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GSM in Hindi

GSM in Mobile Computing in Hindi | Mobile Computing में GSM हिंदी में :


  • GSM का पूरा नाम Global System for Mobile Communication है। 
  • यह एक डिजिटल मोबाइल नेटवर्क है जो वायरलेस मोबाइल टेलीफोनी के लिए सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला मानक (Standard) है।
  • GSM को 1980 के दशक में यूरोप में विकसित किया गया था और यह आज के समय में पूरी दुनिया में सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला नेटवर्क है।
  • GSM मोबाइल कम्युनिकेशन की नींव है और इसका विकास वायरलेस संचार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम था। 
  • इसकी उपयोगिता और लोकप्रियता आज भी इसे सबसे प्रमुख तकनीक बनाती है।
  • GSM की तकनीक ने मोबाइल फोन को आम लोगों तक पहुंचाया और दुनिया को बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद की।
GSM क्या है?

  • GSM एक ऐसी तकनीक है जो मोबाइल डिवाइस और नेटवर्क के बीच वॉयस कॉल, मैसेज और डेटा ट्रांसफर को सक्षम बनाती है। 
  • यह नेटवर्क टाइम डिवीजन मल्टीपल एक्सेस (TDMA) पर आधारित है, जो एक समय में कई उपयोगकर्ताओं को एक ही फ्रीक्वेंसी बैंड का उपयोग करने की अनुमति देता है।
Main Component of GSM in Hindi | GSM के मुख्य घटक :

मोबाइल स्टेशन (Mobile Station): इसमें मोबाइल डिवाइस (जैसे स्मार्टफोन) और सिम कार्ड शामिल होते हैं। यह उपयोगकर्ता के उपकरण और नेटवर्क के बीच कनेक्शन स्थापित करता है।

बेस स्टेशन सबसिस्टम (Base Station Subsystem - BSS):

  • BTS (Base Transceiver Station): यह एंटीना और रेडियो उपकरण होता है जो मोबाइल उपकरणों के साथ संचार करता है।
  • BSC (Base Station Controller): यह कई BTS को नियंत्रित करता है और कॉल के लिए आवश्यक संसाधनों का प्रबंधन करता है।
नेटवर्क और स्विचिंग सबसिस्टम (Network and Switching Subsystem - NSS):

यह कॉल स्विचिंग, रूटिंग, और डेटा प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होता है।

इसमें मुख्य घटक होते हैं:

  • MSC (Mobile Switching Center): यह नेटवर्क का मुख्य हिस्सा है जो कॉल को स्विच करता है।
  • HLR (Home Location Register): उपयोगकर्ता की स्थायी जानकारी और स्थान को स्टोर करता है।
  • VLR (Visitor Location Register): अस्थायी जानकारी को स्टोर करता है जब उपयोगकर्ता रोमिंग पर होता है।
  • ऑपरेशंस सपोर्ट सिस्टम (Operations Support System - OSS): यह नेटवर्क के मॉनिटरिंग और प्रबंधन में मदद करता है।
Main Features of GSM in Hindi | GSM के मुख्य फीचर्स :

  • वॉयस कॉल: उपयोगकर्ताओं के बीच ऑडियो कम्युनिकेशन की सुविधा।
  • SMS (Short Message Service): टेक्स्ट मैसेज भेजने और प्राप्त करने की सुविधा।
  • डेटा ट्रांसफर: इंटरनेट और मल्टीमीडिया ट्रांसफर के लिए सपोर्ट।
  • रोमिंग: एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क में जाने पर भी कनेक्टिविटी बनाए रखना।
  • सिक्योरिटी: GSM में एन्क्रिप्शन का उपयोग किया जाता है, जिससे बातचीत को सुरक्षित बनाया जा सके।
Advantages of GSM in Hindi | GSM के लाभ :

  • ग्लोबल कनेक्टिविटी: GSM दुनिया के लगभग सभी देशों में उपलब्ध है।
  • बेहतर कॉल क्वालिटी: डिजिटल सिग्नल का उपयोग करते हुए बेहतर आवाज़ की गुणवत्ता प्रदान करता है।
  • इंटरऑपरेबिलिटी: यह विभिन्न उपकरणों और नेटवर्क के साथ काम कर सकता है।
  • सस्ती तकनीक: इसके उपकरण और सेवाएं अन्य नेटवर्क की तुलना में किफायती हैं।
Disadvantages of GSM in Hindi | GSM के नुकसान :

  • कम डेटा स्पीड: GSM की प्रारंभिक तकनीकें धीमी डेटा स्पीड प्रदान करती थीं, हालांकि 3G और 4G जैसी तकनीकों के आने से इसमें सुधार हुआ।
  • सुरक्षा चुनौतियां: शुरुआत में एन्क्रिप्शन तकनीक मजबूत नहीं थी, जिससे डेटा हैकिंग का खतरा था।
Architecture of GSM in Hindi | GSM के आरकेटेकचर :

GSM in Hindi

1. मोबाइल स्टेशन (MS) : मोबाइल स्टेशन वह उपकरण है जिसे उपयोगकर्ता इस्तेमाल करता है। यह दो भागों से मिलकर बना होता है:

  • मोबाइल इक्विपमेंट (Mobile Equipment - ME): यह मोबाइल फोन या हैंडसेट है।
  • सिम कार्ड (Subscriber Identity Module - SIM): यह एक चिप होती है जिसमें उपयोगकर्ता की जानकारी, जैसे कि फोन नंबर, नेटवर्क विवरण और सुरक्षा कुंजियां (security keys) होती हैं।
  • मोबाइल स्टेशन का मुख्य काम उपयोगकर्ता और नेटवर्क के बीच संचार स्थापित करना है।
2. बेस स्टेशन सबसिस्टम (BSS) : यह सबसिस्टम मोबाइल स्टेशन और नेटवर्क के बीच रेडियो संचार को मैनेज करता है। यह दो भागों से बना होता है:

  • बेस ट्रांसीवर स्टेशन (Base Transceiver Station - BTS): यह वह टावर है जो मोबाइल डिवाइस के साथ रेडियो सिग्नल का आदान-प्रदान करता है।
  • बेस स्टेशन कंट्रोलर (Base Station Controller - BSC): यह BTS को नियंत्रित करता है और कॉल को हैंडल करने, सिग्नल को ट्रांसफर करने और नेटवर्क के अन्य कार्यों को मैनेज करता है।
3. नेटवर्क और स्विचिंग सबसिस्टम (NSS) : यह GSM आर्किटेक्चर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कॉल कनेक्शन, डेटा ट्रांसफर और उपयोगकर्ताओं की जानकारी को संभालता है। इसके मुख्य घटक हैं:

  • मोबाइल स्विचिंग सेंटर (Mobile Switching Center - MSC): यह कॉल्स को स्विच करने और नेटवर्क के विभिन्न हिस्सों के बीच डेटा को रूट करने का काम करता है।
  • होम लोकेशन रजिस्टर (Home Location Register - HLR): इसमें उपयोगकर्ता की स्थाई जानकारी (जैसे नाम, पता, सेवाएं) स्टोर होती है।
  • विजिटर लोकेशन रजिस्टर (Visitor Location Register - VLR): इसमें उपयोगकर्ता की अस्थायी जानकारी (जैसे वर्तमान लोकेशन) स्टोर होती है।
  • ऑथेंटिकेशन सेंटर (Authentication Center - AUC): यह नेटवर्क में उपयोगकर्ताओं की पहचान की पुष्टि करता है।
  • इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (Equipment Identity Register - EIR): यह सुनिश्चित करता है कि मोबाइल डिवाइस वैध है या नहीं।

4. ऑपरेशंस सपोर्ट सबसिस्टम (OSS) : यह सबसिस्टम पूरे नेटवर्क को मॉनिटर और मैनेज करता है। यह नेटवर्क में किसी भी प्रकार की खराबी को ठीक करने, प्रदर्शन को ट्रैक करने और आवश्यकतानुसार अपडेट करने में मदद करता है।

जीएसएम आर्किटेक्चर का कार्यप्रणाली :

  • कॉल सेटअप: जब कोई उपयोगकर्ता कॉल करता है, तो उसकी रिक्वेस्ट BTS से होते हुए MSC तक जाती है। MSC इस कॉल को रूट करता है।
  • हैंडओवर: जब उपयोगकर्ता एक BTS से दूसरे BTS के क्षेत्र में जाता है, तो कॉल बिना किसी बाधा के ट्रांसफर हो जाती है।
  • सुरक्षा: सिम कार्ड और AUC के बीच सुरक्षा कुंजियों का आदान-प्रदान होता है, ताकि अनधिकृत उपयोग को रोका जा सके।