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एशिया महाद्वीप: प्रमुख भौतिक भू-आकृतियाँ, नदियाँ, झीलें और खनिज संसाधन

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लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

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त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: विश्व और भारत का भूगोल (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: एशिया महाद्वीप: प्रमुख भौतिक भू-आकृतियाँ, नदियाँ, झीलें और खनिज संसाधन - ASIA
  • • अवलोकन: Quick Answer: एशिया विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है, जो पृथ्वी के 30% स्थल भाग पर फैला है। इसमें संसार का सर्वोच्च शिखर माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) और ...
Quick Answer: एशिया विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है, जो पृथ्वी के 30% स्थल भाग पर फैला है। इसमें संसार का सर्वोच्च शिखर माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) और सबसे निचला स्थल मृत सागर (लगभग -430 मीटर) स्थित हैं। पामीर की गांठ (संसार की छत) से हिमालय, काराकोरम, कुनलुन, थियान शान और हिंदूकुश पर्वत श्रेणियां निकलती हैं। तिब्बत का पठार (तीसरा ध्रुव) विश्व का सबसे ऊंचा पठार है। यांग्त्ज़ी (6,300 किमी) एशिया की सबसे लंबी नदी है, जिस पर थ्री गॉर्जेस बांध बना है। कैस्पियन सागर सबसे बड़ी झील और बैकाल झील (1,642 मीटर) सबसे गहरी ताजे पानी की झील है।

एशिया महाद्वीप की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक सीमाएं

एशिया उत्तरी-पूर्वी गोलार्ध में फैला सबसे बड़ा महाद्वीप है (क्षेत्रफल लगभग 4.45 करोड़ वर्ग किमी)। यह पूर्व में प्रशांत, दक्षिण में हिंद और उत्तर में आर्कटिक महासागर से घिरा है। पश्चिम में यूराल पर्वत, यूराल नदी, कैस्पियन सागर और काकेशस पर्वत इसे यूरोप से और स्वेज नहर व लाल सागर इसे अफ्रीका से अलग करते हैं। प्राकृतिक संसाधनों व वन संपदा के लिए देखें: Natural Resources: Forests, Soils and Minerals और ऊर्जा संसाधनों के लिए पढ़ें: Energy Resources: Conventional and Non-Conventional।

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एशिया के मुख्य भौतिक प्रदेश

  • उत्तरी निम्न भूमि: साइबेरिया का मैदान, जिसे ओब, येनिसेई और लीना नदियां सींचती हैं।
  • मध्यवर्ती पर्वत व पठार: पामीर गांठ से जुड़ी पर्वतमालाएं और तिब्बत का पठार।
  • दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार: अरब का पठार और भारत का दक्कन पठार।
  • महान नदी मैदान: सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, मेकांग, यांग्त्ज़ी और ह्वांग हो के उपजाऊ मैदान।
  • द्वीप समूह चाप: रिंग ऑफ फायर पर स्थित जापान, इंडोनेशिया और फिलीपींस।

पामीर की गांठ और प्रमुख पर्वत श्रेणियां

मध्य एशिया में स्थित पामीर की गांठ को भारी ऊंचाई के कारण 'संसार की छत' (Roof of the World) कहा जाता है। यहां से कई वलित पर्वत श्रेणियां निकलती हैं:

  • हिमालय पर्वतमाला: भारतीय और यूरेशियन प्लेट के टकराव से बनी विश्व की सर्वोच्च पर्वतमाला है। नेपाल-चीन सीमा पर माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) और भारत-नेपाल सीमा पर कंचनजंगा (8,586 मीटर) स्थित हैं।
  • काराकोरम श्रेणी: हिमालय के उत्तर में स्थित है। इसमें विश्व का दूसरा सबसे ऊंचा शिखर के2 (8,611 मीटर) और सियाचिन हिमनद मौजूद हैं।
  • कुनलुन शान और थियान शान: पामीर से पूर्व व उत्तर-पूर्व निकलकर तिब्बत और तारिम बेसिन को घेरती हैं।
  • हिंदूकुश श्रेणी: पामीर से पश्चिम की ओर फैली है, जिसका सर्वोच्च शिखर तिरिच मीर (7,708 मीटर) है।
  • एल्बुर्ज और जाग्रोस: आर्मेनियाई गांठ से निकलकर ईरान के पठार को क्रमशः उत्तर और दक्षिण से घेरते हैं।

एशिया के प्रमुख पठार

एशिया में पर्वत श्रेणियों के मध्य कई विशाल अंतःपर्वतीय पठार स्थित हैं:

  • तिब्बत का पठार: हिमालय और कुनलुन के मध्य स्थित यह पठार विश्व का सबसे ऊंचा (औसत ऊंचाई लगभग 4,500 मीटर; अधिकांश भाग 4,000–5,000 मीटर) और विशालतम (लगभग 25 लाख वर्ग किमी) पठार है। प्रचुर बर्फ संचय के कारण इसे 'तीसरा ध्रुव' (The Third Pole) कहते हैं।
  • अनातोलिया का पठार: तुर्की में पोंटिक और टॉरस पर्वतों के मध्य स्थित है, जो अंगोरा बकरी की ऊन (मोहेयर) के लिए विख्यात है।
  • ईरान का पठार: एल्बुर्ज और जाग्रोस पर्वतों के बीच स्थित अर्ध-शुष्क पठार है।
  • दक्कन का पठार: भारत के प्रायद्वीप का प्राचीन पठार है; इसका उत्तर-पश्चिमी भाग (दक्कन ट्रैप) बेसाल्ट लावा से बना है, जहाँ काली मिट्टी मिलती है। पूरा पठार खनिजों से समृद्ध है।

तालिका 1: एशिया के प्रमुख पर्वत और पठार

भू-आकृति प्रकार अवस्थिति / देश सर्वोच्च शिखर / ऊंचाई मुख्य बिंदु
पामीर गांठ पर्वतीय गांठ मध्य एशिया इस्माइल सोमानी (7,495 मी.) 'संसार की छत'; पर्वत संगम
हिमालय पर्वत नवीन वलित नेपाल, भारत, चीन, भूटान माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मी.) सर्वोच्च पर्वतमाला
काराकोरम वलित श्रेणी भारत, पाक, चीन सीमा के2 (8,611 मी.) दूसरी ऊंची चोटी; सियाचिन
हिंदूकुश पर्वत श्रृंखला अफगानिस्तान, पाकिस्तान तिरिच मीर (7,708 मी.) अफगानिस्तान का प्रमुख पर्वत; तिरिच मीर पाकिस्तान (चित्राल) में
तिब्बत पठार अंतःपर्वतीय चीन (तिब्बत) औसत ऊंचाई ~4,500 मी. 'तीसरा ध्रुव'; जल स्रोत
अनातोलिया अंतःपर्वतीय तुर्की औसत ऊंचाई ~800-1,200 मी. (तुर्की का सर्वोच्च शिखर अरारात 5,137 मी., पूर्वी तुर्की) पोंटिक व टॉरस के मध्य
दक्कन पठार प्रायद्वीपीय पठार (उ.-प. भाग लावा) भारत अनाईमुडी (2,695 मी., प्रायद्वीपीय भारत का सर्वोच्च) काली मिट्टी व खनिज

एशिया के प्रमुख नदी अपवाह तंत्र

एशिया का नदी तंत्र मध्यवर्ती उच्च पर्वतों और तिब्बत के पठार से चारों ओर फैलता है:

  • यांग्त्ज़ी नदी: 6,300 किमी लंबी यह नदी एशिया की सबसे लंबी नदी है। यह पूर्वी चीन सागर में गिरती है और इस पर थ्री गॉर्जेस बांध बना है।
  • ह्वांग हो नदी: इसे 'पीली नदी' और 'चीन का शोक' कहते हैं। यह लोएस पठार से पीली गाद बहाकर बोहाई की खाड़ी में गिरती है।
  • मेकांग नदी: तिब्बत के पठार (चीन) से निकलकर छह देशों—चीन, म्यांमार, लाओस, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से बहती हुई दक्षिण चीन सागर में गिरती है।
  • आमूर नदी: रूस और चीन के बीच प्राकृतिक सीमा बनाती है।
  • साइबेरिया की नदियां (ओब, येनिसेई, लीना): दक्षिण से उत्तर बहकर आर्कटिक महासागर में गिरती हैं। मुहाने जमने से दलदल बनते हैं।
  • दजला और फरात: तुर्की से निकलकर इराक में बहती हैं और शत्त अल-अरब बनाकर फारस की खाड़ी में गिरती हैं।
  • सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र: दक्षिण एशिया के उपजाऊ मैदान बनाती हैं। गंगा-ब्रह्मपुत्र मिलकर सुंदरवन डेल्टा बनाती हैं।

प्रमुख झीलें, अंतःस्थलीय सागर और मरुस्थल

एशिया में भूगर्भिक हलचलों से प्रसिद्ध झीलें और शुष्क मरुस्थल बने हैं:

  • कैस्पियन सागर: 3.71 लाख वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ विश्व की सबसे बड़ी खारी झील है। रूस, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, ईरान और अजरबैजान इसके तट पर हैं।
  • बैकाल झील: रूस के साइबेरिया में स्थित विश्व की सबसे गहरी (1,642 मी.) ताजे पानी की झील है। यह विश्व के बिना जमे सतही ताजे जल का लगभग 20% संचय करती है।
  • मृत सागर: जॉर्डन और इजराइल/वेस्ट बैंक के बीच स्थित अति-खारी झील है। इसकी सतह (तट) समुद्र तल से लगभग 430 मीटर नीचे है और जल स्तर हर साल लगभग 1 मीटर घट रहा है (हाल के मापन में ~440 मीटर)। लगभग 34% लवणता के कारण मनुष्य इसमें डूबता नहीं है।
  • अरल सागर: कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के बीच स्थित है। 1960 के दशक से आमू दरिया व सीर दरिया का जल नहरों में मोड़ने से इसका लगभग 90% भाग सूख चुका है।
  • गोबी मरुस्थल: मंगोलिया और चीन में फैला शीत मरुस्थल है, जहां दो कूबड़ वाले ऊंट मिलते हैं।
  • टकलामकान मरुस्थल: चीन के तारिम बेसिन में स्थित बालू का मरुस्थल है, जो वृष्टि छाया में स्थित है।
  • रब अल-खाली: अरब प्रायद्वीप में फैला विश्व का सबसे बड़ा निरंतर बालू का मरुस्थल (Erg) है।
  • थार मरुस्थल: भारत और पाकिस्तान में फैला विश्व का सबसे सघन आबादी वाला मरुस्थल है।

तालिका 2: एशिया की प्रमुख जलराशियां और मरुस्थल

नाम प्रकार अवस्थिति / देश भौगोलिक खासियत
यांग्त्ज़ी नदी चीन एशिया की सबसे लंबी नदी (6,300 किमी); थ्री गॉर्जेस बांध
ह्वांग हो नदी चीन 'चीन का शोक'; पीली गाद बहाव
मेकांग नदी छह देश दक्षिण-पूर्व एशिया की जीवनरेखा
आमूर नदी रूस-चीन सीमा प्राकृतिक सीमा रेखा
कैस्पियन सागर खारी झील 5 देश विश्व की सबसे बड़ी झील (3.71 लाख वर्ग किमी)
बैकाल झील मीठे पानी की झील रूस (साइबेरिया) विश्व की सबसे गहरी झील (1,642 मीटर)
मृत सागर अति-खारी झील जॉर्डन, इजराइल सबसे निचला बिंदु (लगभग -430 मीटर); ~34% लवणता
गोबी ठंडा मरुस्थल मंगोलिया, चीन शीत मरुस्थल; दो कूबड़ वाले ऊंट
रब अल-खाली रेतीला मरुस्थल अरब प्रायद्वीप सबसे बड़ा निरंतर बालू मरुस्थल
टकलामकान रेतीला मरुस्थल चीन (तारिम बेसिन) वृष्टि छाया में शुष्क बेसिन

रणनीतिक जलसंधियाँ और समुद्री मार्ग

एशिया के तटीय समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मुख्य केंद्र हैं:

  • मलक्का जलसंधि: मलय प्रायद्वीप और सुमात्रा के मध्य स्थित है। यह हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है और विश्व के सबसे व्यस्त व्यापारिक जलमार्गों में से एक है।
  • हॉर्मुज जलसंधि: फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ती है। यह ईरान और ओमान के बीच स्थित है। EIA के अनुसार 2024 में विश्व के कुल तेल उपभोग के लगभग 20% के बराबर तेल (लगभग 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन) इसी मार्ग से गुजरा।
  • बाब अल-मंडेब जलसंधि: लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ती है और एशिया को अफ्रीका से अलग करती है। यह लाल सागर-स्वेज नहर मार्ग का दक्षिणी प्रवेश द्वार है।
  • बेरिंग जलसंधि: रूस (एशिया) को अलास्का (उत्तरी अमेरिका) से अलग करती है और अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा इसी से होकर गुजरती है।

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • एशिया विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है (30% स्थल भाग)।
  • पामीर की गांठ को 'संसार की छत' कहते हैं।
  • माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) पृथ्वी का सर्वोच्च शिखर है।
  • काराकोरम श्रेणी में के2 (8,611 मीटर) संसार की दूसरी ऊंची चोटी है।
  • तिब्बत का पठार (4,500 मीटर) विश्व का सबसे ऊंचा पठार और 'तीसरा ध्रुव' है।
  • यांग्त्ज़ी नदी (6,300 किमी) एशिया की सबसे लंबी नदी है, जिस पर थ्री गॉर्जेस बांध बना है।
  • ह्वांग हो नदी पीली गाद बहाने के कारण 'चीन का शोक' कहलाती है।
  • मेकांग नदी दक्षिण-पूर्व एशिया के छह देशों से बहने वाली जीवनरेखा है।
  • आमूर नदी रूस और चीन के मध्य प्राकृतिक सीमा रेखा बनाती है।
  • कैस्पियन सागर (3.71 लाख वर्ग किमी) विश्व की सबसे बड़ी झील है।
  • बैकाल झील (1,642 मीटर) विश्व की सबसे गहरी मीठे पानी की झील है।
  • मृत सागर (लगभग -430 मीटर) पृथ्वी के स्थल भाग का सबसे निचला बिंदु है।
  • रब अल-खाली अरब प्रायद्वीप में स्थित सबसे बड़ा निरंतर बालू मरुस्थल है।
  • मलक्का जलसंधि हिंद और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला व्यस्त जलमार्ग है।
  • हॉर्मुज जलसंधि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ती है।
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RAS Prelims MCQ

  1. मध्य एशिया में किस पर्वतीय गांठ को 'संसार की छत' कहा जाता है?
    A) आर्मेनियाई गांठ B) पामीर की गांठ C) अनातोलिया गांठ D) यूनान गांठ
    उत्तर: B) पामीर की गांठ
    कारण: पामीर से मुख्य श्रेणियां निकलती हैं और अधिक ऊंचाई के कारण इसे संसार की छत कहते हैं।
  2. विश्व का सबसे ऊंचा पठार कौन-सा है, जिसे 'तीसरा ध्रुव' भी कहते हैं?
    A) अनातोलिया B) दक्कन C) तिब्बत का पठार D) मंगोलिया
    उत्तर: C) तिब्बत का पठार
    कारण: औसत 4,500 मीटर ऊंचाई और प्रचुर बर्फ भंडार के कारण यह तीसरा ध्रुव कहलाता है।
  3. एशिया की सबसे लंबी नदी कौन-सी है, जिस पर 'थ्री गॉर्जेस डैम' बना है?
    A) ह्वांग हो B) यांग्त्ज़ी C) मेकांग D) आमूर
    उत्तर: B) यांग्त्ज़ी
    कारण: यांग्त्ज़ी (~6,300 किमी) एशिया की सबसे लंबी नदी है।
  4. इनमें से कौन-सी नदी रूस और चीन के बीच प्राकृतिक सीमा बनाती है?
    A) लीना B) येनिसेई C) आमूर D) ओब
    उत्तर: C) आमूर
    कारण: आमूर नदी रूस-चीन सीमा पर बहती है।
  5. मेकांग नदी इनमें से किस देश से होकर नहीं बहती है?
    A) म्यांमार B) लाओस C) कंबोडिया D) भारत
    उत्तर: D) भारत
    कारण: मेकांग छह देशों से बहती है, भारत से नहीं।
  6. विश्व की सबसे गहरी मीठे पानी की झील कौन-सी है?
    A) कैस्पियन B) बैकाल झील C) अरल सागर D) बालखश
    उत्तर: B) बैकाल झील
    कारण: बैकाल झील (1,642 मीटर) विश्व की सबसे गहरी झील है; कैस्पियन बड़ी है पर खारी है।
  7. पृथ्वी के स्थल भाग का सबसे निचला बिंदु कौन-सा है?
    A) मृत सागर B) कैस्पियन C) टिटिकाका D) वान झील
    उत्तर: A) मृत सागर
    कारण: मृत सागर का तट (लगभग -430 मीटर) पृथ्वी के स्थल भाग का सबसे निचला बिंदु है।
  8. विश्व का सबसे बड़ा निरंतर बालू का मरुस्थल 'रब अल-खाली' कहां स्थित है?
    A) मंगोलिया B) अरब प्रायद्वीप C) थार D) गोबी
    उत्तर: B) अरब प्रायद्वीप
    कारण: रब अल-खाली प्रायद्वीपीय अरब में फैला विशाल बालू मरुस्थल है।
  9. फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाली रणनीतिक जलसंधि कौन-सी है?
    A) मलक्का B) हॉर्मुज जलसंधि C) बाब अल-मंडेब D) पाक जलसंधि
    उत्तर: B) हॉर्मुज जलसंधि
    कारण: हॉर्मुज जलसंधि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ती है।
  10. हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ने वाला मुख्य जलमार्ग कौन-सा है?
    A) हॉर्मुज B) मलक्का जलसंधि C) बेरिंग D) जिब्राल्टर
    उत्तर: B) मलक्का जलसंधि
    कारण: मलय प्रायद्वीप और सुमात्रा के मध्य स्थित मलक्का जलसंधि अंडमान सागर (हिंद महासागर) को दक्षिण चीन सागर (प्रशांत) से जोड़ती है।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं:

Short Questions (2–3 marks)

  1. पामीर की गांठ को 'संसार की छत' क्यों कहा जाता है? (2 marks)
    उत्तर: पामीर पठार की भारी ऊंचाई (4,000 मीटर से अधिक) के कारण इसे संसार की छत कहते हैं। यहां से हिमालय, काराकोरम, हिंदूकुश, थियान शान और कुनलुन पर्वत श्रेणियां निकलती हैं।
  2. तिब्बत के पठार को 'तीसरा ध्रुव' (The Third Pole) क्यों कहते हैं? (2 marks)
    उत्तर: तिब्बत का पठार औसत 4,500 मीटर ऊंचा है। ध्रुवों के बाद पृथ्वी पर सबसे अधिक बर्फ और हिमनद यहीं संचित हैं, जो एशिया की बड़ी नदियों को जल देते हैं।
  3. हॉर्मुज जलसंधि का वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में क्या महत्व है? (2 marks)
    उत्तर: हॉर्मुज जलसंधि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ती है। EIA के अनुसार 2024 में विश्व के कुल तेल उपभोग के लगभग 20% के बराबर तेल इसी संकरे मार्ग से गुजरा (समुद्री तेल व्यापार का एक-चौथाई से अधिक)।
  4. अरल सागर के सूखने का मुख्य कारण क्या था? (2 marks)
    उत्तर: 1960 के दशक में आमू दरिया और सीर दरिया नदियों के जल को कपास की खेती के लिए नहरों में मोड़ दिया गया, जिससे इसका 90% से अधिक भाग सूख गया।

Long Questions (5–10 marks)

  1. एशिया महाद्वीप के प्रमुख भौतिक भू-आकृतिक प्रदेशों का वर्गीकरण करते हुए उनके आर्थिक महत्व को स्पष्ट कीजिए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    1. उत्तरी निम्न भूमि (साइबेरिया): ओब, येनिसेई, लीना बेसिन, वन व प्राकृतिक गैस।
    2. मध्यवर्ती पर्वत व पठार: पामीर, हिमालय (एवरेस्ट 8,848.86 मी.), काराकोरम (के2), तिब्बत पठार (तीसरा ध्रुव, जल मीनार)।
    3. दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठार: अरब पठार (खनिज तेल), भारत का दक्कन पठार (लावा क्षेत्र में काली मिट्टी; धातु खनिज)।
    4. विशाल नदी मैदान: सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, मेकांग, यांग्त्ज़ी, ह्वांग हो के उपजाऊ मैदान (कृषि केंद्र)।
    5. द्वीप समूह चाप: जापान, इंडोनेशिया (मत्स्य पालन, व्यापार और उपजाऊ मिट्टी)।
  2. एशिया के प्रमुख नदी अपवाह तंत्रों की तुलना करते हुए पूर्वी एशिया की नदियों का महत्व बताइए। (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - मुख्य तंत्र: प्रशांत अपवाह (यांग्त्ज़ी, ह्वांग हो, आमूर, मेकांग), हिंद महासागरीय अपवाह (सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, इरावदी, दजला-फरात), आर्कटिक अपवाह (ओब, येनिसेई, लीना)।
    - यांग्त्ज़ी नदी: 6,300 किमी, एशिया की सबसे लंबी नदी, थ्री गॉर्जेस बांध।
    - ह्वांग हो: 'चीन का शोक', लोएस की पीली गाद निक्षेप।
    - आमूर नदी: रूस और चीन के बीच प्राकृतिक सीमा और व्यापारिक मार्ग।
  3. एशिया की प्रमुख झीलों के विशिष्ट लक्षणों और पर्यावरणीय संकटों का विश्लेषण कीजिए। (5 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - कैस्पियन सागर: विश्व की सबसे बड़ी झील (3.71 लाख वर्ग किमी), खारा जल, तेल-गैस भंडार।
    - बैकाल झील: सबसे गहरी झील (1,642 मीटर), विश्व का लगभग 20% बिना जमा सतही ताजा जल।
    - मृत सागर: सबसे निचला बिंदु (लगभग -430 मीटर, लगातार घट रहा), लगभग 34% लवणता।
    - अरल सागर: अत्यधिक जल दोहन से 90% सूखा अंतःस्थलीय सागर।

FAQs

Q1. पामीर की गांठ से निकलने वाली प्रमुख पर्वत श्रेणियां कौन-सी हैं?
उत्तर: पामीर की गांठ से हिमालय, काराकोरम, कुनलुन शान, थियान शान और हिंदूकुश पर्वत श्रेणियां निकलती हैं।

Q2. एशिया की सबसे लंबी नदी कौन-सी है और इसका निकास कहां होता है?
उत्तर: एशिया की सबसे लंबी नदी यांग्त्ज़ी (चांग जियांग) है, जिसकी लंबाई 6,300 किमी है। यह पूर्वी चीन सागर में गिरती है।

Q3. मृत सागर की मुख्य पहचान क्या है?
उत्तर: मृत सागर का तट समुद्र तल से लगभग 430 मीटर नीचे है और यह पृथ्वी के स्थल भाग का सबसे निचला बिंदु है। इसकी 34 प्रतिशत लवणता के कारण मनुष्य इसमें डूबता नहीं है।

Q4. मलक्का और हॉर्मुज जलसंधियों का महत्व क्या है?
उत्तर: मलक्का जलसंधि हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है और सबसे व्यस्त जलमार्गों में से एक है। हॉर्मुज जलसंधि से विश्व के तेल उपभोग के लगभग 20 प्रतिशत के बराबर तेल गुजरता है (EIA, 2024)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: एशिया विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है, जो पृथ्वी के 30% स्थल भाग पर फैला है।
विश्व और भारत का भूगोल के पाठ्यक्रम में एशिया महाद्वीप: प्रमुख भौतिक भू-आकृतियाँ, नदियाँ, झीलें और खनिज संसाधन एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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