RAS (आरपीएससी) 5 min read

Rajasthan Vidhan Sabha Chunav: राजस्थान विधानसभा चुनाव: 1952 से 2023 तक का इतिहास, समितियां और विश्वास प्रस्ताव

RK

लेखक Ratan Kumawat · संस्थापक, NotesMedia

प्रकाशित:

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: राजस्थान की राजव्यवस्था (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: Rajasthan Vidhan Sabha Chunav: राजस्थान विधानसभा चुनाव: 1952 से 2023 तक का इतिहास, समितियां और विश्वास प्रस्ताव - STATE LEGISLATURE
  • • अवलोकन: Quick Answer: Rajasthan Vidhan Sabha Chunav: राजस्थान विधानसभा चुनाव 1952 से अब तक 16 बार हुए हैं। पहले चुनाव (1952) में 160 सीटें थीं; कांग्रेस 82 सीटे...
Quick Answer: Rajasthan Vidhan Sabha Chunav: राजस्थान विधानसभा चुनाव 1952 से अब तक 16 बार हुए हैं। पहले चुनाव (1952) में 160 सीटें थीं; कांग्रेस 82 सीटें जीतकर पहले और रामराज्य परिषद 24 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। 1977 से विधानसभा में 200 सीटें हैं (SC 34, ST 25)। पिछला चुनाव 25 नवंबर 2023 को हुआ, जिसमें भाजपा ने 115 सीटें जीतीं। नवंबर 2026 तक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (15 दिसंबर 2023 से) और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी (21 दिसंबर 2023 से) हैं।

राजस्थान विधानसभा चुनाव: कौन कराता है और कैसे

राजस्थान में एक ही सदन (विधानसभा) है, विधान परिषद नहीं है। विधानसभा का गठन, अनुच्छेद 168-177, सीटों का क्रमिक विकास और पहले अध्यक्ष-पहली महिला विधायक जैसे तथ्य राजस्थान विधानसभा और राज्य विधानमंडल वाले note में हैं। यह note चुनावों के इतिहास, नतीजों, समितियों और विश्वास प्रस्ताव पर है।

  • विधानसभा चुनाव भारत निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 324) कराता है। राज्य में इसका काम मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO Rajasthan) देखता है और जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर)।
  • पंचायत और नगर निकाय के चुनाव अलग संस्था, राज्य निर्वाचन आयोग, कराता है। Exam में ये दोनों अक्सर मिलाकर पूछे जाते हैं।
  • सीटों की संख्या परिसीमन आयोग तय करता है। 1952 के परिसीमन ने 160 सीटें तय कीं (RAS Pre 2016 में पूछा गया)। 84वें संशोधन (2001) के बाद 200 की संख्या 2026 के बाद होने वाले पहले Census तक नहीं बदलेगी।
  • 2008 के परिसीमन के बाद 200 में से 34 सीटें SC और 25 सीटें ST के लिए आरक्षित हैं; 141 सामान्य हैं (CEO Rajasthan, 2023)।
Advertisement

पहला विधानसभा चुनाव 1952

1952 में 160 सीटों के लिए 140 निर्वाचन क्षेत्र थे: 120 एक सदस्य वाले और 20 दो सदस्य वाले। उस समय SC/ST सीटों के लिए दो सदस्य वाले क्षेत्र बनाए जाते थे। RAS Pre 2013 में पूछा गया था कि कांग्रेस के बाद दूसरे नंबर पर कौन सा दल रहा (उत्तर: रामराज्य परिषद)।

दल (1952)सीटें
कांग्रेस82 (बहुमत 81 से सिर्फ 1 ज्यादा)
अखिल भारतीय रामराज्य परिषद24
भारतीय जनसंघ8
कृषिकार लोक पार्टी7
हिंदू महासभा2
किसान मजदूर प्रजा पार्टी / सोशलिस्ट पार्टी1 / 1
निर्दलीय35

चुनाव के बाद टीकाराम पालीवाल पहले चुने हुए मुख्यमंत्री बने। उसी साल जयनारायण व्यास (उपचुनाव जीतकर) मुख्यमंत्री बने और 1954 में मोहनलाल सुखाड़िया।

Table 1: राजस्थान विधानसभा चुनाव 1952-2023: सीटें, नतीजा, मुख्यमंत्री, अध्यक्ष

विधानसभाचुनावकुल सीटेंसबसे बड़ा दल (सीटें)मुख्यमंत्रीअध्यक्ष (Speaker)
पहली1952160कांग्रेस (82)टीकाराम पालीवाल, जयनारायण व्यास, मोहनलाल सुखाड़ियानरोत्तम लाल जोशी
दूसरी1957176कांग्रेस (119)मोहनलाल सुखाड़ियारामनिवास मिर्धा
तीसरी1962176कांग्रेस (88)मोहनलाल सुखाड़ियारामनिवास मिर्धा
चौथी1967184कांग्रेस (89), बहुमत नहींसुखाड़िया, बरकतुल्ला खां (1971)निरंजननाथ आचार्य
पांचवीं1972184कांग्रेस (145)बरकतुल्ला खां, हरिदेव जोशी (1973)रामकिशोर व्यास
छठी1977200जनता पार्टी (151)भैरोंसिंह शेखावतलक्ष्मण सिंह, फिर गोपाल सिंह
सातवीं1980200कांग्रेस (133)जगन्नाथ पहाड़िया, शिवचरण माथुर, हीरालाल देवपुरापूनमचंद विश्नोई
आठवीं1985200कांग्रेस (113)हरिदेव जोशी, शिवचरण माथुर, फिर हरिदेव जोशीहीरालाल देवपुरा, फिर गिरिराज प्रसाद तिवारी
नौवीं1990200भाजपा (85) + जनता दल (55)भैरोंसिंह शेखावतहरिशंकर भाभड़ा
दसवीं1993200भाजपा (95)भैरोंसिंह शेखावतशांतिलाल चपलोत (1995-98) और अन्य
11वीं1998200कांग्रेस (153)अशोक गहलोतपरसराम मदेरणा
12वीं2003200भाजपा (120)वसुंधरा राजे (पहली महिला CM)सुमित्रा सिंह (पहली महिला अध्यक्ष)
13वीं2008200कांग्रेस (96)अशोक गहलोतदीपेंद्र सिंह शेखावत
14वीं2013200भाजपा (163)वसुंधरा राजेकैलाश मेघवाल
15वीं2018200कांग्रेस (99, रामगढ़ के बाद 100)अशोक गहलोतडॉ. सी. पी. जोशी
16वीं2023200भाजपा (115)भजनलाल शर्मावासुदेव देवनानी

1967, 1977, 1980 और 1992 में राष्ट्रपति शासन लगा था (राजस्थान विधानसभा की official website)। 1957 में सीटें 176 होने के पीछे 1 नवंबर 1956 को अजमेर-मेरवाड़ा का राजस्थान में विलय और नया परिसीमन था।

15वां विधानसभा चुनाव (2018)

  • मतदान 7 दिसंबर 2018 को 199 सीटों पर हुआ, नतीजे 11 दिसंबर को आए। अलवर की रामगढ़ सीट पर बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह के निधन से चुनाव टला।
  • नतीजे: कांग्रेस 99, भाजपा 73, बसपा 6, रालोपा (RLP) 3, माकपा 2, BTP 2, रालोद 1, निर्दलीय 13।
  • 28 जनवरी 2019 को रामगढ़ में चुनाव हुआ; कांग्रेस की शफिया जुबैर जीतीं और कांग्रेस 100 पर पहुंची।
  • अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने और सचिन पायलट उपमुख्यमंत्री (जुलाई 2020 तक)। डॉ. सी. पी. जोशी अध्यक्ष बने (16 जनवरी 2019)।

16वां विधानसभा चुनाव (2023)

1. मतदान और नतीजे

25 नवंबर 2023 को 199 सीटों पर मतदान हुआ और 3 दिसंबर 2023 को नतीजे आए। श्रीगंगानगर की करणपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन से चुनाव टला। कुल मतदान 75.45% रहा, जिसमें EVM से 74.62% और postal ballot से 0.83% था। सबसे ज्यादा मतदान कुशलगढ़ (88.13%) में हुआ।

Table 2: 2023 के नतीजे (3 दिसंबर 2023, 199 सीटें)

दलसीटेंध्यान देने लायक बात
भाजपा115पूर्ण बहुमत (101 चाहिए)
कांग्रेस69 (करणपुर के बाद 70)मुख्य विपक्ष
भारत आदिवासी पार्टी (BAP)3चौरासी, आसपुर, धरियावद
बसपा2सादुलपुर, बाड़ी
रालोद (RLD)1भरतपुर (डॉ. सुभाष गर्ग)
रालोपा (RLP)1खींवसर (हनुमान बेनीवाल)
निर्दलीय8-

करणपुर में 5 जनवरी 2024 को मतदान हुआ और 8 जनवरी को नतीजा आया। कांग्रेस के रूपिंदर सिंह कुन्नर ने भाजपा प्रत्याशी और मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी को हराया। 199 सीटों के नतीजों में 20 महिलाएं जीतीं (भाजपा 9, कांग्रेस 9, निर्दलीय 2); 2018 के मुकाबले यह संख्या कम हुई (PRS)।

2. 16वीं विधानसभा के पदाधिकारी (नवंबर 2026 तक)

  • मुख्यमंत्री: भजनलाल शर्मा (सांगानेर), पहली बार के विधायक, 15 दिसंबर 2023 को शपथ।
  • उपमुख्यमंत्री: दीया कुमारी (विद्याधर नगर) और डॉ. प्रेमचंद बैरवा (दूदू)।
  • प्रोटेम स्पीकर: कालीचरण सराफ (मालवीय नगर); 18 दिसंबर 2023 को शपथ ली और नए विधायकों को शपथ दिलाई।
  • अध्यक्ष: वासुदेव देवनानी (अजमेर उत्तर), 21 दिसंबर 2023 को सर्वसम्मति से चुने गए।
  • नेता प्रतिपक्ष: टीकाराम जूली (अलवर ग्रामीण), कांग्रेस।

3. उपचुनाव 2024 और 2025

  • 13 नवंबर 2024 को 7 सीटों (झुंझुनूं, रामगढ़, दौसा, देवली-उनियारा, खींवसर, सलूंबर, चौरासी) पर उपचुनाव हुए; 23 नवंबर को नतीजे आए। भाजपा 5, कांग्रेस 1 (दौसा) और BAP 1 (चौरासी) जीती। सबसे कम मतदान दौसा में रहा (RAS Pre 2024 में इसी उपचुनाव पर सवाल आया था)।
  • भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता जाने के बाद नवंबर 2025 में अंता (बारां) में उपचुनाव हुआ। कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया 15,612 वोट से जीते (नतीजा 14 नवंबर 2025)।

विधानसभा की समितियां: वित्तीय समितियां और अधीनस्थ विधान

राजस्थान विधानसभा की official website के अनुसार यहाँ 22 स्थायी समितियां (standing committees) हैं। इनमें 4 वित्तीय समितियां हैं और 18 दूसरी।

Table 3: चार वित्तीय समितियां

समितिकाम
लोक लेखा समिति (PAC)CAG की रिपोर्ट में बताई गई गड़बड़ियों पर विभागों के सचिवों से पूछताछ
सार्वजनिक उपक्रम समितिसरकारी उपक्रमों (PSUs) के काम और CAG की आपत्तियों की जांच
प्राक्कलन समिति 'क'बजट अनुमानों में बचत, प्रशासन में सुधार और वैकल्पिक नीतियां सुझाना
प्राक्कलन समिति 'ख'यही काम, दूसरे विभागों के लिए
  • वित्तीय समितियों के सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व से एकल संक्रमणीय मत (single transferable vote) से चुने जाते हैं। बाकी समितियों के सदस्य अध्यक्ष (Speaker) नामजद करते हैं।
  • सभी समितियों के सभापति अध्यक्ष नियुक्त करते हैं। सदस्यों का कार्यकाल आमतौर पर 1 साल होता है। कोई मंत्री समिति का सदस्य नहीं बन सकता (सरकारी विधेयकों की प्रवर समिति और कार्य सलाहकार समिति में मुख्यमंत्री को छोड़कर)।
  • RAS Pre 2013 में 14वीं विधानसभा (2015-16) की वित्तीय समितियों के सभापतियों का मिलान पूछा गया था; लोक लेखा समिति के सभापति तब विपक्ष (कांग्रेस) के प्रद्युम्न सिंह थे। PAC का सभापति आमतौर पर विपक्ष से बनाया जाता है।

अधीनस्थ विधान समिति (Committee on Subordinate Legislation)

कानून अक्सर सरकार को नियम, विनियम और आदेश बनाने की शक्ति सौंपते हैं। यह समिति जांचती है कि संविधान या किसी कानून से मिली शक्ति के तहत बने ऐसे आदेश/नियम अपनी सीमा में हैं या नहीं। जिन विधेयकों में शक्ति सौंपने के प्रावधान हों, उन्हें अध्यक्ष इस समिति को भेज सकते हैं और समिति उन प्रावधानों को भी जांच सकती है। RAS Pre 2024 में इसी पर गलत कथन चुनने वाला सवाल आया था; RPSC key ने नियम संख्या वाले कथन को गलत माना, इसलिए नियम संख्या रटने के बजाय समिति का काम याद रखें।

विश्वास प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव

  • विश्वास प्रस्ताव (confidence motion): सरकार खुद लाती है ताकि दिखा सके कि सदन का बहुमत उसके साथ है।
  • अविश्वास प्रस्ताव (no-confidence motion): विपक्ष लाता है; पास हो जाए तो मंत्रिपरिषद को इस्तीफा देना होता है।
  • RAS Pre 2016 में पूछा गया था कि 30 जून 2016 तक राजस्थान विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव कितनी बार रखा गया और उस पर चर्चा हुई; RPSC key के अनुसार उत्तर 4 बार है।
  • 8 नवंबर 1990 को शेखावत सरकार ने एक लाइन का विश्वास प्रस्ताव रखा और जीता (116 पक्ष में, 80 विरोध में)।
  • 2016 के बाद: 14 अगस्त 2020 को गहलोत सरकार ने सचिन पायलट गुट की बगावत के बाद विश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत (voice vote) से जीता।

मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद की सामूहिक जिम्मेदारी पर detail के लिए देखें: मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद (राजस्थान)।

Advertisement

महत्वपूर्ण तथ्य (Quick Revision)

  • 1952: 160 सीटें, 140 क्षेत्र (20 दो सदस्य वाले); कांग्रेस 82, रामराज्य परिषद 24 (दूसरा स्थान)।
  • सीटें: 1952 में 160, 1957 में 176, 1967 में 184, 1977 से 200।
  • आरक्षण (2008 परिसीमन से): SC 34, ST 25, सामान्य 141।
  • पहले गैर-कांग्रेसी CM भैरोंसिंह शेखावत (1977); पहली महिला CM वसुंधरा राजे (2003)।
  • 2018: कांग्रेस 99 (रामगढ़ उपचुनाव के बाद 100), भाजपा 73।
  • 2023: 25 नवंबर को मतदान, भाजपा 115, कांग्रेस 69 (करणपुर के बाद 70), मतदान 75.45%।
  • मौजूदा (नवंबर 2026): CM भजनलाल शर्मा, अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली।
  • 22 स्थायी समितियां, जिनमें 4 वित्तीय: PAC, सार्वजनिक उपक्रम, प्राक्कलन 'क' और 'ख'।
  • विश्वास प्रस्ताव: 2016 तक 4 बार (RPSC); 2020 में गहलोत सरकार ने ध्वनि मत से जीता।
  • उपचुनाव नवंबर 2024: 7 में से भाजपा 5, कांग्रेस 1, BAP 1।

RAS Prelims MCQ

  1. 1952 के पहले राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बाद सबसे ज्यादा सीटें किस दल को मिलीं?
    A) भारतीय जनसंघ
    B) रामराज्य परिषद
    C) किसान मजदूर प्रजा पार्टी
    D) हिंदू महासभा
    उत्तर: B) रामराज्य परिषद
    कारण: कांग्रेस को 82 और रामराज्य परिषद को 24 सीटें मिलीं; जनसंघ 8 पर रहा।
  2. 1952 के परिसीमन ने राजस्थान विधानसभा की सदस्य संख्या कितनी तय की?
    A) 200
    B) 160
    C) 188
    D) हर जिले से 3 विधायक
    उत्तर: B) 160
    कारण: पहली विधानसभा में 160 सीटें थीं, जो 140 निर्वाचन क्षेत्रों से चुनी गईं।
  3. राजस्थान विधानसभा में सीटें 200 पहली बार किस चुनाव से हुईं?
    A) 1967
    B) 1972
    C) 1977
    D) 1980
    उत्तर: C) 1977
    कारण: 1971 के Census पर हुए परिसीमन के बाद 1977 के चुनाव से सीटें 200 हैं।
  4. राजस्थान विधानसभा में SC और ST के लिए आरक्षित सीटें कितनी हैं?
    A) 32 और 25
    B) 34 और 25
    C) 34 और 28
    D) 35 और 24
    उत्तर: B) 34 और 25
    कारण: 2008 के परिसीमन के बाद 200 में से SC 34, ST 25 और सामान्य 141 सीटें हैं।
  5. 2018 के विधानसभा चुनाव के नतीजे (11 दिसंबर 2018) में कांग्रेस को कितनी सीटें मिली थीं?
    A) 96
    B) 99
    C) 100
    D) 101
    उत्तर: B) 99
    कारण: 199 सीटों में कांग्रेस 99 पर जीती; जनवरी 2019 में रामगढ़ जीतकर 100 पर पहुंची।
  6. 2023 के चुनाव में किस सीट पर मतदान टला और जनवरी 2024 में हुआ?
    A) रामगढ़
    B) करणपुर
    C) सरदारपुरा
    D) सांगानेर
    उत्तर: B) करणपुर
    कारण: कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन से करणपुर में 5 जनवरी 2024 को मतदान हुआ।
  7. राजस्थान विधानसभा की वित्तीय समितियों में कौन सी शामिल नहीं है?
    A) लोक लेखा समिति
    B) सार्वजनिक उपक्रम समिति
    C) प्राक्कलन समिति
    D) अधीनस्थ विधान समिति
    उत्तर: D) अधीनस्थ विधान समिति
    कारण: चार वित्तीय समितियां हैं: PAC, सार्वजनिक उपक्रम और दो प्राक्कलन समितियां; अधीनस्थ विधान समिति 18 दूसरी स्थायी समितियों में है।
  8. 16वीं राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष कौन हैं?
    A) कालीचरण सराफ
    B) वासुदेव देवनानी
    C) डॉ. सी. पी. जोशी
    D) कैलाश मेघवाल
    उत्तर: B) वासुदेव देवनानी
    कारण: अजमेर उत्तर के विधायक देवनानी 21 दिसंबर 2023 को सर्वसम्मति से चुने गए; सराफ प्रोटेम स्पीकर थे।
  9. 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में कुल मतदान (postal ballot मिलाकर) कितना रहा?
    A) 72.15%
    B) 74.06%
    C) 75.45%
    D) 78.20%
    उत्तर: C) 75.45%
    कारण: EVM से 74.62% और postal ballot से 0.83%, कुल 75.45%।
  10. नवंबर 2024 के 7 सीटों के उपचुनाव में भारत आदिवासी पार्टी ने कौन सी सीट जीती?
    A) दौसा
    B) सलूंबर
    C) चौरासी
    D) खींवसर
    उत्तर: C) चौरासी
    कारण: BAP के अनिल कटारा चौरासी से जीते; दौसा कांग्रेस और बाकी 5 सीटें भाजपा ने जीतीं।

RAS Mains Questions

Exam के लिए Important Questions नीचे दिए गए हैं।

Short Questions (2–3 marks)

  1. प्रश्न: 1952 के पहले विधानसभा चुनाव की मुख्य बातें लिखिए।
    उत्तर रूपरेखा: 160 सीटें, 140 क्षेत्र (20 दो सदस्य वाले)। कांग्रेस 82 (बहुमत से थोड़ा ऊपर), रामराज्य परिषद 24, निर्दलीय 35। टीकाराम पालीवाल पहले चुने हुए CM।
  2. प्रश्न: लोक लेखा समिति के काम बताइए।
    उत्तर रूपरेखा: CAG रिपोर्ट में बताई गई गड़बड़ियों पर विभागीय सचिवों से पूछताछ; सदस्य STV से चुने जाते हैं; सभापति आमतौर पर विपक्ष से।
  3. प्रश्न: अधीनस्थ विधान समिति क्या करती है?
    उत्तर रूपरेखा: सौंपी गई शक्ति से बने नियम/आदेश सीमा में हैं या नहीं, यह जांचती है; शक्ति सौंपने वाले विधेयकों के प्रावधान भी देख सकती है।
  4. प्रश्न: विश्वास प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव में अंतर बताइए।
    उत्तर रूपरेखा: विश्वास प्रस्ताव सरकार लाती है, अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष। राजस्थान का उदाहरण: 14 अगस्त 2020, गहलोत सरकार ने ध्वनि मत से विश्वास जीता।

Long Questions (5–10 marks)

  1. प्रश्न: 1952 से 2023 तक राजस्थान की चुनावी राजनीति के मुख्य दौर बताइए। (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - 1952-1972: कांग्रेस का दबदबा, सुखाड़िया का लंबा शासन; 1967 में बहुमत नहीं, पहला राष्ट्रपति शासन।
    - 1977-1990: जनता पार्टी, फिर कांग्रेस; दो बार केंद्र से जुड़े राष्ट्रपति शासन।
    - 1990-2023: भाजपा और कांग्रेस के बीच हर चुनाव में सत्ता बदलने का सिलसिला (1993 छोड़कर)।
    - नए रुझान: आदिवासी दल (BAP), निर्दलीयों की भूमिका, postal और home voting।
  2. प्रश्न: विधानसभा की वित्तीय समितियां सरकार पर नियंत्रण कैसे रखती हैं? (10 marks)
    उत्तर रूपरेखा:
    - चार वित्तीय समितियां: PAC, सार्वजनिक उपक्रम, प्राक्कलन 'क' व 'ख'।
    - चुनाव STV से, मंत्री सदस्य नहीं, सभापति अध्यक्ष नियुक्त करते हैं।
    - CAG रिपोर्ट पर जांच और बजट अनुमानों में बचत के सुझाव।
    - सीमा: सुझाव मानना सरकार पर बाध्यकारी नहीं; रिपोर्टों पर सदन में कम चर्चा।

FAQs

राजस्थान में अब तक कितने विधानसभा चुनाव हुए हैं?

16 आम चुनाव: 1952 से 2023 तक। अगला चुनाव 2028 में होना है, क्योंकि 16वीं विधानसभा का कार्यकाल पहली बैठक से 5 साल का है।

राजस्थान में सबसे ज्यादा सीटें किस चुनाव में किस दल ने जीतीं?

2013 में भाजपा ने 200 में से 163 सीटें जीतीं। 1998 में कांग्रेस ने 153 सीटें जीती थीं।

विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनाव कौन कराता है?

विधानसभा चुनाव भारत निर्वाचन आयोग कराता है। पंचायत और नगर निकाय चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।

2023 में कितनी महिला विधायक चुनी गईं?

3 दिसंबर 2023 के नतीजों में 20 महिलाएं जीतीं: भाजपा 9, कांग्रेस 9 और 2 निर्दलीय।

परीक्षा के लिए याद रखें

  • 1952: 160 सीटें; कांग्रेस 82, दूसरे नंबर पर रामराज्य परिषद 24।
  • सीटें 1957 में 176, 1967 में 184 और 1977 से 200; SC 34, ST 25।
  • 2018: कांग्रेस 99, रामगढ़ उपचुनाव (जनवरी 2019) के बाद 100।
  • 2023: मतदान 25 नवंबर, भाजपा 115, कांग्रेस 69 (करणपुर के बाद 70), मतदान 75.45%।
  • CM भजनलाल शर्मा (सांगानेर), अध्यक्ष वासुदेव देवनानी (अजमेर उत्तर), नवंबर 2026 तक।
  • चार वित्तीय समितियां: PAC, सार्वजनिक उपक्रम, प्राक्कलन 'क' और 'ख'।
  • विश्वास प्रस्ताव 30 जून 2016 तक 4 बार (RPSC key)।

RAS Pre का revision मोबाइल पर

NotesMedia app में यही RAS notes और 362 RAS flashcards हैं, जिनसे जल्दी revision कर सकते हैं।

Google Play से app लें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Quick Answer: Rajasthan Vidhan Sabha Chunav: राजस्थान विधानसभा चुनाव 1952 से अब तक 16 बार हुए हैं।
राजस्थान की राजव्यवस्था के पाठ्यक्रम में Rajasthan Vidhan Sabha Chunav: राजस्थान विधानसभा चुनाव: 1952 से 2023 तक का इतिहास, समितियां और विश्वास प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
हाँ, NotesMedia पर आपको Rajasthan Vidhan Sabha Chunav: राजस्थान विधानसभा चुनाव: 1952 से 2023 तक का इतिहास, समितियां और विश्वास प्रस्ताव के महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर, हल किए गए उदाहरण और नोट्स बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे। अधिक अभ्यास के लिए आप हमारा ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं।
Advertisement

In this Chapter

Rajasthan Vidhan Sabha Chunav: राजस्थान विधानसभा चुनाव: 1952 से 2023 तक का इतिहास, समितियां और विश्वास प्रस्ताव
राजस्थान विधानसभा और राज्य विधानमंडल: संगठन, शक्तियां और कार्य