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राजस्थान का भौतिक पर्यावरण

स्थिति और विस्तार

  • अक्षांश: 23°3' उ. से 30°12' उ.। देशांतर: 69°29' पू. से 78°17' पू.।
  • क्षेत्रफल: 3,42,239 वर्ग किमी (भारत का 10.41%)। यह भारत का सबसे बड़ा राज्य है।
  • आकृति: विषम कोण चतुर्भुज (Rhombus)। विस्तार: उत्तर-दक्षिण 826 किमी, पूर्व-पश्चिम 869 किमी।
  • सीमाएँ: पाकिस्तान के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा (1070 किमी)। पड़ोसी राज्य: पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात।

प्रशासनिक इकाइयाँ

राज्य में 7 संभाग और 33 जिले हैं (प्रकाशन के समय):

  • जयपुर: जयपुर, दौसा, सीकर, अलवर, झुंझुनूं।
  • जोधपुर: जोधपुर, जालोर, पाली, बाड़मेर, सिरोही, जैसलमेर।
  • बीकानेर: बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू।
  • कोटा: कोटा, बूँदी, बारां, झालावाड़।
  • उदयपुर: उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़।
  • अजमेर: अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, नागौर।
  • भरतपुर: भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर।

भौतिक विभाग

1. पश्चिमी मरुस्थली प्रदेश

राज्य का लगभग 61% भाग। इसे 'थार का मरुस्थल' कहते हैं। उप-विभाग:

  • शुष्क रेतीला मैदान: 25 सेमी से कम वर्षा। बालुका स्तूपों की प्रधानता।
  • लूनी-जवाई बेसिन: अर्द्ध-शुष्क, गोडवाड़ प्रदेश।
  • शेखावाटी (बांगड़): आंतरिक प्रवाह क्षेत्र, खारे पानी की झीलें (डीडवाना, तालछापर)।
  • घग्घर का मैदान: मृत नदी 'सरस्वती' (घग्घर) का प्रवाह क्षेत्र, जिसे स्थानीय भाषा में 'नाली' कहा जाता है।

2. अरावली पर्वतीय प्रदेश

विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वतमाला। दिल्ली से पालनपुर तक 692 किमी विस्तारित।

  • दक्षिणी अरावली: सर्वाधिक ऊँचाई। गुरुशिखर (1722 मी) - माउंट आबू। भोराट का पठार (कुम्भलगढ़ और गोगुन्दा के बीच) स्थित है।
  • मध्य अरावली: मुख्यत: अजमेर। तारागढ़ (870 मी), नाग पहाड़ (795 मी)। दर्रे: बर, सुरा घाट।
  • उत्तरी अरावली: जयपुर, अलवर। रघुनाथगढ़ (1055 मी), खो (920 मी)।

3. पूर्वी मैदानी प्रदेश

  • बनास बेसिन: बनास नदी द्वारा निर्मित जलोढ़ मृदा का मैदान।
  • चम्बल बेसिन: बीहड़ (डांग) भूमि के लिए प्रसिद्ध।
  • माही बेसिन (छप्पन का मैदान): बांसवाड़ा-प्रतापगढ़ के मध्य 56 गांवों का समूह।

4. दक्षिणी-पूर्वी पठार (हाड़ौती)

मालवा के पठार का विस्तार। काली मिट्टी (कपास के लिए उपयुक्त)। जिले: कोटा, बूँदी, बारां, झालावाड़।

अपवाह तंत्र

तंत्रप्रमुख नदियाँविवरण
बंगाल की खाड़ीचम्बल, बनास, बाणगंगा, पार्वती, कालीसिंधचम्बल: एकमात्र नित्यवाही नदी। बांध: गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, कोटा बैराज।
बनास: 'वन की आशा'।
अरब सागरलूनी, माही, साबरमतीलूनी: बालोतरा तक मीठी, उसके बाद खारी।
माही: कर्क रेखा को दो बार काटती है।
आंतरिक प्रवाहघग्घर, कांतली, साबी, काकनेयसमुद्र तक नहीं पहुँचने वाली नदियाँ।

झीलें

  • खारे पानी की: सांभर (सबसे बड़ी), डीडवाना, पचपदरा, लूणकरणसर।
  • मीठे पानी की: जयसमंद (सबसे बड़ी कृत्रिम), राजसमंद (राज-प्रशस्ति अंकित), पिछोला, पुष्कर (प्राकृतिक), सिलीसेढ़।

जलवायु

  • ग्रीष्म: मार्च से जून। तापमान > 40°C। धूल भरी आँधियाँ चलती हैं।
  • वर्षा: मध्य जून से सितम्बर। अरावली की स्थिति अरब सागरीय मानसून के समानांतर होने के कारण कम वर्षा। सर्वाधिक वर्षा: माउंट आबू (150 सेमी) और झालावाड़। न्यूनतम: जैसलमेर।
  • शीत: अक्टूबर से फरवरी। 'मावठ' (पश्चिमी विक्षोभों से होने वाली शीतकालीन वर्षा) रबी की फसल के लिए लाभदायक होती है।

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