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स्वतंत्रता पूर्व राजस्थान का शैक्षिक परिदृश्य

त्वरित सारांश और मुख्य बिंदु

  • • विषय फोकस: राजस्थान का इतिहास और संस्कृति (RAS (आरपीएससी) Syllabus)
  • • मुख्य विषय: स्वतंत्रता पूर्व राजस्थान का शैक्षिक परिदृश्य - स्वतंत्रता पूर्व शैक्षिक परिदृश्य
  • • अवलोकन: अध्याय सारस्वतंत्रता पूर्व राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था देशी पद्धति से आधुनिक पद्धति की ओर अग्रसर हुई। देशी शिक्षा में पाठशाला, मकतब और उपासरा प्रमुख थे...

अध्याय सार

स्वतंत्रता पूर्व राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था देशी पद्धति से आधुनिक पद्धति की ओर अग्रसर हुई। देशी शिक्षा में पाठशाला, मकतब और उपासरा प्रमुख थे। 1819 में अजमेर में आधुनिक शिक्षा की शुरुआत हुई। इसके बाद अलवर, भरतपुर और जयपुर जैसे राज्यों ने भी स्कूल खोले। मेयो कॉलेज (अजमेर) की स्थापना शासक वर्ग के लिए की गई। महिला शिक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास हुए।

देशी शिक्षा

  • शिक्षण संस्थाएँ:
    • हिन्दू: पाठशाला/चाटशाला (प्राथमिक), मठ/स्थल (उच्च)। शिक्षक: गुरु/जोशी।
    • जैन: उपासरा (शिक्षण के सबसे मजबूत केंद्र)। शिक्षक: यति/भट्टारक।
    • मुस्लिम: मकतब (प्राथमिक), मदरसा (उच्च)। शिक्षक: मौलवी/उलेमा।
  • पाठ्यक्रम: गणित (पहाड़े, बही-खाता) और भाषा (हिंदी, संस्कृत, फारसी)। गणित में महाजनी (वणियावटी) लिपि का प्रयोग होता था।

आधुनिक शिक्षा का विकास

  • 1819: अजमेर, पुष्कर, भिनाय और केकड़ी में पहले आधुनिक स्कूल खोले गए (1831 में बंद)।
  • 1836: अजमेर में पहला सरकारी स्कूल खुला (1835 में अंग्रेजी राजकीय भाषा बनी)।
  • रियासतों में प्रयास:
    • अलवर (1842): महाराजा बन्ने सिंह ने राज्य का पहला स्कूल खोला।
    • भरतपुर (1844): महाराजा बलवंत सिंह ने स्कूल खोला; आधुनिक परीक्षा प्रणाली अपनाने वाला पहला राज्य।
    • जयपुर (1844): मदन मोहन मंदिर में स्कूल संचालित हुआ।
  • मेयो कॉलेज (1875): शासक व सामंत वर्ग की शिक्षा के लिए अजमेर में स्थापित। इसकी योजना कर्नल वाल्टर ने बनाई थी।

महिला शिक्षा

  • 1861: नसीराबाद में प्रथम 'गर्ल्स वर्नाक्यूलर स्कूल' (मिशनरी) स्थापित।
  • 1866: पुष्कर (अजमेर-मेरवाड़ा) में प्रथम सरकारी कन्या स्कूल खुला।
  • 1866 (जयपुर): महाराजा रामसिंह ने कांतिचंद्र मुखर्जी की सलाह पर कन्या विद्यालय खोला।
  • वनस्थली विद्यापीठ (1935): हीरालाल शास्त्री द्वारा स्थापित, जो अपनी 'पंचमुखी शिक्षा' (शारीरिक, व्यावहारिक, कलात्मक, नैतिक, बौद्धिक) के लिए प्रसिद्ध है।

प्रमुख प्रशासनिक घटनाक्रम

  • 1929: अजमेर में 'बोर्ड ऑफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एजुकेशन' की स्थापना।
  • 1947 (जनवरी): जयपुर में राजपूताना विश्वविद्यालय (वर्तमान राजस्थान विश्वविद्यालय) की स्थापना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

अध्याय सारस्वतंत्रता पूर्व राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था देशी पद्धति से आधुनिक पद्धति की ओर अग्रसर हुई।
राजस्थान का इतिहास और संस्कृति के पाठ्यक्रम में स्वतंत्रता पूर्व राजस्थान का शैक्षिक परिदृश्य एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह मुख्य सिद्धांतों, परीक्षा प्रश्नों और सूत्रों को समझने के लिए अत्यधिक आवश्यक है।
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