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Procedural and Non-Procedural Languages in Hindi

Procedural and Non-Procedural Languages in Hindi in C++ in Hindi | प्रक्रियात्मक और गैर-प्रक्रियात्मक भाषाएँ :


प्रोग्रामिंग भाषाएँ मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित की जाती हैं: प्रक्रियात्मक (Procedural) और गैर-प्रक्रियात्मक (Non-Procedural) भाषाएँ। दोनों का उपयोग सॉफ़्टवेयर विकास और प्रोग्रामिंग में किया जाता है, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली और प्रोग्रामर द्वारा लिखी जाने वाली प्रोग्रामिंग शैली में महत्वपूर्ण अंतर होता है। इस लेख में, हम इन दोनों प्रकार की प्रोग्रामिंग भाषाओं को विस्तार से समझेंगे, उनके लाभ, नुकसान, और उदाहरणों पर चर्चा करेंगे।

प्रक्रियात्मक और गैर-प्रक्रियात्मक भाषाएँ दोनों ही प्रोग्रामिंग की दुनिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रक्रियात्मक भाषाएँ उन स्थितियों के लिए उपयोगी होती हैं जहाँ निर्देशों का एक स्पष्ट अनुक्रम चाहिए होता है, जबकि गैर-प्रक्रियात्मक भाषाएँ उन स्थितियों के लिए उपयोगी होती हैं जहाँ डेटा केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।


प्रक्रियात्मक भाषा क्या है? (What is Procedural Language?)

प्रक्रियात्मक प्रोग्रामिंग भाषा (Procedural Programming Language) वह भाषा होती है जिसमें प्रोग्राम को एक अनुक्रम में निष्पादित किया जाता है। इन भाषाओं में प्रोग्राम को छोटे-छोटे फ़ंक्शन्स या प्रक्रियाओं (procedures) में विभाजित किया जाता है, जिन्हें एक निश्चित क्रम में चलाया जाता है। यह प्रोग्रामिंग विधि निर्देशों की एक शृंखला के रूप में कार्य करती है, जहाँ प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि उसे क्या करना है।

Key Features of Procedural Languages in C++ in Hindi | मुख्य विशेषताएँ :

अनुक्रमिक निष्पादन (Sequential Execution): प्रक्रियात्मक भाषाओं में प्रोग्राम को एक निश्चित अनुक्रम में चलाया जाता है।
फ़ंक्शन्स/प्रक्रियाएँ (Functions/Procedures): बड़े प्रोग्राम्स को छोटे-छोटे फ़ंक्शन्स या प्रक्रियाओं में विभाजित किया जाता है।
नियंत्रण संरचना (Control Structures): इसमें if-else, for, while जैसे नियंत्रण संरचनाओं का उपयोग होता है।
ग्लोबल और लोकल वेरिएबल्स (Global and Local Variables): डेटा को ग्लोबल या लोकल स्कोप में परिभाषित किया जा सकता है।
स्टेटमेंट आधारित (Statement-Based): इसमें प्रत्येक निर्देश को एक स्टेटमेंट के रूप में लिखा जाता है जिसे प्रोग्राम क्रमशः निष्पादित करता है।

उदाहरण (Examples of Procedural Languages):

C: सबसे प्रसिद्ध प्रक्रियात्मक भाषाओं में से एक, जो स्टेटमेंट्स के अनुक्रम और फ़ंक्शन्स पर आधारित है।
FORTRAN: वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग गणनाओं के लिए विकसित की गई भाषा।
Pascal: शिक्षण और संरचित प्रोग्रामिंग के लिए विकसित एक प्रक्रियात्मक भाषा।

उदाहरण: C प्रोग्राम (Example of a Procedural Program in C)

#include <stdio.h>

// एक फ़ंक्शन जो दो संख्याओं का योग करता है
int sum(int a, int b) {
    return a + b;
}

int main() {
    int x = 5, y = 10;
    int result = sum(x, y);  // फ़ंक्शन कॉल
    printf("Sum is: %d\n", result);
    return 0;
}
इस उदाहरण में, प्रोग्राम में मुख्य रूप से sum नामक एक फ़ंक्शन है जो दो संख्याओं का योग करता है। यह प्रोग्राम क्रमशः निष्पादित होता है, पहले main फ़ंक्शन से शुरू होकर sum फ़ंक्शन की ओर जाता है।

Advantages of Procedural Languages in C++ in Hindi | प्रक्रियात्मक भाषा के लाभ :

  • सरलता (Simplicity): यह सरल और स्पष्ट होती है, क्योंकि यह समस्या को छोटे-छोटे कार्यों में विभाजित करती है।
  • कोड पुन: उपयोग (Code Reusability): एक बार लिखा हुआ फ़ंक्शन बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • अनुक्रमिक नियंत्रण (Sequential Control): यह भाषा नियंत्रण प्रवाह का सटीक प्रबंधन करती है।
  • आसान डिबगिंग (Easy Debugging): छोटी-छोटी प्रक्रियाओं में विभाजन के कारण डिबगिंग आसान होती है।

Disadvantages of Procedural Languages in C++ in Hindi | प्रक्रियात्मक भाषा के नुकसान :

  • जटिलता (Complexity): बड़े प्रोग्राम्स के लिए, प्रक्रियात्मक भाषा अधिक जटिल हो सकती है।
  • डेटा सुरक्षा की कमी (Lack of Data Security): इसमें डेटा की सुरक्षा के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं होते, जिससे डेटा ग्लोबल स्तर पर पहुंच सकता है।
  • कम लचीलापन (Less Flexibility): प्रक्रियात्मक भाषाओं में डेटा और फ़ंक्शन्स के बीच सख्त निर्भरता होती है।
  • ऑब्जेक्ट ओरिएंटेशन का अभाव (Lack of Object Orientation): ये भाषाएँ वस्त्रों (objects) के बजाय प्रक्रियाओं पर आधारित होती हैं, जिससे जटिल प्रणालियों का निर्माण कठिन होता है।

गैर-प्रक्रियात्मक भाषा क्या है? (What is Non-Procedural Language?)

  • गैर-प्रक्रियात्मक प्रोग्रामिंग भाषा (Non-Procedural Programming Language) वह भाषा होती है 
  • जिसमें प्रोग्रामर यह बताता है कि "क्या करना है" लेकिन यह नहीं बताता कि "कैसे करना है"। इसमें निष्पादन प्रक्रिया स्वचालित रूप से होती है, और प्रोग्रामर को प्रक्रियाओं की चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती। 
  • इस प्रकार की भाषाओं में मुख्य रूप से समस्या का वर्णन किया जाता है, और समस्या का समाधान भाषा स्वयं निष्पादित करती है।

Key Features of Non-Procedural Languages in C++ in Hindi | मुख्य विशेषताएँ :

  • घोषणात्मक (Declarative): प्रोग्रामर केवल यह बताता है कि परिणाम क्या चाहिए, बिना यह निर्दिष्ट किए कि उसे कैसे प्राप्त करना है।
  • नियंत्रण प्रवाह की कमी (Lack of Control Flow): यहाँ कोई स्पष्ट नियंत्रण प्रवाह नहीं होता, क्योंकि प्रोग्रामिंग के निर्देशों का अनुक्रम निर्दिष्ट नहीं किया जाता।
  • डेटा केंद्रित (Data-Centric): प्रक्रियाओं के बजाय यह भाषाएँ डेटा और इसके परिणामों पर केंद्रित होती हैं।
  • उच्च-स्तरीय अमूर्तता (High-Level Abstraction): ये भाषाएँ उच्च-स्तरीय अमूर्तता प्रदान करती हैं, जिससे प्रोग्रामिंग आसान हो जाती है।

Examples of Non-Procedural Languages in C++ in Hindi | उदाहरण :

  • SQL: डेटा का प्रबंधन और क्वेरी के लिए उपयोग की जाने वाली घोषणात्मक भाषा।
  • Prolog: तर्क प्रोग्रामिंग के लिए विकसित की गई भाषा।
  • LISP: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोगों के लिए व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली भाषा।

उदाहरण: SQL क्वेरी (Example of a Non-Procedural Program in SQL)
SELECT name, age FROM students WHERE age > 18;

इस SQL क्वेरी में, प्रोग्रामर ने यह निर्दिष्ट किया है कि कौन से कॉलम (name, age) प्राप्त करने हैं और किस शर्त पर (age > 18)। यहाँ यह नहीं बताया गया है कि डेटा कैसे प्राप्त किया जाएगा। यह कार्य डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली (DBMS) स्वयं करती है।

Advantages of Non-Procedural Languages in C++ in Hindi | गैर-प्रक्रियात्मक भाषा के लाभ :

  • सरलता (Simplicity): इसमें प्रोग्रामर को केवल यह बताने की आवश्यकता होती है कि परिणाम क्या चाहिए, बिना यह चिन्ता किए कि परिणाम कैसे आएगा।
  • उच्च उत्पादकता (High Productivity): चूंकि प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट करने की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए प्रोग्रामिंग अधिक तेजी से की जा सकती है।
  • डेटा के साथ सरलता (Data Simplicity): यह भाषा डेटा के साथ काम करने के लिए सरल और सुविधाजनक होती है, खासकर SQL जैसी भाषाओं में।
  • स्वचालित निष्पादन (Automatic Execution): प्रोग्रामर को नियंत्रण प्रवाह पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि प्रक्रिया स्वचालित होती है।
Disadvantages of Non-Procedural Languages in C++ in Hindi | गैर-प्रक्रियात्मक भाषा के नुकसान :

  • प्रदर्शन मुद्दे (Performance Issues): चूंकि प्रक्रिया स्वचालित रूप से होती है, इसलिए यह कभी-कभी प्रदर्शन में देरी कर सकती है।
  • प्रक्रियात्मक नियंत्रण का अभाव (Lack of Procedural Control): प्रोग्रामर को प्रक्रियाओं और अनुक्रम के बारे में स्पष्ट नियंत्रण नहीं मिलता।
  • कम लचीलापन (Less Flexibility): जटिल समस्याओं के लिए, गैर-प्रक्रियात्मक भाषाएँ हमेशा उपयुक्त नहीं होतीं।
  • सीखने में कठिनाई (Difficulty in Learning): कुछ गैर-प्रक्रियात्मक भाषाएँ, जैसे Prolog और LISP, शुरुआती प्रोग्रामर्स के लिए जटिल हो सकती हैं।

Difference Between Procedural and Non-Procedural Languages in C++ in Hindi | प्रक्रियात्मक और गैर-प्रक्रियात्मक भाषाओं के बीच अंतर :


Procedural and Non-Procedural Languages in Hindi