने पर...
Quick Answer: राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में पूरा हुआ। यह 18 मार्च 1948 को मत्स्य संघ से शुरू हुआ और 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू होने पर पूरा हुआ। इसमें कुल 8 वर्ष 7 महीने 14 दिन लगे। आज़ादी के समय यहाँ 19 रियासतें, 3 ठिकाने (नीमराणा, कुशलगढ़, लावा) और केंद्र शासित अजमेर-मेरवाड़ा (1950 से अजमेर राज्य) थे। 30 मार्च 1949 को वृहत् राजस्थान बना, इसलिए हर साल 30 मार्च को राजस्थान दिवस मनाया जाता है।

राजस्थान का एकीकरण क्यों और कैसे हुआ

1947 में आज़ादी के समय आज का राजस्थान "राजपूताना" कहलाता था और छोटी-बड़ी रियासतों में बंटा था। सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में रियासती विभाग (सचिव वी.पी. मेनन) ने रियासतों को मिलाकर बड़े प्रशासनिक संघ बनाने का काम किया। प्रजामंडल आंदोलनों ने भी जनता की ओर से लोकतांत्रिक शासन की मांग उठाई, जिससे एकीकरण आसान हुआ। प्रजामंडलों के बारे में पढ़ें: जन जागरण और स्वतंत्रता संग्राम।

बिंदुतथ्य
कुल चरण7
शुरुआत18 मार्च 1948 (मत्स्य संघ)
पूरा हुआ1 नवंबर 1956 (राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956)
कुल समय8 वर्ष 7 महीने 14 दिन
इकाइयाँ19 रियासतें + 3 ठिकाने + अजमेर-मेरवाड़ा (केंद्र शासित)
राजस्थान दिवस30 मार्च (1949 में वृहत् राजस्थान बनने की याद में)
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राजस्थान के एकीकरण के 7 चरण (तालिका)

चरणनाम और तिथिशामिल रियासतेंराजधानीराजप्रमुखप्रधानमंत्री
1मत्स्य संघ
18 मार्च 1948
अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली + नीमराणा ठिकानाअलवरउदयभान सिंह (धौलपुर)शोभाराम कुमावत
2पूर्व राजस्थान (राजस्थान संघ)
25 मार्च 1948
कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, किशनगढ़, शाहपुरा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ + कुशलगढ़ ठिकानाकोटाभीम सिंह (कोटा)गोकुललाल असावा
3संयुक्त राजस्थान
18 अप्रैल 1948
पूर्व राजस्थान + उदयपुर (मेवाड़)उदयपुरभूपाल सिंह (उदयपुर)माणिक्यलाल वर्मा
4वृहत् राजस्थान
30 मार्च 1949
संयुक्त राजस्थान + जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर + लावा ठिकानाजयपुरराजप्रमुख: मानसिंह द्वितीय (जयपुर); महाराजप्रमुख: भूपाल सिंहहीरालाल शास्त्री
5संयुक्त वृहत् राजस्थान
15 मई 1949
वृहत् राजस्थान + मत्स्य संघजयपुरमानसिंह द्वितीयहीरालाल शास्त्री
6राजस्थान संघ
26 जनवरी 1950
+ सिरोही (आबू और देलवाड़ा को छोड़कर)जयपुरमानसिंह द्वितीयहीरालाल शास्त्री (इसी दिन से पद का नाम मुख्यमंत्री)
7वर्तमान राजस्थान
1 नवंबर 1956
+ अजमेर राज्य (पुराना अजमेर-मेरवाड़ा), आबू-देलवाड़ा (बंबई से), सुनेल टप्पा (मध्य भारत से); कोटा जिले का सिरोंज उपखंड मध्य प्रदेश को गयाजयपुरराजप्रमुख पद समाप्त, राज्यपाल पद शुरूमोहनलाल सुखाड़िया (मुख्यमंत्री)

हर चरण की खास बातें

पहला चरण: मत्स्य संघ (18 मार्च 1948)

अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली को मिलाकर बना। "मत्स्य" नाम के. एम. मुंशी के सुझाव पर रखा गया, क्योंकि महाभारत काल में यह इलाका मत्स्य जनपद था। उद्घाटन एन. वी. गाडगिल ने किया।

दूसरा चरण: पूर्व राजस्थान (25 मार्च 1948)

दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की 9 रियासतें और कुशलगढ़ ठिकाना मिले। सबसे बड़ी रियासत होने के कारण कोटा राजधानी बना और कोटा के महाराव भीम सिंह राजप्रमुख बने।

तीसरा चरण: संयुक्त राजस्थान (18 अप्रैल 1948)

मेवाड़ (उदयपुर) के जुड़ने से राजधानी उदयपुर हो गई। उद्घाटन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया। माणिक्यलाल वर्मा प्रधानमंत्री बने।

चौथा चरण: वृहत् राजस्थान (30 मार्च 1949)

राजपूताना की चार बड़ी रियासतें जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर जुड़ीं। उद्घाटन सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया। जयपुर राजधानी बना और हीरालाल शास्त्री ने 7 अप्रैल 1949 को प्रधानमंत्री का पद संभाला। यही दिन (30 मार्च) आज राजस्थान दिवस के रूप में मनाया जाता है। ध्यान दें: लावा ठिकाने को ज़्यादातर किताबें इसी चरण में गिनती हैं, पर कुछ स्रोत इसे दूसरे चरण में रखते हैं।

पाँचवाँ चरण: संयुक्त वृहत् राजस्थान (15 मई 1949)

मत्स्य संघ की भरतपुर और धौलपुर रियासतों में कुछ लोग उत्तर प्रदेश में मिलना चाहते थे। इसलिए वहाँ की जनता की राय जानने के लिए शंकरराव देव समिति बनी। जनता की राय राजस्थान के पक्ष में आने के बाद 15 मई 1949 को मत्स्य संघ वृहत् राजस्थान में मिल गया।

छठा चरण: राजस्थान संघ (26 जनवरी 1950)

संविधान लागू होने के दिन सिरोही रियासत जुड़ी, लेकिन आबू और देलवाड़ा तहसीलें बंबई राज्य को दी गईं। इसी दिन राज्य को औपचारिक रूप से "राजस्थान" नाम मिला और यह "ख" (Part B) श्रेणी का राज्य बना।

सातवाँ चरण: वर्तमान राजस्थान (1 नवंबर 1956)

फ़ज़ल अली आयोग की सिफारिश पर बने राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 (धारा 10) से अजमेर राज्य (पुराना अजमेर-मेरवाड़ा), बंबई राज्य का आबू रोड तालुका (आबू-देलवाड़ा) और मध्य भारत के मंदसौर जिले का सुनेल टप्पा राजस्थान में मिले, जबकि कोटा जिले का सिरोंज उपखंड मध्य प्रदेश को दिया गया। अजमेर एक अलग जिला बना, आबू सिरोही जिले में और सुनेल टप्पा झालावाड़ जिले में जोड़ा गया। राजप्रमुख का पद खत्म हुआ और राज्यपाल का पद शुरू हुआ। उस दिन मोहनलाल सुखाड़िया मुख्यमंत्री थे (13 नवंबर 1954 से)। अजमेर जुड़ने पर राज्य में 26 जिले हो गए। आज के जिलों के बारे में पढ़ें: राजस्थान के 41 जिले। एकीकरण के दौरान ही 29 अगस्त 1949 को जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट का उद्घाटन हुआ, इसके बारे में पढ़ें: राजस्थान उच्च न्यायालय।

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • एकीकरण के 7 चरण: 18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 तक।
  • कुल समय: 8 वर्ष 7 महीने 14 दिन।
  • 19 रियासतें, 3 ठिकाने (नीमराणा, कुशलगढ़, लावा), 1 केंद्र शासित क्षेत्र (अजमेर-मेरवाड़ा)।
  • पहला चरण मत्स्य संघ: राजधानी अलवर, प्रधानमंत्री शोभाराम कुमावत।
  • "मत्स्य" नाम के. एम. मुंशी ने सुझाया।
  • पूर्व राजस्थान: राजधानी कोटा, राजप्रमुख भीम सिंह।
  • संयुक्त राजस्थान: उद्घाटन जवाहरलाल नेहरू, प्रधानमंत्री माणिक्यलाल वर्मा।
  • वृहत् राजस्थान (30 मार्च 1949): उद्घाटन सरदार पटेल, प्रधानमंत्री हीरालाल शास्त्री।
  • मत्स्य संघ के विलय के लिए शंकरराव देव समिति।
  • 26 जनवरी 1950 को सिरोही जुड़ा (आबू-देलवाड़ा को छोड़कर), नाम "राजस्थान" हुआ।
  • 1 नवंबर 1956: अजमेर, आबू-देलवाड़ा, सुनेल टप्पा मिले; सिरोंज मध्य प्रदेश गया; उस समय मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया।
  • 30 मार्च = राजस्थान दिवस।
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RAS Prelims MCQ

  1. राजस्थान के एकीकरण का पहला चरण कौन सा था?
    A) पूर्व राजस्थान
    B) मत्स्य संघ
    C) संयुक्त राजस्थान
    D) वृहत् राजस्थान
    उत्तर: B) मत्स्य संघ
    कारण: 18 मार्च 1948 को अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली से मत्स्य संघ बना।
  2. राजस्थान दिवस 30 मार्च को किस घटना की याद में मनाया जाता है?
    A) मत्स्य संघ का गठन
    B) संयुक्त राजस्थान का गठन
    C) वृहत् राजस्थान का गठन
    D) राज्य पुनर्गठन अधिनियम
    उत्तर: C) वृहत् राजस्थान का गठन
    कारण: 30 मार्च 1949 को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर के जुड़ने से वृहत् राजस्थान बना।
  3. पूर्व राजस्थान (25 मार्च 1948) की राजधानी कौन सी थी?
    A) उदयपुर
    B) बूंदी
    C) कोटा
    D) टोंक
    उत्तर: C) कोटा
    कारण: सबसे बड़ी रियासत कोटा राजधानी बनी और महाराव भीम सिंह राजप्रमुख बने।
  4. संयुक्त राजस्थान का उद्घाटन किसने किया था?
    A) सरदार पटेल
    B) जवाहरलाल नेहरू
    C) एन. वी. गाडगिल
    D) वी. पी. मेनन
    उत्तर: B) जवाहरलाल नेहरू
    कारण: 18 अप्रैल 1948 को उदयपुर में नेहरू ने उद्घाटन किया।
  5. वृहत् राजस्थान के पहले प्रधानमंत्री कौन थे?
    A) माणिक्यलाल वर्मा
    B) हीरालाल शास्त्री
    C) जयनारायण व्यास
    D) गोकुललाल असावा
    उत्तर: B) हीरालाल शास्त्री
    कारण: वृहत् राजस्थान (30 मार्च 1949) के प्रधानमंत्री हीरालाल शास्त्री बने; उन्होंने 7 अप्रैल 1949 को पद संभाला।
  6. 1 नवंबर 1956 को राजस्थान से कौन सा क्षेत्र मध्य प्रदेश को दिया गया?
    A) सुनेल टप्पा
    B) सिरोंज
    C) आबू
    D) देलवाड़ा
    उत्तर: B) सिरोंज
    कारण: कोटा जिले का सिरोंज उपखंड मध्य प्रदेश गया और सुनेल टप्पा राजस्थान में आया।
  7. एकीकरण के समय निम्न में से कौन सा ठिकाना नहीं था?
    A) नीमराणा
    B) कुशलगढ़
    C) लावा
    D) शाहपुरा
    उत्तर: D) शाहपुरा
    कारण: शाहपुरा एक रियासत थी; नीमराणा, कुशलगढ़ और लावा ठिकाने थे।
  8. मत्स्य संघ को राजस्थान में मिलाने के प्रश्न पर कौन सी समिति बनी?
    A) फ़ज़ल अली आयोग
    B) शंकरराव देव समिति
    C) रामलुभाया समिति
    D) सत्यनारायण राव समिति
    उत्तर: B) शंकरराव देव समिति
    कारण: इस समिति ने भरतपुर और धौलपुर की जनता की राय जानी, जिसके बाद 15 मई 1949 को मत्स्य संघ राजस्थान में मिला।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 से राजस्थान की सीमा में क्या बदलाव आए?
    उत्तर की रूपरेखा: अजमेर-मेरवाड़ा, आबू-देलवाड़ा (बंबई से) और सुनेल टप्पा (मध्य भारत से) मिले; सिरोंज मध्य प्रदेश को गया; राजप्रमुख पद खत्म हुआ और राज्यपाल पद आया।
  2. मत्स्य संघ पर छोटी टिप्पणी लिखिए।
    उत्तर की रूपरेखा: 18 मार्च 1948 को अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली को मिलाकर बना; उद्घाटन एन. वी. गाडगिल ने किया; राजधानी अलवर, राजप्रमुख धौलपुर के उदयभान सिंह, प्रधानमंत्री शोभाराम कुमावत; नाम के. एम. मुंशी के सुझाव पर। भरतपुर-धौलपुर की राय जानने के लिए शंकरराव देव समिति बनी और 15 मई 1949 को यह संघ वृहत् राजस्थान में मिल गया।
  3. 26 जनवरी 1950 को राजस्थान में क्या बदलाव हुए?
    उत्तर की रूपरेखा: सिरोही रियासत जुड़ी, पर आबू और देलवाड़ा बंबई राज्य को दिए गए; राज्य का नाम औपचारिक रूप से 'राजस्थान' हुआ और यह 'ख' (Part B) श्रेणी का राज्य बना; राजप्रमुख मानसिंह द्वितीय रहे और हीरालाल शास्त्री पहले मुख्यमंत्री कहलाए।

Long Questions (5–10 marks)

  1. राजस्थान के एकीकरण के सात चरणों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
    उत्तर की रूपरेखा: मत्स्य संघ (18.3.1948), पूर्व राजस्थान (25.3.1948), संयुक्त राजस्थान (18.4.1948), वृहत् राजस्थान (30.3.1949), संयुक्त वृहत् राजस्थान (15.5.1949), राजस्थान संघ (26.1.1950), वर्तमान राजस्थान (1.11.1956)। हर चरण में राजधानी और प्रधानमंत्री का नाम लिखें।
  2. राजस्थान के एकीकरण में सरदार पटेल और प्रजामंडलों की भूमिका बताइए।
    उत्तर की रूपरेखा: पटेल और वी. पी. मेनन के नेतृत्व में रियासती विभाग ने राजाओं से विलय पत्र और संघ समझौते करवाए। प्रजामंडलों ने उत्तरदायी शासन की मांग उठाकर जनता का समर्थन जुटाया और कई नेता (माणिक्यलाल वर्मा, हीरालाल शास्त्री, गोकुललाल असावा) संघों के प्रधानमंत्री बने।

FAQs

राजस्थान का एकीकरण कितने चरणों में हुआ?

राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में हुआ, जो 18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 तक चला।

राजस्थान दिवस कब मनाया जाता है?

हर साल 30 मार्च को, क्योंकि 30 मार्च 1949 को वृहत् राजस्थान बना था।

एकीकरण में कुल कितना समय लगा?

कुल 8 वर्ष 7 महीने 14 दिन।

एकीकरण के समय राजस्थान में कितनी रियासतें थीं?

19 रियासतें, 3 ठिकाने (नीमराणा, कुशलगढ़, लावा) और केंद्र शासित अजमेर-मेरवाड़ा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में पूरा हुआ।
राजस्थान का इतिहास और संस्कृति के पाठ्यक्रम में राजस्थान का एकीकरण: 7 चरण, तिथियां, राजधानी और प्रधानमंत्री (1948-1956) एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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In this Chapter

राजस्थान का एकीकरण: 7 चरण, तिथियां, राजधानी और प्रधानमंत्री (1948-1956)
राजस्थान में जन जागरण एवं स्वतन्त्रता संग्राम