BCA / B.Tech 8 min read

Flowcharts in Hindi

Flowchart in C languages in Hindi | C भाषा का फ्लो चार्ट हिंदी में :


  • C प्रोग्रामिंग भाषा एक उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा है जिसका उपयोग सॉफ्टवेयर विकास के लिए किया जाता है। C भाषा में कोड को समझने और लिखने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया की आवश्यकता होती है। इस प्रक्रिया को आसान बनाने और स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के लिए फ्लो चार्ट का उपयोग किया जाता है।
  • फ्लो चार्ट एक प्रकार का चित्रमय प्रस्तुतीकरण है जो किसी प्रोग्राम के लॉजिक (तर्क) और स्टेप्स को क्रमवार दिखाता है। यह प्रोग्राम के विभिन्न हिस्सों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है, जिससे प्रोग्रामिंग सरल और सुचारू होती है।
  • फ्लो चार्ट में विभिन्न प्रतीक (symbols) और आरेख (diagrams) का उपयोग किया जाता है, जो प्रोग्राम की प्रक्रिया और निर्णयों को प्रदर्शित करते हैं।
  •  C प्रोग्रामिंग में फ्लो चार्ट का उपयोग तब किया जाता है जब प्रोग्राम को लिखने से पहले हम उसकी प्रक्रिया को डिज़ाइन करना चाहते हैं।
  •  यह सुनिश्चित करता है कि प्रोग्राम का लॉजिक सही दिशा में है और संभावित त्रुटियों से बचा जा सके।

फ्लो चार्ट क्या है?

  • फ्लो चार्ट एक ऐसा आरेख है जो किसी प्रक्रिया, सिस्टम, या एल्गोरिद्म के चरणों को क्रमिक रूप में दिखाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को क्रमवार तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि उपयोगकर्ता इसे आसानी से समझ सके और भविष्य में इसका अनुसरण कर सके।
  • फ्लो चार्ट में आमतौर पर तीरों (arrows) का उपयोग करके विभिन्न आकृतियों (shapes) को आपस में जोड़ा जाता है। हर आकृति किसी विशेष क्रिया या प्रक्रिया का प्रतिनिधित्व करती है।

Symbols of Flowchart in C in Hindi | फ्लो चार्ट के प्रमुख प्रतीक :

Oval (ओवल) या Ellipse (दीर्घवृत्त):

  • इसे स्टार्ट (Start) या एंड (End) पॉइंट के रूप में उपयोग किया जाता है। किसी प्रोग्राम या प्रक्रिया की शुरुआत और अंत को दर्शाने के लिए इसका उपयोग होता है।

उदाहरण: प्रोग्राम की शुरुआत या समाप्ति।

Rectangle (आयत):


  • इसे प्रोसेस (Process) बॉक्स कहा जाता है। इसमें कोई भी ऑपरेशन या कार्य लिखा जाता है, जो प्रोग्राम के भीतर होता है।

उदाहरण: दो अंकों का जोड़ या घटाव करना।

Diamond (हीरा):

  • इसे निर्णय (Decision) बॉक्स कहते हैं। इसमें प्रोग्राम के भीतर किसी निर्णय (if-else) को लिया जाता है।

उदाहरण: यदि मान > 0 है, तो यह करें अन्यथा वह करें।

Parallelogram (समानांतर चतुर्भुज):

  • इसे इनपुट/आउटपुट (Input/Output) बॉक्स कहते हैं। यह बॉक्स उस स्थिति को दर्शाता है जहां प्रोग्राम में किसी डेटा का इनपुट लिया जाता है या आउटपुट दिया जाता है।
  • उदाहरण: उपयोगकर्ता से संख्या इनपुट करना या आउटपुट देना।

Arrow (तीर):

  • यह विभिन्न प्रतीकों को जोड़ने के लिए उपयोग होता है और प्रक्रिया के फ्लो (प्रवाह) को दर्शाता है। यह दिखाता है कि एक प्रक्रिया से दूसरी प्रक्रिया की दिशा क्या होगी।

C प्रोग्रामिंग में फ्लो चार्ट के उदाहरण

Normal Flowchart in C in Hindi | साधारण फ्लो चार्ट: दो संख्याओं का जोड़

इस उदाहरण में हम दो संख्याओं का जोड़ करेंगे और उसे आउटपुट में दिखाएंगे।

  • Start: प्रोग्राम की शुरुआत करें।
  • Input: उपयोगकर्ता से दो संख्याएँ लें।
  • Process: इन दोनों संख्याओं का जोड़ करें।
  • Output: परिणाम को प्रदर्शित करें।
  • End: प्रोग्राम समाप्त करें।
इस प्रक्रिया को फ्लो चार्ट के रूप में इस प्रकार दर्शाया जा सकता है :

Flowcharts in Hindi
  
Flowchart of Conditional & If-Else in C in Hindi | फ्लो चार्ट: शर्तीय Conditional स्टेटमेंट  और  इफ-एल्स हिंदी में :

यह उदाहरण किसी संख्यात्मक मान की जाँच करेगा कि वह धनात्मक (positive), ऋणात्मक (negative) या शून्य (zero) है।

  • Start: प्रोग्राम की शुरुआत करें।
  • Input: उपयोगकर्ता से एक संख्या लें।
  • Decision: जाँच करें कि संख्या > 0 है या नहीं।
  • अगर हाँ, तो उसे "धनात्मक" बताएं।
  • अगर नहीं, तो जाँच करें कि संख्या < 0 है या नहीं।
  • अगर हाँ, तो उसे "ऋणात्मक" बताएं।
  • अगर नहीं, तो उसे "शून्य" बताएं।
  • End: प्रोग्राम समाप्त करें।
इस प्रक्रिया का फ्लो चार्ट इस प्रकार हो सकता है:

Flowcharts in Hindi


Advantages of Flowchart in C in Hindi | फ्लो चार्ट के लाभ :

  • प्रोग्राम के लॉजिक को स्पष्ट करने में मदद: फ्लो चार्ट प्रोग्राम के लॉजिक और फ्लो को आसानी से समझने में मदद करता है।
  • त्रुटियों को पहचानने में सहायक: फ्लो चार्ट की मदद से प्रोग्राम के संभावित त्रुटियों को पहचाना जा सकता है।
  • प्रलेखन (Documentation): फ्लो चार्ट प्रोग्राम की प्रक्रिया का स्पष्ट और प्रभावी प्रलेखन प्रदान करता है।
  • समस्याओं को सरल बनाना: यह किसी जटिल समस्या या प्रोग्राम को सरल भागों में विभाजित करके उसकी संरचना को बेहतर ढंग से दिखाता है।

Disadvantages of Flowchart in C in Hindi | फ्लो चार्ट की हानियाँ :

  • बड़ी प्रणालियों के लिए जटिल: बहुत बड़े प्रोग्राम या प्रणालियों के लिए फ्लो चार्ट बनाना जटिल और समय लेने वाला हो सकता है।
  • समय और संसाधनों की आवश्यकता: फ्लो चार्ट बनाने के लिए समय और संसाधन अधिक लग सकते हैं।
  • सुधार की कठिनाई: अगर फ्लो चार्ट में कोई गलती होती है, तो इसे सुधारना मुश्किल हो सकता है।